10 Benefits of omega 3

10 Benefits Of Omega 3 | ओमेगा 3 फैटी एसिड के फायदे और नुकसान

Benefits Of Omega 3 In Hindi : ओमेगा 3 फैटी एसिड एक प्रकार का महत्वपूर्ण वसा है, जो अचानक हृदय से होने वाली मृत्यु के जोखिम को कम कर सकता है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि ओमेगा 3 रक्त में मौजूद लिपिड (कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड) के स्तर में सुधार ला सकता है और कोरोनरी हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, ज्यादातर लोग अभी भी ओमेगा 3 के फायदे और नुकसान (ओमेगा 3 कैप्सूल के नुकसान) के बारे में नहीं जानते हैं। 

इस पोस्ट में हम आपको ओमेगा 3 फैटी एसिड क्या है?, ओमेगा 3 के प्रकार, फायदे, स्रोत और इसके अधिक सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

 

ओमेगा 3 फैटी एसिड क्या है? | What is omega 3 in Hindi

ओमेगा 3 फैटी एसिड (Omega 3 in Hindi) मानव शरीर के लिए एक जरूरी फैटी एसिड (पॉलीअनसैचुरेटेड वसा) है, जो शरीर की कोशिकाओं और मांसपेशियों को कार्य करने के लिए ताकत प्रदान करता है। 

मस्तिष्क की कोशिकाओं के निर्माण और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए हमें इन वसाओं की आवश्यकता होती है साथ ही ओमेगा 3, दिल को स्वस्थ रखने और स्ट्रोक से बचाने में भी हमारी मदद करता है।

हमारा शरीर ओमेगा 3 फैटी एसिड (about omega 3 in Hindi) को प्राकृतिक रूप से नहीं बना पाता है, इसलिए हमें इसको अपने आहार में शामिल करना जरुरी होता है। 

वसायुक्त मछली, ओमेगा -3 (omega 3 fish in Hindi) का एक उत्कृष्ट आहार स्रोत मानी जाती हैं, जबकि शाकाहारी लोग ओमेगा 3 एसिड (omega 3 vegetables and fruits in Hindi) को सब्जियों, नट्स और बीजों से प्राप्त कर सकते हैं।

और पढ़ें – फाइबर युक्त आहार: जानिए डाइटरी फाइबर के स्रोत, फायदे और नुकसान

ओमेगा 3 फैटी एसिड के फायदे क्या हैं? | Benefits of omega 3 in Hindi

Benefits of omega 3 in Hindi,ओमेगा 3 फैटी एसिड के फायदे
ओमेगा-3 फैटी एसिड के फायदे
 
ओमेगा 3 को आप किसी भी स्रोत (शाकाहारी या मांसाहारी या सप्लीमेंट) से लें। इसके सेवन से अनेक स्वास्थवर्धक फायदे हो सकते हैं। ओमेगा 3 से होने वाले संभावित लाभ नीचे बताए गए हैं –

ओमेगा 3 के लाभ (या ओमेगा-3 कैप्सूल के फायदे)  – Omega 3 benefits in Hindi

  • पोस्टपार्टम डिप्रेशन को कम करने में,
  • नेत्र स्वास्थ्य को बनाए रखने में, 
  • हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने में,  
  • भ्रूण के स्वस्थ विकास के लिए, 
  • एकाग्रता को बढ़ाने में, 
  • त्वचा को स्वस्थ बनाने में, 
  • नींद की गुणवत्ता को बढ़ाने में,
  • अस्थमा के इलाज में,
  • रूमेटाइड अर्थराइटिस के इलाज में
  • वजन घटाने में।

1. ओमेगा 3 फैटी एसिड के फायदे हैं, पोस्टपार्टम डिप्रेशन में – Benefits of omega 3 for postpartum depression in Hindi

एक स्टडी के अनुसार, अधिकांश महिलाएं डिलीवरी के बाद तनाव जिसे पोस्टपार्टम डिप्रेशन (Postpartum depression in Hindi) कहा जाता है, का शिकार होने लगती हैं।

पोस्टपार्टम डिप्रेशन एक गंभीर मानसिक बीमारी है जो महिलाओं के व्यवहार और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। यही कारण है कि पोस्टपार्टम डिप्रेशन से ग्रस्त महिलाओं में चिड़चिड़ापन, चिंता, उदासी, निराशा, अकेलापन और भूख कम या ज्यादा लगना समेत कई लक्षण नजर आते हैं। 

गर्भावस्था के बाद जिन महिलाओं का ओमेगा 3 स्तर समान्य से कम रहता है उन महिलाओं की पोस्टपार्टम डिप्रेशन से ग्रस्त होने की सम्भावना अधिक रहती है। 

2018 की एक स्टडी के अनुसार जो महिलाऐं प्रेगनेंसी के बाद फिश आयल (ओमेगा-3) एक सप्लीमेंट के रूप में लेती हैं उनके डिप्रेशन से ग्रस्त होने की सम्भावना कम (Benefits of omega-3 in Hindi) होती है। 

2. ओमेगा 3 का लाभ है, नेत्र स्वास्थ्य को बनाए रखने में – Omega 3 capsules benefits for eyes in Hindi

ओमेगा 3 आंखों में मौजूद रेटिना को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी होता है। ओमेगा 3 आंखों में होने वाली समस्या जैसे मैकुलर डिजनरेशन (Macular degeneration) से बचाव करता है। मैकुलर डिजनरेशन की समस्या होने पर आपको धुंधला दिखाई देने लगेगा। कई बार यह अंधेपन का कारण भी बनता है। 

ओमेगा-3 फैटी एसिड ग्लूकोमा जैसी आंखों की बीमारियों को रोकने और आखों के सूखेपन को दूर (Benefits of omega-3 in Hindi) करने भी मदद कर सकता है।

3. ओमेगा-3 कैप्सूल के लाभ हैं, हृदय जोखिमों को कम करने में – Omega 3 capsules benefits for cardiovascular disease in Hindi

हृदय संबंधी समस्याओं (जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक आदि) को रोकने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड का सेवन लाभदायक हो सकता है।

ओमेगा-3 का सेवन करने से यह ब्लड में ट्राइग्लिसराइड्स को 15-30% तक कम कर सकता है। 

ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय को स्वस्थ रखने के लिए कई लाभों (Benefits of omega-3 in Hindi) से जुड़ा हुआ है। जिसे विस्तार से नीचे बताया गया है। 

  • ओमेगा 3 उच्च रक्तचाप वाले लोगों में रक्तचाप के स्तर को कम कर सकता है।

  • ओमेगा 3 “अच्छे” एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है।

  • ओमेगा 3 दिल-दिमाग में ब्लड क्लॉट नहीं बनने देता।

  • ओमेगा 3 शरीर की सूजन कम करता है।

  • ओमेगा 3 असामान्य हृदय गति की संभावना को कम करता है।

4. ओमेगा 3 का उपयोग भ्रूण के स्वस्थ विकास के लिए  – Omega 3 capsules for fetus development in Hindi

उचित मात्रा में ओमेगा 3 का सेवन, भ्रूण के स्वस्थ विकास में मदद कर सकता है, विशेष रूप से भ्रूण के मस्तिष्क और आंखों का। यही कारण है कि विशेषज्ञ गर्भावस्था के दौरान तैलीय मछली का सेवन करने की सलाह देते हैं।

2011 में, वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला कि गर्भावस्था के दौरान ओमेगा -3 का सेवन बच्चों की स्मृति में सुधार कर सकता है। 

हालांकि, प्रेगनेंसी के दौरान शार्क और किंग मैकेरल जैसी उच्च स्तर की पारा वाली मछली खाने से बचना महत्वपूर्ण है। क्योंकि दूषित पानी में पाई जाने वाली मछलियां पारे से दूषित हो सकती हैं। पारा एक विषैला पदार्थ है जो अक्षर दूषित पानी में पाई जाने वाली मछलियों में मिलता है। 

 

5. ओमेगा-3 कैप्सूल खाने के फायदे हैं, एकाग्रता को बढ़ाने में – Omega 3 benefits for brain in Hindi

एकाग्रता बढ़ाने के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। अगर आपका मन और ध्यान बार-बार भटक रहा हो, तो ओमेगा-3 फैटी एसिड एकाग्रता को बढ़ाने में मदद कर सकता है जिससे मन और ध्यान का भटकाव कम हो जाता है। 
 

6. ओमेगा 3 का फायदा है, त्वचा को स्वस्थ बनाने में – Omega 3 capsules for skin care in Hindi

ओमेगा -3 (मछली के तेल का कैप्सूल) स्किन को मुलायम, नमी युक्त और झुर्रियों से मुक्त रख सकता है। कैप्सूल में मौजूद ओमेगा-3 पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड का उपयोग त्वचा के कई रोगों के इलाज और रोकथाम के लिए किया जा सकता है, साथ ही यह चेहरे में होने वाले मुहासों के जोखिम को भी कम करता है।

7. ओमेगा 3 का उपयोग है, नींद की गुणवत्ता को बढ़ाने में – Benefits of omega 3 for good sleep in Hindi

आजकल अधिकांश लोग तनाव भरी जिंदगी से घिरे हुए हैं। तनाव होने से हमें नींद न आने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। ओमेगा 3 फैटी एसिड का निम्न स्तर भी नींद ना आने की समस्या को बढ़ा सकता है। 

बच्चों और वयस्कों में किये गए एक अध्ययन से पता चलता है कि ओमेगा-3 नींद की गुणवत्ता और नींद के समय को बढ़ाने (Benefits of omega-3 in Hindi) में मददगार कर सकता है। 

और पढ़ें – आयरन की कमी को दूर करते हैं ऐसे आहार

8. ओमेगा-3 फैटी एसिड कैप्सूल का फायदा है, अस्थमा के इलाज में – Benefits of omega 3 fatty acids for asthma in Hindi

ओमेगा 3 फैटी एसिड में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण ये अस्थमा से बचाव में कारगर हो सकता है। 

शोध के अनुसार डाइट में ओमेगा-3 को बढ़ाकर और ओमेगा-6 को घटाकर बच्चों को अस्थमा के लक्षणों से बचाया जा सकता है। फिलहाल, ओमेगा 3 फैटी एसिड अस्थमा के इलाज के लिए कितना कारगर है इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की जरूरत है।

9. ओमेगा 3 के उपयोग हैं, रूमेटाइड अर्थराइटिस के इलाज में – Omega 3 capsules benefits for rheumatoid arthritis in Hindi

कई अध्ययनों में पाया गया है कि मछली का तेल (ओमेगा-3) जोड़ों के दर्द और सुबह की जकड़न सहित रूमेटाइड अर्थराइटिस यानी गठिया के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। एक अध्ययन से पता चलता है कि गठिया से पीड़ित लोग अगर मछली के तेल का सही से सेवन करें, तो उनमें गठिया के लक्षण कम दिखाई देते हैं। 

प्रयोगशाला अध्ययनों से पता चलता है कि ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर आहार ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षणों को कम कर सकते हैं। 

अन्य अध्ययन बताते हैं कि ओमेगा -3 फैटी एसिड का उपयोग अगर एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं के साथ किया जाए तो यह जोड़ों के दर्द को काफी हद तक कम कर सकते हैं। इसलिए ओमेगा 3 का सेवन रूमेटाइड अर्थराइटिस के लिए काफी फायदे मंद हो सकता है। 

10. ओमेगा-3 फैटी एसिड के फायदे हैं वजन घटाने में – Omega 3 fatty acid benefits for weight loss in Hindi

वजन घटाने के लिए अलसी (Flaxseed) के बीज सबसे ज्यादा उपयोगी होते हैं। अलसी के बीज में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है, जो वजन घटाने में मदद करता है और शरीर में अतरिक्त चर्बी का जमाव नहीं होने देते हैं जिससे वजन नियंत्रण में रहता है। 

अलसी का उपयोग आमतौर पर पाचन स्वास्थ्य में सुधार या कब्ज दूर करने के लिए किया जाता है। इसके आलावा अलसी कुल रक्त कोलेस्ट्रॉल और कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एलडीएल, या “खराब”) कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी मदद कर सकता है, जो हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

ओमेगा 3 फैटी एसिड के नुकसान क्या हैं? | Side effects of Omega 3 in Hindi

Omega 3 disadvantages in Hindi
ओमेगा 3 फैटी एसिड के नुकसान
 
ओमेगा 3 पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड (ओमेगा-3 में निहित सक्रिय घटक) शरीर को फायदा पहुंचने के साथ, कभी-कभी अवांछित प्रभाव (Omega-3 side effects in Hindi) भी पैदा कर सकता है। ओमेगा 3 फैटी एसिड के अधिक सेवन से होने वाले नुकसान को नीचे बताया गया है।  
 

ओमेगा 3 के नुकसान (या ओमेगा-3 कैप्सूल के नुकसान) – Disadvantages of omega 3 capsule in Hindi

  • मसूड़ों से खून आना,
  • सूखी खांसी होना, 
  • सांस लेने या निगलने में कठिनाई,
  • चक्कर आना,
  • तेज़ या अनियमित दिल की धड़कन,
  • सरदर्द होना, 
  • पित्ती, खुजली, या त्वचा पे लाल चकत्ते पड़ना, 
  • मासिक धर्म के प्रवाह में वृद्धि होना, 
  • पलकों या आंखों, चेहरे, होंठ, या जीभ के आसपास सूजन आना, 
  • लाल या काला मल आना, 
  • लाल या गहरा भूरा मूत्र होना, 
  • सामान्य तापमान में भी पसीना आना,
  • सीने में जकड़न,
  • असामान्य थकान या कमजोरी,
  • खट्टी डकारे आना या पेट में जलन होना या पेट दर्द होना, 
  • मुँह का असामान्य स्वाद होना, 
  • बार बार डकार आना, 
  • पेट में अत्यधिक गैस बनना।

ओमेगा 3 फैटी एसिड के प्रकार | Types of omega 3 in Hindi

ओमेगा 3 फैटी एसिड के तीन मुख्य प्रकार हैं

  • एएलए (ALA/ अल्फा-लिनोलेनिक एसिड) 
  • डीएचए (DHA/ डोकोसाहेक्साएनोइक एसिड) 
  • ईपीए (EPA/ ईकोसापेन्टैनेनोइक एसिड) 

ALA ज्यादातर पौधों के तेलों में मौजूद होता है जैसे चिया सीड्स, अलसी और अखरोट, जबकि DHA और EPA ज्यादातर पशु खाद्य पदार्थों जैसे मैकेरल, सैल्मन, हेरिंग और सार्डिन में पाया जाता है।

क्योंकि DHA और EPA ज्यादातर पशु खाद्य पदार्थों में मिलता है। इसलिए ऐसे लोग जो शाकाहारी हैं उन्हें ऐसे शाकाहारी खाद्य पदार्थ खाने की सलाह दी जाती हैं जिसमें एएलए प्रकार का ओमेगा 3 वसा हो। 

इसके आलावा डॉक्टर ओमेगा 3 वसा की कमी को दूर करने के लिए शाकाहारियों को सप्लीमेंट लेने की भी सलाह देते हैं। 

ओमेगा 3 का परिवर्तन | Omega 3 conversions in Hindi

Nutrition Reviews​ (पोषण समीक्षा) लेख के अनुसार (Vol. 66, pp. 326-332), एएलए, सबसे आम ओमेगा 3 वसा है जिसे शरीर ईपीए और डीएचए में परिवर्तित कर देता है।

हालाँकि, यह परिवर्तित प्रक्रिया हमारे शरीर में उतनी प्रभावी नहीं होती। औसतन, केवल 8-20% एएलए, ईपीए में और 0.5-5%, डीएचए में परिवर्तित होता है। इसके अलावा, स्वस्थ महिलाऐं पुरुषों के मुकाबले एएलए का परिवर्तित ज्यादा (2.5 गुना अधिक) कर पाती हैं। 

ओमेगा 3 के स्रोत क्या हैं? | Source of omega 3 in Hindi

ओमेगा-3 फैटी एसिड के स्रोत शाकाहारी और मांसाहारी दोनों हैं। ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त खाद्य पदार्थ नीचे बताए गई हैं।
 
Omega 3 fatty acid sources in Hindi
ओमेगा 3 के स्रोत और मात्रा 

1. ओमेगा-3 फैटी एसिड के शाकाहारी स्रोत और मात्रा (लगभग) – Source of omega 3 for vegetarians in Hindi

ओमेगा-3 फैटी एसिड के शाकाहारी स्रोत निम्नलिखित हैं-

  • अखरोट -28 ग्राम अखरोट में लगभग 2,570 मिलीग्राम ओमेगा-3 होता है।
  • चिया बीज – 28 ग्राम  चिया बीज में लगभग 5,060 मिलीग्राम ओमेगा 3 होता है।
  • अलसी सीड्स / फ्लैक्स सीड्स – 10.3 ग्राम राजमा (बीन्स)  में लगभग 2,350 मिलीग्राम ओमेगा 3 होता है।
  • राजमा – आधा कप राजमा में लगभग 0.10 ग्राम ओमेगा-3 होता है। 
  • भांग के बीज – तीन चम्मच भांग के बीज में लगभग 2.605 मिलीग्राम ओमेगा-3 होता है।
  • सोयाबीन – 124 ग्राम फूलगोभी में लगभग 0.21 ग्राम ओमेगा-3 होता है।
  • फूलगोभी – 47 ग्राम फूलगोभी में लगभग 670 मिलीग्राम ओमेगा 3 होता है।
  • कैनोला ऑयल – एक चम्मच कैनोला ऑयल में लगभग 1.28 ग्राम ओमेगा-3 होता है।
  • सोयाबीन की फलियां – आधा कप राजमा में लगभग 0.28 ग्राम ओमेगा 3 होता है।
  • कोल्ड  लिवर  आयल – एक चम्मच कोल्ड  लिवर  आयल में लगभग 2,682 मिलीग्राम ओमेगा- 3 होता है।

2. ओमेगा 3 के मांसाहारी स्रोत और मात्रा (लगभग) –  source of omega 3 for non-vegetarians in Hindi

ओमेगा-3 फैटी एसिड के मांसाहारी स्रोत निम्नलिखित हैं-

  • सैल्मन मछली – 100 ग्राम सैल्मन मछली में 2,260 मिलीग्राम तक ओमेगा-3 होता है।
  • मैकेरल मछली – 100 ग्राम मैकेरल मछली में 5,134 मिलीग्राम तक ओमेगा- 3 होता है।
  • सार्डिन मछली – 149 ग्राम सार्डिन मछली में 2,205 मिलीग्राम तक ओमेगा- 3 होता है।
  • अंडे – एक अंडे में 100 to 500 मिलीग्राम तक ओमेगा- 3 होता है।

3. ओमेगा-3 कैप्सूल – Omega 3 capsules in Hindi

सप्लीमेंट के रूप में भी ओमेगा 3 (Omega-3 sources in Hindi) लिया जा सकता है। जिसका सर्वोत्तम उदाहरण है फिश ऑयल (मछली का तेल)। यह फिश ऑयल, ओमेगा-3 कैप्सूल के रूप में उपलब्ध होता है।

इसके अलावा बाजार में ओमेगा 3 के शाकाहारी कैप्सूल भी उपलब्ध हैं। जिसे आप किसी भी मेडिकल स्टोर या अमेज़न (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) द्वारा मगवा सकते हैं।

ओमेगा-3 कैप्सूल खाने का तरीका | How to eat omega-3 capsules in Hindi

ओमेगा -3 कैप्सूल (मछली का तेल) खाने का कोई निश्चित समय नहीं है। इसे आप कभी भी खा सकते हैं। हालांकि, 2019 के एक अध्ययन में पाया गया कि अगर उच्च वसा वाले भोजन के बाद इसका सेवन किया जाए तो ओमेगा-3 शरीर द्वारा बेहतर तरीके से अवशोषित होता है।

भोजन के दौरान ओमेगा -3 कैप्सूल (मछली का तेल) पानी के साथ लिया जा  सकता है। यदि कोई व्यक्ति आमतौर पर नाश्ते में अधिक वसा नहीं खाता है, तो वह इसे  दोपहर के भोजन या अपने शाम के भोजन के बाद भी खा सकता है।

भोजन के साथ मछली का तेल लेने से आप इसके कुछ दुष्प्रभाव कम कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, भोजन से ठीक पहले मछली के तेल का सेवन करने से एसिड रिफ्लक्स और अपच का खतरा कम हो सकता है

कुछ लोग ओमेगा -3 कैप्सूल लेने पर कुछ साइड इफेक्ट (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल) का अनुभव करते हैं। यदि कोई व्यक्ति इस दुष्प्रभाव का अनुभव करता है, तो वह अपनी  खुराक को दो भागों में विभाजित कर सकते हैं, जो पूरे दिन अलग-अलग समय पे ली जा सकती है।

और पढ़ें – Acid reflux (हाइपर एसिडिटी) और खट्टी डकार से छुटकारा पाने का घरेलू इलाज

ओमेगा 3 की कमी से होने वाले रोग क्या हैं? | Omega 3 Deficiency disease in Hindi

चूंकि, ओमेगा 3 हमारे शरीर द्वारा उत्पादित नहीं किया जा सकता है, इसलिए ओमेगा-3 को भोजन या सुप्प्लिमेंट के माध्यम से लेने की आवश्यकता होती है।  
 
रिसर्च से पता चलता है कि लगभग 90% आबादी में ओमेगा 3 की कमी है।

ओमेगा -3 की कमी होने का मतलब है कि आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में ओमेगा-3 वसा नहीं मिल रहा है।

ओमेगा-3 वसा की कमी आपके स्वास्थ्य में नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। जिससे आप अनेक रोगों से ग्रस्त हो सकते हैं। ओमेगा 3 फैटी एसिड की कमी से होने वाले संभावित रोग नीचे बताए गए हैं –

  • हृदय संबंधित रोग – Cardiovascular diseases
  • पार्किंसन रोग – Parkinson’s disease 
  • ग्लूकोमा रोग – Glaucoma eye disease
  • अल्जाइमर रोग – Alzheimer’s disease
  • त्वचा सम्बन्धी रोग – Skin diseases
  • बालों और नाखूनों में समस्या – Hair and Nail problems
  • नींद ना आना – Sleep disorder
  • डिप्रेशन – Depression
  • रूमेटाइड अर्थराइटिस यानी गठिया रोग – Rheumatoid arthritis disease
इसे पूरा पढ़ने के लिए यहां click करें –  जानिए ओमेगा-3 की कमी से होने वाले रोग और उनके लक्षण

ओमेगा-3 की कमी के लक्षण क्या हैं? | Omega 3 deficiency symptoms in Hindi

Omega 3 deficiency symptoms in Hindi
ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी के लक्षण

ओमेगा 3 की कमी के लक्षण – Symptoms of Omega 3 Deficiency in Hindi

ओमेगा 3 फैटी एसिड की कमी से आने वाले संभावित लक्षण नीचे बताए गए हैं। जिसमें शामिल हैं-
  • धुंदली दृष्टि (साफ ना दिखाए देना)
  • डिप्रेशन होना 
  • रात में नींद ना आना 
  • एकाग्रता में कमी होना 
  • आखों का सूखापन होना 
  • हाथ और पेरो में बढ़ी हुई सूजन
  • हार्ट संबंधित समस्याएं होना 
  • प्रतिरक्षा प्रणाली का कमजोर होना जिससे सर्दी, जुखाम और बुखार आसानी से होना 
  • मनोदशा संबंधी विकार जैसे अवसाद और चिंता
  • त्वचा की समस्या होना जैसे खुरदरी त्वचा, सूजन और घाव, आदि।

और पढ़ें – सुपरफूड क्या हैं? जानिए सुपरफूड के स्वास्थ्यवर्धक फायदे 

चलिए अब ओमेगा 3 के फायदे और नुकसान को समझते हैं।

ओमेगा 3 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल – Omega 3 FAQs in Hindi 

प्रश्न. ओमेगा 3 कैप्सूल खाने से क्या होता है?

उत्तर. ओमेगा 3 कैप्सूल का उपयोग पोस्टपार्टम डिप्रेशन को कम करने में, आँखों की रौशनी को बढ़ाने में, एकाग्रता को बढ़ाने में, त्वचा को स्वस्थ बनाने में और नींद की गुणवत्ता को बढ़ाने में किया जाता है। 
 

प्रश्न. फि‍श ऑयल कैप्‍सूल के क्या फायदे हैं ? (Fish oil capsule benefits in Hindi)

उत्तर. फि‍श ऑयल कैप्‍सूल (Fish oil capsule benefits) में मौजूद ओमेगा 3 का फायदा, हृदय जोखिमों को कम करने, वजन घटाने, अच्छी नींद लाने, त्वचा को स्वस्थ बनाने, एकाग्रता बढ़ाने, रूमेटाइड अर्थराइटिस और अस्थमा के इलाज आदि में होता है।

प्रश्न. आपको प्रति दिन कितना ओमेगा -3 लेना चाहिए?

उत्तर. पिछले अध्ययनों के अनुसार, वयस्क पुरुषों और महिलाओं दोनों को हर दिन कम से कम 250 ग्राम ओमेगा -3  (DHA + EPA) लेना चाहिए। ALA ओमेगा -3 के लिए,पुरुषों को 1600 मिलीग्राम और महिलाओं को 1100 मिलीग्राम लेने की सलाह दी जाती है।

प्रश्न. ओमेगा -3 की खुराक लेने का सबसे अच्छा समय क्या है? 

उत्तर. ओमेगा -3 कैप्सूल लेने का सबसे अच्छा समय दिन के खाने के साथ या रात के खाने के साथ लें। 

प्रश्न. फिश आयल कैप्सूल्स कब लेना चाहिए?

उत्तर. मछली का तेल ओमेगा -3 सप्लीमेंट के रूप में उपयोग में लाया जाता है। जिसे आप रत के खाने के साथ ले सकते हैं। 

प्रश्न. मछली का तेल क्या काम आता है?

उत्तर. मछली का तेल ओमेगा -३ सप्लीमेंट के रूप में उपयोग में लाया जाता है। जो नेत्र स्वास्थ्य को बनाए रखने में, हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने में, भ्रूण के स्वस्थ विकास के लिए, एकाग्रता को बढ़ाने में, त्वचा को स्वस्थ बनाने में, नींद की गुणवत्ता को बढ़ाने में, अस्थमा के इलाज में फायदेमंद होता है।  

प्रश्न. ओमेगा 3 कैप्सूल कितने का है?

उत्तर. ओमेगा -3 फिश ऑयल 1000mg (550mg EPA; 350mg DHA; 100mg अन्य ओमेगा 3 फैटी एसिड) – 60 कैप्सूल की कीमत अमेजन में लगभग 800 रुपये है। आप नीचे दिए गई लिंक में सर्च कर सकते हैं –
omega 3 कैप्सूल

प्रश्न. क्या Omega 3 से वेट लॉस होता है?

उत्तर. अलसी के बीज में Omega 3 की मात्रा भरपूर होती है।  जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और वजन को कम करने में सहायक होता है। 

प्रश्न. फिश ऑयल में कौन सा विटामिन होता है?

उत्तर. फिश ऑयल में विटामिन ए और डी होते हैं इसके साथ ही फिश ऑयल में ओमेगा-3 नामक फैटी एसिड भी होता है। जिसके कई स्वास्थवर्धक फायदे हैं। जो हृदय संबंधी जोखिमों को कम करने में और प्रेगनेंसी के समय भ्रूण के स्वस्थ विकास के लिए उपयोग में लाया जाता है। 

प्रश्न. ओमेगा 3 कैप्सूल खाने का तरीका क्या है? 

उत्तर. ओमेगा -3 कैप्सूल खाने का सबसे अच्छा तरीका है कि इसे या तो दिन के खाने के साथ या रात के खाने के साथ लें। 

प्रश्न. ओमेगा-3 कैप्सूल के नुकसान क्या है?

उत्तर. अधिक मात्रा में ओमेगा 3 कैप्सूल लेने से आपको निम्न नुकसान हो सकते हैं –
  • सांस लेने या निगलने में कठिनाई हो सकती है, 
  • खुजली, या त्वचा पे लाल चकत्ते पड़ सकते हैं,
  • पेट में अत्यधिक गैस बन सकती है, 
  • मासिक धर्म के प्रवाह में वृद्धि हो सकती है, 
  • सरदर्द और चक्कर आ सकता है, 
  • सांस लेने या निगलने में कठिनाई हो सकती है, 
  • या सीने में जकड़न हो सकती है। 

 ये हैं ओमेगा 3 फैटी एसिड के प्रकार, स्रोत, फायदे और नुकसान की पूरी जानकारी। कमेंट में बताएं आपको यह पोस्ट (Benefits of omega 3 in Hindi) कैसी लगी। अगर पोस्ट पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें। 

Disclaimer : ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए साथ ही किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह जरूर लें।

सन्दर्भ (References)

इस ब्लॉग [WEB POST GURU: THE ULTIMATE GUIDE TO HEALTHY LIVING] में आने और पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।     

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *