Acid reflux (हाइपर एसिडिटी) और खट्टी डकार से छुटकारा पाने का घरेलू इलाज

Acid reflux in Hindi: आजकल गलत खान-पान और लाइफस्टाइल के चलते लोगों को एसिडिटी, गैस और खट्टी डकार की समस्या हो रही है। हालांकि, ये समस्या आम है जो एसिड रिफ्लक्स के कारण होती है। परन्तु जिन लोगों में यह समस्या जरुरत से ज्यादा है और वह कुछ भी खा लें उन्हें तुरंत ही एसिड रिफ्लक्स होने लगता है उन लोगों की यह समस्या हाइपर एसिडिटी (Hyper acidity in Hindi) कहलाती है। हाइपर एसिडिटी में पेट अधिक मात्रा में एसिड पैदा करता है जोकि एक चिकित्सीय विकार है और इसका तुरंत इलाज करना जरुरी है। इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको एसिड रिफ्लक्स के लक्षण, कारण और साथ ही एसिडिटी के घरेलू इलाज ​के बारे में बता रहे हैं।

एसिड रिफ्लक्स (हाइपर एसिडिटी) क्या है? | Acid reflux means in Hindi

Acid reflux,हाइपर एसिडिटी,एसिडिटी

एसिड रिफ्लक्स (हाइपर एसिडिटी) एक ऐसी स्थिति है जिसमें पेट में मौजूद अम्ल भोजन नली से मुँह की तरफ (एसोफैगस) वापस आने लगता है। एसिड रिफ्लक्स अक्सर खाने के बाद छाती के निचले हिस्से में जलन पैदा करता है। इस जलन को हम खट्टी डकार के रूप में भी अनुभव करते हैं।

और पढ़ें – जानिए हाई कोलेस्ट्रॉल हमारे स्वास्थ्य के लिए क्यों खराब है।

एसिड रिफ्लक्स (एसिडिटी) का मुख्य कारण भोजन नली के वाल्व का खुलना है। वाल्व के खुलने के कारण पेट में मौजूद अम्ल वापस भोजन नली से मुँह की तरफ आ जाता है। 

एसिड रिफ्लक्स या छाती में जलन पूरी तरह से सामान्य मानी जाती है। लेकिन, यदि आप हफ़्ते में कई बार एसिड रिफ्लक्स या खट्टी डकार का अनुभव करते हैं तो यह रोग गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (Gastroesophageal reflux disease) कहलाता है।

और पढ़ें – क्रोहन (क्रोन) रोग क्या है, जानिए इसके लक्षण, कारण व उपचार

एसिड रिफ्लक्स (हाइपर एसिडिटी) के लक्षण क्या हैं? | Acid reflux (Hyper Acidity) symptoms in Hindi

एसिड रिफ्लक्स (एसिडिटी) की पहचान – Acid reflux sign in Hindi

एसिड रिफ्लक्स के मुख्य लक्षणों में खट्टी डकार और छाती में जलन (Heartburn) शामिल हैं। इसके अलावा 

  • वजन कम होना,
  • डकारें, 
  • हिचकियाँ,
  • खाँसी, 
  • पेट फूलना,
  • स्वर बैठना,
  • गले में खराश, 
  • निगलने में कठिनाई,
  • गले में गांठ की अनुभूति होना, 
  • सांस से बदबू आना,
  • सांस लेने में तकलीफ होना
भी एसिड रिफ्लक्स (एसिडिटी) के लक्षणों में शामिल हैं।  
 

एसिड रिफ्लक्स (हाइपर एसिडिटी) का कारण क्या है? | Acid reflux (Hyper Acidity) causes in Hindi

खट्टी डकार आने का कारण – Cause of acidity in Hindi

निम्नलिखित स्थिति में एसिड रिफ्लक्स (Hyper acidity in Hindi) का कारण बन सकती हैं। जिनमें
  • हाइटस हर्निया या हायटल हर्निया होना,
  • अधिक भोजन करना,
  • भोजन के ठीक बाद लेटना,
  • अधिक वजन या मोटापा होना,
  • सोते समय भोजन करना,
  • अधिक मसाले युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना, 
  • शराब, कार्बोनेटेड पेय, कॉफी, या चाय जैसे कुछ पेय पदार्थ पीना,
  • व्यायाम ना करना, 
  • धूम्रपान,
  • गर्भवती होने,
  • एस्पिरिन, इबुप्रोफेन, कुछ मांसपेशियों को आराम देने वाले, या रक्तचाप की दवाएं लेना। 

एसिड रिफ्लक्स (हाइपर एसिडिटी) का परीक्षण कैसे किया जाता है? | How is acid reflux diagnosed in Hindi

निम्नलिखित जाँच द्वारा एसिड रिफ्लक्स का निदान किया जा सकता है। 

1. एंडोस्कोपी द्वारा एसिड रिफ्लक्स का परीक्षण

एंडोस्कोपी द्वारा डॉक्टर रोगी के पेट और भोजन नली की जांच करते हैं और हाइपर एसिडिटी के कारणों का पता लगते हैं। 
 

2. pH जांच द्वारा एसिड रिफ्लक्स की जाँच  

इस जांच में डॉक्टर आपके पेट में एक उपकरण डालते हैं जो पेट का pH मापता है। यह  pH यन्त्र रोगी के पेट में 2-3 दिन तक रह सकता है और एसिडिटी के कारणों का पता लगता है।  

3. एक्स-रे द्वारा एसिड रिफ्लक्स का परीक्षण

इस जांच में रोगी को बेरियम नामक पदार्थ पिलाते हैं, और फिर तुरंत एक्स-रे तकनीक द्वारा गले के हिस्से की तस्वीरें लेते हैं।
 

4. बायोप्सी द्वारा एसिड रिफ्लक्स की जाँच  

बायोप्सी में डॉक्टर को आंत के जिस भाग की जांच करनी होती है उस भाग का छोटा सा नमूना (ऊतक) लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज देते हैं। बायोप्सी की प्रोसेस समान्यतः एंडोस्कोपी के समय की जाती है।बायोप्सी परीक्षण द्वारा एसिड रिफ्लक्स के कारण का पता लगाया जाता है। 
 

एसिड रिफ्लक्स (हाइपर एसिडिटी) का इलाज क्या है? | Acid reflux (Hyper Acidity) treatment in Hindi

डॉक्टर पहले आपके जीवनशैली में बदलाव लाकर एसिड रिफ्लक्स का इलाज करते हैं। यदि आपको कुछ हफ्तों के भीतर राहत का अनुभव नहीं होता है, तो डॉक्टर कुछ मेडिसिन शुरू कर सकता है। इन दवाइयों में शामिल हैं –
 

1. दवाइयों द्वारा एसिड रिफ्लक्स का इलाज 

कुछ दवाएं पेट के एसिड को कम करने के लिए काफी असरदार होती हैं। एसिड रिफ्लक्स की दवाओं में शामिल हैं-
 
एंटासिड – जो पेट के एसिड को बेअसर करती है।
 
एच-2 रिसेप्टर ब्लॉकर्स– एसिड उत्पादन को कम करने के लिए दी जाती है।
 
प्रोटॉन पंप निरोधी – दवाएं जो एसिड उत्पादन को अवरुद्ध करती हैं और अन्नप्रणाली (Esophagus) को ठीक करती हैं।

2. सर्जरी द्वारा एसिड रिफ्लक्स का इलाज 

कभी कभी डॉक्टर सर्जरी द्वारा भी एसिड रिफ्लक्स (एसिडिटी) की समस्या का निदान कर सकते हैं। सर्जरी डॉक्टर उन मरीजों की कर सकते हैं जो हाइटस हर्निया से पीड़ित होते हैं। 
 

एसिडिटी (हाइपर एसिडिटी) का घरेलू इलाज | Home remedies for Acid Reflux (Hyper Acidity) in Hindi 

1. एसिड रिफ्लक्स (एसिडिटी) में क्या खाना चाहिए? | Food to eat in Acid reflux (Hyper Acidity) in Hindi

नारियल पानी, केला, जीरा, अजवाइन, ठंडा दूध, आंवला एसिडिटी के लक्षणों से राहत दिलाता है। इसके अलावा निम्नलिखित खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करके एसिड रिफ्लक्स (Hyper acidity in Hindi) की समस्या से बचा जा सकता है।

a. एसिडिटी में हर्बल पदार्थों का सेवन करें – Herbal substances benefits for acid reflux in Hindi

हर्बल पदार्थों में एंटीऑक्सिडेंट, एंटीमाइक्रोबॉयल, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल, एंटी-डायरियल और एंटीएलर्जिक जैसे गुण होते हैं जो पेट को स्वस्थ रखते हैं साथ ही हर्बल पदार्थ पेट के एसिड की मात्रा को कम करते हैं। हर्बल पदार्थ में आप कैमोमाइल और सौंफ का सेवन कर सकते हैं। इसलिए एसिडिटी में हर्बल पदार्थ का सेवन करना एसिडिटी के घरेलू इलाज में कारगर है। 
 
 

b. एसिडिटी (एसिड रिफ्लक्स) में फाइबर युक्त भोजन का सेवन करें – Fiber diet for acid reflux in Hindi

फाइबर (आहारीय रेशा) पत्तेदार सब्जी, फल, रोटी, फलियों, दालों, अनाज, व अन्य खाद्य वस्तुओं के उस हिस्से को कहते हैं, जो बिना पचे या अवशोषित हुए ही आंत के द्वारा बाहर निकाल दिए जाते हैं। 
रेशेदार भोजन (Acid Reflux diet in Hindi) कब्ज को दूर करने में फायदा पहुँचता है। कब्ज के ना होने से पेट में बनने वाले एसिड में कमी आती है और एसिड रिफ्लक्स की समस्या दूर होती है। 

रेशेदार भोजन के स्रोत

रेशेदार भोजन के प्रमुख स्रोत में शामिल हैं –
  • गेंहू (Wheat)
  • भूरा चावल (Brown Rice)
  • ओट्स (Oats)
  • राजमा (Beans)
  • मटर (Peas)
  • ड्राई फ्रूट (Dry fruit)
  • दालें (Pulses)
  • सेब (Apple)
  • नाशपाती( Pear)
  • ब्लूबेरी और ब्लैकबेरी (Blueberries & Blackberries)
  • केला ( Bananas )
  • ब्रोकली (Broccoli)
  • कटहल (Jackfruit)
  • तरबूज (Watermelon)
  • अनार (Pomegranate)
  • नट्स और सीड्स ( Nuts and Seeds) 

c.  लो-कार्ब डाइट द्वारा एसिडिटी (एसिड रिफ्लक्स) का घरेलू इलाज – Low carb diet benefits for acid reflux in Hindi

लो कार्ब डाइट (Low carbohydrate for acidity in Hindi) का अर्थ है आहार में कम कार्बोहाइड्रेट और ज्यादा प्रोटीन होना। लो कार्ब डाइट वजन कम करती है और पेट में बनने वाली गैस व एसिड की मात्रा को कम करती है। 
लो कार्बोहाइड्रेट फूड लिस्ट – Low Carbohydrate food list in Hindi
कम कार्बोहाइड्रेट वाले आहार में शामिल हैं –
  • मांस, मछली, अंडे, उच्च वसा वाले डेयरी प्रोडक्ट,
  • पत्तेदार हरी सब्जियां,
  • फूलगोभी और ब्रोकली,
  • तेल, जैसे नारियल का तेल, जैतून का तेल, और रेपसीड तेल,
  • कुछ फल, जैसे सेब, ब्लूबेरी और स्ट्रॉबेरी,
  • मेवा, बादाम और बीज।

2. एसिड रिफ्लक्स (एसिडिटी) में क्या नहीं खाना चाहिए? | Food to Avoid in Acid reflux (Hyper Acidity) in Hindi

एसिडिटी की समस्या वाले लोगों को निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना चाहिए। 

a. एसिडिटी में चाय और कॉफी का सेवन सीमित करें – Limit tea and coffee intake in acid reflux

चाय और कॉफी का अधिक सेवन पेट में एसिड की मात्रा को बढ़ा सकते हैं। इसलिए एसिडिटी में चाय और कॉफी का सेवन कम करना चाहिए। 
 

b. एसिड रिफ्लक्स में शराब का सेवन सीमित करें – Limit alcohol consumption in acid reflux

अध्ययनों से पता चला है कि शराब का अधिक सेवन स्वस्थ व्यक्तियों में  खट्टी डकार और छाती में जलन पैदा कर सकता है। 

c. एसिडिटी में धूम्रपान ना करें – Do not smoke

धूम्रपान इसोफेजियल (Esophageal) को नुकसान पहुंचाता है। यह इसोफेजियल पेट के एसिड को वापिस ऊपर आने से रोकता है।  
 

d. एसिडिटी में लहसुन और प्याज का सेवन कम करें – Reduce the intake of garlic and onion in acidity

एक अध्ययन में पता चला है कि लहसुन और प्याज शरीर में एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को और भी ज्यादा ख़राब कर सकते हैं। इसलिए एसिडिटी में कच्चे लहसुन और प्याज का सेवन कम करना चाहिए। 
 

e. एसिड रिफ्लक्स में कार्बोनेटेड पेय पदार्थों का सेवन सीमित करें – Limit intake of carbonated beverages in acid reflux

शोधकर्ताओं के अनुसार,कार्बोनेटेड शीतल पेय पेट में एसिड की मात्रा को बड़ा सकते हैं। 

f. एसिडिटी में ज्यादा साइट्रस जूस न पिएं – Don’t drink too much citrus juice in acid reflux

ऐसे चीजों से परहेज करें जिनमें सिट्रिक एसिड होता है जैसे खट्टे फल और जूस। क्योंकि सिट्रिक एसिड पेट में एसिड की मात्रा को बड़ा सकते हैं। उदहारण के लिए संतरे, अंगूर, अनानास और नीबू। इसके अलावा टमाटर या टोमेटो सॉस भी पेट में एसिड की मात्रा को बड़ा सकता है। 
 

g. एसिडिटी में अधिक तेल-घी और मसालेदार भोजन ना खाएं – Do not eat more oil-ghee and spicy food in acid reflux

यदि आप पहले से ही एसिडिटी और गैस की समस्या से ग्रस्त है तो तुरंत ही अधिक तेल-घी और मसालेदार भोजन की मात्रा को कम कर दें। क्योंकि ऐसा भोजन एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को और भी ख़राब करते हैं। 

h. एसिडिटी में चॉकलेट खाने से बचें – Avoid chocolate in acidity

चॉकलेट में मिथाइलक्सैन्थिन नामक तत्व होता है जो एसिड रिफ्लक्स की बड़ा सकता है। इसलिए एसिडिटी (Hyper acidity in Hindi) में चॉकलेट खाने से बचना चाहिए। 

एसिडिटी (हाइपर एसिडिटी) से बचाव के अन्य उपाय | How to prevent Acidity in Hindi 

एसिडिटी को जड़ से खत्म करने (एसिड रिफ्लक्स की रोकथाम) के उपाय में शामिल हैं –

1. एसिडिटी से बचने के लिए पेट के बल ना सोएं – Don’t sleep on your stomach

पेट के बल सोने से ये पेट में दबाव पड़ता है जिससे पेट का एसिड भोजन नली में वापिस जाने लगता है जिससे सीने में जलन होने लगती है।
 

2. एसिडिटी में भोजन को एक साथ ना खाकर कुछ अंतराल में खाएं – Eat meals at intervals 

ऐसा करने से पेट में बनने वाला एसिड अधिक मात्रा में नहीं बनेगा और भोजन भी अच्छे से पचता है।  

3. एसिड रिफ्लक्स में बिस्तर पर जाने के तीन घंटे के भीतर खाना न खाएं – Do not eat food before going to bed

ऐसा इसलिए, यदि आप खाना कहते ही सोने चले गए तो खाना ठीक ढंग से पचेगा नहीं और पेट में एसिड की मात्रा को बड़ा देगा, जिससे खट्टी डकार और छाती में जलन होने लगेगी। 
 

4. एसिडिटी से बचने के लिए सुबह और शाम व्यायाम करें – Exercise daily

व्यायाम करने से हमारा पाचन तंत्र ठीक से कार्य करता है और भोजन को अच्छे से पचाता है। भोजन के ठीक से पचने से पेट में एसिड कम बनता है जिससे एसिड रिफ्लक्स की समस्या नहीं होती है। हालांकि इस बात का ध्यान रखें कि खाने के दो घंटे के भीतर व्यायाम ना करें। 

5. एसिड रिफ्लक्स से बचने के लिए खूब पानी पियें – Drink water

पानी पीने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और कब्ज की समस्या भी दूर होती है। बेहतर पाचन से पेट में एसिड कम बनता है और एसिड रिफ्लक्स की समस्या दूर रहती है। 
 

निष्कर्ष | Conclusion

आज खट्टी डकार (एसिडिटी) और छाती में जलन एक आम समस्या बन गई है। हर कोई अपने जीवन में कभी ना कभी एसिड रिफ्लक्स का अनुभव जरूर करता है। यदि एसिड रिफ्लक्स की समस्या कभी-कभी होती है तो इस समस्या को आप खुद से ही ठीक कर सकते हैं। बस जीवन शैली में थोड़ा बदलाव लाना है। जिसमें सुबह और शाम व्यायाम करें, खूब पानी पिएं, पौष्टिक भोजन का सेवन करें, ऐसे भोजन से बचें जो पेट में ज्यादा एसिड बनाते हों। हालांकि, जिन लोगों में एसिड रिफ्लक्स कि समस्या अधिक है और हर दिन इसका अनुभव करते हैं उनके लिए डॉक्टर दवाइयों का उपयोग कर सकते हैं। 
 
 
ये हैं एसिड रिफ्लक्स (हाइपर एसिडिटी) के लक्षण, कारण, निदान और घरेलू उपचार के बारे में बताई गई पूरी जानकारी। कमेंट में बताएं आपको यह पोस्ट (Home remedies for acidity in Hindi) कैसी लगी। अगर यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे जरूर शेयर करें। 
 
ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए।

सन्दर्भ (References)

  • Feldman M, et al. Gastroesophageal reflux disease. In: Sleisenger and Fordtran’s Gastrointestinal and Liver Disease: Pathophysiology, Diagnosis, Management. 10th ed. Philadelphia, Pa.: Saunders Elsevier; 2016. http://www.clinicalkey.com. Accessed Jan. 17, 2017.
  • AskMayoExpert. Gastroesophageal reflux disease (GERD) (adult). Rochester, Minn.: Mayo Foundation for Medical Education and Research; 2014.
  • Schwaitzberg SD. Surgical management of gastroesophageal reflux in adults. http://www.uptodate.com/home. Accessed Jan. 17, 2017.
  • InformedHealth.org [Internet]. Cologne, Germany: Institute for Quality and Efficiency in Health Care (IQWiG); 2006-. Heartburn and GERD: Overview. 2012 Jul 19.
  • Morozov S, Isakov V, Konovalova M. Fiber-enriched diet helps to control symptoms and improves esophageal motility in patients with non-erosive gastroesophageal reflux disease. World J Gastroenterol. 2018;24(21):2291-2299.
  • Kaur K, et al. (2015). Chapter 6: Medicinal benefits of ginger in various gastrointestinal ailments: Use in geriatric conditions. Pages 51-61.
  • Kahrilas P, Yadlapati R and Roman S. Emerging dilemmas in the diagnosis and management of gastroesophageal reflux disease [version 1; peer review: 2 approved]. F1000Research 2017, 6
    Choe JW, Joo MK, Kim HJ, et al. Foods Inducing Typical Gastroesophageal Reflux Disease Symptoms in Korea. J Neurogastroenterol Motil. 2017;23(3):363-369.
  • Healthline. (2020). Acid Reflux in the Morning: How to Treat and Prevent Ithttps://www.healthline.com/health/acid-reflux-in-the-morning#morning-nausea.
    Mayo Clinic Staff. (2019). Gastroesophageal reflux disease (GERD). mayoclinic.org/diseases-conditions/gerd/symptoms-causes/syc-20361940.
इस ब्लॉग [WEB POST GURU: THE ULTIMATE GUIDE TO HEALTHY LIVING] में आने और पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। 

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *