About Heart Attack In Hindi | जानिए हार्ट अटैक कब, कैसे और क्यों आता है।

About Heart Attack in Hindi : इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको हार्ट अटैक (Heart attack means in Hindi) के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इस पोस्ट को शुरू करने से पहले हमने संक्षिप्त में बताया है कि हार्ट अटैक क्या है, इसके लक्षण, कारण और जोखिम कारक क्या हो सकते हैं।

Heart attack means in Hindi

दिल का दौरा (Heart attack in hindi meaning) एक जानलेवा स्थिति है जो हृदय में रक्त प्रवाह के अवरुद्ध (रुकावट) होने के कारण आती है। यदि रुकावट का जल्द इलाज ना कराया जाए, तो हृदय की मांसपेशियों का हिस्सा मर सकता है और अंततः हृदय की विफलता (Heart failure) का कारण हो सकता है। 
दिल का दौरा अक्सर कोरोनरी हृदय रोग (coronary heart disease) या कोरोनरी आर्टरी डिजीज (coronary artery disease) के कारण होता है। यह एक ऐसी स्थिति है जब हृदय में रक्त पहुंचाने वाली धमनियां (artery) आंशिक या पूर्ण रूप से बंद हो जाती हैं। 
 
 
धमनियों का आंशिक या पूर्ण रूप से बंद होने का मुख्य कारण कोलेस्ट्रॉल के कणों का कोरोनरी धमनियों की दीवारों पर जमा होना है। इसके अलावा धमनियों के बंद होने का कारण कैल्शियम कणों और असामान्य प्रोटीन (एमिलॉयड) का जमा होना भी हो सकता है। 
हालांकि, कोरोनरी धमनियों के अंदर मोमी पदार्थ (या कोलेस्ट्रॉल/ कैल्शियम/ प्रोटीन) का निर्माण कई वर्षों में होता है और इसके लक्षण तब तक दिखाई नहीं देते हैं जब तक धमनी का संकुचन गंभीर ना हो जाए। इसलिए इसकी रोकथाम के लिए डॉक्टर के अनुसार समय समय पर हृदय की जाँच कराते रहनी चाहिए।  

हार्ट अटैक के मुख्य लक्षण | Heart attack symptoms in Hindi

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हार्ट अटैक के मुख्य लक्षणों में शामिल हैं –

  • सीने में दर्द या बेचैनी,
  • ऊपरी शरीर में बेचैनी और दर्द,
  • सांस लेने में कमी,
  • कंपकंपी के साथ पसीना,
  • बाएं हाथ में दर्द,
  • असामान्य हृदय ताल (Abnormal heart rhythm),
  • चेतना (Consciousness) का नुकसान,
  • चिंता की भावना (Feeling of worry), 
  • होठों, हाथों या पैरों का नीला पड़ना,
  • थकान महसूस होना,
  • तेजी से वजन बढ़ना,
  • सिर चकराना या अचानक चक्कर आना,
  • पैरों में सूजन। 
हार्ट अटैक के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। हार्ट अटैक का मुख्या लक्षण सीने में दर्द या बेचैनी है। इसलिए, यदि ऊपर बताए हुए लक्षणों में से किसी भी लक्षण का अनुभव सीने में दर्द या बेचैनी के साथ होता है तो यह लक्षण हार्ट अटैक का हो सकता है। 
 

हार्ट अटैक के कारण | Reason of heart attack in Hindi

हार्ट अटैक का मुख्य कारण हृदय रोग हैं।  हृदय रोगों में मुख्यतः शामिल हैं- 
  • कोरोनरी हृदय रोग (या इस्केमिक हृदय रोग),
  • जन्मजात (कंजेनाइटल) हृदय रोग,
  • एरिथमिया रोग, 
  • रूमेटिक (आमवाती) हृदय रोग, 
  • कार्डियक अस्थमा,
  • हार्ट अटैक के विभिन्न जोखिम कारक। 
कोरोनरी हृदय रोग (या इस्केमिक हृदय रोग), हार्ट अटैक का मुख्य कारण है यह स्थिति धमनियों के आंशिक या पूर्ण रूप से बंद होने के कारण आती है। 
 

हार्ट अटैक के जोखिम कारक | Risk factors of Heart attack in Hindi

जोखिम कारक से यह पता चलता है कि आपको हृदय रोग होने की संभावना कितनी है। हार्ट अटैक के विकास के जोखिम कारकों में शामिल हैं:
  • अधिक वजन होना,
  • मधुमेह होना,
  • उच्च रक्तचाप होना, 
  • कोलेस्ट्रॉल के स्तर का अनियंत्रित रहना,
  • धूम्रपान करना, 
  • अत्यधिक शराब पीना,
  • शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहना, 
  • अस्वास्थ्यकर आहार लेना, 
  • रक्त में उच्च सी-रिएक्टिव प्रोटीन का होना, 
  • अनियंत्रित तनाव, अवसाद और क्रोध।
  • बढ़ती उम्र, 
  • पुरुष लिंग (gender), 
  • हृदय रोग का पारिवारिक इतिहास और, 
  • आनुवंशिक कारक (genetic factors)।

हार्ट अटैक के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | About heart attack FAQ in Hindi

Heart attack FAQ in Hindi

Q1. हार्ट अटैक का मुख्य कारण क्या है? – About Heart Attack in Hindi

Ans. हार्ट अटैक (About Heart Attack In Hindi) का मुख्य कारण रोगी में होने वाले जोखिम कारक हैं। इन जोखिम कारकों में शामिल हैं रोगी का अधिक वजन, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल का अनियंत्रित स्तर, धूम्रपान, अत्यधिक शराब, शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहना, अस्वास्थ्यकर आहार, अनियंत्रित तनाव, अवसाद और क्रोध। इसके अलावा कुछ हृदय रोग जैसे कोरोनरी हृदय रोग (या इस्केमिक हृदय रोग), जन्मजात (कंजेनाइटल) हृदय रोग, एरिथमिया रोग, रूमेटिक हृदय रोग और कार्डियक अस्थमा भी हार्ट अटैक का कारण है। 

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Q2. महिलाओं में हार्ट अटैक के कारण क्या हैं?

Ans. महिलाओं में हार्ट अटैक का कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मेनोपॉज, कोलेस्ट्रॉल का अनियंत्रित स्तर, अनियंत्रित तनाव, अवसाद और क्रोध है। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के हृदय रोग भी हार्ट अटैक का कारण है।

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Q3. हार्ट अटैक कितने समय तक रह सकता है?

Ans. आमतौर पर देखा जाए तो हार्ट अटैक 10-15 मिनट तक रहता है।  गंभीर स्थिति में हार्ट अटैक 20 – 45  मिनट तक भी रह सकता है। यदि इस पर तुरंत काबू न पाए जाए, तो यह व्यक्ति की मौत का कारण भी बन सकता है।

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Q4. साइलेंट अटैक कैसे आता है? 

Ans. साइलेंट हार्ट अटैक (Silent heart attack in Hindi) में लक्षण बहुत कम या ना के बराबर दिखते हैं। लक्षणों के ना दिखने के कारण ऐसा हार्ट अटैक साइलेंट हार्ट अटैक कहलाता है। हालांकि, कभी कभी सीने में दर्द व बेचैनी भी इसके शुरुवाती लक्षण हो सकते हैं। साइलेंट हार्ट अटैक ज्यादातर मधुमेह (Diabetes) से पीड़ित रोगियों में दिखता है। 

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Q5. हार्ट अटैक का दर्द कहाँ होता है? 

Ans. हार्ट अटैक का दर्द सीने में या ऊपरी शरीर में होता है। दिल के दौरे के समय अधिकांश लोग छाती के बीच या बाईं ओर दर्द महसूस करते हैं। 

इसके अलावा ऊपरी शरीर में दर्द या बेचैनी के दौरान रोगी पीठ, कंधों, गर्दन, जबड़े या पेट के ऊपरी हिस्से (नाभि के ऊपर) में दर्द महसूस कर सकते हैं।

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Q6. हार्ट अटैक की पहचान क्या है?

Ans. हार्ट अटैक की पहचान सीने या ऊपरी शरीर में दर्द या भारीपन या बेचैनी को महसूस कर के की जा सकती है। इसके अलावा बैठे समय सांस की कमी भी हार्ट अटैक की पहचान है। 

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Q7. हार्ट अटैक आने से पहले क्या होता है?

Ans. हार्ट अटैक आने से पहले सीने (छाती), बेचैनी, पीठ, कंधों, गर्दन, जबड़े या पेट के ऊपरी हिस्से (नाभि के ऊपर) में दर्द महसूस हो सकता है।

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Q8. हार्ट अटैक को कैसे रोके? 

Ans. हार्ट अटैक को रोकने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें, तनाव कम रखें, स्वस्थ वजन बनाए रखें, रक्तचाप के स्तर को सामान्य रखें, मधुमेह या कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ने ना दें, तंबाकू या पान मसाला का सेवन ना करें और अपने आहार में पौष्टिक चीजों को शामिल करें। 

Q9. अटैक आने से पहले क्या क्या लक्षण होते हैं?

Ans. अटैक आने से पहले छाती के बीच या बाईं ओर दर्द महसूस होता है। इसके अलावा रोगी को पीठ, कंधों, गर्दन, जबड़े या पेट के ऊपरी हिस्से (नाभि के ऊपर) में दर्द या भारीपन महसूस कर सकते हैं।

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Q10. हार्टबीट नार्मल कितनी होनी चाहिए?

Ans. नार्मल हार्टबीट 60 से 100 बीट्स प्रति मिनट तक होती है। हार्टबीट का 60 बीट्स प्रति मिनट से कम होना ब्राडीकार्डिया कहलाता है और 100 बीट्स प्रति मिनट से अधिक होना टाचिकार्डिया कहलाता है। अगर हार्टबीट बहुत समय से अपनी नार्मल रेंज से अलग है तो उस स्थिति में हार्ट अटैक आ सकता है। 

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Q11. हार्ट अटैक आने पर क्या करें?

Ans. हार्ट अटैक आने पर एस्पिरिन की एक सामान्य खुराक (325 मिलीग्राम) ले सकते हैं, यदि आपके डॉक्टर ने पहले से आपको सलाह दी हो तो। दिल के दौरे के दौरान, एस्पिरिन रक्त के थक्के बनने की गति को धीमा कर देती है। हालांकि, अगर आपको इससे एलर्जी है या आपके डॉक्टर ने एस्पिरिन ना लेने की सलाह दी हो तो इसका सेवन बिलकुल भी न करें।
इसके आलावा हार्ट अटैक आने पर जब तक मदद नहीं मिलती है तब तक रोगी को धीमी और गहरी साँस लेते रहनी चाहिए।
 

Q12. हार्ट अटैक का दर्द कैसे पहचाने? 

Ans. हार्ट अटैक (About Heart Attack In Hindi) का दर्द सीने में होता है। दिल के दौरे के समय अधिकांश लोग छाती के बीच या बाईं ओर दर्द महसूस करते हैं। इसके अलावा ऊपरी शरीर में दर्द या बेचैनी के दौरान रोगी पीठ, कंधों, गर्दन, जबड़े या पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द महसूस कर सकते हैं। साथ ही सांस लेने में तकलीफ, ठंडा पसीना, जी घबराना, थकान या चक्कर आना जैसे लक्षण भी हार्ट अटैक के सूचक हो सकते है। 
 

Q13. हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या खाएं? 

Ans. हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आप निम्नलिखित खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट चार्ट (कार्डियक डाइट चार्ट) में शामिल कर सकते हैं। जिनमें शामिल हैं –
ओमेगा 3 वसा, असंतृप्त वसा, फल और हरी सब्जियां, लो-फैट डेयरी उत्पाद, नट, बीज, फलियां, उच्च फाइबर युक्त आहार आदि। इसके अलावा हार्ट अटैक से बचने के लिए डॉक्टर के अनुसार फाइबर युक्त डाइट,  फ्लेक्सिटेरियन डाइट या लो कार्ब डाइट का सेवन भी कर सकते हैं।
 

Q14. हार्ट की कौन कौन सी जांच होती है? 

Ans. हार्ट अटैक (हृदय रोग) के जांच में शामिल हैं-
इकोकार्डियोग्राम (ECG), एक्स – रे,  सीटी स्कैन (CT scan) या एमआरआई स्कैन (MRI scan), स्ट्रेस जांच, एंजियोग्राफी। 
इसके अलावा हृदय रोग का निदान ब्लड टेस्ट से भी किया जा सकता है। इसके लिए डॉक्टर निम्नलिखित टेस्ट को शामिल कर सकते हैं। जिनमें मुख्यतः –
बी-टाइप नैट्रियूरेटिक पेप्टाइड (बीएनपी) रक्त परीक्षण, ट्रोपोनिन टी (Troponin T) ब्लड टेस्ट, कुल कोलेस्ट्रॉल जांच (Total Cholesterol Test), कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (Low Density Lipoprotein (LDL)) कोलेस्ट्रॉल जांच (Cholesterol Test), उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एचडीएल) कोलेस्ट्रॉल जांच (High Density Lipoprotein (HDL) Cholesterol Test), ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) जांच शामिल हैं।   
हार्ट अटैक के समय इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) और ट्रोपोनिन टी (Troponin T) ब्लड टेस्ट महत्वपूर्ण हैं –  
 
इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) : इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG), दिल के दौरे में एक महत्वपूर्ण परीक्षण है। यह अस्पताल में भर्ती होने के 10 मिनट के भीतर किया जाना चाहिए।  ईसीजी आपके दिल की विद्युत गतिविधि को मापता है।
 
ट्रोपोनिन टी (Troponin T) ब्लड टेस्ट : ट्रोपोनिन टी टेस्ट, रक्त में ट्रोपोनिन टी का स्तर मापता है। ट्रोपोनिन टी एक प्रोटीन है जो हृदय की मांसपेशियों में पाया जाता है। हार्ट अटैक के समय या पहले ट्रोपोनिन टी का स्तर बढ़ जाता है। ट्रोपोनिन टी के बढ़े हुए स्तर को हृदय रोग के उच्च जोखिम से जोड़ा गया है। 
 

Q15. किसकी अधिकता के कारण हृदय रोग होता है? 

Ans. हार्ट अटैक के विकास के जोखिम कारकों में शामिल हैं अधिक वजन, मधुमेह, उच्च रक्तचाप,  कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर, धूम्रपान,  अत्यधिक शराब, शारीरिक रूप से निष्क्रियता,  अस्वास्थ्यकर आहार,  रक्त में उच्च सी-रिएक्टिव प्रोटीन, अनियंत्रित तनाव, अवसाद और क्रोध।
 

Q16. हार्ट अटैक कितनी उम्र में आ सकता है? 

Ans. उम्र के साथ हृदय रोग का खतरा बढ़ता है। माना जाता है की 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुषों और 55 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को युवा पुरुषों और महिलाओं की तुलना में हार्ट अटैक पड़ने की संभावना अधिक होती है। 
 

Q17. हार्ट अटैक कितने प्रकार का होता है? 

Ans. हार्ट अटैक तीन प्रकार के होते हैं –
a. एसटी सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इन्फार्कशन (स्टेमी) : स्टेमी दिल का दौरा गंभीर होता है और इस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इस प्रकार का दौरा तब पड़ता है जब कोरोनरी धमनी पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाती हैं, जिससे रक्त हृदय के बहुत से भाग तक पहुंच नहीं पाता है।   
b. नोन-एसटी सेगमेंट एलिवेशन माइओकार्डियल इन्फार्कशन (एनस्टेमी)एनस्टेमी दिल का दौरा तब होता है जब कोरोनरी धमनी आंशिक रूप से बंद हो जाती हैं और रक्त प्रवाह गंभीर रूप से प्रभावित हो जाता है। हालांकि, इस प्रकार का हार्ट अटैक स्टेमी दिल के दौरे से कम खतरनाक होता है। 
c. अस्थिर एनजाइना या कोरोनेरी ऐंठनइस ऐंठन को साइलेंट हार्ट अटैक या अस्थिर एनजाइना भी कहा जाता है। इस प्रकार का हार्ट अटैक तब होता है जब हृदय से जुड़ी धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जो हृदय में रक्त के प्रवाह को रोकती हैं। साइलेंट हार्ट अटैक में कभी-कभी कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। साइलेंट हार्ट अटैक शुगर रोगी में ज्यादा देखा गया है।     
 

Q18. कमजोर दिल को मजबूत कैसे बनाएं? 

Ans. कमजोर दिल को मजबूत बनाने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें, ऐसी कार्यों को करने से बचें जो तनाव उत्पन्न करते हों,  स्वस्थ वजन बनाए रखें, रक्तचाप को सामान्य बनाए रखें, तंबाकू या पान मसाला का सेवन करते हैं तो इसे पूरी तरह छोड़ दें, अपने आहार में पौष्टिक चीजों को शामिल करें। 
 

Q19. हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या उपाय करना चाहिए?

Ans. निम्नलिखित आदतों में सुधार करके हार्ट अटैक को रोका जा सकता है। हार्ट अटैक से बचने के उपाय में शामिल हैं –
  • नियमित रूप से व्यायाम करें,
  • ऐसी कार्यों से बचें जो तनाव देते हों, 
  • स्वस्थ वजन बनाए रखें 
  • रक्तचाप को सामान्य (सिस्टोलिक: 120 mm Hg से कम डायास्टोलिक: 80 mm Hg से कम ) बनाए रखें,
  • गुटके का सेवन करते हैं तो इसे पूरी तरह छोड़ दें, 
  • अपने आहार में पौष्टिक चीजों को शामिल करें जैसे उच्च फाइबर युक्त आहार, वसा रहित डेयरी खाद्य पदार्थ, साबुत अनाज, जैतून का तेल आदि। 
  • यदि आपको मधुमेह या कोलेस्ट्रॉल रोग है तो हार्ट अटैक से बचने के लिए इनके स्तर को नियंत्रित रखें। 

Q20. हार्ट के मरीज को कौन सा फल खाना चाहिए? 

Ans. हार्ट की बीमारी (About Heart Attack In Hindi) के लिए स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी और रास्पबेरी जैसे फल महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं ये फल एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं, जो हृदय को ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन से बचाते हैं।
 

Q21. हार्ट के लिए कौन सा जूस पीना चाहिए?

Ans. हार्ट को स्वस्थ बनाने के लिए लाल अंगूर, चुकंदर, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी और रास्पबेरी जैसे फलों का जूस पिया जा सकता है। 
 

Q22. हार्ट के मरीज को कौन सा तेल खाना चाहिए?

Ans. हार्ट हेल्थ के लिए जैतून का तेल (Olive oil) सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। इसके वर्जिन और एक्स्ट्रा वर्जिन प्रकार हार्ट हेल्थ के लिए बेहद लाभकारी होते हैं। इसमे भारी मात्रा में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (monounsaturated fatty acids) और पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड (polyunsaturated fatty acids) होते हैं, जिससे हृदय स्वस्थ रहता है।
 

Q23. हार्ट की बीमारी में क्या क्या दिक्कत होती है? 

Ans. हार्ट की बीमारी में अधिकांश लोग छाती के बीच या बाईं ओर दर्द महसूस करते हैं। इसके अलावा ऊपरी शरीर में दर्द या बेचैनी के दौरान रोगी पीठ, कंधों, गर्दन, जबड़े या पेट के ऊपरी हिस्से (नाभि के ऊपर) में दर्द महसूस कर सकते हैं।
 

Q24. क्या हार्ट अटैक में दर्द होता है? 

Ans. जी हां, हार्ट अटैक में दर्द होता है। हार्ट अटैक की शुरूआत सीने में दर्द  या बेचैनी या भारीपन के साथ होती है, जो कुछ समय के बाद शरीर के अन्य हिस्सों जैसे कंधे, हाथ, गर्दन इत्यादि में फैल सकती है। हालांकि, साइलेंट हार्ट अटैक (Silent heart attack) में लक्षण बहुत कम या ना के बराबर दिखते हैं।
 

Q25. दिल कमजोर होने के लक्षण क्या हैं? 

Ans. दिल कमजोर होने के लक्षण में शामिल हैं –

शरीर के एक हिस्से में झुनझुनाहट, सांस लेने में कमी, कंपकंपी के साथ पसीना,बाएं हाथ में दर्द, उच्च रक्तचाप, थकान और बेचैनी। 

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Q26. किन लोगों को अपने हृदय की जाँच करवानी चाहिए? 

Ans. हृदय की जाँच उन लोगों को करनी चाहिए जिनका वजन अधिक हो, मधुमेह हो, उच्च रक्तचाप हो, कोलेस्ट्रॉल का स्तर अनियंत्रित हो ,धूम्रपान करते हों, अत्यधिक शराब पीते हों, अस्वास्थ्यकर आहार (unhealthy diet) लेते हों , रक्त में उच्च सी-रिएक्टिव प्रोटीन का स्तर हो, उम्र 40 – 50 से ऊपर हो। 

Q27. रोजाना कितनी हार्ट अटैक से मौत होती है?

Ans. भारत में दिल के दौरे से हर 33 सेकेंड में एक व्यक्ति की मौत हो रही है।

Q28. हार्ट अटैक पेशेंट कौन सा ड्राई फ्रूट्स के लिए लाभ पहुंचाता है?

Ans. हार्ट अटैक पेशेंट ड्राई फ्रूट्स या नट्स में बादाम, काजू, अखरोट और पिस्ता खा सकते हैं।  सूखे मेवे अच्छे वसा और कैलोरी का एक समृद्ध स्रोत हैं। इसके अलावा इनमें (अखरोट) में उच्च मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है जो हार्ट के लिए काफी फायदेमंद है। 

Q26. हार्ट अटैक आ जाने के बाद कितने दिन तक सीने में दर्द रहता है?

Ans. हार्ट अटैक के बाद सीने में दर्द कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटों तक रह सकता है। हालांकि, कई दिनों, हफ्तों या महीनों से सीने में दर्द होना, हार्ट अटैक नहीं माना जाता है। तब भी यदि ऐसा है तो एक बार डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। 

Q29. माइनर हार्ट अटैक में क्या दिक्कत होती है?

Ans. माइनर (हल्का) दिल का दौरा हृदय की मांसपेशियों के छोटे हिस्से को प्रभावित करता है जो हृदय को ज्यादा नुकसान नहीं पहुँचता है। माइनर हार्ट अटैक में सीने में दर्द, बेचैनी और भारीपन जैसी  दिक्कतें आती हैं। 

Q30. हार्ट अटैक कब आता है?

Ans. दिल का दौरा तब पड़ता है जब एक या एक से अधिक कोरोनरी धमनियां अवरुद्ध हों। इसके अलावा जन्मजात (कंजेनाइटल) हृदय रोग, एरिथमिया रोग, रूमेटिक हृदय रोग और कार्डियक अस्थमा भी हार्ट अटैक का कारण हो सकता है। 

Q31. हार्ट अटैक में टांग में दर्द होता है क्या?-

Ans. हार्ट अटैक से पहले टांग में दर्द हो सकता है। जब ऐसा होता है, तो इसे परिधीय धमनी रोग (Peripheral Arterial Disease) कहा जाता है जो हार्ट अटैक की ‘प्रारंभिक चेतावनी’ के रूप में माना जाता है।

Q32. हार्ट अटैक के बाद सावधानियां क्या करनी चाहिए? 

Ans. हार्ट अटैक के बाद रोगी को निम्नलिखित सावधानियां रखनी चाहिए। इन सावधानियों में शामिल हैं –

  • धूम्रपान करते हों तो इसे तुरंत बंद करें। तंबाकू का सेवन हृदय रोग के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है।
  • रक्तचाप को नियंत्रित करें।
  • कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करें। 
  • मधुमेह की जाँच करें। 
  • मधुमेह के स्तर को नियंत्रित रखें।   
  • अपने आहार में पौष्टिक चीजों को शामिल करें। 
  • ऐसी कार्यों से बचें जो तनाव उत्पन्न कर सकते हों। 
  • हृदय रोग के बचाव के लिए स्वस्थ वजन बनाए रखें।  

Q33. महिलाओं को हार्ट अटैक क्यों नहीं आता?

Ans. यदि आप यह सोचते हैं कि हार्ट अटैक  महिलाओं में नहीं आता है तो यह बिलकुल गलत है। हार्ट अटैक (हृदय रोग) पुरुषों और महिलाओं दोनों की मृत्यु का प्रमुख कारण है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं को सीने में दर्द या बेचैनी की समस्या कम हो सकती है, जिस कारण महिलाओं को बिना छाती के दबाव के दिल का दौरा पड़ सकता है। इसके अलावा मेनोपॉज (Menopause) के बाद महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है।

Q34. हार्ट अटैक कितनी बार आता है?

Ans. हल्का दिल का दौरा एक बार या कुछ अंतराल के बाद बार बार आ सकता है। हल्के दिल के दौरे के लक्षण केवल दो से पांच मिनट के लिए हो सकते हैं, जो आराम करने पर रुक जाते हैं। हालांकि, बड़ा हार्ट अटैक अधिक समय तक रह सकता है, कभी-कभी 20 – 45 मिनट तक।

Q35. हार्ट फेल व हार्ट अटैक में क्या अंतर है? 

Ans. दिल का दौरा और दिल की खराबी दोनों ही हृदय रोग के प्रकार हैं, लेकिन अलग-अलग स्थितियां हैं। दिल का दौरा तब होता है जब हृदय को रक्त की आपूर्ति में कमी हो जाती है, जबकि हृदय की खराबी तब होती है जब हृदय शरीर के चारों ओर रक्त को कुशलतापूर्वक पंप करने में असमर्थ होता है। हार्ट अटैक में व्यक्ति जीवित रह सकता है परन्तु हार्ट फेल में व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।

Q36. अगर किसी इंसान को पहले हार्ट अटैक आ चुका है तो दूसरे से कैसे बचे?

Ans. नियमित रूप से जांच करा के व्यक्ति दूसरे हार्ट अटैक से बच सकता है इसके आलावा जीवन शैली में सुधर करके भी व्यक्ति हार्ट अटैक से बच सकता है। 

Q37. हार्ट अटैक का दर्द कितने दिनों तक रह सकता है?

Ans. सीने का दर्द हार्ट अटैक का मुख्य दर्द कहलाता है। माइनर हार्ट अटैक का दर्द दो से पांच मिनट के लिए हो सकते हैं, जो आराम करने पर रुक जाते हैं। हालांकि, मेजर हार्ट अटैक अधिक समय तक रह सकता है, कभी-कभी 20 – 45 मिनट तक।

Q38. क्या तीसरे हार्ट अटैक से बचा जा सकता है? 

Ans. तीसरे हार्ट अटैक से बचने की आशंका पहले के मुकाबले कम मानी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि तीसरे हार्ट अटैक आने तक धमनियां और भी ज्यादा कमजोर या ब्लॉक हो जाती हैं।   

Q39. महिलाओं को हार्ट अटैक कम क्यों आता है? 

Ans. महिलाओं को हार्ट अटैक कम आने कि वजह एस्ट्रोजन हॉर्मोन हो सकता है। माना जाता है कि महिलाओं में एस्ट्रोजन नामक हॉर्मोन दिल के स्वास्थ्य को बनाए रखने व दिल की रक्षा करने में मदद करता है। परन्तु, मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन की कमी के कारण महिलाओं में दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।  

 
ये हैं हार्ट अटैक (About Heart Attack In Hindi) के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब के बारे में पूरी जानकारी। कमेंट में बताएं आपको अबाउट हार्ट अटैक इन हिंदी पोस्ट कैसी लगी। अगर यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे जरूर शेयर करें। 
ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए।

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