Sleep Apnea in Hindi

Sleep Apnea के लक्षण, कारण, आयुर्वेदिक इलाज और योगासन

Sleep Apnea In Hindi : स्लीप एपनिया एक विकार है जिसमें नींद के दौरान सांस थोड़ी देर के लिए रुक जाती है। यदि इस रोग को अनुपचारित छोड़ दिया जाए, तो यह बीमारी गंभीर खर्राटे, दिन के समय थकान, हृदय रोग या उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है।

इस पोस्ट में स्लीप एपनिया क्या है, इसके लक्षण, कारण और उपचार (आयुर्वेदिक इलाज) के बारे में बताया गया है। इसके अलावा हमने स्लीप एपनिया के लिए छह प्रकार के योगासन (योग) भी बताए हैं जो स्लीप एपनिया के लक्षण कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं।

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स्लीप एपनिया क्या है? | Sleep Apnea meaning in Hindi

Sleep Apnea mening in Hindi
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स्लीप एपनिया मीनिंग – Sleep Apnea means in Hindi

स्लीप एपनिया (Sleep Apnea in Hindi) नींद की एक बीमारी (स्लीप डिसऑर्डर) है, जिसमें नींद के दौरान आपकी सांस बार-बार रुक सकती है। सांस का रुकना आमतौर पर 10 से 20 सेकंड के बीच होता है और यह प्रति घंटे 5 से 100 हो सकता है। (1)

स्लीप एपनिया के दौरान ऑक्सीजन की कमी आपको सोते समय जगा सकती है। कुछ लोग नींद के दौरान कुछ सेकंड के लिए जाग भी सकते हैं। हालांकि, ऐसे लोगों को यह भी पता नहीं होता है कि वे रात में कितनी बार जागे थे।

नींद में बाधा आने के कारण आप मानसिक रूप से तनावग्रस्त, थके हुए, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान हो सकते हैं। (2)

कुछ मामलों में स्लीप एपनिया जानलेवा भी हो सकता है इसलिए यदि आप इस रोग से पीड़ित हैं तो बिना देर किए अपने डॉक्टर से बात करें।

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स्लीप एपनिया के प्रकार | Types of Sleep Apnea in Hindi

सेंट्रल स्लीप तीन प्रकार के होते हैं। (3)

बाधक निंद्रा अश्वसन – obstructive Sleep Apnea in Hindi

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (बाधक निंद्रा अश्वसन) नींद के दौरान पूर्ण या आंशिक रूप से ऊपरी वायुमार्ग (airway) के अवरुद्ध होने के कारण होता है। वायुमार्ग अवरुद्ध होने के कारण यह आपकी नींद को प्रभावित कर सकता है, आपके महत्वपूर्ण अंगों में ऑक्सीजन के प्रवाह को कम कर सकता है, और असामान्य हृदय ताल को जन्म दे सकता है।

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सेंट्रल स्लीप एपनिया – Central SleepApnea in Hindi

सेंट्रल स्लीप एपनिया में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र शामिल होता है। यह तब होता है जब मस्तिष्क सांस को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियों को अस्थायी रूप से सिग्नल भेजना बंद कर देती है।

जटिल स्लीप एपनिया सिंड्रोम – Complex Sleep Apnea syndrome in Hindi

काम्प्लेक्स स्लीप एपनिया सिंड्रोम तब होता है जब किसी को ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया और सेंट्रल स्लीप एपनिया दोनों होते हैं। काम्प्लेक्स स्लीप एपनिया एक प्रकार की मेडिकल इमरजेंसी है जिसका तुरंत इलाज होना जरुरी है।

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स्लीप एपनिया किसे होता है? | Who gets Sleep Apnea in Hindi

स्लीप एपनिया महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में अधिक समान्य है। (4)

स्लीप एपनिया बच्चों, वयस्कों और बुजुर्गों सहित सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, स्लीप एपनिया विशेष रूप से 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और अधिक वजन वाले लोगों को ज्यादा प्रभावित करता है।

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स्लीप एपनिया के लक्षण | Symptoms of Sleep Apnea in Hindi

Symptoms of Sleep Apnea in Hindi, स्लीप एपनिया के लक्षण
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Sleep disorder ke lakshan in Hindi

ऑब्सट्रक्टिव और सेंट्रल स्लीप एपनिया के संकेत और लक्षण एक समान हो सकते हैं, जिससे कभी-कभी यह निर्धारित करना मुश्किल हो जाता है कि आप स्लीप एपनिया के कौन से प्रकार से पीड़ित हैं। स्लीप एपनिया के सबसे आम लक्षणों में शामिल हैं: (4 & 5)

  • जोर से खर्राटे या सोते समय सांस रुकना – जिसकी सूचना किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दी जाएगी।
  • रात में कई बार पेशाब करने के लिए उठना।
  • नींद के दौरान हांफना
  • सुबह उठने पर मुंह सूखना।

स्लीप एपनिया के अन्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • गले में खराश,
  • सुबह के समय सिरदर्द,
  • सोने में कठिनाई (अनिद्रा),
  • दिन में नींद आना (हाइपरसोमनिया),
  • मनोदशा में गड़बड़ी (अवसाद या चिंता),
  • चिड़चिड़ापन,
  • पेट में जलन,
  • सिर दर्द।

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स्लीप एपनिया की पहचान कैसे करें | How to recognize Sleep Apnea in Hindi

सामान्य खर्राटों और स्लीप एपनिया के बीच अंतर कैसे पता करें?

खर्राटे लेने वाले हर व्यक्ति को स्लीप एपनिया नहीं होता है और स्लीप एपनिया से पीड़ित हर व्यक्ति को खर्राटे नहीं आते हैं। तो आप सामान्य खर्राटों और स्लीप एपनिया के बीच अंतर कैसे पता करेंगे?

इसका सबसे बड़ा संकेत यह है कि आप दिन के दौरान कैसा महसूस करते हैं।

सामान्य खर्राटे आपके नींद की गुणवत्ता में उतना हस्तक्षेप नहीं करते जितना स्लीप एपनिया करता है, इसलिए यदि आपको दिन के दौरान अत्यधिक थकान और नींद लग रही हो तो समझ जाइये कि यह संकेत स्लीप एपनिया के हो सकते हैं। (6)

इसके अलावा यदि आप सोते समय हांफ रहे हों, घुटन हों रही हो या असामान्य खर्राटे आ रहे हों, तो यह संकेत भी स्लीप एपनिया के हों सकते हैं।

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स्लीप एपनिया टैस्ट और निदान | Sleep Apnea Tests and Diagnosis in Hindi

यदि आपके लक्षण स्लीप एपनिया के लक्षण से मिलते हैं, तो नींद विशेषज्ञ आपकी नींद के पैटर्न का मूल्यांकन कर सकता है। स्लीप एपनिया का निदान दो तरीके से हो सकता है। (7)

पॉलीसोम्नोग्राम द्वारा स्लीप एपनिया का निदान  – Diagnosis of sleep apnea by polysomnogram in Hindi

इस परीक्षण में रात भर की नींद का अध्ययन शामिल है जिसे पॉलीसोम्नोग्राम (पीएसजी) कहा जाता है।

यह परीक्षण प्रयोगशाला में होता है जिसमें रात में नींद के दौरान मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि (electrical activity of the brain), आंखों की गति, मांसपेशियों की गतिविधि, हृदय गति, श्वास पैटर्न, वायु प्रवाह और रक्त ऑक्सीजन के स्तर जैसे शरीर के विभिन्न कार्यों का अध्ययन किया जा सकता है।

अध्ययन पूरा होने के बाद डॉक्टर द्वारा स्लीप एपनिया की गंभीरता को वर्गीकृत किया जाता है।

होम स्लीप एपनिया परीक्षण द्वारा स्लीप एपनिया का निदान – Home sleep apnea testing (HST) in Hindi

कुछ परिस्थितियों में डॉक्टर स्लीप एपनिया का निदान घर में करते हैं। इस परीक्षण में आमतौर पर वायु प्रवाह, श्वास पैटर्न और रक्त ऑक्सीजन के स्तर, और संभवतः अंगों की गति और खर्राटों की तीव्रता का मापन शामिल होता है।

यह परीक्षण पॉलीसोम्नोग्राम परीक्षण के लगभग सामान ही होता है।

HST का उपयोग उन रोगियों में नहीं होता है जिन्हें संदिग्ध ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के अलावा अन्य स्लीप डिसऑर्डर जैसे सेंट्रल स्लीप एपनिया (central sleep apnea), रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (restless legs syndrome), अनिद्रा (insomnia), सर्कैडियन रिदम डिसऑर्डर (circadian rhythm disorder), पैरासोमनिया (parasomnia) या नार्कोलेप्सी (narcolepsy) होता है।

इसके अलावा HST का उपयोग अन्य चिकित्सा समस्याओं जैसे हृदय रोग, न्यूरोमस्कुलर रोग या गंभीर पल्मोनरी रोग वाले रोगियों में भी नहीं किया जाता है।

स्लीप एपनिया के कारण | Sleep Apnea causes in Hindi

स्लीप एपनिया के दो प्रमुख कारण हैं – (8)

आंशिक रूप से ऊपरी वायुमार्ग का अवरुद्ध होना – Partially blocked upper airway

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का प्रमुख कारण है ऊपरी वायुमार्ग का आंशिक रूप से अवरुद्ध होना।

सोने के दौरान जो मांसपेशियां श्वास मार्ग को खुला रखती हैं, वे कई बार ढ़ीली पड़ जाती हैं, जिस कारण से वायुमार्ग सिकुड़ जाता है। यह स्थिति आंशिक रूप से ऊपरी वायुमार्ग को अवरुद्ध करती है। जिससे सोते समय सांस बीच बीच में रुक जाती है।

केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का कार्य न करना – Central nervous system dysfunction

केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के ठीक से काम ना करने से मस्तिष्क सांस को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियों को अस्थायी रूप से सिग्नल भेजना बंद कर देता है। जिससे सोते समय सांस बीच बीच में रुक जाती है।

स्लीप एपनिया के जोखिम और जटिलताएं | Risks factor and complications of Sleep Apnea in Hindi

complications of Sleep Apnea in Hindi
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रिस्क फैक्टर्स का मतलब है कि किन लोगों को इस बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा है। स्लीप एपनिया किसी भी उम्र के व्यक्ति को, यहां तक ​​कि बच्चों को भी प्रभावित कर सकता है। लेकिन जिन लोगों को इस बीमारी का खतरा सबसे अधिक होता है, उन लोगों में शामिल हैं : (9)

आपकी अधिक उम्र – Age

आपकी उम्र के साथ ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का खतरा बढ़ जाता है।

अतिरिक्त वजन (मोटापा) – Excess weight (obesity)

ऊपरी वायुमार्ग के आसपास फैट जमा होने से सांस लेने में बाधा आ सकती है।

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संकुचित वायुमार्ग – Narrowed airway

Adenoids and Tonsils

संकुचित वायुमार्ग स्लीप एपनिया के खतरे को बढ़ा सकता है। या आपके बढ़े हुए टॉन्सिल या एडेनोइड आपके वायुमार्ग को अवरुद्ध कर सकते हैं।

साइनसाइटिस – Sinusitis

Sinus

नाक के मार्ग में रूकावट या नाक की हड्डी का बढ़ना स्लीप एपनिया के खतरे को बढ़ा सकता है।

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एलर्जी व अस्थमा – Allergies or Asthma

एलर्जी या अस्थमा जिससे गले में खराश हो, स्लीप एपनिया के खतरे को बढ़ा सकता है।

शराब व धूम्रपान – Alcohol and Smoking

शराब या धूम्रपान की लत भी स्लीप एपनिया के खतरे को बढ़ा सकती है।

लिंग – Gender

सामान्य तौर पर, महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया होने की संभावना दोगुनी या तीन गुनी होती है।

गर्भावस्था -Pregnancy

कुछ महिलाओं में उनकी गर्भावस्था के दौरान स्लीप एपनिया का खतरा बढ़ता है।

थायराइड – Thyroid 

थायराइड या कोई अन्य हार्मोनल समस्याएं भी स्लीप एपनिया के खतरे को बढ़ा सकती है।

मधुमेह – Diabetes

मधुमेह वाले लोगों में ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया अधिक आम हो सकता है।

स्लीप एपनिया का पारिवारिक इतिहास – Family history of sleep apnea

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का पारिवारिक इतिहास आपका जोखिम बढ़ा सकता है।

स्लीप एपनिया ट्रीटमेंट (स्लीप एपनिया का इलाज) | Sleep Apnea treatment in Hindi

Sleep Apnea treatment in Hindi
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स्लीप एपनिया के लिए कई प्रभावी चिकित्सा उपचार विकल्प हैं। इसमे शामिल हैं: (10)

निरंतर सकारात्मक वायुमार्ग दबाव (CPAP मास्क) द्वारा स्लीप एपनिया का इलाज – CPAP mask for Sleep Apnea treatment in Hindi

निरंतर सकारात्मक वायुमार्ग दबाव (Continuous positive airway pressure (CPAP), स्लीप एपनिया के इलाज के लिए प्रभावी चिकित्सा उपचार है। इस इलाज में रोगी को सीपीएपी (CPAP) मास्क पहनाया जाता है।  CPAP मास्क आपके वायुमार्ग में दबाव बढ़ाता है, ताकि सोते समय आपकी सांस ना रुके

CPAP मास्क स्लीप एपनिया के इलाज का सबसे आम और प्रभावी तरीका है।

मौखिक उपकरण द्वारा स्लीप एपनिया ट्रीटमेंट  – Oral appliances for Sleep Apnea treatment in Hindi

यह जबड़े में फिट होने वाला उपकरण है जो निचले जबड़े को आगे की ओर धकेलता है और साथ ही आपके सांस लेते समय आपके गले को बंद होने से रोकता है, ताकि सोते समय आपकी सांस ना रुके

ये उपकरण स्लीप एपनिया के हल्के से मध्यम मामलों में प्रभावी होता है।

शल्य चिकित्सा द्वारा स्लीप एपनिया का उपचार Surgery for Sleep Apnea treatment in Hindi

जब अन्य उपचार प्रभावी नहीं होते हैं, तो सर्जरी द्वारा आपके वायुमार्ग की संरचना को बदला जाता है। जिसमें वायुमार्ग को अवरुद्ध करने वाले ऊतक को हटाया जाता है या वायुमार्ग के द्वार को और खोला जाता है। इसके अलावा भी सर्जरी के कई और विकल्प उपलब्ध हैं।

स्लीप एपनिया के घरेलू उपचार | Sleep Apnea home remedies in Hindi

Sleep Apnea home remedies in Hindi
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सीपीएपी मास्क, स्लीप एपनिया का एक पारंपरिक उपचार है। परन्तु, कुछ लोगों को यह तरीका असुविधाजनक लगता है। (11, 12 & 13)

हालांकि, कुछ घरेलू उपचार स्लीप एपनिया के लक्षणों को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं। इसके लिए हमने नीचे कुछ वैकल्पिक उपचार दिए गए हैं। जो स्लीप एपनिया से बचाव में फायदा पंहुचा सकता है।

स्लीप एपनिया के घरेलू उपचार (स्लीप एपनिया ट्रीटमेंट एट होम) शामिल हैं –

स्वस्थ वजन बनाए रखें – Maintain a healthy weight

मोटापा, विशेष रूप से ऊपरी शरीर में, वायुमार्ग की रुकावट और संकीर्ण नाक मार्ग के जोखिम को बढ़ा सकता है। जिससे आपको सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए अपना अतरिक्त वजन कम रखें।

नियमित व्यायाम करें – Exercise regularly

नियमित रूप से व्यायाम करना ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के लक्षणों को काफी कम कर देता है। व्यायाम कम से कम 30 मिनट तक करें जिसमें तेज चलना प्रमुख है।

अपनी नींद की स्थिति में बदलाव करें – Change your sleeping position

स्लीप एपनिया से बचने के लिए आप अपने सोने का पैटर्न बदलते रहें। ध्यान रखें आप पीठ के बल ना सोएं।

पीठ के बल सोने के कारण जीभ और नरम तालु शिथिल होकर गले में पीछे की तरफ झुक जाते हैं, जिससे वायुमार्ग में रुकावट आ सकती है। पीठ के बल सोने की बजाए पेट के बल या एक तरफ मुंह करके सोने की कोशिश करें।

ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें – Use a humidifier

ह्यूमिडिफ़ायर ऐसे उपकरण हैं जो कमरे की हवा में नमी जोड़ता है। ह्यूमिडिफायर का उपयोग आपके वायुमार्ग और बंद नाख को खोल सकता है। जिससे सांस लेने में दिक्कत नहीं होती है।

शराब और धूम्रपान से बचें – Avoid alcohol and smoking

शराब और धूम्रपान गले की मांसपेशियों में सूजन पैदा कर सकता है जिससे आपका वायु प्रवाह अवरुद्ध हो सकता है। इसलिए शराब और धूम्रपान को छोड़ने की कोशिश करें।

हृदय को स्वस्थ रहने के लिए सही आहार का पालन करें – Follow the right diet to stay heart healthy

डॉक्टर के अनुसार, स्वस्थ आहार स्लीप एपनिया के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है।

इसलिए हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आप निम्नलिखित खाद्य पदार्थों को अपनी कार्डियक डाइट चार्ट में शामिल कर सकते हैं। जिनमें ओमेगा 3 वसा,असंतृप्त वसा,फल और हरी सब्जियां,लो-फैट डेयरी उत्पाद,नट, बीज, और फलियां उच्च फाइबर युक्त आहार शामिल हैं।

और पढ़ें – स्वस्थ रहने के लिए शुरू करें लो कार्ब डाइट

स्लीप एपनिया में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं | Diet for Sleep Apnea in Hindi

Diet in Sleep Apnea in Hindi
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स्लीप एपनिया से पीड़ित रोगी दुविधा में होते हैं कि उन्हें स्लीप एपनिया में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं (Diet in Sleep Apnea)। अगर आपको स्लीप एपनिया की समस्या है, तो आप नीचे बताए गए खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करके या हटा के स्लीप एपनिया के लक्षणों को कुछ हद तक नियंत्रित कर सकते हैं – (14, 15 & 16)

स्लीप एपनिया में क्या खाएं – What to eat in sleep apnea in Hindi

स्लीप एपनिया में खाएं ओमेगा 3 वसा

ओमेगा 3 वसा स्लीप एपनिया में खाया जा सकता है।  ओमेगा 3 वसा में शामिल हैं –

अखरोट, चिया बीज, अलसी बीज (फ्लैक्स सीड्स), राजमा , भांग के बीज, सोयाबीन, फूलगोभी, कैनोला ऑयल, सोयाबीन की फलियां, कॉड लिवर ऑयल

स्लीप एपनिया में खाएं असंतृप्त वसा – Omega 3 fats

अगर आपको स्लीप एपनिया है तो आप असंतृप्त वसा खा सकते हैं। असंतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं –

  • एवोकैडो और एवोकैडो तेल,
  • जैतून और जैतून का तेल,
  • मूंगफली से बना मक्खन और मूंगफली का तेल,
  • वनस्पति तेल, जैसे सूरजमुखी, मक्का, या कैनोला,
  • वसायुक्त मछली, जैसे सैल्मन और मैकेरल,
  • नट और बीज, जैसे अखरोट, बादाम, मूंगफली, काजू, और तिल।

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स्लीप एपनिया में खाएं फल और हरी सब्जियां – Fruits and green vegetables

हरी सब्जियों में शिमला मिर्च, फूल गोभी, ब्रोकली, केल, पालक, मटर, हरी पत्तेदार गोभी, और मेथी लाभदायक मानी जाती हैं, जबकि फलों में आड़ू, जामुन, एवाकाडो, केला, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी  लाभदायक हैं। ये सभी सब्जियां और फल स्लीप एपनिया में फायदा पंहुचा सकती हैं।

स्लीप एपनिया में लें कम फैट वाले डेयरी उत्पाद – Low-fat dairy products

स्किम मिल्क या एक प्रतिशत दूध, लो फैट दही (yogurt) और पनीर (cottage cheese) जैसी चीजें एपनिया में फायदा पंहुचा सकती हैं।।

स्लीप एपनिया में खाएं उच्च फाइबर युक्त आहार – High fiber diet

उच्च फाइबर युक्त आहार स्लीप एपनिया में उपयोगी हो सकता है। उच्च फाइबर युक्त आहार में शामिल हैं –
  • गेंहू
  • भूरा चावल
  • ओट्स
  • राजमा
  • मटर
  • ड्राई फ्रूट
  • दालें
  • सेब
  • नाशपाती
  • ब्लूबेरी और ब्लैकबेरी

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स्लीप एपनिया में परहेज़ – Food to avoid in Sleep Apnea in Hindi

स्लीप एपनिया में क्या नहीं खाना चाहिए?  

स्लीप एपनिया से पीड़ित लोगों को कुछ चीजें से परहेज करना चाहिए। जिनमें शामिल हैं –

  • संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थ (जैसे -पिज्जा, बर्गर, चीज, मेयोनीज, केक) स्लीप एपनिया में नहीं खाने चाहिए,
  • स्लीप एपनिया में ना खाएं ट्रांस वसा वाले खाद्य पदार्थ (जैसे -मक्खन, कुकीज़, केक, फ्रेंच फ्राइज़, चिप्स, डोनट्स),
  • स्लीप एपनिया में अधिक नमक (सोडियम) वाले भोजन से परहेज करना चाहिए,
  • स्लीप एपनिया में ना खाएं अधिक चीनी वाले आहार जैसे – सोडा, कैंडी, स्पोर्ट्स ड्रिंक, कुकीज, बिस्कुट, केक, पेस्ट्री, बहुत मीठा दही , आइसक्रीम, सॉफ्ट ड्रिंक्स।

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स्लीप एपनिया का आयुर्वेदिक इलाज | Ayurvedic treatment for Sleep Apnea in Hindi

Ayurvedic treatment for Sleep Apnea in Hindi
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स्लीप एपनिया के आयुर्वेदिक इलाज (स्लीप एपनिया ट्रीटमेंट इन हिंदी) में शामिल हैं- (17)

हर्बल चाय से स्लीप एपनिया का आयुर्वेदिक इलाज – Herbal Tea : Ayurvedic treatment for sleep apnea in Hindi

आयुर्वेदिक चाय (हर्बल चाय) का उपयोग सैकड़ों वर्षों से विभिन्न बीमारियों के लिए किया जाता है। हर्बल टी में कैफीन की मात्रा ना के बराबर होने से ये हमारे स्वास्थ के लिए बहुत लाभदायक है।

आयुर्वेदिक चाय में एंटीऑक्सिडेंट, एंटीमाइक्रोबॉयल, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और एंटीएलर्जिक जैसे गुण होते हैं। जो गले और नाक की सूजन को कम करने का काम करते हैं। जिससे स्लीप एपनिया के लक्षणों में सुधार आ सकता है।

आयुर्वेदिक चाय में गुड़हल की चाय, पुदीने की चाय, सौंफ की चाय और दालचीनी की चाय प्रमुख हैं।

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पेपरमिंट ऑयल से स्लीप एपनिया का आयुर्वेदिक इलाज – peppermint oil : Ayurvedic treatment for sleep apnea in Hindi

पुदीने में कई ऐसे तत्व होते हैं जो गले और नाक के छेदों की सूजन को कम करने का काम करते हैं। जिससे सांस लेना आसान हो जाता है और स्लीप एपनिया के लक्षणों में सुधार आता है। इसलिए सोने से पहले पिपरमिंट ऑयल की कुछ बूंदों को पानी में डालकर गरारा कर सकते हैं।

दालचीनी से स्लीप एपनिया का आयुर्वेदिक इलाज – Cinnamon : Ayurvedic treatment for sleep apnea in Hindi

स्लीप एपनिया की समस्या से निजात पाने के लिए आप एक ग्लास गुनगुने पानी में तीन चम्मच दालचीनी का पाउडर (स्लीप एपनिया ट्रीटमेंट इन आयुर्वेद) मिलाकर पी सकते हैं। इसके लगातार इस्तेमाल करने से आपको काफी फायदे नजर आ सकता है।

लहसुन के प्रयोग से स्लीप एपनिया का इलाज – Garlic : Ayurvedic treatment to cure sleep apnea in Hindi

लहसुन में हीलिंग-क्वालिटी होती है जो ब्लॉकेज साफ करने के साथ ही साथ श्वसन-तंत्र को भी बेहतर बनाती है। एक या दो लहसुन की कली को पानी के साथ लेने से यह स्लीप एपनिया के लक्षणों में सुधार दिला सकता है।

ऑलिव ऑयल से करें स्लीप एपनिया रोकने के उपाय – Olive oil: Ayurvedic treatment for sleep apnea in Hindi

ऑलिव ऑयल एक बहुत ही कारगर आयुर्वेदिक दवा है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है। जो श्वसन-तंत्र की प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने में बहुत फायदेमंद होता है।

एक चम्मच ऑलिव ऑयल में शहद मिलाकर (स्लीप एपनिया ट्रीटमेंट इन आयुर्वेद), सोने से पहले नियमित रूप से इसका सेवन करने से आपको स्लीप एपनिया के लक्षणों में सुधार दिख सकता है।

हल्दी से करें स्लीप एपनिया का ट्रीटमेंट – Turmeric: Ayurvedic treatment to cure sleep apnea in Hindi

हल्दी में एंटी-सेप्टिक और एंटी-बायोटिक दोनों गुण होते हैं। जो गले की खराश दूर करने में मदद कर सकती है। रोज रात को सोने से पहले दूध में हल्दी पकाकर (हल्दी वाला दूध) पीने से आपको स्लीप एपनिया के लक्षणों में सुधार आ सकता है।

स्लीप एपनिया के लिए योग | Yoga for Sleep Apnea in Hindi

स्लीप एपनिया के लक्षणों को कम करने के लिए आप योग कर सकते हैं। योग बेहद सुरक्षित है और इसके कोई साइड इफैक्ट भी नहीं होते हैं।

योग से आप अपनी श्वसन नलिकाओं को खोल सकते हैं, जिससे स्लीप एपनिया की समस्या से निपटने में मदद मिलती है।

आप सोते वक्त स्लीप एपनिया की समस्या से निपटने के लिए नीचे बताए हुए योगासन और प्राणायाम कर सकते हैं।

भुजंगासन योग स्लीप एपनिया के लिए (Bhujangasana for Sleep Apnea in Hindi)

Bhujangasana for Sleep Apnea in Hindi
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ये आसन सीना और फेफड़े खोलने में मदद कर सकता है।

धनुरासन योग खर्राटों के इलाज के लिए (Dhanurasana for Sleep Apnea in Hindi)

Dhanurasana for Sleep Apnea in Hindi
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धनुरासन करने से हमारे सीने की मांसपेशियों को राहत मिल सकती है। गहरी सांस लेने और छोड़ने के अलावा सांस को देर तक रोकने की क्षमता का विकास हो सकता है। इसलिए स्लीप एपनिया से पीड़ित लोग धनुरासन कर सकते हैं।

भ्रामरी प्राणायाम स्लीप एपनिया के लिए(Bhramari Pranayama for Sleep Apnea in Hindi)

Bhramari Pranayama for Sleep Apnea in Hindi
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भ्रामरी प्राणायाम हमारी एकाग्रता बढ़ाने में मदद कर सकता है। इस प्राणायाम के अभ्यास से हमें गुस्से और तनाव से मुक्ति मिलती है जिससे हमारा ब्लड प्रेशर ठीक बना रहता है।

उज्ज्यी प्राणायाम स्लीप एपनिया के लिए (Ujjayi Pranayama for Sleep Apnea in Hindi)

Ujjayi Pranayama for Sleep Apnea
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इस प्राणायाम के अभ्यास से हमारे चेहरे और गले की मांसपेशियां में मजबूती आती है। ये प्राणायाम हमारे सोने के पैटर्न को अच्छा करता है जिससे स्लीप एपनिया के लक्षणों में सुधार आता है।

स्लीप एपनिया के लिए नाड़ी शोधन प्राणायाम (Nadi Shodhan Pranayama for Sleep Apnea in Hindi)

Nadi Shodhan Pranayama for Sleep Apnea in Hindi
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नाड़ी शोधन प्राणायाम हमारे श्वसन तंत्र को साफ करने में मदद करता है। ये गले में इंफेक्शन की समस्या को भी दूर कर सकता है। इस प्राणायाम के अभ्यास से खर्राटे लेने और स्लीप एप्निया की समस्या भी ठीक होते हुए देखी गई है।

स्लीप एपनिया के लिए कपाल भाति प्राणायाम (Kapal Bhati pranayama for Sleep Apnea in Hindi)

Kapal Bhati pranayama for Sleep Apnea in Hindi
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कपाल भाति प्राणायाम से साइनस की सफाई में मदद मिलती है। इसके अभ्यास से हमें गहरी नींद लेने में भी मदद मिलती है और स्लीप एप्निया की समस्या में भी सुधर आता है।

निष्कर्ष | Conclusion

स्लीप एपनिया एक गंभीर समस्या है जिसमें नींद के दौरान सांस कुछ सेकंड के लिए रुक सकती है। सांस रुकने से आपकी नींद पूरी नहीं हो पाती है और आप दिन के समय अधिक थका हुआ महसूस कर सकते हैं।

स्लीप एपनिया किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। स्लीप एपनिया के प्रमुख लक्षणों में जोर से खर्राटे, सोते समय सांस रुकना और नींद के दौरान हांफना शामिल हैं।

सामान्य खर्राटों और स्लीप एपनिया के बीच अंतर करना बेहद मुश्किल है। हालांकि, सामान्य खर्राटे आपके नींद की गुणवत्ता में उतना हस्तक्षेप नहीं करते जितना स्लीप एपनिया करता है।

सामान्य खर्राटों से आपकी नींद टूटती नहीं है। जबकि, स्लीप एपनिया में आपकी नींद बार बार टूटती रहती है। इसलिए ,यदि आप दिन में अधिक थका हुआ महसूस कर रहे हैं तो आप को स्लीप एपनिया हो सकता है।

स्लीप एपनिया का प्रमुख कारण ऊपरी वायुमार्ग का अवरुद्ध होना या केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में समस्या का होना है।

आज स्लीप एपनिया के ट्रीटमेंट के लिए बहुत से उपकरण उपलब्ध हैं जिनमें सीपीएपी (CPAP) उपकरण और मौखिक उपकरण प्रमुख हैं। परन्तु, कुछ लोगों को यह तरीका असुविधाजनक लगता है।

हालांकि, कुछ घरेलू उपचार स्लीप एपनिया के लक्षणों को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं। इसके अलावा आयुर्वेदिक इलाज और स्लीप एपनिया के लिए योग भी इस बीमारी के लक्षणों को कुछ हद तक कम कर सकते हैं।

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ये है स्लीप एपनिया के लक्षण, कारण, आयुर्वेदिक इलाज और योगासन के बारे में बताई गई पूरी जानकारी। कमेंट में बताएं आपको यह पोस्ट कैसी लगी। यदि आपको Sleep Apnea In Hindi पोस्ट पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें।

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Disclaimer : ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए।

इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह जरूर लें।  

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