Fruits On Diabetic Diet in Hindi

Fruits On Diabetic Diet : शुगर में कौन से फल खाएं और कौन से नहीं।

Fruits On Diabetic Diet in Hindi : फल न केवल आवश्यक विटामिन और खनिजों का एक उत्कृष्ट स्रोत हैं, बल्कि वे फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों से भी भरपूर होते हैं। हालांकि, कुछ फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होने के कारण ऐसे फल मधुमेह रोगियों के रक्त शर्करा को तेजी से बढ़ा सकते हैं। इसलिए डायबिटीज में यह पता होना चाहिए कि शुगर में कौन से फल खाने चाहिए और कौन से नहींइस पोस्ट के माध्यम से हम आपको Glycemic Index के आधार पर बता रहे हैं कि डायबिटीज में कौन से फल खाएं और कौन से नहीं।

तो आइये अब इस पोस्ट को शुरू करते हैं।

डायबिटीज में फलों का महत्व | Importance of Fruits On Diabetic Diet in Hindi

Fruits On Diabetic Diet in Hindi
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इसमें कोई शक नहीं कि फलों में प्राकृतिक शर्करा होती है। फलों में मौजूद कार्बोहाइड्रेट चयापचय (Metabolism) क्रिया द्वारा ग्लूकोज, फ्रुक्टोज और सुक्रोज जैसे शर्करा में बदल जाता है। ये शर्करा शरीर में अवशोषित होकर आपके ब्लड शुगर को बढ़ा सकते हैं।

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हालांकि, शोध से पता चलता है कि फलों में मौजूद फाइबर शुगर के अवशोषण को कम करते हैं जिससे ब्लड में शुगर की मात्रा ज्यादा नहीं बढ़ती है (1), साथ ही ये फाइबर पेट को भरा हुआ रखते हैं, जिससे आपको कम भोजन खाते है, परिणामस्वरूप शुगर में आपका अतरिक्त वजन नहीं बढ़ता है, और आप अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचे रहते हैं। (2)

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शोध क्या कहते हैं? (What the research says)

2017 में की गई एक स्टडी से पता चलता है कि जो व्यक्ति अपने आहार में नियमित रूप से फलों का सेवन करते हैं, उन्हें डायबिटीज होने का खतरा उन व्यक्तियों के मुकाबले कम रहता है, जो व्यक्ति फलों का सेवन कम करते हैं। (3)

NCBI में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि ताजे फलों का अधिक सेवन, जिनमें फाइबर की मात्रा अधिक और GI इंडेक्स कम हो, मधुमेह के विकास के जोखिम को काफी हद कम कर सकते हैं।  (4)

इस लिहाज से देखा जाए तो फल डायबिटीज में खाए जा सकते हैं। पर आपको इसकी मात्रा और ग्लाइसेमिक इंडेक्स का ध्यान रखना है।

अब सवाल ये है कि क्या मधुमेह में सभी फल खाए जा सकते हैं?

अध्ययन के अनुसार, मधुमेह में सभी फल समान रूप से लाभकारी नहीं होते हैं। ऐसे फल जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स मध्य या उच्च होता है मधुमेह में रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकते हैं।

शोध क्या कहते हैं? (What the research says)

2013 में किए गए एक विश्लेषण से पता चलता है कि मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति यदि उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फलों का सेवन ज्यादा करते हैं, तो उनके रक्त शुगर बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। (3)

इसलिए, यदि आप मधुमेह रोगी हैं, तो आपको ऐसे फल कम खाने की सलाह दी जाती है जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होता है।

चलिए अब समझते है फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) क्या है?

ग्लाइसेमिक इंडेक्स क्या है? |  What is Glycemic index (GI) in Hindi

Glycemic index meaning in Hindi

ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) या ग्लाइसेमिक सूचकांक एक स्कोर है जिसका उपयोग यह जानने के लिए किया जाता है कि कोई विशिष्ट खाद्य पदार्थ आपके रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को कितनी तेजी से बढ़ा सकता है। सरल शब्दों में कहें तो भोजन में मौजूद कार्बोहाइड्रेट कितनी देर में ग्लूकोज में बदल सकता है। (5)

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ग्लाइसेमिक  सूचकांक 0 से लेकर 100 के बीच में होता है। इस सूचकांक के आधार पर भोज्य पदार्थों को निम्न, मध्यम या उच्च ग्लाइसेमिक खाद्य पदार्थों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन (एडीए) के मुताबिक, ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई स्कोर) को निम्न प्रकार रेट किया गया है: (6)

  • निम्न ग्लाइसेमिक इंडेक्स (55 से कम)  = ऐसे भोज्य पदार्थ (कार्बोहाइड्रेट) पाचन के दौरान धीरे-धीरे टूटते हैं और रक्त में ग्लूकोस धीरे-धीरे छोड़ते हैं।
  • मध्यम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (56 से 69 के बीच) = ऐसे भोज्य पदार्थ (कार्बोहाइड्रेट) पाचन के दौरान माध्यम गति से टूटते हैं और रक्त में ग्लूकोस माध्यम गति से रिलीज करते हैं।
  • उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स  (70 और ऊपर) = ऐसे भोज्य पदार्थ (कार्बोहाइड्रेट) पाचन के दौरान तेजी से टूटते हैं और रक्त में ग्लूकोस तेजी से रिलीज करते हैं।

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इसलिए भोजन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) जितना अधिक होगा, वह उतनी ही तेजी से रक्त शर्करा बढ़ा सकता है। (5)

यही कारण है कि मध्य या उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल या खाद्य पदार्थ शुगर रोगियों के लिए अच्छे नहीं माने जाते हैं।

चलिए अब समझते हैं कि शुगर में कौन से फल खाने चाहिए और कौन से नहीं।

शुगर में कौन से फल खाने चाहिए? | Fruits to eat on diabetic diet in Hindi

Fruits to eat in diabetic diet in Hindi
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मधुमेह में ऐसे फलों का चुनाव करना चाहिए जिनका ग्लिसेमिक इंडेक्स कम और फाइबर अधिक हो। (7)

कम ग्लाइसेमिक वाले फल ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाते हैं, साथ ही फलों में मौजूद फाइबर फलों की शर्करा के अवशोषण को कम करते हैं और आपके पेट को भरा हुआ रखते हैं जिससे आप डायबिटीज में अतरिक्त खाने से बच जाते हैं।

इसके अलावा, कम ग्लाइसेमिक फल मधुमेह रोगियों में हृदय रोग के विकास के जोखिम को कम करने में भी मदद करते हैं।

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शुगर के मरीज को कौन सा फल खाना चाहिए?

जिन फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स <55 से कम होता है ऐसे फल शुगर में खाए जा सकते हैं।

ग्लाइसेमिक इंडेक्स के आधार पर शुगर में कौन कौन से फल खाने चाहिए, उनकी लिस्ट नीचे दी गई है। इन फलों में शामिल हैं-

  • जामुन (Berries)
  • सेब (Apple)
  • चकोतरा (Pomelo)
  • संतरा (Orange)
  • आडू (Peach)
  • नाशपाती (Pear)
  • आलूबुखारा (Prunus)
  • कीवी (Kiwi)
  • मीठा नींबू (Sweet Lemon)
  • सूखे खुबानी (Dried Apricot)
  • खजूर  (Date)
  • अनार (Pomegranate)
  • अंगूर (Grapes)
  • चेरी (Cherry)
  • अमरुद (Guava)

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शुगर में कौन से फल नहीं खाने चाहिए? | Fruits to avoid on diabetic diet in hindi

जिन फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स जितना अधिक होता है ऐसे फल डायबिटीज में उतने ही अधिक नुकसानदायक हो सकते हैं। इसलिए डायबिटीज में ऐसे फलों के सेवन से बचना चाहिए जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स >55 से अधिक होता है।

ग्लाइसेमिक इंडेक्स के आधार पर शुगर में कौन सा फल नहीं खाना चाहिए, इसकी एक लिस्ट नीचे दी गई है।

शुगर के मरीज को कौन सा फल नहीं खाना चाहिए उनमें शामिल हैं –

  • अनानास,
  • पका केला,
  • तरबूज,
  • खरबूज,
  • पका पपीता,
  • लीची,
  • सूखे फल (जैसे- किशमिश),
  • आम,
  • चीकू,
  • फ्रूट जूस,
  • पैक्ड फ्रूट जूस,
  • डिब्बा बंद फल।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | FAQ about Diabetic Die in Hindi

Q. शुगर में सेब खाना चाहिए या नहीं? – Should I eat apples in sugar or not in Hindi

सेब का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) और ग्लाइसेमिक लोड (जीएल) दोनों ही कम होता है, जिसका अर्थ है सेब खाने से ब्लड शुगर की मात्रा तेजी से नहीं बढ़ेगी। इसलिए शुगर में सेब का सेवन किया जा सकता है।

Q. शुगर में मौसमी का जूस पीना चाहिए या नहीं? – Should we drink mosambi juice in sugar in Hindi

जी हां, मधुमेह रोगी मौसम्बी का जूस पी सकते हैं। यह फाइबर में उच्च होते हैं और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है। मधुमेह के रोगी के लिए मौसम्बी का सेवन बिल्कुल सुरक्षित है।

Q. शुगर में कौन सा जूस पीना चाहिए? – Which juice should be drunk with sugar in Hindi

जिन फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) 55 से कम होता है ऐसे फल या उनका जूस मधुमेह में सुरक्षित माना जाता है। इस लिहाज से देखा जाए तो सेब, चकोतरा, संतरा और अनार जैसे फलों का जूस पिया जा सकता है।

Q. शुगर में गन्ने का जूस पीना चाहिए या नहीं? – Sugarcane juice should be consumed in sugar in Hindi

मधुमेह में गन्ने का रस पीना एक खराब विकल्प है। क्योंकि गन्ने के रस का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) >55 से अधिक होता है।

गन्ने के रस में मौजूद चीनी आपके रक्त शर्करा के स्तर को खतरनाक रूप से बढ़ा सकती है। इसलिए आपको इस पेय से पूरी तरह बचना चाहिए।

और पढ़ें – फ्लेक्सिटेरियन डायट : फायदे, नुकसान और डाइट प्लान।

Q. शुगर में अनार का जूस पीना चाहिए या नहीं? – Should we drink pomegranate juice in sugar in Hindi

मधुमेह के रोगी अनार के फल और जूस का सेवन सीमित मात्रा में कर सकते हैं। अनार का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) <55 से कम होता है साथ ही अनार में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स ब्लड में शुगर कम करने में भी मदद करता है।

Q. क्या शुगर (डायबिटीज) में अनानास खा सकते हैं? – Can I eat Pineapple in diabetes in Hindi

अनानास फाइबर, विटामिन सी और मैंगनीज का एक अच्छा स्रोत है। इसमें ब्रोमेलैन नामक यौगिक भी होता है, जिसके कई स्वास्थवर्धक लाभ हैं जिसमें घाव भरना, सूजन को ठीक करना, गठिया दर्द से राहत दिलाना, वजन घटना आदि शामिल हैं।

हालांकि, अनानास का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 73 तक होता है। अधिक ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने के कारण अनानास ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा तेजी से बढ़ा सकता है। ऐसे में मधुमेह के रोगियों को अनानास के अधिक सेवन से बचना चाहिए।

Q. क्या शुगर (डायबिटीज) में पका केला खा सकते हैं? – Can I eat Ripe Banana in diabetes in Hindi

केले में भरपूर मात्रा में विटामिन, खनिज, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं इसके अलावा केला पोटैशियम का भी एक अच्छा स्रोत है जो रक्तचाप को कम करने में मदद करता है और हृदय स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाता है।

पकने के आधार पर केले का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 42 से 62 तक होता है। जिसका मतलब है कि केला जितना पका हुआ होगा उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स उतना ही अधिक होगा और रक्त में उतने ही तेजी के साथ ब्लड शुगर बढ़ाने में मदद करेगा

फल जितने पके हुए होते हैं उनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स उतना ही अधिक होता है। उदाहरण के लिए एक कच्चे केले का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 40 होता है जबकि अच्छे पके हुए या काले केले का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 62 होता है।

इसलिए डॉक्टर मधुमेह में पके हुए केले खाने को माना करते हैं। हालांकि मधुमेह में थोड़ा हरा केला या कच्चा केला खाया जा सकता है क्योंकि कच्चे केले का जीआई 50 से कम होता है।

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Q. क्या शुगर (डायबिटीज) में तरबूज खा सकते हैं? – Can I eat Watermelon in diabetes in Hindi

तरबूज में लगभग 92% पानी होता है जो आपको हाइड्रेट रखता है। तरबूज खनिज, फाइबर और विटामिन्स से भरपूर होते हैं। इसके अलावा तबूज में बीटा कैरोटीन और लाइकोपीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट भी मौजूद रहते हैं जो स्वस्थ के लिए काफी लाभदायक माने जाते हैं।

परन्तु तरबूज का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 72 होने के कारण ये ब्लड में शुगर की मात्रा को तेजी से बढ़ा सकता है। ऐसे में मधुमेह रोगियों को तरबूज के सेवन से बचना चाहिए।

Q. क्या शुगर (डायबिटीज) में खरबूजा खा सकते हैं? – Can I eat Muskmelon in diabetes in Hindi

खरबूजा उच्च रक्तचाप के जोखिम से बचाता है, पाचन में सुधार करता है, प्रतिरक्षा को बढ़ाता है और आपको हाइड्रेटेड रखता है। लेकिन क्या मधुमेह रोगी खरबूजे खा सकते हैं?

यह एक मिथक है कि तरबूज और खरबूजे आपके रक्त शर्करा को नहीं बढ़ाएंगे क्योंकि उनमें पानी की मात्रा अधिक होती है।

खरबूजे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 65 होने के कारण यह रक्त में शर्करा की मात्रा को बढ़ा सकता है। इसलिए मधुमेह में खरबूजे के अधिक सेवन से बचना चाहिए।

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Q. क्या शुगर (डायबिटीज) में पपीता खा सकते हैं? – Can I eat Papaya in diabetes in Hindi

पपीते में चीनी की मात्रा अधिक होने के कारण इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI= 60) अन्य फलों की तुलना में अधिक होता है। इस लिहाज से पपीते का ज्यादा सेवन मधुमेह में नुकसानदायक हो सकता है।

हालांकि डायबिटीज में सीमित मात्रा में पपीता खाने के कई फायदे हैं। पपीता विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन ई और विटामिन के का एक उत्कृष्ट स्रोत है, साथ ही इनमें फाइबर भी अधिक होता है जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं।

कच्चा या कम पका हुआ पपीता मधुमेह में खाया जा सकता है।

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Q. क्या डायबिटीज में लीची खा सकते हैं? – Can I eat Litchi in diabetes in Hindi

लीची का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 50 होता है इस लिहज से लीची खाना मधुमेह रोगियों के लिए हानिकारक नहीं मानी जाती है। हालांकि, ऐसे मधुमेह रोगी जिनका ब्लड शुगर नियंत्रित नहीं रहता हैं उन्हें लीची का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

इसके अलावा लीची का सेवन खाने के बाद या रात में सोने से पहले नहीं करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से यह आपका ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है।

हालांकि, मधुमेह रोगी जिनका रक्त शुगर (Blood sugar) नियंत्रित है वह एक बार में लगभग 6 लीची खा सकते हैं।

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Q. क्या डायबिटीज में सूखे फल खा सकते हैं? – Can diabetics eat Dried Fruits in Hindi

सूखे फलों में ताजे फलों के मुकाबले ज्यादा शुगर होती है जिस कारण सूखे फल मधुमेह में हानिकारक हो सकते हैं।

अगर किशमिश की बात करें तो किसमिस का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 64 होता है। जिसकारण यह आपका ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकती है। इसलिए मधुमेह में किशमिश के सेवन से बचना चाहिए।

हालांकि, अन्य सूखे फलों जैसे खजूर और खुबानी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 55 से कम होता है। इसलिए मधुमेह में किशमिश के बजाए इन सूखे फलों का सेवन करना ज्यादा उचित है। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि सूखे फल (<30gm) जरुरत से ज्यादा ना खाएं।

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Q. क्या मधुमेह में आम खा सकते हैं? – Can diabetics eat Mango in Hindi

आम एक मीठा फल है जिसमें उच्च स्तर की प्राकृतिक चीनी होती है। इनमें फाइबर और विभिन्न प्रकार के विटामिन और खनिज भी होते हैं, जो स्वास्थ के लिए काफी स्वास्थवर्धक होते हैं। परन्तु आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 56 होने के कारण यह मधुमेह रोगियों का रक्त शर्करा बढ़ा सकते हैं। यही वजह है कि मधुमेह रोगियों को आम कम खाने या आम नहीं खाने की सलाह दी जाती है।

हालांकि, आप आम की जगह जामुन को चुन सकते हैं जिसमें शुगर की  मात्रा कम होती है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी 25 होता है।

Q. क्या मधुमेह में चीकू खा सकते हैं? – Can diabetics eat Cheeku in Hindi

चीकू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स उच्च (>70) होता है, जो शुगर के मरीजों के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके अलावा चीकू में कैलोरी भी बहुत अधिक होती है। यही कारण है कि मधुमेह रोगियों को चीकू कम खाने या नहीं खाने की सलाह दी जाती है।

Q. क्या मधुमेह में फ्रूट जूस पी सकते हैं? – Can diabetics drink Fruit Juice in Hindi

फलों में मौजूद फाइबर शरीर में शुगर के अवशोषण को कम करते हैं जिससे ब्लड में शुगर की मात्रा नहीं बढ़ती है।

हालांकि, फल खाने के बजाए यदि हम फ्रूट जूस का सेवन करते हैं तो फाइबर के न होने से यह रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ा सकते हैं।

इसके अलावा फ्रूट जूस में शुगर की मात्रा फल की तुलना में अधिक होती है। साथ ही  फ्रूट जूस में एडिटिव्स, प्रिजर्वेटिव और अतिरिक्त कैलोरी हो सकती है जो रक्त शुगर को तेजी से बढ़ा सकती है। इसलिए मधुमेह में फ्रूट जूस पीने से बचना चाहिए।

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Q. क्या मधुमेह में पैक्ड जूस पी सकते हैं? – Can diabetics drink packed juice in Hindi

पैक्ड फलों के रस में अधिक चीनी और कैलोरी होने से यह आपका अतरिक्त वजन बढ़ सकता है। अत्यधिक वजन उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक, मधुमेह और अन्य नकारात्मक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा फ्रूट जूस में एडिटिव्स और प्रिजर्वेटिव भी मिले हुए हो सकते हैं जो रक्त शुगर को तेजी से बढ़ा सकते हैं। इसलिए मधुमेह में पैक्ड फ्रूट जूस पीने से बचना चाहिए।

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Q. क्या डायबिटीज में डिब्बा बंद फल खा सकते हैं? – Can diabetics eat canned fruits in Hindi

डिब्बा बंद फलों में उच्च फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप जैसे अतिरिक्त शर्करा मिली हो सकती है। अधिक मात्रा में चीनी का सेवन करने से मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग, मोटापा और दांतों की सड़न का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बाजार में मिलने वाले डिब्बा बंद फलों को मधुमेह रोगियों को बिलकुल भी नहीं खाने चाहिए।

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फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स चार्ट | Glycemic Index Fruits List in Hindi

नीचे दिए गई ग्लाइसेमिक इंडेक्स चार्ट (Glycemic index chart in Hindi) के माध्यम से आप यह जान पाएंगे की मधुमेह में कौन से फल खाने चाहिए और कौन से फल नहीं खाने चाहिए।

Low Glycemic Fruits

(डायबिटीज में अधिक खाएं)

GI Index (<55) Medium & High Glycemic Fruits

(डायबिटीज में कम खाएं)

GI index (>55)
सेब (Apple) 39 पका अनन्नास (Pineapple) 73
चकोतरा (Pomelo) 22 किशमिश (Raisin) 64
संतरा (Orange) 52 तरबूज (Watermelon) 72
आडू (Peach) 28 खरबूज (Muskmelon) 65
नाशपाती (Pear) 38 पका केला  (Ripe Bananas) 62
आलूबुखारा (Plum) 27 पका पपीता (Over ripe Papaya) 60
कीवी (Kiwi) 50 आम (Mango) 56
मौसम्बी (Sweet Lemon) 40-50 चीकू (Chikoo) >70
सूखे खुबानी (Dried Apricot) 32
खजूर  (Date) 42
अनार (Pomegranate) 53
अंगूर (Grapes) 53
चेरी (Cherry) 22
जामुन (Black Berries) 25
अमरुद (Guava) 12
Source- healthline.com

निष्कर्ष | Conclusion

मधुमेह एक जटिल बीमारी है जो दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित करती है।

मधुमेह से पीड़ित लोग भोजन से प्राप्त चीनी का ठीक से उपयोग नहीं कर पाते हैं। नतीजतन, उनका रक्त शर्करा बढ़ जाता है।

इसलिए डायबिटीज में ऐसा आहार चुनना बहुत जरूरी है जो ब्लड शुगर लेवल को तेजी से न बढ़ाएं।

ग्लाइसेमिक इंडेक्स एक ऐसा टूल है जिसके जरिये आप यह जान पाएंगे कि कोई खाद्य पदार्थ ब्लड में कितनी तेजी से शुगर को बढ़ा सकता है।

किसी भोजन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स जितना अधिक होगा, वह उतनी ही तेजी से रक्त शर्करा बढ़ा सकता है।

अधिक ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल डायबिटीज में न केवल रक्त शर्करा को बड़ा सकते हैं, बल्कि मधुमेह में अतरिक्त वजन, कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बिमारियों का जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसलिए ऐसे फलों का चयन ना करें जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा हो।

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Disclaimer : ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह जरूर लें।

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सन्दर्भ (References)

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