High Cholesterol Symptoms In Hindi

High Cholesterol Symptoms | हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण, कारण और घरेलू उपचार

High cholesterol symptoms in Hindi : इस पोस्ट के माध्यम से बताया गया है कि हाई कोलेस्ट्रॉल हमारे स्वास्थ्य के लिए क्यों खराब होता है, साथ ही हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण, कारण और कम करने के उपाय के बारे में भी विस्तार से समझाया गया है । 

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कोलेस्ट्रॉल क्या है? | Cholesterol in hindi meaning

High Cholesterol Symptoms in Hindi, कोलेस्ट्रॉल के लक्षण, उच्च कोलेस्ट्रॉल का कारण
हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण, कारण और घरेलू उपचार

कोलेस्ट्रॉल का हिंदी अर्थ

कोलेस्ट्रॉल एक मोम जैसा पदार्थ (waxy substance) है, जिसे हमारा लीवर नसों की रक्षा करने के लिए बनता है। इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल ऊतक और कुछ प्रकार के हार्मोन बनाने में भी मदद करता है।

हमारे भोजन से भी हमें कोलेस्ट्रॉल मिलता है, जिसमें अंडे, मीट और डेयरी प्रोडक्ट शामिल हैं। 

हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल का प्रसार (circulation) लिपोप्रोटीन और ब्लड के माध्यम से होता है। यह लिपोप्रोटीन, प्रोटीन और वसा से बने पदार्थ होते हैं। 

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कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं है परन्तु, यदि कोलेस्ट्रॉल का स्तर हाई (High cholesterol in Hindi) हो जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है, जो आपके दिल और संचार संबंधी बीमारियों जैसे दिल का दौरा या स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा सकता है।

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कोलेस्ट्रॉल के प्रकार क्या हैं? | Types of high cholesterol in Hindi

शरीर में मुख्यतः चार प्रकार के कोलेस्ट्रॉल होते हैं, जिनमें से एक फायदेमंद कोलेस्ट्रॉल होता है और दूसरा नुकसानदायक कोलेस्ट्रॉल। 

लो डेंसिटी लेपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (LDL – Low density lipoprotein) को नुकसानदायक माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब इसकी मात्रा हमारे शरीर में बहुत अधिक हो जाती है, तो यह रक्त वाहिकाओं की दीवारों के अंदर जमा हो सकता है। जिसके चलते धमनियों संकुचित हो सकती हैं और दिल का दौरा या स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ सकता है। 

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हाई डेंसिटी लेपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (HDL- High density lipoprotein) कोलेस्ट्रॉल एक अच्छा कोलेस्ट्रॉल माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह आपके रक्त से ‘खराब’ कोलेस्ट्रॉल को वापस  लीवर में भेजता है। लीवर इसे तोड़ देता है ताकि इसे आपके शरीर से बाहर निकाला जा सके।

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कुल कोलेस्ट्रॉल (Total Cholesterol) आपके रक्त में कोलेस्ट्रॉल की कुल मात्रा है। आपके कुल कोलेस्ट्रॉल में कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एलडीएल, या “खराब”) कोलेस्ट्रॉल और उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एचडीएल, या “अच्छा”) कोलेस्ट्रॉल शामिल हैं।

Non HDL कोलेस्ट्रॉल, शरीर में मौजूद सभी प्रकार के खराब कोलेस्ट्रॉल शामिल हैं।

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हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण क्या हैं? | High Cholesterol Symptoms In Hindi

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण – Symptoms of cholesterol in Hindi

ज्यादातर मामलों में, उच्च कोलेस्ट्रॉल एक “मौन” स्थिति है। यह आमतौर पर किसी भी लक्षण का कारण नहीं बनता है। 

अधिकांश लोगों को उच्च कोलेस्ट्रॉल का पता तब तक नहीं चलता जब तक उनमें गंभीर लक्षण दिखाई नहीं देते, जैसे कि दिल का दौरा या स्ट्रोक। हालांकि, हाई कोलेस्ट्रॉल के कुछ और भी लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षणों (हाई कोलेस्ट्रॉल के सिम्पटम्स) में शामिल हैं –  

  • अत्यधिक थकान,
  • सांस लेने में कठिनाई,
  • चक्कर आना, आलस, घबराहट या बेहोशी,
  • सीने में दर्द और दबाव,
  • गैस या अपच जैसा महसूस होना,
  • पैरों में सूजन,
  • पेट में सूजन,
  • हल्का हार्ट अटैक,
  • वजन बढ़ना,
  • सांस की तकलीफ।

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कोलेस्ट्रॉल कितना होना चाहिए? | Cholesterol level in Hindi

Cholesterol level in Hindi

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट नार्मल रेंज – Cholesterol test normal range

नियमित रूप से जांच करवाने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर की निगरानी की जा सकती है। कोलेस्ट्रॉल के स्तर को मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (मिलीग्राम/डीएल) में मापा जाता है। आपकी उम्र और लिंग के आधार पर कोलेस्ट्रॉल कितना होना चाहिए (cholesterol kitna hona chahiye), इसके स्वस्थ स्तर को नीचे बताया गया है। 

कोलेस्ट्रॉल लेवल – 19 या उससे कम उम्र का कोई भी व्यक्ति

कोलेस्ट्रॉल के प्रकार

(Type of Cholesterol)

कोलेस्ट्रॉल का स्वस्थ स्तर

(Healthy Level)

कुल कोलेस्ट्रॉल (Total Cholesterol)

170mg/Dl से कम

Non-HDL

120mg/dL से कम

लो डेंसिटी लेपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (LDL)

100mg/dL से कम

हाई डेंसिटी लेपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (HDL)

45mg/dL से अधिक

कोलेस्ट्रॉल लेवल – पुरूषों में कोलेस्ट्रॉल का नार्मल स्तर (उम्र 20 से अधिक)

कोलेस्ट्रॉल के प्रकार

(Type of Cholesterol)

कोलेस्ट्रॉल का स्वस्थ स्तर

(Healthy Level)

कुल कोलेस्ट्रॉल (Total Cholesterol)

125 से 200mg/dL

Non-HDL

130mg/dL से कम

लो डेंसिटी लेपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (LDL)

100mg/dL से कम

हाई डेंसिटी लेपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (HDL)

40mg/dL या अधिक

कोलेस्ट्रॉल लेवल – महिलाओं में कोलेस्ट्रॉल का नार्मल स्तर (उम्र 20 से अधिक)

कोलेस्ट्रॉल के प्रकार

(Type of Cholesterol)

कोलेस्ट्रॉल का स्वस्थ स्तर

(Healthy Level)

कुल कोलेस्ट्रॉल (Total Cholesterol)

125 से 200mg/dL

Non-HDL

130mg/dL से कम

लो डेंसिटी लेपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (LDL)

100mg/dL से कम

हाई डेंसिटी लेपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल (HDL)

50mg/dL या अधिक

 कोलेस्ट्रॉल अनुपात | ldl/hdl cholesterol ratio in hindi 

डॉक्टर किसी व्यक्ति के कोलेस्ट्रॉल अनुपात की गणना उसके कुल कोलेस्ट्रॉल को उसके उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (HDL) स्तर से विभाजित (divide) करके करते हैं।

उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति का कुल कोलेस्ट्रॉल 300 mg/dL और एचडीएल (HDL) कोलेस्ट्रॉल 50 mg/dL है तो उस व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल अनुपात 6 : 1 होगा। उच्च अनुपात का मतलब हृदय रोग का उच्च जोखिम है।

Heathline के अनुसार , एक अच्छा कोलेस्ट्रॉल अनुपात 5 से कम होना चाइए। हालांकि, एक आदर्श कोलेस्ट्रॉल अनुपात 3.5 माना जाता है।

कोलेस्ट्रॉल की जांच कब करवाएं? | Cholesterol blood test in Hindi

नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टीट्यूट (एनएचएलबीआई) के अनुसार, कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol in Hindi)  की पहली स्क्रीनिंग 9 से 11 साल की उम्र के बीच होनी चाहिए, और उसके बाद हर पांच साल में इस जांच को दोहराया जाना चाहिए। 

45 से 65 वर्ष की आयु के पुरुषों और 55 से 65 वर्ष की महिलाओं के लिए कोलेस्ट्रॉल की जांच हर एक से दो साल में होनी चाहिए। इसके अलावा 65 से अधिक उम्र के लोगों को सालाना कोलेस्ट्रॉल परीक्षण करवाना चाहिए। हालांकि, यदि आपका पारिवारिक इतिहास उच्च कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग, मधुमेह या उच्च रक्तचाप वाला है, तो डॉक्टर अधिक बार परीक्षण करने का सुझाव दे सकते हैं।

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कोलेस्ट्रॉल टेस्ट की कीमत क्या है? | Cholesterol test price in Hindi

कोलेस्ट्रॉल टेस्ट प्राइस

कोलेस्ट्रॉल परीक्षण की कीमत 100-1200 rs तक हो सकती है। 

कोलेस्ट्रॉल के परीक्षण से पहले 9 से 12 घंटे तक उपवास करने की आवश्यकता होती है, पानी के अलावा कोई भोजन या तरल पदार्थ नहीं लेना चाहिए। हालांकि, कुछ कोलेस्ट्रॉल परीक्षणों में उपवास की आवश्यकता नहीं होती है, इसलिए अपने डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें।  

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हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण क्या है? | Causes of high cholesterol in Hindi

बहुत से जोखिम कारक ऐसे हैं जो उच्च कोलेस्ट्रॉल में योगदान कर सकते हैं, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण में शामिल हैं –

  • अस्वास्थ्यकर आहार, 
  • व्यायाम या शारीरिक गतिविधि की कमी,
  • मोटापा, 
  • अत्यधिक मात्रा में शराब पीना,
  • धूम्रपान,
  • उम्र,
  • आनुवंशिक स्थितियां।

 कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण है अस्वास्थ्यकर आहार – High Cholesterol due to Unhealthy diet in Hindi

कुछ खाद्य पदार्थ, जैसे कि यकृत, गुर्दे और अंडे में कोलेस्ट्रॉल (आहार कोलेस्ट्रॉल) की मात्रा अधिक होती है। बहुत अधिक कोलेस्ट्रॉल, संतृप्त वसा और ट्रांस वसा वाले खाद्य पदार्थ खाने से यह ब्लड में उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ सकता है। इसलिए अस्वास्थ्यकर आहार कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण में शामिल किया जा सकता है। 

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हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण है व्यायाम या शारीरिक गतिविधि की कमी – High Cholesterol due to lack of physical activity in Hindi

शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण हमारे शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल” (कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन, या एलडीएल) का स्तर बढ़ने लगता है।

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कोलेस्ट्रॉल का कारण है मोटापा – High Cholesterol due to Obesity in Hindi

यदि आप अधिक वजन वाले हैं, तो संभावना है कि आपका एलडीएल (LDL) कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का उच्च स्तर हो, और उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (HDL) का निम्न स्तर।

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कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण है अत्यधिक मात्रा में शराब पीना – High Cholesterol due to Alcohol in Hindi

नियमित रूप से अधिक मात्रा में शराब पीने से आपका कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड का स्तर बढ़ सकता है। 

 कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का कारण है धूम्रपान – High Cholesterol due to Smoking in Hindi

सिगरेट में एक्रोलिन नामक एक रसायन होता है जो हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण बन सकता है। 

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कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण है आपकी बढ़ती उम्र – High Cholesterol due to Your age in Hindi

अधिकांश मामलों में खराब कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol in Hindi)  बढ़ती उम्र में देखा गया है। हालांकि, छोटे बच्चों में भी अस्वास्थ्यकर कोलेस्ट्रॉल हो सकता है।  

उच्च कोलेस्ट्रॉल होने की सम्भावना 40 से अधिक उम्र के लोगों में यह अधिक आम है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, लीवर की एलडीएल (LDL) कोलेस्ट्रॉल को कम करने की क्षमता कम हो जाती है।

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हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण है आनुवंशिक स्थितियां – High Cholesterol due to Genetic conditions in Hindi

पारिवारिक हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (Familial hypercholesterolemia) एक आनुवंशिक स्थिति है जो जीन (DNA) में म्युटेशन (परिवर्तन) के कारण होता है। ये म्युटेंट जीन बच्चे अपने माता-पिता में से किसी एक या दोनों से प्राप्त कर सकते हैं। यदि माता पिता या उनके किसी परिवार में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है तो यह समस्या उनके बच्चों में देखी जा सकती है। 

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कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के अन्य कारण

कुछ अन्य स्वास्थ्य स्थितियां जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकती हैं उनमें शामिल हैं:

  • उच्च रक्तचाप
  • गुर्दे की बीमारी
  • जिगर की बीमारी
  • मधुमेह
  • निष्क्रिय थायरॉयड ग्रंथि (हाइपोथायरायडिज्म)
  • अंग प्रत्यारोपण

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उच्च कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग | High Cholesterol and Heart Disease in Hindi

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के नुकसान – Side effects of high cholesterol in Hindi

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कई नुकसान हो सकते हैं। कोलेस्ट्रॉल की उच्च मात्रा कोरोनरी हृदय रोग या कोरोनरी आर्टरी डिजीज के जोखिम को बड़ा सकती है। यह एक ऐसी स्थिति है जब हृदय में रक्त पहुंचाने वाली धमनियां (artery) आंशिक या पूर्ण रूप से बंद हो जाती हैं।
 
धमनियों का आंशिक या पूर्ण रूप से बंद होने का मुख्य कारण वसायुक्त पदार्थ (कोलेस्ट्रॉल के कणों) का कोरोनरी धमनियों की दीवारों पर जमा होना है।
 
समय के साथ यह वसायुक्त पदार्थ, हृदय धमनियों को संकरा (narrow) कर सकते हैं। हृदय धमनियों का संकरा होना एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) कहलाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जो दिल के दौरे के जोखिम को बड़ा सकती है। इसके अलावा यह स्थिति स्ट्रोक, दिल का दौरा, एनजाइना (सीने में दर्द), उच्च रक्त चाप, गुर्दे की बीमारी आदि की समस्या भी पैदा कर सकती है। 
 
हालांकि, कोरोनरी धमनियों के अंदर मोमी पदार्थ (या कोलेस्ट्रॉल) का निर्माण कई वर्षों में होता है और इसके लक्षण तब तक दिखाई नहीं देते हैं जब तक धमनी का संकुचन गंभीर ना हो जाए। इसलिए इस रोग की रोकथाम के लिए अपने डॉक्टर के अनुसार कोलेस्ट्रॉल की जाँच करवाएं।
 

कोलेस्ट्रॉल कम करने के घरेलू उपाय | Home Remedies for high Cholesterol in Hindi

अगर सचेत तरीके से खानपान में कुछ चीजों को शामिल किया जाए तो हाई कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है। हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपाय बता रहे हैं, जो हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या को दूर करने में आपकी मदद करेंगे।
 

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए क्या खाना चाहिए? | Cholesterol kam karane ke lie kya khaana chaahie?

अपने आहार में कुछ खाद्य पदार्थों को शामिल करके उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम किया जा सकता है। इन खाद्य पदार्थों में शामिल हैं –
  • अखरोट
  • आवला
  • प्याज
  • लहसुन
  • ओमेगा 3 फैटी एसिड
  • अलसी का तेल
  • रोजहिप (गुलाब का फल)
  • लाल खमीर चावल
  • नारियल तेल

हाई कोलेस्ट्रॉल के इलाज में लाभकारी अखरोट – Benefits of Walnut in high cholesterol in Hindi

Walnut for High Cholesterol

अखरोट में कैल्शियम, मैग्नीशियम, ओमेगा-3, फाइबर, कॉपर और फॉस्फोरस जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। रोजाना सुबह अखरोट खाने से यह रक्तवाहनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा नहीं होने देता है साथ ही अखरोट हमारे खराब कोलेस्ट्रॉल को वापस यकृत तक भेजने में मदद करता है। 

कोलेस्ट्रॉल रोकने के उपाय में फायदेमंद है आवला –  Benefits of Amla in cholesterol in Hindi

आंवले में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-सी जैसे गुण पाए जाते हैं साथ ही आंवले में हाइपोलिपिडेमिक गुण भी होते हैं। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, आंवले के ये सभी गुण खराब कोलेस्ट्राॅल व टोटल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है, साथ ही आंवले के यह गुण अच्छे कॉलेस्ट्रॉल (एचडीएल) को बढ़ाने में भी मदद करता है। इसलिए आंवले का नियमित रूप से सेवन करने से यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। 
 

 प्याज का उपयोग करें कोलेस्ट्रॉल को कम करने में – Benefits of Onion in high cholesterol in Hindi

प्याज में हाइपोलिपिडेमिक और एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण पाए जाते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकते हैं। इस आधार पर कहा जाता है कि कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए प्याज का उपयोग किया जा सकता है। 

 कोलेस्ट्रॉल में लाभकारी लहसुन Benefits of Garlic in cholesterol in Hindi

कुछ शोध बताते हैं कि लहसुन रक्तचाप को कम करने, खराब कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol in Hindi)  के स्तर को कम करने और एथेरोस्क्लेरोसिस को कम करने में मदद कर सकता है। इसलिए रोजाना लहसुन की दो कलियां छीलकर खाने से यह हाई कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है।

हाई कोलेस्टॉल को करे नियंत्रण ओमेगा 3 फैटी एसिड – Benefits of Omega 3 Fatty Acid in high cholesterol in Hindi

ओमेगा-3 का नियमित रूप से सेवन करने से यह ब्लड में ट्राइग्लिसराइड्स को लगभग 15-30% तक कम कर सकता है। जो हृदय संबंधी समस्याओं को रोकने में लाभदायक होता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय को स्वस्थ रखने के लिए कई लाभों से जुड़ा हुआ है। जिसमें
  • ओमेगा 3 उच्च रक्तचाप वाले लोगों में रक्तचाप के स्तर को कम कर सकता है।
  • ओमेगा 3 “अच्छे” एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है।
  • ओमेगा 3 दिल-दिमाग में ब्लड क्लॉट नहीं बनने देता।
  • ओमेगा 3 शरीर की सूजन कम करता है।
  • ओमेगा 3 असामान्य हृदय गति की संभावना को कम करता है।

ओमेगा 3 के स्रोत

निम्नलिखित चीजों से ओमेगा-3 को प्राप्त किया जा सकता है
 

ओमेगा 3 के शाकाहारी स्रोत 

  • अखरोट,
  • चिया बीज,
  • अलसी सीड्स / फ्लैक्स सीड्स,
  • राजमा,
  • भांग के बीज,
  • सोयाबीन,
  • फूलगोभी,
  • कैनोला ऑयल,
  • सोयाबीन की फलियां,
  • कोल्ड  लिवर  आयल

ओमेगा 3 के मांसाहारी स्रोत 

  • सैल्मन मछली,
  • मैकेरल मछली,
  • सार्डिन मछली,
  • अंडे

हाई कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक अलसी का तेल – Benefits of Flax seed Oil in high cholesterol in Hindi

Flax seed for High Cholesterol

अलसी के तेल में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) का उच्च स्तर होता है। यह एक ओमेगा -3 फैटी एसिड है जो हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि अलसी कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है, खासकर उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर वाले लोगों में।

कोलेस्ट्रॉल के इलाज में लाभकारी रोजहिप (गुलाब का फल) – Benefits of Hawthorn in cholesterol in Hindi

Hawthorn for Cholesterol
 
रोजहिप में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रख सकता है और साथ ही शरीर से कोलेस्ट्रॉल और एक्‍स्‍ट्रा फैट को प्राकृतिक तरीके से कम करने में भी मदद कर सकता है।
एक शोध में मोटापे से ग्रसित 31 लोगों को 40 ग्राम रोजहिप पाउडर 6 हफ्तों तक दिया गया। 6 हफ्तों तक सेवन करने के बाद इनके रक्तचाप और लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन (LDL) कोलेस्ट्रॉल (खराब) के स्तर में काफी सुधार पाया गया।  इसलिए, रोजहिप चाय का सेवन कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग से बचने के लिए लाभकारी हो सकता है।
 

हाई कोलेस्ट्रॉल में लाभकारी लाल खमीर चावल – Benefits of Red yeast rice in cholesterol in Hindi

Red yeast rice for Cholesterol
 
लाल खमीर चावल एक पारंपरिक चाइनीस दवा के रूप में उपयोग में लाई जाती है। इसे यीस्ट के साथ लाल चावल की खेती करके बनाया जाता है। लाल खमीर चावल का उपयोग कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए किया जाता है। इसमें पाए जाने वाला मोनाकोलिन K रक्त कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकता है।
 

कोलेस्ट्रॉल से बचने के उपाय में करें नारियल तेल का उपयोग – Benefits of  Coconut oil  in cholesterol in Hindi

नारियल के तेल में लोरिक एसिड (Lauric Acid) की मात्रा पाई जाती है। यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद कर सकता है। एक शोध में पता चलता है कि वर्जिन कोकोनट ऑयल लिपिड प्रोफाइल को भी ठीक करने में मदद कर सकता है। इसलिए नारियल के तेल का रोजाना इस्तेमाल करने से आप खराब कोलेस्ट्रॉल को कुछ हद तक नियंत्रित कर सकते हैं।
 

कोलेस्ट्रॉल में क्या नहीं खाना चाहिए – Foods to Avoid Cholesterol in Hindi

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर क्या न खाएं? या कोलेस्ट्रॉल में क्या परहेज करें? ये प्रश्न हमारे मन में आते हैं। इसलिए यदि आप हाई कोलेस्ट्रॉल से परेशान है तो निम्नलिखित चीजों का परहेज करके हाई कोलेस्ट्रॉल से बचा जा सकता है। 

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर ज्यादा नमक वाले आहार ना खाएं – Consume less salt (sodium)

 नमक से भरपूर भोजन रक्त वाहिकाओं और धमनियों में रक्त के प्रवाह को बढ़ा सकता है। जिसके परिणामस्वरूप रक्तचाप में अस्थायी वृद्धि हो सकती है जो हृदय रोग और समय से पहले मृत्यु का कारण बन सकता है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) के अनुसार ह्रदय रोगियों को प्रति दिन 2.5 ग्राम से अधिक सोडियम का सेवन नहीं करना चाहिए। इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन ना करें जिनमें नमक की मात्रा ज्यादा होती है।
 

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर संतृप्त वसा का सेवन कम करें – Avoid Saturated fat in high cholesterol in Hindi

शरीर को सैचुरेटेड फैटी एसिड (संतृप्त वसा) की जरूरत होती है, लेकिन इसका जरुरत से ज्यादा सेवन करना स्वास्थ के लिए हानिकारक भी हो सकता है विशेष रूप से यदि आप की आयु 40 से अधिक हो। संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं:
  • पिज्जा, बर्गर, चीज, मेयोनीज, केक जैसे फूड आइटम्स,
  • कुछ मांस जैसे बीफ, मेमने का मांस और पोर्क,
  • प्रोसेस्ड मीट,
  • वसायुक्त दूध,
  • मलाई,
  • आइसक्रीम,
  • सफेद ब्रेड,
  • पास्ता
  • साबुत दूध और पनीर।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर ट्रांस वसा ना खाएं – Avoid Trans fat in high cholesterol in Hindi

ह्रदय रोग में ट्रांस फैट ना खाएं
जिन खाद्य पदार्थों में ट्रांस वसा हो सकते हैं  उनमें शामिल हैं:
  • मक्खन
  • कुकीज़
  • केक
  • फ्रेंच फ्राइज़
  • चिप्स
  • डोनट्स

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों से बचें – Consume less sugar in high cholesterol in Hindi

 
अधिक मीठे आहार शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को बढ़ा सकते हैं। ट्राइग्लिसराइड्स का उच्च स्तर होने से हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा चीनी की अधिक मात्रा एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के उच्च स्तर का कारण बन सकता है। एलडीएल – जिसे आमतौर पर “खराब कोलेस्ट्रॉल” कहा जाता है, हृदय की धमनी के ब्लॉक होने का कारण बन सकता है। अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं –
  • सोडा (Soda),
  • कैंडी (Candy),
  • स्पोर्ट्स ड्रिंक (Sports drink),
  • कुकीज (Cookies),
  • बिस्कुट (Biscuits),
  • केक (Cake),
  • पेस्ट्री (Pastry),
  • बहुत मीठा दही (Sweet yogurt),
  • आइसक्रीम (Ice Cream),
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft drinks)।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर धूम्रपान ना करें – Do not smoke in high cholesterol in Hindi

धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को नुकसान पंहुचा सकता है, जिससे धमनियां सख्त होने लगती है और यह हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकती है। इसलिए हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को धूम्रपान नहीं करने की सलाह दी जाती है, ताकि हृदय रोग के खतरे को कम किया जा सके।
 

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर अधिक शराब ना पियें – Consume less alcohol in high cholesterol in Hindi

 शराब (अल्कोहल) का अधिक सेवन शरीर में अतिरिक्त कैलोरी बढ़ा सकता है, जिससे आपका वजन बढ़ सकता है। वजन बढ़ने से एलडीएल स्तर बढ़ता है और एचडीएल के स्तर में कमी हो सकती है। साथ ही अल्कोहल का सेवन हृदय की बीमारियों का खतरा भी बढ़ा सकता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने की अंग्रेजी दवा | Medicine for Cholesterol in Hindi

शरीर में कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा – High cholesterol medicine in Hindi

यदि किसी व्यक्ति का कोलेस्ट्रॉल स्तर उच्च है और वह घरेलु उपयों द्वारा भी नियंत्रित नहीं हो रहा है तो इस स्थिति में डॉक्टर स्टैटिन जैसी  दवाएं  शुरू कर सकते हैं। ये दवाएं कोलेस्ट्रॉल कम करके स्ट्रोक या दिल के दौरे के जोखिम को कम कर सकती हैं। 
इसके अलावा कोलेस्टारामिन और एवोलोक्यूमैब इंजेक्शन भी कोलेस्ट्रॉल के इलाज के लिए दी जाने वाली दवाइयों में से एक हैं। 
 

निष्कर्ष | Conclusion

ज्यादातर मामलों में उच्च कोलेस्ट्रॉल के कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा हमारे स्वास्थ्य को खराब कर सकती है, जो दिल और संचार संबंधी बीमारियों जैसे दिल का दौरा और स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा सकती है। हालांकि, उच्च कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित व्यक्ति घरेलू उपायों द्वारा आसानी से उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या का निवारण कर सकते है जिसमें विशेष रूप से स्वस्थ आहार लेना और नियमित रूप से व्यायाम करना शामिल हैं। फिर भी यदि उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर नीचे नहीं आ रहा हो तो डॉक्टर कुछ दवाइयों द्वारा इस रोग का निवारण आसानी से कर सकते हैं।  

कोलेस्ट्रॉल के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | Cholesterol FAQ in Hindi

Q. एच डी एल कोलेस्ट्रॉल क्या है?

Ans. एच डी एल को हाई डेंसिटी लेपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है जोकि एक अच्छा कोलेस्ट्रॉल माना जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह आपके रक्त से ‘खराब’ कोलेस्ट्रॉल को वापस लीवर में भेजता है जहां लीवर इसे तोड़ देता है ताकि इसे शरीर से बाहर निकाला जा सके।

Q. कोलेस्ट्रॉल की आयुर्वेदिक दवा क्या है?

Ans. त्रिफला और अर्जुन की छाल का चूर्ण कोलेस्ट्रॉल को कम करने की आयुर्वेदिक दवा है। अलसी के बीज पानी के साथ पीसकर उसे खाली पेट लेंने से यह उच्च कॉलेस्ट्रॉल के लक्षणों को कम करता है। मेदोहर वटी व नवक गुगल वटी गुनगुने पानी से लेंने से कोलेस्ट्रॉल में लाभ मिलता है। कच्चा लहसुन और प्याज रक्त में उच्च कोलेस्ट्रॉल के प्रभाव को पूरी तरह से नियंत्रित करते हैं। त्रिकटु कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है।

Q. कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए योग कौन सा है?

Ans. कपालभाति, चक्रासन, शलभासन, सर्वांगासन, पशिमोत्तानासन, अर्ध मत्स्येन्द्रासन आदि योग कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करते हैं।

Q. कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से क्या दिक्कत होती है?

Ans. उच्च कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग के जोखिमों को बड़ा सकता है। इसके अलावा स्ट्रोक, दिल का दौरा, एनजाइना (सीने में दर्द), उच्च रक्त चाप, गुर्दे की बीमारी आदि की समस्या पैदा कर सकता है।

Q. क्या कोलेस्ट्रॉल में दही खा सकते हैं?

Ans. दही खाने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर स्वस्थ बना रहता है,  दही बीपी को कम करने और वजन घटाने में काफी फायदेमंद माना जाता  है।

Q. क्या दूध पीने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है?

Ans. शोध के अनुसार, कम फैट वाला दूध (सोया मिल्क) पीने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर स्वस्थ बना रहता है।

Q. क्या चावल खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है?

Ans. ब्राउन राइस कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने नहीं देता है। इसलिए रोजाना ब्राउन राइस खाने से यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को स्वस्थ बनाए रखता है।

Q. क्या चाय पीने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है?

Ans. शोध के अनुसार आयुर्वेदिक चाय (हर्बल टी) कोलेस्ट्रॉल के स्तर को घटाने में कारगर है। हर्बल टी में शामिल हैं-
गुड़हल की हर्बल चाय, पुदीने की हर्बल चाय, सौंफ की चाय, दालचीनी की चाय और गुलाब के डंठल की चाय (रोजहिप टी) इनमें मौजूद एंटी-ओबेसोजेनिक (Anti-obesogenic) और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण, प्राकृतिक रूप से कैलोरी को जलाने और मेटाबॉलिज्म दर को बढ़ाने में मदद करता है जिससे वजन धीरे-धीरे कम होता है और  कोलेस्ट्रॉल की समस्या दूर होती है।

Q. कोलेस्ट्रॉल कम करने का रामबाण इलाज क्या है?

Ans. कोलेस्ट्रॉल कम करने का रामबाण इलाज है सेहत मंद डाइट को अपनाना। जिसमें आप निम्नलिखित चीजों को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।  जैसे आवला, प्याज, लहसुन , ओमेगा 3 फैटी एसिड, अलसी का तेल, रोजहिप (गुलाब का फल), लाल खमीर चावल और नारियल तेल। साथ ही कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर संतृप्त वसा का सेवन कम करें, ट्रांस  वसा ना खाएं, अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों से बचें, धूम्रपान ना करें, अधिक शराब ना पियें।

Q. कोलेस्ट्रॉल में कौन सी दाल खानी चाहिए?

Ans. मूंग की दाल, उड़द की दाल, राजमा, चने की दाल, अरहर की दाल, मटर, काबुली चना, काला चना, मसूर की दाल आदि कोलेस्ट्रॉल में फायदे मंद होती हैं।

Q. कोलेस्ट्रॉल कम करने की कौन सी दवा है?

Ans. कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए स्टैटिन जैसी दवाएं शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा कोलेस्टारामिन और एवोलोक्यूमैब इंजेक्शन भी कोलेस्ट्रॉल के इलाज के लिए दी जाने वाली दवाइयों में से एक हैं।

Q. HDL कोलेस्ट्रॉल कितना होना चाहिए?

Ans. HDL कोलेस्ट्रॉल 40mg/dL या इससे अधिक होना चाहिए।

Q. क्या कोलेस्ट्रॉल में दही खा सकते हैं?

Ans. कोलेस्ट्रॉल में दही खा सकते हैं। दही कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने, बीपी को कंट्रोल करने और वजन घटाने में काफी फायदेमंद होता है।

Q. क्या बादाम खाने से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है?

Ans. बादाम में मोनोसैचुरेटेड फैट्स मौजूद होता है जिससे भूख कम लगती है और पेट भर हुआ रहता है। पेट भर हुआ होने से अतरिक्त खाना नहीं कहते और जिससे हमारा वजन नहीं बढ़ता है। नियमित रूप से बादाम खाने से दिल हेल्दी रहता है और खराब कोलेस्ट्रॉल में कमी आती है और अच्छा कोलेस्ट्रॉल में बढ़ोतरी होती  है।

Q. खैनी खाने से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ती है या घटती है?

Ans. तम्बाकू रक्त वाहिकाओं को नुकसान पंहुचा सकता है, जिससे धमनियां सख्त होने लगती है और यह हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा सकती है।

Q. कोलेस्ट्रॉल रोकने का उपाय क्या है? 

Ans. कोलेस्ट्रॉल रोकने का उपाय है सेहत मंद डाइट को अपनाना। जैसे आवला, प्याज, लहसुन , ओमेगा 3 फैटी एसिड, अलसी का तेल, रोजहिप (गुलाब का फल), लाल खमीर चावल और नारियल तेल। साथ ही कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से रोकना है तो संतृप्त वसा का सेवन कम करें, ट्रांस  वसा ना खाएं, अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों से बचें, धूम्रपान ना करें, अधिक शराब ना पियें।

Q. बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल में मुनक्का खाने चाहिए या नहीं?

Ans. वजन कम करने में मुनक्का काफी कारगर है। खाली पेट भीगे हुए मुनक्का खाने से वजन को कम किया जा सकता है। वजन कम होने से  कोलेस्ट्रॉल की समस्या नहीं रहती है या कभी हद तक कम हो सकती है।

Q. कोलेस्ट्रॉल अगर बढ़ा है तो शराब पी सकते हैं?

Ans. शराब का अधिक सेवन अतिरिक्त कैलोरी बढ़ा सकती है, जिससे वजन बढ़ सकता है।  वजन बढ़ने से एलडीएल का स्तर अधिक हो सकता है और एचडीएल का कम। साथ ही अल्कोहल का सेवन हृदय की बीमारियों का खतरा भी बढ़ा सकता है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल की समस्या है तो शराब का सेवन डॉक्टर के अनुसार बताई हुई मात्रा के अनुसार करें।
 

 ये हैं हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण, कारण और घरेलू  उपचार । कमेंट में बताएं आपको यह पोस्ट कैसी लगी। अगर यह पोस्ट (High Cholesterol Symptoms In Hindi) पसंद आई हो तो इसे जरूर शेयर करें। 

Disclaimer : ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह जरूर लें।

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सन्दर्भ (References)

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