Diet Chart For Heart Patient In Hindi | हृदय रोगियों के लिए डाइट प्लान

Diet Chart For Heart Patient In Hindi : इस पोस्ट के माध्यम से हमने हृदय रोगियों के लिए डाइट प्लान (Heart patient diet in Hindi) के बारे में बताया है जो दिल को स्वस्थ व मजबूत बनाए रखने और ह्रदय रोग के बचाव के लिए आपकी मदद कर सकती है। इसके अलावा हृदय रोग में क्या ना खाएं और किन चीजों का परहेज करें वह भी समझाया गया है।

हृदय क्या है? | What is heart in Hindi

हार्ट हमारे शरीर का एक मुख्य अंग है जो केवल एक मुट्ठी के आकार का होता है, परन्तु यह शरीर की सबसे मजबूत मांसपेशी में से एक है। हृदय प्रतिदिन लगभग 100,000 बार धड़कता और 7,500 लीटर तक रक्त पंप करता है। 

दिल की हर एक धड़कन के साथ, हृदय शरीर के विभिन्न हिस्से में ऑक्सीजन (O2) और पोषक तत्वों (nutrients) को पहुँचता है जिससे हम अपने कार्यों को कर पाते हैं। इसलिए दिल का स्वस्थ रहना हमारे स्वास्थ के लिए बेहद जरुरी है। 

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आज पूरी दुनिया में हार्ट फेल या स्ट्रोक का मुख्य कारण दिल की बीमारी है। आलम यह है कि कम उम्र के लोग भी हृदय के रोग से ग्रस्त हो रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है हमारा खान-पान (डाइट)। दिल के रोगियों को हमेशा यह चिंता सताती हैं कि वो अपने डाइट (आहार) में क्या लें ताकि उनका दिल स्वस्थ रह सकें।

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हृदय रोगियों के लिए डाइट प्लान | Diet chart for Heart Patient in Hindi

Diet Chart For Heart Patient In Hindi

हृदय को स्वस्थ रखने के लिए आप निम्नलिखित खाद्य पदार्थों (Heart healthy diet in Hindi) को अपनी डाइट चार्ट (कार्डियक डाइट चार्ट) में शामिल कर सकते हैं। जिनमें शामिल हैं – 

  • ओमेगा 3 वसा,
  • असंतृप्त वसा,
  • फल और हरी सब्जियां,
  • लो-फैट डेयरी उत्पाद,
  • नट, बीज, और फलियां
  • उच्च फाइबर युक्त आहार, 
  • फ्लेक्सिटेरियन डाइट,
  • लो कार्ब डाइट

1.  ह्रदय रोग में खाएं ओमेगा 3 वसा | Omega 3 diet chart for heart patient in Hindi

 
Omega 3 diet for heart patient in Hindi
 
ओमेगा 3 फैटी एसिड एक महत्वपूर्ण वसा है, जो दिल की बीमारी से होने वाली मृत्यु के जोखिमों को कम करता है। 
 
शोध के अनुसार, ओमेगा 3 डाइट (Diet of heart patient in Hindi), रक्त में लिपिड (कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड) के स्तर में सुधार लाता है और कोरोनरी हृदय रोग (coronary heart disease) के जोखिम को कम करने में मदद करता है। 
 
ओमेगा 3 का नियमित रूप से  सेवन करने से यह ब्लड में ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में लगभग 15-30% तक कमी ला सकता है। इसके अलावा
  • ओमेगा 3, उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकता है।
  • ओमेगा 3 रक्त में “अच्छे” एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है।
  • ओमेगा 3 दिल और दिमाग में ब्लड क्लॉट (blood clot) नहीं बनने देता है।
  • ओमेगा 3 दिल की सूजन (inflammation) कम कर सकता है।
  • ओमेगा 3 असामान्य हृदय गति की संभावना को कम कर सकता है। 

ओमेगा 3 फैटी एसिड मुख्यतः तीन प्रकार के होते है। जिनमें शामिल हैं –
  • एएलए (ALA/ अल्फा-लिनोलेनिक एसिड) 
  • डीएचए (DHA/ डोकोसाहेक्साएनोइक एसिड) 
  • ईपीए (EPA/ ईकोसापेन्टैनेनोइक एसिड) 

और पढ़ें – ओमेगा 3 फैटी एसिड के फायदे और नुकसान

एक अध्ययन में 11,000 लोगों को 3.5 साल तक हर दिन ईपीए (EPA) और डीएचए (DHA) की 850 मिलीग्राम खुराक दी गई। शोधकर्ताओं ने जब इनके आंकड़े का अध्ययन किया तो उनके दिल के दौरे में 25% की कमी और अचानक हृदय से होने वाली मृत्यु में 45% तक की कमी को दर्ज किया।
 
ALA ज्यादातर पौधे आधारित (plant based) खाद्य पदार्थों में मौजूद होते हैं जैसे चिया सीड्स,अलसी और अखरोट, जबकि DHA और EPA ज्यादातर पशु आधारित (animal based) खाद्य पदार्थों जैसे मैकेरल, सैल्मन, हेरिंग और सार्डिन में पाए जाते हैं।
 
एक रिपोर्ट के अनुसार, वयस्क पुरुषों और महिलाओं को प्रति दिन लगभग 0.25 ग्राम (gm) EPA + DHA लेना चाहिए। इसके अलावा पुरुषों के लिए ALA की मात्रा प्रति दिन 1.6 ग्राम और महिलाओं के लिए इसकी मात्रा प्रति दिन 1.1 ग्राम रखी गई है। हालांकि, कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में इनकी (ओमेगा 3 की) उच्च मात्रा की आवश्यकता हो सकती है।
 
Heart patient diet in Hindi

ओमेगा 3 के स्रोत | Source of omega 3

ओमेगा 3 के प्रमुख शाकाहारी स्रोत में शामिल हैं –
  • अखरोट
  • चिया बीज
  • अलसी बीज (फ्लैक्स सीड्स)
  • राजमा 
  • भांग के बीज
  • सोयाबीन
  • फूलगोभी
  • कैनोला ऑयल
  • सोयाबीन की फलियां
  • कॉड लिवर ऑयल 
ओमेगा 3 के प्रमुख मांसाहारी स्रोत में शामिल हैं –
  • सैल्मन मछली
  • मैकेरल मछली
  • सार्डिन मछली
  • अंडे

2. ह्रदय रोग में खाएं असंतृप्त वसा | Unsaturated fats for healthy heart in Hindi

अध्ययनों से पता चलता है कि असंतृप्त वसा रक्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार ला सकता है, जिससे दिल के दौरे और स्ट्रोक का खतरा कम हो सकता है। 
 
असंतृप्त वसा का सबसे अच्छा उदाहरण है ओमेगा 3 वसा। जी हाँ, असंतृप्त वसा एक प्रकार के ओमेगा 3 ही हैं।
असंतृप्त वसा कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करने, रक्त के थक्के को कम करने, अनियमित दिल की धड़कन को कम करने और रक्तचाप नियंत्रित करने आदि में मदद कर सकता है।

असंतृप्त वसा के स्रोत | Source of unsaturated fats for heart patient in Hindi

असंतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं –
  • एवोकैडो और एवोकैडो तेल,
  • जैतून और जैतून का तेल,
  • मूंगफली से बना मक्खन और मूंगफली का तेल,
  • वनस्पति तेल, जैसे सूरजमुखी, मक्का, या कैनोला,
  • वसायुक्त मछली, जैसे सैल्मन और मैकेरल,
  • नट और बीज, जैसे अखरोट, बादाम, मूंगफली, काजू, और तिल।

3. ह्रदय रोग में खाएं फल और हरी सब्जियां | Fruits and Leafy green vegetables diet for heart patient in Hindi

Fruits and Leafy green vegetables for healthy heart in Hindi

फल और हरी सब्जियां, फाइबर, खनिज, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं जो हृदय रोग ( Diet chart for heart patient in Hindi) के विकास में योगदान करने वाले ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन से बचाती हैं। इसके अलावा फल और हरी सब्जियां रक्तचाप को कम करने और हृदय धमनियों की कठोरता को कम करने में भी मदद कर सकती हैं।
 
हरी सब्जियों में शिमला मिर्च, फूल गोभी, ब्रोकली, केल, पालक, मटर, गाजर, हरी पत्तेदार गोभी, खीरा और मेथी हृदय धमनियों के लिए लाभदायक मानी जाती हैं, जबकि फलों में आड़ू, जामुन, एवाकाडो, केला, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी का सेवन हृदय स्वास्थ (Food for heart patient in Hindi) के लिए लाभदायक हैं। 
 

4. ह्रदय रोग में खाएं लो-फैट डेयरी उत्पाद | Low fat diet for heart patient in Hindi

डेयरी प्रोडक्ट संतृप्त वसा का स्रोत हैं जो स्वास्थ के लिए अच्छा नहीं मन जाता है। इसलिए जब भी संभव हो सके वसा रहित या कम वसा वाले डेयरी उत्पादों का उपयोग करें जैसे स्किम मिल्क या एक प्रतिशत दूध, लो फैट दही (yogurt) और पनीर (cottage cheese)।
 

5. ह्रदय रोग में खाएं नट, बीज, और फलियां | Nuts, Seeds, and Legumes diet chart for Heart Patient in Hindi

 

Nuts, Seeds, and Legumes for heart patient in Hindi

नट्स, बीज और फलियां हृदय रोगियों के लिए सर्वोत्तम आहारों (Heart patient diet in Hindi) में से एक हैं। ये स्वस्थ वसा, फाइबर, विटामिन और खनिजों के अच्छे स्रोत होते हैं।  शोध से पता चलता है कि नट्स को नियमित रूप से खाने से यह वजन को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, और पुरानी बीमारियों (जैसे हृदय रोग और मधुमेह) से बचा सकता है। 
 
नट्स में एंटीऑक्सिडेंट का  उच्च स्तर होने से यह रक्त वाहिकाओं और रक्तचाप (उनके आर्जिनिन सामग्री के माध्यम से) को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं और शरीर में होने वाली सूजन को कम कर सकते हैं।
 
इसके अलावा बीज और फलियां भी हृदय स्वास्थ को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। 
नट, बीज, और फलियां के उदाहरण निम्नलिखित हैं।  
  • नट्स में बादाम, सुपारी, काजू, अखरोट और पिस्ता प्रमुख हैं। 
  • बीजो में सूरजमुखी के बीज, कद्दू के बीज, अलसी के बीज, भांग के बीज और चिया के बीज आदि शामिल हैं।
  • फलियां में छोला, मटर, मूँगफली, ब्लैक बीन्स, किडनी बीन्स प्रमुख हैं। 

6. ह्रदय रोग में खाएं उच्च फाइबर युक्त आहार (रेशेदार भोजन) | High fiber diet chart for heart blockage patient in Hindi

High fiber diet for Healthy Heart in Hindi

फ्लेक्सिटेरियन डाइट, हृदय रोगियों के लिए एक अच्छा डाइट प्लान माना जाता है। शोध के अनुसार, रोजाना 7 ग्राम फाइबर का सेवन करने से हृदय रोग के खतरे को लगभग 9 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। 
 
उच्च फाइबर डाइट (Diet for heart patient in Hindi), अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को धमनियों से बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा फाइबर आहार रक्तचाप को नियंत्रित बनाए रखने, हार्ट और किडनी फेल के जोखिम को कम करने में भी मदद कर सकता है।
 
एक अध्ययन के अनुसार प्रति दिन 2-10 ग्राम घुलनशील फाइबर का सेवन करने से यह टोटल कोलेस्ट्रॉल में लगभग 1.7 मिलीग्राम/ डीएल और एलडीएल (LDL) कोलेस्ट्रॉल में लगभग 1.2 मिलीग्राम/ डीएल तक की कमी कर सकते हैं। 
 
अन्य अध्ययनों से यह भी पता चला है कि उचित मात्रा में फाइबर युक्त आहार (Heart patient ki diet in Hindi) लेने से यह हृदय सम्बन्धी रोगों जैसे उच्च रक्तचाप और हृदय की सूजन को भी कम करने में मदद कर सकता है।  
 

रेशेदार भोजन के स्रोत | Source of Fiber rich foods

फल, सब्जियां और अनाज फाइबर युक्त आहार के प्रमुख स्रोत हैं। इसके अलावा
  • गेंहू (Wheat)
  • भूरा चावल (Brown Rice)
  • ओट्स (Oats)
  • राजमा (Beans)
  • मटर (Peas)
  • ड्राई फ्रूट (Dry fruit)
  • दालें (Pulses)
  • सेब (Apple)
  • नाशपाती( Pear)
  • ब्लूबेरी और ब्लैकबेरी (Blueberries & Blackberries)
  • केला ( Bananas )
  • ब्रोकली (Broccoli)
  • कटहल (Jackfruit)
  • तरबूज (Watermelon)
  • अनार (Pomegranate)
  •  नट्स और सीड्स ( Nuts and Seeds) 
रेशेदार भोजन के स्रोत हैं। 

7. हार्ट पेशेंट के लिए फ्लेक्सिटेरियन डाइट प्लान | Flexitarian diet chart for heart patient in Hindi

Flexitarian diet for Healthy Heart in Hindi

फ्लेक्सिटेरियन डाइट  (Heart patient diet chart in Hindi), हृदय रोगियों के लिए एक अच्छा डाइट प्लान है। फ्लेक्सिटेरियन डाइट खाद्य पदार्थ की एक ऐसी शैली है जो मांस और अन्य पशु उत्पादों को सीमित मात्रा में छूट देते हुए ज्यादातर पौधों पर आधारित खाद्य पदार्थों को प्रोत्साहित करती है। 

फ्लेक्सिटेरियन डाइट (हार्ट पेशेंट के लिए डाइट प्लान) निम्नलिखित सिद्धांतों पर आधारित है:

  • ज्यादातर फल, सब्जियां, फलियां और साबुत अनाज खाएं।
  • जानवरों के बजाय पौधों से मिलने वाले प्रोटीन पर ध्यान दें।
  • मांस और पशु उत्पादों को सीमित मात्रा में अपनी डाइट में शामिल करें।
  • कम से कम प्रोसेस्ड खाने का सेवन करें।
  • अतिरिक्त चीनी की मात्रा को सीमित करें।
 
11 साल से अधिक उम्र के 45,000 वयस्कों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि मांसाहारी लोगों की तुलना में शाकाहारियों में हृदय रोग का जोखिम लगभग 32% तक कम था। जिसका कारण यह माना गया कि शाकाहारी भोज्य पदार्थ फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं जो रक्तचाप को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करते हैं। 
 
इसके अलावा दिल के दौरे, स्ट्रोक और अचानक हृदय से होने वाली मौतों को भी कम कर सकते हैं। इसलिए ह्रदय को स्वस्थ रखने के लिए आप फ्लेक्सिटेरियन डाइट (Food for heart patient in Hindi) का चुनाव कर सकते हैं।  

8. दिल के मरीजों के लिए लो कार्ब डाइट | Low carbohydrate diet chart for Heart Patient in Hindi

Low carbohydrate diet for Healthy Heart in Hindi
 
लो कार्ब डाइट (Heart patient diet chart in Hindi), हृदय रोगियों के लिए एक अच्छी डाइट मानी जाती है। लो कार्ब डाइट (Low carbohydrate) का मतलब है आहार में कम कार्बोहाइड्रेट और ज्यादा प्रोटीन होना। 
 
कम कार्ब्स डाइट का मुख्य उद्देश्य अवांछित वजन को बढ़ने से रोकना, ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करना और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित बनाए रखना है। इसके अलावा लो कार्ब डाइट टाइप 2 मधुमेह, मेटाबोलिक सिंड्रोम और ह्रदय रोग जैसी गंभीर बिमारियों के जोखिम को भी कम करने में मदद कर सकती है।
 
दर्जनों अध्ययनों से पता चलता है कि कम कार्ब वाले आहार (low carb diet) खाने से ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में कमी आती है। इसके अलावा कम कार्ब वाले आहार, ब्लड में लो डेंसिटी लिपिड कोलेस्ट्रॉल (LDL) और हाई डेंसिटी लिपिड कोलेस्ट्रॉल (HDL) के अनुपात में सुधार करते हैं जिससे हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है। 
 
अध्ययनों से यह भी पता चलता है कि जो लोग कम कार्ब्स (low carb) वाले आहार लेते हैं वह लोग कम वसा (low fat) लेने वाले आहार की तुलना में अधिक तेजी से अपना वजन घटाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि लो-कार्ब डाइट आपके शरीर से अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में मदद करता है और साथ ही इंसुलिन के स्तर में भी कमी लाता है जो अप्रत्‍यक्ष रूप से (indirectly) ह्रदय रोग से बचाता है। इसलिए ह्रदय को स्वस्थ रखने के लिए आप लो कार्ब डाइट अपना सकते हैं। 
 

लो कार्ब डाइट के स्रोत | Source of Low carb diet

ह्रदय को स्वस्थ रखने के लिए कम कार्बोहाइड्रेट वाले आहार (Low carb diet foods) में शामिल हैं –
  • मछली (सैल्मन मछली, मैकेरल मछली और सार्डिन मछली), 
  • स्किम मिल्क या एक प्रतिशत दूध, 
  • लो फैट वाला दही और पनीर,
  • पत्तेदार हरी सब्जियां जैसे फूलगोभी और ब्रोकली,
  • जैतून का तेल और कैनोला ऑयल
  • कुछ फल जैसे सेब, ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, जामुन, एवाकाडो, और केला,
  • मेवा, बादाम और बीज।   

ह्रदय रोग में क्या ना खाएं ? | Foods to avoid with heart disease in Hindi

Diet Chart For Heart Patient In Hindiयदि आप हृदय को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो आपको आपने कोलेस्ट्रॉल के स्तर, रक्तचाप और अतिरिक्त वजन में नियंत्रित रखना होगा। इसके लिए आप अपनी डाइट से निम्नलिखित चीजों को कम रखें। जिनमें शामिल हैं –

  • संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थ
  • ट्रांस वसा वाले खाद्य पदार्थ, 
  • अधिक नमक (सोडियम) वाले भोजन,
  • अधिक चीनी वाले आहार। 

1. ह्रदय रोग में ना खाएं संतृप्त और ट्रांस वसा  | Avoid Saturated fat and Trans fat in Hindi

Avoid Saturated fat and Trans fat for Healthy Heart in Hindi
खाद्य पदार्थों में मुख्यतः चार प्रकार के वसा होते हैं: संतृप्त, असंतृप्त, ट्रांस और कोलेस्ट्रॉल। शोध के अनुसार, खाद्य पदार्थों में संतृप्त वसा, ट्रांस वसा और कोलेस्ट्रॉल, रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकते हैं। 
 
रक्त में कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर कोरोनरी धमनी रोग का कारण बन सकता है, जिससे दिल का दौरा और स्ट्रोक आ सकता है। इसलिए आपको अपनी डाइट में  सेचुरेटेड फैट्स, ट्रांस फैट्स और कोलेस्ट्रॉल के सेवन को सीमित करना चाहिए।
 
 
हालांकि, संतृप्त वसा के बजाय असंतृप्त वसा से भरपूर खाद्य पदार्थ रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करते है, जिससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा कम रहता है।
 
वसा की मात्रा (How much fat in a day in Hindi) – The National Health Service (UK) के अनुसार,  पुरुषों को एक दिन में 30 ग्राम से अधिक संतृप्त वसा नहीं खाना चाहिए, जबकि महिलाओं को एक दिन में 20 ग्राम से ज्यादा सैचुरेटेड फैट नहीं खाना चाहिए। 
 

a. ह्रदय रोग में संतृप्त वसा का परहेज करें | Avoid Saturated fat for Healthy Heart in Hindi

शरीर को सैचुरेटेड फैटी एसिड (संतृप्त वसा) की जरूरत होती है, लेकिन इसका जरुरत से ज्यादा सेवन करना स्वास्थ के लिए हानिकारक भी हो सकता है विशेष रूप से यदि आप की आयु 40 से अधिक हो। संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं:
  • पिज्जा, बर्गर, चीज, मेयोनीज, केक जैसे फूड आइटम्स,
  • कुछ मांस जैसे बीफ, मेमने का मांस और पोर्क, 
  • प्रोसेस्ड मीट,
  • वसायुक्त दूध,
  • मलाई,
  • आइसक्रीम,
  • सफेद ब्रेड,  
  • पास्ता
  • साबुत दूध और पनीर।  

b. ह्रदय रोग में ट्रांस फैट ना खाएं | Avoid Trans fat for Healthy Heart in Hindi

ट्रांस फैट एक प्रकार का वसा है जिसे तरल वनस्पति तेल में हाइड्रोजनीकरण प्रक्रिया द्वारा (हाइड्रोजन मिलाकर) तैयार किया जाता है, ताकि उसे और भी ठोस बनाया जा सके और खाद्य पदार्थ की शेल्फ लाइफ बढ़ाई जा सके।
 
ट्रांस वसा सस्ते होते हैं और भोजन के स्वाद को अच्छा करते हैं। परन्तु ये स्वास्थ के लिए बेहद हानिकारक हो सकते हैं क्योंकि इनका अधिक मात्रा में सेवन करने से यह ह्रदय में सूजन पैदा कर सकते हैं और इंसुलिन प्रतिरोध (insulin resistance) को बढ़ा सकते हैं। 
 
जिन खाद्य पदार्थों में ट्रांस वसा हो सकते हैं  उनमें शामिल हैं:
  • मक्खन
  • कुकीज़
  • केक
  • फ्रेंच फ्राइज़
  • चिप्स 
  • डोनट्स

2. ह्रदय रोग में कम नमक (सोडियम) खाएं | Heart patient consume less salt in Hindi

Consume less salt for Healthy Heart in Hindi

नमक (सोडियम) खाद्य पदार्थों में स्वाद जोड़ने या उन्हें संरक्षित करने के लिए उपयोग में लाया जाता है। सोडियम मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र के सुचारु रूप से कार्य के लिए एक आवश्यक खनिज है। 
 
नमक शरीर में उचित पानी और खनिज का संतुलन बनाए रखने में भी मदद करता है। हालांकि जरुरत से ज्यादा नमक स्वास्थ के लिए हानिकारक भी हो सकता है। 
 
नमक से भरपूर भोजन रक्त वाहिकाओं और धमनियों में रक्त के प्रवाह को बढ़ा सकता है। जिसके परिणामस्वरूप रक्तचाप में अस्थायी वृद्धि हो सकती है जो हृदय रोग और समय से पहले मृत्यु का कारण बन सकता है। 
 
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) के अनुसार ह्रदय रोगियों को प्रति दिन 2.5 ग्राम से अधिक सोडियम का सेवन नहीं करना चाहिए। इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन ना करें जिनमें नमक की मात्रा ज्यादा होती है।   
 

3. ह्रदय रोग में कम चीनी वाले खाद्य पदार्थ खाएं | Heart patient consume less sugar in Hindi

Consume less sugar for Healthy Heart in Hindi
बहुत अधिक चीनी का सेवन भी रक्तचाप और दिल की सूजन को बढ़ा सकता है। शोध से पता चलता है कि जो लोग बहुत अधिक चीनी खाते हैं, उन लोगों को हृदय रोग होने की सम्भावना (possibility) चीनी कम खाने वाले लोगों के मुकाबले काफी अधिक रहती है। 
 
चीनी की अधिक मात्रा दिल के स्वास्थ को कई तरीकों से प्रभावित कर सकती है जिसमें मुख्य है वजन बढ़ना। मोटापा मधुमेह, उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल के जोखिम को बढ़ा सकता है जो हृदय के स्वस्थ विकास के विपरीत हैं। 
 
मीठा आहार शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को बढ़ा सकता है। ट्राइग्लिसराइड्स का उच्च स्तर होने से हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा चीनी की अधिक मात्रा एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के उच्च स्तर का कारण बन सकता है। एलडीएल – जिसे आमतौर पर “खराब कोलेस्ट्रॉल” कहा जाता है, हृदय की धमनी के ब्लॉक होने का कारण बन सकता है।
 
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार महिलाओं को प्रति दिन 100 कैलोरी (लगभग 6 चम्मच) से अधिक चीनी का सेवन नहीं करना चाहिए। पुरुषों के लिए प्रति दिन 150 कैलोरी (लगभग 9 चम्मच) से अधिक चीनी का सेवन स्वास्थ के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए जहां तक हो सके अपने आहार में निम्नलिखत चीजों का सेवन कम करें –
  • सोडा (Soda), 
  • कैंडी (Candy), 
  • स्पोर्ट्स ड्रिंक (Sports drink), 
  • कुकीज (Cookies), 
  • बिस्कुट (Biscuits), 
  • केक (Cake), 
  • पेस्ट्री (Pastry), 
  • बहुत मीठा दही (Sweet yogurt),
  • आइसक्रीम (Ice Cream), 
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft drinks)।  
 
ये हैं हृदय रोगियों के लिए डाइट प्लान (Diet chart for heart patient in Hindi)। कमेंट में बताएं आपको यह पोस्ट कैसी लगी। अगर यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे जरूर शेयर करें। 
 
ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह जरूर लें।

ह्रदय रोग के बचाव के लिए अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | Heart patient diet FAQ in Hindi

Q. हार्ट को ठीक रखने के लिए क्या करना चाहिए?
Ans. हार्ट को ठीक रखने के लिए सुबह या शाम कम से कम 30 मिनट नियमित रूप से व्यायाम करें, ऐसी कार्यों से बचें जो तनाव उत्पन्न कर सकते हों जैसे स्टॉक मार्किट में ट्रेडिंग करना, हृदय रोग के बचाव में स्वस्थ वजन बनाए रखना जरुरी है इसलिए ऐसे आहार ना खाएं जो अस्वस्थ करें जैसे अस्वास्थ्यकर वसा (पेस्ट्री, कुकीज़, डोनट्स, मफिन, केक, पिज्जा, तले हुए खाद्य पदार्थ आदि), सामान्य रक्तचाप बनाए रखें, तंबाकू का सेवन करते हैं तो इसे पूरी तरह छोड़ दें, अपने आहार में पौष्टिक चीजों को शामिल करें जैसे उच्च फाइबर युक्त आहार, सब्जियां, फल, बीन्स,मांस, मछली, कम वसा वाले या वसा रहित डेयरी खाद्य पदार्थ, साबुत अनाज, जैतून का तेल आदि। यदि आपको मधुमेह या कोलेस्ट्रॉल रोग है तो इसके स्तर को नियंत्रित रखें।   
 
Q. दिल की ताकत के लिए क्या खाएं?
Ans. दिल की ताकत के लिए उच्च फाइबर युक्त आहार, सब्जियां, फल, बीन्स,मांस, मछली, कम वसा वाले या वसा रहित डेयरी खाद्य पदार्थ, साबुत अनाज, जैतून का तेल आदि का सेवन करें। 
 
Q. दिल कमजोर होने पर क्या खाएं?
Ans. दिल कमजोर होने पर ओमेगा 3 वसा,असंतृप्त वसा,फल, हरी सब्जियां, लो-फैट डेयरी उत्पाद, नट, बीज, और फलियां, उच्च फाइबर युक्त आहार, फ्लेक्सिटेरियन डाइट,लो कार्ब डाइट आदि का सेवन करें।  
 
Q. हार्ट पेशेंट को कौन सा फल खाना चाहिए?
Ans. हार्ट पेशेंट को फलों में आड़ू, जामुन, एवाकाडो, केला, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और ब्लैकबेरी का सेवन हृदय स्वास्थ के लिए लाभदायक होता है। 
 
Q. हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या खाएं?
Ans. हार्ट अटैक से बचने के लिए अखरोट, चिया बीज, अलसी बीज (फ्लैक्स सीड्स), राजमा , भांग के बीज, सोयाबीन, फूलगोभी, कैनोला ऑयल, सोयाबीन की फलियां, कोल्ड  लिवर ऑयल, सैल्मन मछली, मैकेरल मछली, सार्डिन मछली आधी का सेवन किया जा सकता है। 
 
Q. क्या खाने से दिल मजबूत होता है?
Ans. दिल मजबूत करने के लिए ओमेगा 3 वसा,असंतृप्त वसा, फल और हरी सब्जियां,लो-फैट डेयरी उत्पाद, नट, बीज, और फलियां आदि का सेवन किया जा सकता है। 
 
Q. हार्ट पेशेंट क्या खाएं?
Ans. हार्ट पेशेंट लो फैट वाला दही और पनीर,पत्तेदार हरी सब्जियां (जैसे फूलगोभी और ब्रोकली) जैतून का तेल, कैनोला ऑयल, कुछ फल (जैसे सेब, ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, जामुन, एवाकाडो और केला) मेवा, बादाम और बीज का सेवन कर सकते हैं।   
 
Q. हृदय रोग में क्या नहीं खाना चाहिए?
Ans. हृदय रोग में सोडा (Soda), कैंडी (Candy), स्पोर्ट्स ड्रिंक (Sports drink), कुकीज (Cookies), बिस्कुट (Biscuits), केक (Cake), पेस्ट्री (Pastry), बहुत मीठा दही (Sweet yogurt),आइसक्रीम (Ice Cream), सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft drinks), पिज्जा, बर्गर, चीज, मेयोनीज, केक जैसे फूड आइटम्स स्वास्थ के लिए हानिकारक हो सकते हैं।   
 
Q. किसकी अधिकता के कारण हृदय रोग होता है?
Ans. भोजन में संतृप्त और ट्रांस वसा की अधिकता के कारण हृदय रोग हो सकता है।  इसके पीछे का कारण यह है कि संतृप्त और ट्रांस वसा युक्त भोजन रक्त में ट्राइग्लिसराइड कि मात्रा को बढ़ा देते हैं जो ह्रदय हृदय रोग के जोखिम को बढ़ा देते हैं।   

सन्दर्भ (References)

  • Pallazola VA, Davis DM, Whelton SP, et al. A Clinician’s Guide to Healthy Eating for Cardiovascular Disease Prevention. Mayo Clin Proc Innov Qual Outcomes. 2019;3(3):251-267. Published 2019 Aug 1.
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