Starting Symptoms Of Thyroid In Hindi| थायराइड के प्रारंभिक लक्षण, कारण और इलाज

Symptoms Of Thyroid in Hindi: इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको थायराइड के प्रारंभिक लक्षण, कारण और इलाज को विस्तार से बताएंगे, साथ ही हाइपो थायराइड (Hypothyroidism in Hindi) और हाइपर थायराइड (Hyperthyroidism in Hindi) के लक्षण और कारण को भी समझाएंगे।  

थायराइड क्या है? | Thyroid in Hindi

Meaning of thyroid in Hindi

थायरॉयड तितली के आकार की ग्रंथि (gland) होती है जो आपकी गर्दन के अंदर और कॉलरबोन के ठीक ऊपर स्थित रहती है।  

थायरॉयड ग्रंथि दो प्रकार के थायराइड हार्मोन बनाती हैं जिसमें पहला ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3) हार्मोन, दूसरा थायरोक्सिन (T4) हार्मोन कहलाता है। यह दोनों ही हार्मोन शरीर की विभिन्न चयापचय (Metabolism) क्रिया को नियंत्रित करने में मदद करती है। मस्तिष्क में मौजूद पिट्यूटरी ग्रंथि थायराइड-उत्तेजक हार्मोन (TSH) बनती है, जो थायरॉयड ग्रंथि को बताती है कि T4 और T3 का कितना उत्पादन करना है।

थायरॉयड ग्रंथि (थायराइड ग्लैंड) को एंडोक्राइन ग्रंथि भी कहा जाता है क्योंकि ये ग्रंथि नलिकाहीन होती हैं और थायरॉयड हार्मोन को सीधे रक्त में डाल देती हैं। 

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थायराइड ग्रंथि (थायराइड हार्मोन) के प्रमुख कार्य | Thyroid hormone function in Hindi

थायराइड के हार्मोन शरीर के महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • थायरॉयड हार्मोन वसा, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट के चयापचय को नियंत्रित रखती है।
  • थायरॉयड हार्मोन रक्त में चीनी, कोलेस्ट्रॉल (Cholestrol) तथा फोस्फोलिपिड की मात्रा को कम करती है।
  • थायरॉयड हार्मोन हड्डियों, पेशियों तथा मानसिक वृद्धि को नियंत्रित रखती है।
  • थायरॉयड हार्मोन हृदयगति एवं रक्तचाप को नियंत्रित रखती है।
  • थायरॉयड हार्मोन महिलाओं में दुग्धस्राव को बढ़ाती है।
  • थायरॉयड हार्मोन सांस लेने में मदद करती है। 
  • थायरॉयड हार्मोन हृदय दर नियंत्रित रखती है। 
  • थायरॉयड हार्मोन केंद्रीय और परिधीय तंत्रिका तंत्र को नियंत्रित रखती है। 
  • थायरॉयड हार्मोन शरीर का वजन नियंत्रित रखती है। 
  • थायरॉयड हार्मोन मांसपेशियों की ताकत बनाए रखती है। 
  • थायरॉयड हार्मोन महिलाओं के पीरियड को नियंत्रित करती है। 
  • थायरॉयड हार्मोन शरीर का तापमान नियंत्रित रखती है। 

थायराइड की बीमारी क्या है ? | What is thyroid disease in Hindi

थायराइड के प्रारंभिक लक्षण
थायरॉयड हार्मोन के उत्पाद (या स्तर में) में गड़बड़ी से थायरॉयड रोग (Thyroid problem in Hindi)  उत्पन्न होता है। थायराइड विकार शरीर में होने वाली एक आम समस्‍या है जो पुरुषों से ज्‍यादा महिलाओं को प्रभावित करती है।
थायरॉइड विकार दो प्रकार के होते हैं-
  • थायरॉइड ग्रंथि की अतिसक्रियता (हाइपो थायराइड) – Hyperthyroidism
  • थायरॉइड ग्रंथि की अल्पसक्रियता (हाइपर थायराइड) – Hypothyroidism

थायराइड के प्रकार | Types of Thyroid in Hindi

1. हाइपो थायराइड | Hypothyroidism means in Hindi

रक्त में थायराइड हार्मोन के स्तर का कम होना हाइपो थायराइड (हाइपोथायरायडिज्म) कहलाता है। हाइपो थायराइड तब होता है जब आपका थायराइड पर्याप्त थायराइड हार्मोन नहीं बनाता है। इस स्थति को अंडरएक्टिव थायराइड (Underactive Thyroid) भी कहा जाता है। यह स्थति आपके शरीर के कई कार्यों को धीमा कर देते हैं, जैसे आपका चयापचय (metabolism)।
 
हाइपो थायराइड का सबसे आम कारण हाशिमोटो रोग (Hashimoto’s disease) है। हाशिमोटो बीमारी वाले लोगों में प्रतिरक्षा प्रणाली (immunity) गलती से उन्ही के थायराइड(Thyroid in Hindi) पर हमला कर देती है जिसकारण थायराइड को नुकसान पहुंचाता है जिससे थायराइड ग्रंथि पर्याप्त हार्मोन नहीं बना पाती है। इसके आलावा थायरॉयड ग्रंथि को सर्जरी द्वारा हटाना, या विकिरण (radiation) उपचार से थायरॉयड ग्रंथि का क्षतिग्रस्त होना भी थायरॉइड ग्रंथि की अल्पसक्रियता का कारण हो सकता है। हाइपोथायरायडिज्म के कारणों को नीचे आप विस्तार से पढ़ेंगे।
 

2. हाइपर थायराइड | Hyperthyroidism Hindi meaning

रक्त में थायराइड हार्मोन (T4 & T3) के स्तर का अधिक होना हाइपर  थायराइड (हाइपरथायरायडिज्म) कहलाता है। हाइपरथायरायडिज्म (Hyper thyroid problem in Hindi) की स्थति तब आती है जब शरीर जरुरत से ज्यादा थायरॉइड हार्मोन का उत्पाद करता है। हाइपरथायरायडिज्म शरीर के चयापचय (Metabolism) को तेज कर सकता है, जिससे वजन कम हो सकता है और दिल की धड़कन तेज या अनियमित हो सकती है। इसके आलावा महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म (Irregular periods) का होना भी इसका कारण बन सकता है।

थायराइड के प्रारंभिक लक्षण | Starting symptoms of Thyroid in Hindi

क्योंकि थायराइड दो प्रकार के होते है इसलिए इसके प्रारंभिक लक्षण (thyroid ke lakshan in Hindi) इस बात पर निर्भर करते हैं कि रोगी को कौन सा थायराइड हुआ है।  

1. हाइपो थायराइड के शुरुवाती लक्षण | Symptom of Hypothyroidism in Hindi 

हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण (Thyroid symptoms in Hindi) थायरॉइड हार्मोन (Thyroid hormones) की कमी की गंभीरता के आधार पर निर्भर होते हैं। समान्य परिस्थिति में इसके लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं, और कई बार तो इसके लक्षण आने में कई वर्षों तक का समय लग जाता है। वस्यकों में थायराइड के शुरुवाती लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं –
 

a. वयस्कों में हाइपोथायराइड (अल्पसक्रियता) के शुरुवाती लक्षण – Low thyroid symptoms in Hindi

  • थकान (Tiredness),
  • सर्दी के प्रति अधिक संवेदनशील होना (More sensitive to cold),
  • कब्ज (Constipation),
  • रूखी त्वचा (Dry skin),
  • सूजा हुआ चेहरा (Swollen face),
  • स्वर बैठना (Hoarseness),
  • मांसपेशी में कमज़ोरी (Muscle weakness),
  • ऊंचा रक्त कोलेस्ट्रॉल स्तर (High cholesterol level),
  • मांसपेशियों में दर्द, कोमलता और जकड़न (Muscle pain, tenderness and stiffness),
  • मेटाबोलिज्म धीमा पड़ने के कारण वजन बढ़ना (Weight gain),
  • आपके जोड़ों में दर्द, जकड़न या सूजन (Pain, stiffness, or swelling in your joints),
  • अनियमित मासिक धर्म (Irregular periods),
  • बालों का अधिक झड़ना (Hair loss),
  • धीमी हृदय गति (Slow heart rate),
  • अवसाद (Depression),
  • पसीने में कमी (Decreased sweating),
  • बिगड़ी  हुई यादाश (Impaired memory),
  • बढ़े हुए थायरॉयड ग्रंथि (Goiter disease),
  • महिलाओं का संतान प्राप्ति से वंचित होना (Infertility)। 
हाइपोथायरायडिज्म (Thyroid disease symptoms in Hindi) में शरीर का वजन बढ़ना एक समान्य समस्या है।  हालांकि, हाइपोथायरायडिज्म के इलाज के बाद वजन धीरे-धीरे समान्य हो जाता है। वजन कम करने के लिए डॉक्टर आपको हाइपोथायरायडिज्म डाइट (Hypothyroidism diet) लेने और नियमित रूप से व्यायाम (Work out) करने के लिए बोल सकते हैं। 
 

b. शिशुओं में हाइपोथायराइड (अल्पसक्रियता) के प्रारंभिक लक्षण – Underactive thyroid symptoms in Hindi

आमतौर पर हाइपोथायरायडिज्म (Thyroid se hone wali problem in Hindi) शिशुओं को प्रभावित नहीं करता है पर कभी-कभी ये शिशुओं में भी विकसित हो सकता है वो भी तब जब नवजात शिशु थायरॉयड ग्रंथि के बिना जन्म लेते हैं। नवजात शिशुओं में हाइपोथायरायडिज्म के निम्नलिखित शुरुवाती लक्षण हो सकते हैं –
  • त्वचा का पीला पड़ना (Jaundice)। 
  • बड़ी और उभरी हुई जीभ का होना (Big and protruding tongue)
  • सांस लेने में दिक्क्त होना (Shortness of breath)
  • हर समय रोना (Cry all the time)
  • शारीरक विकास में देरी होना या विकास न होना (Delay in physical development)
  • मानसिक विकास रुकना  (Mental retardation)
  • कब्ज होना (Constipation)
  • अत्यधिक नींद आना (Excessive sleepiness)

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2. हाइपर थायराइड के शुरुवाती लक्षण | Symptoms of Hyperthyroidism (Thyroid) in Hindi 

Symptoms of Thyroid (Hyperthyroidism) in Hindi 

हाइपरथायरायडिज्म (हाइपर थायराइड) के लक्षण (Thyroid symptoms in Hindi) एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकते हैं। हाइपरथायरायडिज्म के आम लक्षणों में शामिल हैं-
 

a. वयस्कों में उच्च थायराइड के शुरुवाती लक्षण – High thyroid symptoms in Hindi

  • घबराहट या चिड़चिड़ापन (nervousness or irritability)
  • थकान या मांसपेशियों में कमजोरी ( weakness)
  • गर्मी सहन करने में परेशानी (trouble with heat)
  • नींद न आना (अनिद्रा)  (Insomnia)
  • खुजली वाली त्वचा (Itchy skin)
  • नाखून का ढीला होना (loosening of nails)
  • काँपते हाथ (Trembling hands)
  • गण्डमाला रोग (Goiter disease)
  • तेज़ और अनियमित दिल की धड़कन (Fast and irregular heartbeat)
  • बार-बार मल त्याग या दस्त (Frequent bowel movements or diarrhea)
  • वजन घटना (Weight loss)
  • ब्लड शुगर का अधिक होना (High blood sugar)
  • ओस्टियोपोरोसिस की समस्या (Osteoporosis disease)
  • महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता (Irregular periods)

b. शिशुओं में हाइपरथायराइड (अतिसक्रियता) के प्रारंभिक लक्षण – High level thyroid symptoms in Hindi

आमतौर पर नवजात शिशु (infant) में हाइपरथायरायडिज्म, मां में ग्रेव्स रोग (Graves disease) के कारण से होता है। गर्भवती महिला में ग्रेव्स रोग के कारण गर्भपात या समय से पहले शिशु का जन्म हो सकता है।
ग्रेव्स रोग में मां के एंटीबॉडी प्लेसेंटा को पार कर गर्भ में बढ़ते बच्चे की थायरॉयड ग्रंथि को प्रभावित कर सकते हैं जिससे शिशुओं में हाइपरथायरायडिज्म की समस्या पैदा हो जाती है। नवजात शिशुओं में हाइपरथायरायडिज्म के लक्षणों में चिड़चिड़ापन, तेज़ हृदय गति, उभरी हुई आँखें, देरी से वजन बढ़ना आदि शामिल हैं।

थायराइड होने के कारण | Reason (causes) of thyroid in Hindi

थायरॉइड ग्रंथि की गड़बड़ी (Thyroid problem in Hindi) के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं – 
  • हाशिमोटो थायरॉयडिटिस रोग (Hashimoto’s Thyroiditis)
  • ग्रेव्स रोग (Graves disease)
  • घेंघा रोग  (Goiter disease
  • विकिरण उपचार (Radiation therapy)
  • थायरॉयड का सर्जरी द्वारा निकालना (Surgical removal of the thyroid )
  • दवाएं (Medications)
  • थायराइड नोड्यूल (Thyroid Nodule)
  • थायराइड कैंसर (Thyroid cancer)

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हाइपो थायराइड का कारण | Causes of Hypothyroidism in Hindi

Hypothyroidism in Hindi

हाइपोथायरायडिज्म के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं – 

1. हाइपो थायराइड का कारण हाशिमोटो थायरॉयडिटिस – Hashimoto’s Thyroiditis in Hindi

हाइपोथायरायडिज्म का सबसे आम कारण हाशिमोटो रोग (Hashimoto’s disease) है। हाशिमोटो रोग एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली (immunity) आपके थायरॉयड पर हमला करती है जिससे थायराइड में सूजन (Thyroid symptoms in Hindi) आ जाती है और पर्याप्त थायराइड हार्मोन नहीं बना पता है। हाशिमोटो रोग, हाइपोथायरायडिज्म का सबसे आम कारण है। 
 

2. हाइपो थायराइड का कारण घेंघा रोग  – Goiter disease in Hindi

घेंघा रोग भी हाइपोथायरायडिज्म का कारण बन सकता है। थायरॉइड का आकार में बढ़ना गोइटर (घेंघा) रोग कहलाता है। 
 
 
हाइपोथायरायडिज्म (थायराइड के कारण)  के अन्य कारणों में शामिल हैं: 

3. हाइपो थायराइड का कारण थाइरोइडिटिस – Thyroiditis in Hindi

इस बीमारी में थायरॉयड ग्रंथि सूज (swollen) जाती है और थायराइड हार्मोन का पूरा रिसाव ब्लड में हो जाता है। ब्लड में थायराइड हार्मोन का पूरा रिसाव होने से इसकी मात्रा रक्त में बढ़ जाती है।
 
इस बीमारी के शुरुवात में तो रोगी हाइपरथाइरॉयडिज़्म से ग्रस्त होता है पर कुछ महीनो बाद रोगी का हाइपरथाइरॉयडिज़्म,  हाइपोथायरायडिज्म में बदल जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ समय बाद थायराइड हार्मोन रक्त में कम हो जाता है और नया थायराइड हार्मोन बनता नहीं है। 

4. हाइपो थायराइड का कारण जन्म के समय थायराइड की समस्या – Problems with the thyroid at birth

जन्म के समय बच्चों में थायरॉयड ग्रंथि (Thyroid in Hindi) ठीक से विकसित नहीं होती या ठीक से काम नहीं करती है जो हाइपोथायरायडिज्म का कारण बनता है। इस प्रकार के हाइपोथायरायडिज्म को जन्मजात हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है।

5. हाइपो थायराइड का कारण आहार में बहुत कम आयोडीन – Too little iodine in the diet

थायराइड हार्मोन का उत्पादन करने के लिए थायराइड  ग्रंथि को आयोडीन की आवश्यकता होती है। भोज्य पदार्थों में आयोडीन न मिलने से या आयोडीन युक्त नमक न मिलने से हाइपोथायरायडिज्म की समस्या हो सकती है। 

6. हाइपो थायराइड का कारण विकिरण उपचार – Radiation therapy

कुछ कैंसर (जैसे लिम्फोमा) का इलाज करने के लिए गर्दन को विकिरण (radiation) की आवश्यकता होती है। विकिरण थायराइड में कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। इससे थायराइड ग्रंथि के लिए हार्मोन का उत्पादन करना अधिक कठिन हो जाता है।

7. हाइपो थायराइड का कारण थायरॉयड का सर्जरी द्वारा निकालना – Surgical removal of the thyroid

कभी-कभी थायराइड ग्रंथि में की जाने वाली सर्जरी थायराइड हॉर्मोन के उत्पाद को कम कर देती है जो हाइपोथायरायडिज्म का कारण बनता है। 

8. हाइपो थायराइड का कारण दवाएं – Medications

हृदय की समस्याओं, मानसिक स्थितियों और कैंसर के इलाज के लिए दी जाने वाली दवाएं कभी-कभी थायराइड हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित (हाइपोथायरायडिज्म) कर सकती हैं। इनमें एमियोडेरोन (कॉर्डारोन, पैकरोन), इंटरफेरॉन अल्फा और इंटरल्यूकिन -2 शामिल हैं।

हाइपर थायराइड का कारण | Causes of Hyperthyroidism in Hindi

Causes of Hyperthyroidism in Hindi
हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism) के कई कारणों (थायराइड के कारण) से हो सकता है, जिनमें ग्रेव्स रोग, थायरॉयड नोड्यूल और थायरॉयडिटिस-थायरॉइड की सूजन शामिल हैं। इसके आलावा बहुत अधिक आयोडीन का सेवन करना या बहुत अधिक थायराइड हार्मोन की दवा लेना भी आपके थायराइड हार्मोन के स्तर को बढ़ा सकता है।
 

1. हाइपर थायराइड का कारण ग्रेव्स रोग – Graves’ disease in Hindi

ग्रेव्स रोग (Thyroid problem in Hindi) हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism) का सबसे आम कारण है। जोकि एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर (Autoimmune disorder) है। इस बीमारी में आपका इम्यून सिस्टम (आपकी खुद की एंटीबाडी) थायराइड पर हमला करती है जिसकारण थायराइड हार्मोन बहुत ज्यादा बनने लगता है। ग्रेव्स रोग पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक बार होता है और यह बीमारी एक संतान से दूसरी संतान तक पहुंच सकती है। 

2. हाइपर थायराइड का कारण दवाएं – Medications

ऐसे लोग जो हाइपोथायरायडिज्म के लिए थायराइड हार्मोन की दवा लेते हैं, वे कभी कभी इस दवा की मात्रा को खुद से बड़ा देते हैं। दवा की मात्रा बढ़ने से यह हाइपरथायरायडिज्म को जन्म देता है। इसलिए साल में कम से कम एक बार थायराइड हार्मोन के स्तर की जांच अवश्य करनी चाहिए। 
 
इसके आलावा कुछ अन्य दवाएं भी थायराइड हार्मोन के स्तर को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होती हैं।  इसलिए, यदि आप थायराइड हार्मोन की दवा लेते हैं, तो नई दवाएं शुरू करते समय अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

3. हाइपर थायराइड का कारण बहुत ज्यादा आयोडीन – Too much iodine

थायराइड ग्रंथि थायराइड हार्मोन बनाने के लिए आयोडीन का उपयोग करती है। शरीयर में आयोडीन की अधिकता थायराइड हार्मोन की मात्रा को बढ़ा सकती है। 

4. हाइपर थायराइड का कारण थायराइड नोड्यूल – Nodular thyroid disease

थायराइड नोड्यूल (Thyroid problem in Hindi) एक प्रकार की गांठ हैं जो थायरॉयड ग्रंथि में विकसित हो जाती हैं। ये गांठें थायराइड ग्रंथि के नियमित कार्य को प्रभावित करती हैं जो हाइपरथॉयराइडिज्म का कारण बन सकती है। 

5. हाइपर थायराइड का कारण थायराइड कैंसर – Thyroid cancer

दुर्लभ मामलों में, थायराइड का कैंसर भी हाइपरथॉयराइडिज्म का कारण बन सकता है। 
 

थायरॉइड का निदान कैसे किया जाता है? How is thyroid diagnosed in Hindi

हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म के निदान के तरीकों में शामिल हैं:
  • चिकित्सा इतिहास (medical history) और लक्षणों का विश्लेषण,
  • शारीरिक परीक्षा (Physical examination),
  • थायरॉयड अल्ट्रासाउंड (ultrasound) या न्यूक्लियर मेडिसिन स्कैन (nuclear medicine scan) : यह देखने के लिए कि क्या थायराइड ग्रंथि में नोड्यूल बने हैं, या यह निर्धारित करने के लिए कि क्या इसमें कोई सूजन तो नहीं। 
थायराइड हार्मोन के स्तर को मापने के लिए निम्नलिखित रक्त परीक्षण किये जा सकते हैं –
  • थायराइड उत्तेजक हार्मोन (TSH)
  • थायराइड हार्मोन ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3)
  • थायराइड हार्मोन थायरोक्सिन (T4)
  • थायराइड पेरोक्साइडस एंटीबॉडी (TPO antibodies)

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थायराइड रक्त परीक्षण | Thyroid blood test in Hindi

आमतौर पर, थायराइड परीक्षण करने से पहले उपवास सहित किसी विशेष सावधानी का पालन करने की आवश्यकता नहीं होती है। हालाँकि, बेहतर यही है कि आप अपने डॉक्टर से पूछ लें कि थायराइड परीक्षण के लिए उपवास करना है या नहीं। निम्नलिखत टेस्ट से थायराइड के स्तर का परीक्षण किया जा सकता है। 
 

1. टीएसएच थायराइड परीक्षण  -TSH (Thyroid stimulating hormone) thyroid blood test in Hindi

एक उच्च टीएसएच स्तर बताता है कि थायरॉयड ग्रंथि (Thyroid in Hindi) पर्याप्त थायराइड हार्मोन (हाइपोथायरायडिज्म) नहीं बना रही है। दूसरी ओर, कम टीएसएच स्तर आमतौर यह बताता है कि थायराइड ग्रंथि बहुत अधिक थायराइड हार्मोन (हाइपरथायरायडिज्म) का उत्पादन कर रही है। अधिकांश स्वस्थ व्यक्तियों में, एक सामान्य TSH मान का अर्थ है कि थायरॉयड ठीक से काम कर रहा है।
 
एक वयस्क के लिए सामान्य TSH रेंज (Reference range): 0.40 – 4.50 mIU/mL (मिली-अंतर्राष्ट्रीय यूनिट प्रति लीटर रक्त) होती है।
 
TSH के स्तर में होने वाला परिवर्तन अक्षर प्रारंभिक चेतावनी के रूप में देखा जाता है।
 
यदि रक्त में TSH का असामान्य स्तर है, तो थायराइड समस्या का और अधिक मूल्यांकन करने के लिए डॉक्टर थायरोक्सिन (T4) और ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3) के स्तर को भी मापने के लिए बोल सकते हैं। 

2. T4 थायराइड (थायरोक्सिन परीक्षण) परीक्षण – T4 level (Thyroxine tests) thyroid test in Hindi

T4 के स्तर में कमी हाइपोथायरायडिज्म का संकेत होता है, जबकि उच्च T4 स्तर हाइपरथायरायडिज्म का संकेत है। एक वयस्क के लिए सामान्य T4 रेंज (Reference range): 5.0 – 11.0 ug/dL (माइक्रोग्राम प्रति डेसीलीटर रक्त) होती है।

3. T3 थायराइड (ट्राईआयोडोथायरोनिन परीक्षण) परीक्षण – T3 level (Triiodothyronine tests) thyroid test in Hindi

 T3 का निम्न स्तर हाइपोथायरायडिज्म का संकेत होता है। हालांकि, T3 का उच्च स्तर हाइपरथायरायडिज्म का संकेत होता है। सामान्य T3 रेंज (Reference range): 100 – 200 ng/dL (नैनोग्राम प्रति डेसीलीटर रक्त) होती है। 
 
ध्यान रहे टेस्ट की रेंज प्रत्येक प्रयोगशाला में थोड़ी बहुत भिन्न हो सकती है।   
 

थायराइड के अन्य रक्त परीक्षण | Other thyroid blood test in Hindi

4. थायराइड एंटीबॉडीज – Thyroid antibodies test in Hindi 

ये परीक्षण विभिन्न प्रकार के ऑटोइम्यून थायरॉयड स्थितियों की पहचान करने में मदद करते हैं। सामान्य थायरॉयड एंटीबॉडी परीक्षणों में 

माइक्रोसोमल एंटीबॉडी (थायरॉइड पेरोक्सीडेज एंटीबॉडी या टीपीओ एंटीबॉडी के रूप में भी जाना जाता है), 

थायरोग्लोबुलिन एंटीबॉडी (टीजी एंटीबॉडी के रूप में भी जाना जाता है),

थायरॉयड रिसेप्टर एंटीबॉडी (थायरॉइड उत्तेजक इम्युनोग्लोबुलिन [टीएसआई] और 

थायरॉयड ब्लॉकिंग इम्युनोग्लोबुलिन [टीबीआई] 

अदि शामिल हैं। 

5. कैल्सीटोनिन – Calcitonin thyroid test in Hindi 

इस परीक्षण का उपयोग सी-सेल हाइपरप्लासिया और मेडुलरी थायरॉयड कैंसर का निदान करने के लिए किया जाता है, ये दोनों ही दुर्लभ थायरॉयड विकार हैं।

6. थायरोग्लोबुलिन – Thyroglobulin Thyroid test in Hindi 

इस परीक्षण का उपयोग थायरॉयडिटिस (थायरॉयड सूजन) का निदान करने और थायरॉयड कैंसर के उपचार की निगरानी के लिए किया जाता है।
 
 

थायराइड रोग का इलाज कैसे किया जाता है? | Thyroid treatment in Hindi

यदि थायराइड हार्मोन (हाइपरथायरायडिज्म) का स्तर उच्च है, तो डॉक्टर उपचार हेतु निम्नलिखित विकल्प शामिल कर सकते हैं:
 

1. एंटी-थायरॉइड दवा द्वारा थायराइड रोग का इलाज (Anti-thyroid drugs)

ये ऐसी दवाएं हैं जो आपके थायराइड को हार्मोन बनाने से रोकती हैं। मेथिमाज़ोल (methimazole) और प्रोपीलेथियोरैसिल (propylthioracil) जैसी दवाइयों इनमें शामिल हो सकती है।
 
 

2. रेडियोधर्मी आयोडीन द्वारा थायराइड का उपचार (Radioactive iodine)

यह उपचार आपके थायरॉयड की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, यह उपचार थायराइड हार्मोन के उच्च स्तर को बनाने से रोकता है।

3. बीटा ब्लॉकर्स दवाद्वारा थायराइड का इलाज  (Beta blockers)

ये दवाएं आपके शरीर में हार्मोन की मात्रा को नहीं बदलती है, लेकिन ये लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है।
 

4. सर्जरी द्वारा थायराइड का इलाज (Surgery)

आपका स्वास्थ्य सेवा प्रदाता शल्य चिकित्सा (Surgery) द्वारा आपके थायरॉयड (थायरॉयडेक्टॉमी) को हटा सकता है। जिससे थायराइड हार्मोन उत्पाद कम हो जाता है। हालाँकि, आपको पूरे जीवन भर थायराइड रिप्लेसमेंट हार्मोन (thyroid replacement hormones) लेने की आवश्यकता होती है।
 
यदि थायराइड हार्मोन (हाइपरथायरायडिज्म) का स्तर निम्न है, तो डॉक्टर उपचार हेतु निम्नलिखित विकल्प शामिल कर सकते हैं:
 

5. थायराइड प्रतिस्थापन दवा द्वारा थायराइड का उपचार (Thyroid replacement medication)

यह दवा थायराइड हार्मोन कि तरह काम करती है। आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली इस दवा को लेवोथायरोक्सिन (levothyroxine) कहा जाता है। इस दवा का उपयोग करके, आप थायराइड रोग को नियंत्रित कर सकते हैं और एक सामान्य जीवन जी सकते हैं।
 

थायराइड के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | Thyroid FAQ in Hindi

प्रश्न. क्या थायराइड जानलेवा है?
उत्तर. थायराइड जानलेवा नहीं हैं मगर इसका इलाज न कराया जाए तो यह शरीर के लिए हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है। ज्यादातर मामलों में अगर एक बार थायराइड हो जाए तो ताउम्र दवाई लेनी पड़ती है जिसकी मात्रा थायराइड की स्थति पर निर्भर करती है। 
 
प्रश्न. गले मे थायराइड के लक्षण क्या हैं ?
उत्तर. गले मे थायराइड के लक्षणों में शामिल हैं –
घबराहट, थकान, कब्ज, धीमी हृदय गति, बिगड़ी  हुई यादाश, महिलाओं का संतान प्राप्ति से वंचित होना, वजन घटना या बढ़ना, मांसपेशियों में दर्द, ब्लड शुगर का अधिक होना, रूखी त्वचा आदि। 
 
प्रश्न. पुरुषों में थायराइड के प्रमुख लक्षण क्या हैं ?
उत्तर. पुरुषों में थायराइड के प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं –
बाल झड़ना, शुक्राणुओं (Sperm) की संख्या का  कम  होना, नपुंसकता (impotence), टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होना, पुरुषों में स्तन (breast) जैसी वृद्धि होना आदि। 
 
प्रश्न. हाइपर थायराइड के लक्षण क्या हैं ?
उत्तर. हाइपर थायराइड के प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं –
वजन का कम होना, दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना, महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म (Irregular periods) का होना, शरीर में कम्पन होना आदि। 
 
प्रश्न. थायराइड कितना होना चाहिए ?
उत्तर. एक स्वस्थ वयस्क के लिए सामान्य TSH रेंज (Reference range): 0.40 – 4.50 mIU/mL (मिली-अंतर्राष्ट्रीय यूनिट प्रति लीटर रक्त) होती है।
एक स्वस्थ वयस्क के लिए सामान्य T4 रेंज (Reference range): 5.0 – 11.0 ug/dL (माइक्रोग्राम प्रति डेसीलीटर रक्त) होती है।
एक स्वस्थ वयस्क के लिए सामान्य T3 रेंज (Reference range): 100 – 200 ng/dL (नैनोग्राम प्रति डेसीलीटर रक्त) होती है। 
 
प्रश्न. महिलाओं में थायराइड के लक्षण क्या हैं ?
उत्तर. महिलाओं में थायराइड के प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं –
वजन में बदलाव, असामान्य रक्तचाप, थकान, मनोदशा में बदलाव, मासिक धर्म की समस्याएं, बालों और त्वचा में बदलाव, मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी, सूजी हुई या सूखी आंखें, बांझपन आदि। 
 
प्रश्न. थायराइड में गर्म पानी पीना चाहिए या नहीं ?
उत्तर. थायरॉयड ग्रंथि को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन सी सहित कई विटामिन और खनिजों की आवश्यकता होती है। अगर डॉक्टर के अनुसार हलके गुनगुने पानी में नींबू पानी का सेवन किया जाए तो यह थायराइड को स्वस्थ रखने के लिए काफी असरदार हो सकता है। 
 
प्रश्न. थायराइड में कौन सा नमक खाना चाहिए ?
उत्तर. ऐसे नमक का सेवन करें जिसमें आयोडीन की मात्रा पर्याप्त  हो साथ ही सेंधा नमक भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। 
 
प्रश्न. थायराइड में चावल खाना चाहिए या नहीं ?
उत्तर. ब्राउन राइस () थायराइड के लिए अच्छा माना जाता है।  ब्राउन राइस जिंक का अच्छा स्रोत माने जाते हैं, जो शरीर के कार्यों के लिए एक महत्वपूर्ण तत्व है जो हाइपरथायरायडिज्म के कारण समाप्त हो सकता है।
 
प्रश्न. थायराइड में कौन सा फल खाना चाहिए ?
उत्तर. थायराइड में अमरुद, सेब, मौसमी, अनानास और स्ट्रॉबेरी जैसे फल फायदेमंद हो सकते हैं। 
 
प्रश्न. थायराइड में कौन सा फल नहीं खाना चाहिए ?
उत्तर. आड़ू और बेर थायराइड में नहीं कहने चाहिए। क्योंकि इनमें एंटी-थायराइड और गोइट्रोजेनिक (goitrogenic) गुण होते हैं।
 
प्रश्न. थायराइड में कौन सी सब्जी नहीं खानी चाहिए ?
उत्तर. ब्रोकली, पालक, फूलगोभी में एंटी-थायराइड और गोइट्रोजेनिक (goitrogenic) गुण होते हैं। जो थायराइड में हानिकारक हो सकते हैं।
 
प्रश्न. थायराइड में दही खाना चाहिए कि नहीं ?
उत्तर. डेयरी उत्पादों में कैल्शियम थायराइड हार्मोन के अवशोषण में हस्तक्षेप कर सकता है। थायराइड की दवा लेने के लगभग एक घंटे बाद ही दही खाना चाहिए। 
 
प्रश्न. थायराइड में दूध पीना चाहिए कि नहीं ?
उत्तर. दूध में मौजूद कैल्शियम थायराइड हार्मोन के अवशोषण को कम करता है।  हालांकि, मलाई रहित दूध या जैविक दूध काफी बेहतर विकल्प है जो स्वस्थ और पचाने में आसान होता है।
 
प्रश्न. थायराइड में नींबू पानी पीना चाहिए या नहीं ?
उत्तर. नींबू एंटीबॉडी की गतिविधि को रोकता है जो थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करता है। गुनगुने पानी में नींबू का रह पीने से यह थायराइड के लिए फायदेमंद हो सकता है। 
 
प्रश्न. थायराइड में चाय पीना चाहिए कि नहीं ?
उत्तर. कैफीन रहित चाय थायराइड के लिए फायदेमंद होती है। हर्बल चाय विटामिन C, विटामिन E, विटामिन B6, पोटेशियम, मैंगनीज, कॉपर और मैग्नीशियम जैसे विटामिन और खनिजों से भरी होती है जो थायराइड रोगियों के लिए ज्यादा असरदार होती है। इसलिए हर्बल टी थायराइड रोगियों के लिए ज्यादा असरदार होती है। 
 
प्रश्न. थायराइड कितने दिन में ठीक हो जाता है ?
उत्तर. ज्यादातर मामलों में, आप हाइपोथायरायडिज्म या हाइपरथायरायडिज्म को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है। हालांकि, दवाई लेने पर थायराइड चार से छह सप्ताह में अपने सामान्य स्तर पे आ जाता है।   
 
प्रश्न. पुरुषों में थायराइड का इलाज बताइये ?
उत्तर. यदि थायराइड हार्मोन (हाइपरथायरायडिज्म) का स्तर उच्च है, तो डॉक्टर उपचार हेतु एंटी-थायरॉइड दवाएं, रेडियोधर्मी आयोडीन, बीटा ब्लॉकर्स या सर्जरी द्वारा इलाज किया जा सकता है। यदि शरीर में थायराइड हार्मोन का स्तर कम है तो डॉक्टर लेवोथायरोक्सिन नामक दवाई का इस्तेमाल कर सकते हैं।  
 
ये हैं थायराइड के प्रारंभिक लक्षण, कारण और इलाज के बारे में बताई गई पूरी जानकारी। कमेंट में बताएं आपको यह पोस्ट (Starting symptoms of Thyroid in Hindi) कैसी लगी। अगर यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे जरूर शेयर करें।
ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। किसी भी उपचार या दवाई को शुरू करने से पहले किसी योग्य डॉक्टर की सलाह जरूर लें। 
 

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