Home Remedies for Sinus : बिना दवा साइनस का घरेलू इलाज

साइनस (Sinus) माथे, नाक, चीकबोन्स और आंखों के आस पास के वह खाली स्थान हैं जिनमें हवा भरी होती है। सामान्यतः साइनस म्यूकस बनाते हैं, जिससे नाक के अंदरूनी हिस्से नम बने रखते हैं। परन्तु, कभी-कभी साइनस में संक्रमण (infection) होने के कारण साइनस की झिल्ली में सूजन आ जाती है, और साइनस बंद हो जाते हैं। जिससे व्यक्ति माथे, सिर और चेहरे पर दर्द या दबाव का अनुभव करते हैं। साइनस में होने वाला यह संक्रमण साइनसाइटिस कहलाता है। साइनस की समस्या से निजात पाने के लिए सबसे पहले घरेलू उपचार को अपनाया जाता है। हालांकि ज्यादातर लोगों को यह नहीं पता होता है कि साइनस के घरेलू उपाय (sinus ke gharelu ilaj in hindi) क्या हैं। इस पोस्ट में हम आपको बिना दवा के साइनस का घरेलू इलाज (Home Remedies for Sinus in Hindi) बता रहे हैं। तो चलिए अब इस पोस्ट को पूरा पढ़ते हैं।   

साइनोसाइटिस क्या है? (Sinusitis in hindi meaning)

साइनस में होने वाला संक्रमण साइनसाइटिस कहलाता है। साइनसाइटिस की बीमारी में रोगी के साइनस ऊतक सूज जाते है और साइनस में हवा की जगह अत्यधिक मवाद या बलगम आ जाता है, जिससे साइनस बंद हो जाते हैं और मरीजों को सर्दी जुखाम का अनुभव होता है। इसके अलावा रोगी माथे या गाल या ऊपरी जबड़ों में दर्द का भी अनुभव करते हैं। 

“जिन रोगियों को ऊपरी श्वसन संक्रमण, एलर्जी और अस्थमा की शिकायत होती है, उनमें साइनसाइटिस विकसित होने की संभावना अधिक रहती है।”

साइनस का घरेलू उपाय (sinus ka gharelu upay in hindi) जानने से पहले हम आपको बताना चाहेंगे कि साइनस होने के पीछे क्या वजह रहती है और इसके लक्षण क्या हैं। 

साइनस बीमारी का कारण क्या है? (What is the cause of sinus disease in Hindi?)

Causes of sinus disease in hindi

साइनस रोग (Sinus disease) मुख्यतः बैक्टीरिया संक्रमण के कारण होता है। इसके अलावा वायरस या फंगस संक्रमण भी साइनसाइटिस का कारण हो सकता है। संक्रमण के कारण साइनस सूज जाते हैं और ब्लॉक हो जाते हैं।

साइनस संक्रमण के अन्य कारणों में शामिल हैं।

  • सामान्य सर्दी जुखाम,
  • फेफड़ों में इन्फेक्शन,
  • दंत संक्रमण,
  • अस्थमा,
  • मौसमी एलर्जी,
  • जानवरों के शरीर से निकलने वाली रूसी
  • एचआईवी (HIV) / एड्स (AIDS), सिस्टिक फाइब्रोसिस जैसे विकार,
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली,
  • धुआं और धूल
  • नाक की हड्डी का बढ़ना और,
  • दूषित हवा।

“अधिकांश मामलों में वायरस साइनस संक्रमण का कारण बनते हैं, हालांकि, कुछ मामलों में बैक्टीरिया साइनस संक्रमणों का कारण बन सकते हैं।”

साइनस बीमारी की पहचान कैसे करें? (What is the symptoms of sinus in hindi?)

Symptoms of sinus in hindi
Image source freepik

साइनस में संक्रमण के कारण व्यक्ति माथे और सिर में दर्द, चेहरे पर दर्द या दबाव और गले में खराश जैसे लक्षण अनुभव कर सकता है। इसके अलावा कुछ  और लक्षण भी देखने को मिलते हैं। जैसे-

  • भरी हुई नाक,
  • नाक से स्राव या नाक बंद,
  • आंखों के पीछे दर्द,
  • दांतों में दर्द,
  • खांसी,
  • गले में जलन,
  • गले में कर्कश आवाज,
  • सांस से बदबू,
  • गंध का न आना,
  • थकान

“बंद नाक, माथे (या सिर) में दर्द  और चेहरे में दबाव साइनस संक्रमण के तीन प्रमुख लक्षण हैं, जो अधिकांश लोगों में साइनस की स्थिति में देखे जाते हैं।”

चलिए अब पढ़ते है साइनस से बचने के लिए घरेलू उपचार

बिना दवा के साइनस का घरेलू इलाज (Home Remedies for Sinus without medicine in Hindi)

Sinus Home Remedies in Hindi
Image source freepik

लगभग 70% मामलों में, साइनसिसिस के लक्षण घरेलू उपाय द्वारा नियंत्रित किये जा सकता है। साइनस (साइनोसाइटिस) के घरेलू उपयों (Sinus home remedies in Hindi) में शामिल हैं –

1. नेति पॉट द्वारा साइनस संक्रमण का घरेलू उपचार (Neti pots for Sinus treatment in Hindi)

यह छोटे चायदानी के आकार का बर्तन होता है, जो खारे पानी के घोल को नाक गुहा में डालने में मदद करता है। यह sinus की श्लेष्म झिल्ली को नम बनाए रखने और ठीक से काम करने में मदद कर सकता है। Neti pots का इस्तेमाल करने से यह पराग, बैक्टीरिया और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकलने में मदद मिलती है।

Sinus (साइनस) के इलाज के लिए नेति पॉट विधि (Neti pot method for sinus in Hindi)

  • नेति पॉट को नमक के पानी से भर दें।
  • इसके बाद अपने सिर को सिंक के ऊपर 45 डिग्री के कोण पर झुकाएं।
  • बर्तन की टोंटी को अपने ऊपरी नथुने में डालें और दूसरी नथुने से बहार निकालें।
  • इस दौरान आप खुले मुंह से सांस लें।
  • यही प्रक्रिया दूसरे नथुने में भी दोहराएं।

इस प्रक्रिया में सिंक के पानी का इस्तेमाल ना करके मिनरल वाटर का उपयोग करें। सिंक का पानी जीवाणु या परजीवी से दूषित हो सकता है, जो आपकी स्थिति को और खराब कर सकते हैं।

2009 में किये गई एक अध्ययन के अनुसार, नमक का पानी 

  • अपने नाक गुहा को साफ करता है।
  • सूजन पैदा करने वाले तत्वों को दूर करता है।
  • श्वसन तंत्र की स्व-स्वच्छता की क्षमता में सुधार लता है।

अगर आपको साइनस कंजेशन है तो दिन में एक बार नेटी पॉट का इस्तेमाल करने की कोशिश करें। यदि आप इसे प्रभावी पाते हैं, तो आप इसे दिन में दो बार उपयोग करना शुरू कर सकते हैं। 

2. सेलाइन स्प्रे द्वारा साइनोसाइटिस साइनस इन्फेक्शन का इलाज (Saline nasal spray for Sinus treatment in Hindi)

सेलाइन (Saline) साइनस के गाढ़े बलगम के स्राव को कम करता है और साथ ही एलर्जी और कीटाणुओं को दूर करने में मदद कर सकता है। सेलाइन स्प्रे इस्तेमाल करने से आपको इसकी आदत नहीं पड़ती है और साइनस से होने वाली परेशानियों से भी रहत मिलती है।

3. भाप से साइनस का इलाज (Steam inhalation for Sinusitis treatment in Hindi)

यह साइनस संक्रमण के लिए सबसे प्रभावी घरेलू उपचारों में से एक है। भाप में सांस लेने से श्लेष्मा झिल्ली को नम रखने में मदद मिलती है, साथ ही साइनस के दबाव से भी राहत मिलती हैं।

यह घरेलू इलाज (sinus ke gharelu ilaj in hindi) सर्दियों के दौरान या ठंडे मौसम में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसके लिए आप अपने बाथरूम में गर्म पानी के शॉवर के नीचे खड़े हो जाएं या एक बर्तन में गर्म पानी करें और उसकी भाप लें। 

4. हाइड्रेटेड रह कर साइनस का इलाज (Hydration for Sinus disease treatment in Hindi)

साइनस के समय अधिक पानी पीने से (हाइड्रेटेड रहना) श्लेष्म झिल्ली नम बनी रहती है। इसके अलावा शरीर में पानी की अधिक मात्रा श्लेष्म स्राव को पतला करने और जल निकासी को बढ़ावा देने में भी मदद करती है।

शरीर में पानी की मात्रा बढ़ाने के लिए आप पानी, फलों का रस और हर्बल टी पी सकते है। हालांकि, ऐसे पेय पदार्थों से बचना चाहिए जिनमें कैफीन या अल्कोहल होता है, क्योंकि ऐसे पेय पदार्थ शरीर से अधिक मात्रा में पानी को बाहर निकालते हैं।

5. एसेंशियल ऑयल द्वारा साइनस रोग का उपचार (Essential oils for Sinus disease treatment in Hindi)

गर्म पानी या तौलिये में मेन्थॉल या नीलगिरी के तेल की कुछ बूँदें डालने से यह साइनोसाइटिस के लक्षणों को कुछ हद तक कम कर सकते हैं। ध्यान रहे एसेंशियल ऑयल को ना निगलें और ना सीधे त्वचा पर लगाएं।

6. तीखा या गरम मसालेदार भोजन से साइनस का घरेलू उपचार (Home remedies for sinus with hot or spicy food in Hindi)

कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि तीखा या गर्म मसालेदार भोजन उनके नासिका मार्ग को खोलने में मदद कर सकते हैं और साइनस के दर्द और दबाव से कुछ राहत दिला सकते हैं।

2000 के एक अध्ययन में पाया गया कि चिकन सूप साइनस कंजेशन और जुकाम से जुड़ी सूजन को कम करता है। ऐसे में अगर चिकन सूप को मसालेदार बनाया जाए तो यह साइनस के इलाज में काफी कारगर साबित हो सकता है।

कुछ रिसर्च  से पता चलता है कि मिर्च  (शिमलामिर्च ) में कैप्साइसिन जैसे सक्रिय तत्व साइनस के दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।”

7. एक्यूप्रेशर द्वारा साइनोसाइटिस का घरेलू इलाज (Acupressure for Sinus infection treatment in Hindi)

एक्यूप्रेशर पारंपरिक चीनी चिकित्सा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें दर्द या बीमारी के लक्षणों को दूर करने के लिए चेहरे और शरीर के विशिष्ट बिंदुओं पर दबाया जाता है। हालांकि, वैज्ञानिक इस बारे में स्पष्ट नहीं हैं कि एक्यूप्रेशर काम करता है या नहीं, लेकिन यह कुछ लक्षणों को कम कर सकता है। एक्यूप्रेशर का उपयोग लंबे समय से सर्दी, फ्लू के प्रकार और साइनस की समस्याओं के इलाज में किया जा रहा है।

इस वीडियो में आप साइनस के लिए एक्यूप्रेशर पॉइंट देख सकते हैं। 

8. गर्म सिकाई द्वारा साइनस रोग का घरेलू इलाज (Warm compress for sinus treatment in Hindi)

साइनस क्षेत्र में गर्म सेक करके भी साइनोसाइटिस के लक्षणों को कम किया जा सकता है। इसके लिए आप एक गर्म कपड़े का उपयोग कर सकते है।

9. सिर ऊंचा करके सोएं (Sleep with your head elevated for Sinus Congestion in Hindi)

साइनस के दौरान शरीर को उचित आराम देना चाहिए। इसके अलावा सिर ऊंचा करके सोएं। ऐसा करने से यह आपके नाख के म्यूकस को बाहर निकालने में मदद करेगा।

Sinus की समस्या के लिए डॉक्टर को कब दिखाएँ?

यदि घरेलू उपचार करने के बाद भी आपके लक्षण एक से दो सप्ताह से अधिक बने रहते हैं, तो आपको अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।

और पढ़ें – एलर्जिक साइनोसाइटिस का आयुर्वेदिक इलाज 

और पढ़ें – एसिडिटी) और खट्टी डकार से छुटकारा पाने का घरेलू इलाज 

निष्कर्ष | Conclusion

साइनस संक्रमण बहुत आम हैं। लक्षण आमतौर पर 8-10 दिनों के भीतर अपने आप चले जाते हैं। प्राकृतिक उपचार या घरेलू उपाय आपके लक्षणों को दूर करने में मदद कर सकते हैं। यदि आपके लक्षण 10 दिनों से अधिक रहते हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें।

मैं आशा करती हूँ कि अब आप आपको साइनस के घरेलू इलाज (Home Remedies for Sinus in hindi) के बारे में पता चल गया होगा। कमेंट में बताएं आपको sinus ke gharelu ilaj in hindi पोस्ट कैसी लगी। अगर आपको पोस्ट पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें।

Disclaimerऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग साइनोसाइटिस बीमारी (साइनस संक्रमण या साइनस रोग) के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह जरूर लें।

सन्दर्भ (References)

Related Articles

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

- Advertisement -spot_img

Latest Articles