Nutrients During Pregnancy in Hindi

Nutrients During Pregnancy: गर्भावस्था के दौरान 8 महत्वपूर्ण पोषक तत्व

Nutrients during pregnancy in Hindi: इस पोस्ट के माध्यम से हमने गर्भावस्था के 8 महत्वपूर्ण पोषक तत्वों (गर्भावस्था के पौष्टिक आहार) के बारे में विस्तार से बताया है, ताकि गर्भावस्था के दौरान आप कंफ्यूज ना रहें कि आप को क्या क्या खाना है। 

Nutrients During Pregnancy in Hindi | गर्भावस्था के दौरान 8 महत्वपूर्ण पोषक तत्व

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गर्भावस्था के 8 महत्वपूर्ण पोषक तत्व

उचित आहार ना सिर्फ आपके लिए जरूरी है, बल्कि आपके गर्भ में पल रहे शिशु के संपूर्ण विकास के लिए भी जरूरी होता है।

गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान महिलाओं के शरीर में हार्मोनल असंतुलन होने के कारण उनके अंदर शारीरिक और भावनात्मक बदलाव महसूस होते हैं। जो महिलाओं में मूड और मेटाबोलिज्म (Metabolism) को प्रभावित करते हैं। 

ज्यादातर महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान खासतौर पर सुबह और शाम जी मिचलाने जैसी समस्याओं का काफी बार सामना करना पड़ता है, जो उनके आहार और स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित करती है। जिससे उनके गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

इसलिए गर्भावस्था के दौरान अपनी सेहत का ख्याल रखना और स्वास्थ्यवर्धक तत्वों को अपनी डाइट चार्ट (Pregnancy Diet in Hindi) में शामिल करना बेहद जरूरी है

इसलिए हमने गर्भावस्था के 8 महत्वपूर्ण पोषक तत्वों के बारे में नीचे विस्तार से बताया है जो गर्भवती के स्वास्थ के लिए स्वास्थवर्धक है।

और पढ़ें – फ्लेक्सिटेरियन डायट : फायदे, नुकसान और डाइट प्लान।

1. गर्भावस्था के दौरान फोलिक एसिड – Folic rich nutrition during pregnancy in Hindi

फोलेट, विटामिन-B9 का प्राकृतिक रूप है, जो हरी पत्तेदार सब्जियों, खट्टे फल, फलियों इत्यादि में पाया जाता है वहीं, फोलिक एसिड (Folic Acid), अप्राकृतिक विटामिन-B का एक प्रकार है, जिसका इस्तेमाल एक सप्लीमेंट के रूप में फोलेट की कमी को पूरा करने के लिए किया जाता है।

क्योंकि खाद्य पदार्थों से फोलेट की पूर्ति पूरी नहीं की जा सकती है इसलिए डॉक्टर आपको फोलिक एसिड (पोषक तत्व) एक सप्लीमेंट के रूप में देते हैं।

फोलिक एसिड शरीर में नई कोशिकाओं  और न्यूक्लिक एसिड (DNA) के निर्माण में मदद करता है। गर्भावस्‍था से पहले और दौरान फोलिक एसिड लेना विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।

फोलिक एसिड बढ़ते शिशु के मस्तिष्‍क, रीढ़ की हड्डी  (spinal cord),  लाल रक्त कोशिकाओं (Red blood cells) और प्लेसेंटा के विकास में मदद करता है। हालांकि, इसकी कमी से गर्भ में पल रहे शिशु को कई तरह के जन्म दोष  होने का खतरा बढ़ सकता है।

यही कारण है कि डॉक्टर जरूरत पड़ने पर गर्भधारण करने के 1 महीने पहले और गर्भावस्था की पहली तिमाही (1-3 महीने) तक नियमित रूप से फोलिक एसिड की दवाई देते हैं और फोलेट से भरपूर आहार (Nutrition During Pregnancy in Hindi)  के सेवन की सलाह देते हैं।

सामान्यतः  प्रेग्‍नेंसी के लगभग 3 महीने में शिशु की रीढ़ की हड्डी का पूरा विकास हो जाता है और इसलिए डॉक्टर 3 महीने के बाद फोलिक एसिड की दवाई देना बंद कर देते हैं। वहीं, फोलेट युक्त आहार आपकी डाइट में पूरे गर्भावस्था में बनाए रखने की सलाह देते हैं।

विशेषज्ञ गर्भावस्था के दौरान प्रति दिन कम से कम 600 mcg फोलेट लेने की सलाह देते हैं जो जन्म दोष (न्यूरल ट्यूब दोष) के जोखिम को कम करता है।

और पढ़ें – आयरन की कमी को दूर करते हैं ऐसे आहार।

गर्भावस्था में फोलिक एसिड युक्त पौष्टिक आहार – Folic acid rich foods during pregnancy in Hindi

फोलिक एसिड (Folic acid) की पूर्ति के लिए पालक, लोबिया, हरे मटर, राजमा, संतरे का रस, एवोकाडो (avocado), हरी गोभी, छोले, सोया, तिल के बीज, अखरोट इत्यादि का सेवन किया जा सकता है।

2. प्रेगनेंसी में कैल्शियम  – Calcium rich nutrition during pregnancy in Hindi

कैल्शियम (Calcium) एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जो आपके लिए और आपके गर्भ में पल रहे शिशु की हड्डियों और दांतों के निर्माण के लिए आवश्यक है साथ ही यह हृदय, नर्वस सिस्टम और मांसपेशियों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक होता है।

शरीर में कैल्शियम का लगभग 90 प्रतिशत भाग हड्डियों और दातों में होता है। बाकी 10 प्रतिशत कैल्शियम खून, शरीर के तरल पदार्थ, नसों और मांसपेशियों की कोशिकाओं व ऊतकों में मौजूद रहता है। यह इन सभी को अपने कार्य करने में मदद करता है। इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान ऐसे खाद्य पदार्थों (Pregnancy food in Hindi) का सेवन करें जो कैल्शियम से भरपूर हो।

जो गर्भवती महिलाएं कैल्शियम को पर्याप्त मात्रा में सेवन नहीं हैं, उन्हें बाद में ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा बना रहता है इस बीमारी में हाड़ियाँ नाजुक और कमजोर हो जाती हैं  जो गिरने, खांसने और झुकने तक में ही फ्रैक्चर का कारण बनती हैं।

विशेषज्ञ गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को प्रतिदिन 1200 mg कैल्शियम लेने की सलाह देते हैं। कैल्शियम से भरपूर भोजन और खाद्य पदार्थों की सूची नीचे दी गई है जिनसे आप कैल्शियम प्राप्त कर सकती हैं।

और पढ़ें – ओमेगा 3 फैटी एसिड के फायदे और नुकसान।

गर्भावस्था में कैल्शियम युक्त पौष्टिक आहार – Calcium rich diet during pregnancy in Hindi

कैल्शियम की पूर्ति के लिए दूध सबसे अच्छा श्रोत है। दूध से बने प्रोडक्ट (डेयरी उत्पाद) जैसे दही, पनीर और छेना में कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है।

बादाम, ताहिनी, हरे पत्ते वाली सब्जियां, अंजीर (सूखे हुए), संतरे, सरसों का साग, सेम, सोयाबीन,शलजम, कीवी, कॉर्नफ़्लेक्स इत्यादि के सेवन से भी कैल्शियम की आपूर्ति पूरी की जा सकती है।

इसके अलावा अगर non-veg भोजन की बात करें तो सार्डिन मछली (Sardine fish) कैल्शियम का एक अच्छा श्रोत है।

3. गर्भावस्था के दौरान विटामिन D – Vitamin D rich nutrition during pregnancy in Hindi

विटामिन डी, कैल्शियम को शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है और साथ ही शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट की मात्रा को नियंत्रित रखता है।

हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन डी की आवश्यकता होती है। विटामिन डी, उच्च रक्तचाप (या प्रीएक्लेम्सिया) और शुगर लेवल को भी नियंत्रित बनाए रखता है। इसलिए ही गर्भावस्था के दौरान विटामिन डी के सेवन की सलाह दी जाती है।

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को प्रतिदिन 10 mg विटामिन डी की आवश्यकता होती है।

हममें से अधिकांश लोग अपने आहार से पर्याप्त विटामिन डी नहीं ले पाते हैं इसलिए विटामिन डी का प्रमुख स्रोत धूप माना जाता है प्रेगनेंसी के समय दिन में कम से कम 20 मिनट तक धूप के संपर्क में रहना चाहिए।

और पढ़ें –  रेशेदार भोजन (फाइबर युक्त आहार) क्या है? जानिए इनसे होने वाले लाभ।

4. प्रेगनेंसी में आयरन – Iron rich nutrition during pregnancy in Hindi

थकान, सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी या सांस फूलना यह सब एक ऐसे लक्षण हैं जिसे गर्भवती अपनी गर्भावस्था के दौरान अनुभव करती हैं। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे लक्षण आयरन (Iron) की कमी के कारण आ सकते हैं।

गर्भावस्‍था के दौरान आयरन (पोषक तत्व) की पर्याप्त मात्रा होना महिला व उसके बच्‍चे के लिए बेहद जरूरी होती है। क्‍योंकि आयरन की कमी से बच्चे का मस्तिष्क का विकास प्रभावित हो सकता है।

गर्भावस्था के समय महिलाओं में खून की कमी एक आम बात हैं। हीमोग्लोबिन के रूप में, आयरन हमारे रक्त में ऑक्सीजन ले जाने के लिए आवश्यक है जिसके चलते हमें थकान और कमजोरी महसूस नहीं होती है।

गर्भावस्था के दौरान बढ़ते भ्रूण की मांग को पूरा करने के लिए महिला के शरीर को रक्त की मात्रा में वृद्धि करने की आवश्यकता होती है जो आयरन से पूरी की जाती है।

इसलिए आहार (Pregnancy food in Hindi) में अधिक आयरन आवश्यक है। आयरन की कमी के कारण एनीमिया, समय से पहले डिलवरी और कम वजन या अल्पविकसित शिशु पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है।

गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 30-60 mg आयरन की आवश्यकता होती है। आयरन से भरपूर भोजन और खाद्य पदार्थों की सूची नीचे दी गई है। जिसे आप अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं।

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गर्भावस्था में आयरन युक्त पौष्टिक आहार – Iron rich diet during pregnancy in Hindi

आयरन (Iron) की पूर्ति के लिए मांसाहारी स्रोतों को बेहतर माना गया है क्योंकि आयरन की मात्रा मांसाहारी खाने में अधिक होती है। इसके लिए आप अंडे, चिकन, बीफ का सेवन कर सकती हैं।

शाकाहारी स्रोतों की बात करें तो आयरन की मात्रा को बढ़ाने के लिए विटामिन सी, टमाटर और आंवला खाने में आयरन की मात्रा को बढ़ाते है। सरसों का साग, शलगम का साग, मूली के पत्ते, पुदीना, चौलाई, बथुआ, हरा धनिया, हरी प्याज, हरी गोभी, सूतमूली, टमाटर, मशरूम, चुकंदर, कद्दू, शकरकंदी, सिंहफली, कमल ककड़ी, मेवे, किशमिश, खजूर इत्यादि आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ हैं।

गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर आपको आयरन सप्लीमेंट्स भी दे सकते हैं। क्योंकि भोज्य पदार्थों से आप इसकी जरुरी मात्रा प्राप्त नहीं कर पाती हैं।  हालांकि,  सप्लीमेंट्स का सेवन डॉक्टर से परामर्श किए बिना करना नुकसानदायक हो सकता है।

 

5. प्रेगनेंसी में प्रोटीन – Proteins rich nutrition during pregnancy in Hindi

प्रोटीन (Protein) शरीर की हर एक कोशिका में पाया जाता है, जो त्वचा, बालों, नाखूनो,  मांसपेशियों, और अन्य सभी ऊतकों को बनता है। यह कोशिकाओं को संरचना प्रदान करता है और उन्हें ठीक से काम करने में मदद करता है।

गर्भावस्‍था के दौरान भ्रूण के स्वस्थ विकास और माँ के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए पोषक तत्व की आवश्यकता होती है। प्रोटीन एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जो भ्रूण के स्वस्थ विकास और माँ के स्वास्थ्य के लिए अवश्य है।

प्रोटीन की अपर्याप्त मात्रा बच्चे के उचित विकास में बाधा पहुंचा सकती है और इससे शिशु का वजन भी कम हो सकता है और साथ ही बच्चे के बढ़ते मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव भी पढ़ सकता है। इसलिए इस समय आप गलती से भी अपने शरीर में प्रोटीन की कमी न होने दें।

गर्भावस्था में प्रोटीन युक्त पौष्टिक आहार – Protein rich diet in Hindi

आप दूध से बने उत्‍पादों से प्रोटीन ले सकती हैं। जिसमें दही, अंडा, दूध, चीज और पनीर शामिल हैं। सूखे मेवे और बीजों में भी प्रचुर मात्रा में प्रोटीन होता है। सूरजमुखी के बीजों, तिल के बीजों और कद्दू के बीजों में भी बहुत प्रोटीन पाया जाता है।

इसके आलावा बीन्स, मटर, सोया, दाल,  मछली, चिकन इत्यादि में प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है।

6. गर्भावस्था के दौरान विटामिन सी – Vitamin C rich nutrition during pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के दौरान, विटामिन सी मां और बच्चे दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। विटामिन सी भ्रूण की हड्डियों और दांतों को विकसित करने में मदद करता है और साथ ही प्रेगनेंसी के समय शिशु में होने वाले जन्म दोषों को भी दूर करता है।

विटामिन सी एक ऐसा तत्त्व है, जो शरीर की रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाने में मदद करता है, रक्तचाप को कम करता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है, हमारे ऊतकों को रिपेयर करता है और साथ ही घाव भरने, हड्डियों के विकास, मरम्मत, और त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए भी विटामिन सी बहुत योगदान प्रदान करता है। इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान विटामिन-सी का सेवन जरूरी माना जाता है। प्रेग्नेंसी के दौरान 80-85 मिलीग्राम विटामिन सी लेने की सलाह दी जाती है।

गर्भावस्था में विटामिन-सी युक्त पौष्टिक आहार – Vitamin C rich diet during pregnancy in Hindi

विटामिन-सी संतरा, खरबूजा, तरबूज, चकोतरा, कीवी फल, आम, पपता, अनानास, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, क्रैनबेरी लाल मिर्च और हरी मिर्च में प्रचुर मात्रा में मिलता है।

7. गर्भावस्था के दौरान आयोडीन – Iodine rich nutrition during pregnancy in Hindi

आयोडीन (Iodine) प्राकृतिक तौर पर समुद्री पानी और मिट्टी में पाया जाता है। हमारे शरीर में थायरॉयड ग्रंथि को ठीक से काम करने के लिए आयोडीन की आवश्यकता होती है।

थायराइड ग्लैंड का काम थायराइड हार्मोन बनाना होता है। जो शरीर की मेटाबोलिज्म दर को नियंत्रित करती है और साथ ही यह हृदय, मांसपेशियों, मस्तिष्क, पाचन क्रिया और हड्डियों के विकास को भी नियंत्रित करती है।

भ्रूण के स्वस्थ मस्तिष्क के विकास के लिए भी आयोडीन आवश्यक होता है।

आयोडीन की कमी से भ्रूण में अविकसित थायरॉयड ग्लैंड बनती है, जो बच्चे में कम IQ, धीमा विकाश, बहरापन, जन्म दोष, आदि कर सकता है।

गर्भावस्था के दौरान महिला में आयोडीन (पोषक तत्व) की आवश्यकता काफी बढ़ जाती हैं। जिसकी पूर्ति खाद्य पदार्थों से पूरी की जाती है। हांलाकि अधिकांश खाद्य पदार्थों में इसकी मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। इसके लिए आयोडीन युक्त (Pregnancy food in Hindi) नमक एक आदर्श विकल्प माना गया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार हर वयस्क को 150 mcg आयोडीन प्रतिदिन लेना चाहिए। वहीं गर्भवती और ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को 250 mcg आयोडीन प्रतिदिन लेना चाहिए।

गर्भावस्था में आयोडीन युक्त पौष्टिक आहार  – Iodine rich diet during pregnancy in Hindi

आयोडीन युक्त (Iodine rich) नमक, डेयरी उत्पाद, अंडे अच्छी तरह पके हुए, समुद्री मछलियां और समुद्री भोजन, मांस, समुद्री शैवाल (सीवीड), फोर्टिफाइड ब्रेड, पके हुए कॉड, मैकरोनी इत्यादि आयोडीन के अच्छे श्रोत हैं।

हांलाकि सेब का रस, केला, सब्जियों और दलों में भी आयोडीन होता है, मगर इसकी मात्रा उस जगह की मिट्टी और पानी पर निर्भर करती है, जहां यह उगाए जाते हैं। पर्वतीय इलाकों की मिट्टी में आयोडीन की मात्रा सबसे कम पाई जाती है, वहीं समुद्री इलाकों की मिट्टी में इसकी मात्रा सबसे अधिक होती है।

ये हैं गर्भावस्था के दौरान 8 महत्वपूर्ण पोषक तत्व। कमेंट में बताएं आपको यह पोस्ट (Nutrients During Pregnancy in Hindi) कैसी लगी। अगर यह पोस्ट पसंद आई हो तो इस पोस्ट को शेयर जरूर करें।
Disclaimer : हमने इस पोस्ट के माध्यम से उन महत्वपूर्ण पोषक तत्वों की बात की है जो गर्भावस्था की पूरी प्रक्रिया में आप और आपके शिशु के लिए आवश्यक हैं। फिर भी किसी भी चीज को अपने डाइट में शामिल करने से पहले आपको एक बार स्त्री-रोग विशेषज्ञ या डायटीशियन से सलाह जरूर लेनी चाहिए और उनकी सलाह के बाद ही डाइट में बदलाव लाना चाहिए। ताकि आप स्वस्थ रहें और आपका शिशु स्वस्थ पैदा हो।

सन्दर्भ (References) 

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