Pregnancy Tips Moth by month in Hindi

Pregnancy Tips In Hindi: महीने दर महीने गर्भावस्था की जानकारी

Pregnancy Tips In Hindi: खुशी, उत्साह, उमंग और घबराहट – ये कुछ ऐसी भावनाएँ हैं जो आप प्रेगनेंसी के समय अनुभव करती हैं। प्रेगनेंसी का यह समय आपके लिए एक सुखद समय के रूप में आता है, लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान आप ना जाने कितनी तकलीफों से भी होकर गुजरती हैं। आपको यह पता नहीं होता है कि आपको प्रेगनेंसी के दौरान कब और क्या करना है और साथ ही आप यह जानना चाहती हैं किआपमें और आपके शिशु में क्या-क्या परिवर्तन आते हैं। इसलिए इन उलझनों को दूर करने लिए हम इस पोस्ट माध्यम से हम आपको महीने दर महीने गर्भावस्था की जानकारी दे रहे हैं।

आइये इस लेख को अब शुरू करते हैं ।

और पढ़ें –  प्रसव से पहले एमनियोटिक द्रव का रिसाव: लक्षण, कारण और उपचार।

महीने दर महीने गर्भावस्था की जानकारी | Pregnancy Tips Month By Month In Hindi

Pregnancy Tip Month By Month In Hindi ,गर्भावस्था की जानकारी
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1. गर्भावस्था का पहला महीना – First Month Pregnancy Tips in Hindi

  • प्रेगनेंसी के लगभग 10 से 14 दिन बाद गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण सामने आते हैं। हालांकि, कभी-कभी यह लक्षण पहला महीना खत्म होने के बाद यानी दूसरे माह के शुरुवाती दिनों में भी आ सकते हैं।
  • प्रेगनेंसी का पहला संकेत आपको तब मिलता है जब आपको उस माह पीरियड नहीं आता है। अगर आपको प्रेगनेंसी के संकेत दिखतें हैं तो घर पर ही प्रेगनेंसी परीक्षण करें।
  • परीक्षण सकारात्मक आने पर अपने साथी को यह बात बताएं, और स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलें।
  • ब्लड (Blood) में HCG (ह्यूमन कोरिओनिक गोनाडोट्रोपिन) हार्मोन के स्तर की जांच और अल्ट्रासाउंड द्वारा डॉक्टर आपकी गर्भावस्था का सही पता लगते हैं।
  • डॉक्टर द्वारा प्रेगनेंसी की पुष्टि होने पर ही आप यह खुशखबरी अपने  माता-पिता को बताएं।
  • प्रेगनेंसी की पुष्टि होने के बाद डॉक्टर पहली तिमाही में निम्नलिखित टेस्ट करवाने की सलाह दे सकतें हैं जिसमे- हीमोग्‍लोबिन (Hemoglobin) परीक्षण, आरएच फैक्टर (RH factor),VDRL (वीनर रोग अनुसंधान प्रयोगशाला) जाँच, HCG (ह्यूमन कोरिओनिक गोनाडोट्रोपिन) जाँच, हेपेटाइटिस (HBV और HCV) जाँच, एचआईवी (HIV) परीक्षण, थैलासीमिया जाँच, थायराइड के स्तर की जाँच, पैप जाँच, न्यूकल ट्रांसलेंसी (NT) स्कैन जाँच आदि सम्लित हैं।
  • गर्भावस्था के पहले महीने से ही आपको पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, इसलिए आपको फलों और सब्जियों का भरपूर सेवन करना चाहिए। जिसमें आयरन, कैल्शियम और फोलेट की मात्रा भरपूर हो।  इस माह (Pregnancy tips in Hindi) से डॉक्टर आपको फोलिक एसिड एक सप्लीमेंट के रूप में देना शुरू कर सकते हैं, जो सामान्य तौर पर तीसरे माह तक लेनी होती है। फोलिक एसिड आयरन की कमी को पूरा करता है। 
  • धूम्रपान और शराब की आदत है तो छोड़ दें, और साथ ही कैफीन की मात्रा को भी कम कर दें। कैफीन अधिकतर चॉकलेट, चाय, कॉफी, कुछ सॉफ्ट और एनर्जी ड्रिंक में होता है।
  • नियमित रूप से व्यायाम और आराम करें।
  • यदि आप मॉर्निंग सिकनेस से जूझ रही हैं, तो अदरक का उपयोग कर सकती हैं जो आपको राहत देगा।  खाना एक साथ पूरा ना खा कर छोटे छोटे अंतराल में खाएं।
  • गर्भावस्था के पहले महीने के अंत तक, आपका बच्चा लगभग 6-7 mm लंबा होता है जो चावल के दाने के आकार के लगभग बराबर होता है।
 

2. गर्भावस्था का दूसरा महीना – Second Month Pregnancy Tips in Hindi

  • जी मिचलाना (मॉर्निंग सिकनेस) या सुबह और शाम उबकाई आना दूसरे महीने से लेकर तीसरे महीने तक जारी रह सकता है।  
  • याद रखें दूध को हमेशा उबाल कर ही पियें। कच्चा दूध बैक्टीरिया से संक्रमित हो सकता है, जो आपके और आपके शिशु दोनों के लिए नुकसान दायक है। 
  • प्रेगनेंसी के दूसरे महीने से स्वस्थ गर्भावस्था आहार (Pregnancy tips in Hindi) लेना शुरू कर लें, जो उचित फलों और सब्जियों से भरपूर हो।
  • आयरन और फोलेट सप्लीमेंट (दवाई) डॉक्टर के अनुसार लेती रहें और जितना हो सके आराम करें।
  • दूसरे महीने (Pregnancy month by month in Hindi) के अंत तक आपका शिशु करीब 1.7 सेंमी. लंबा हो जाता है, जो लगभग एक राजमा के आकर के बराबर होता है। 
  • इस माह से बच्चे के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग करना भी शुरू कर लें। 

3. प्रेगनेंसी का तीसरा महीना – Third Month Pregnancy Tips in Hindi

  • पहली तिमाही यानी तीसरे माह (Third month pregnancy) के अंत में डॉक्टर न्यूकल ट्रांसलूसेंसी स्क्रीनिंग (एनटी स्क्रीनिंग) टेस्ट करवाने के लिए कह सकते हैं।
  • यह टेस्ट सप्ताह 10 और 12 के बीच में किया जाने वाला एक विशेष रूटीन अल्ट्रासाउंड है। जिसमें 20 से 40 मिनट लगता है।
  • अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट आने के बाद, फोलेबोटोमिस्ट (टेक्निशिअन) डबल मार्कर टेस्ट के लिए आपका रक्त लेते हैं।
  • ध्यान रहे डॉक्टर जिस तारीख को यह टेस्ट (डबल मार्कर टेस्ट और अल्ट्रासाउंड) करवाने के लिए कहें उसी तारीख में यह टेस्ट करवाएं।
  • दोनों रिपोर्ट आने के बाद, डॉक्टर भ्रूण में किसी भी प्रकार की क्रोमोसोमल (DNA) खराबी (असामान्यता) का निर्धारण करते हैं।
  • रिपोर्ट नार्मल आने पर अब आप अपने गर्भावस्था की सूचना अपने दोस्तों और परिवार के अन्य सदस्यों को दे सकते हैं।
  • नियमित व्यायाम (Pregnancy tips in Hindi) अपनी दिनचर्या में शामिल करें जो आपके लिए सुरक्षित हो।
  • शिशु की हड्डियाँ, बांह और पैर में उभरना, त्वचा, बाल और नाखून का आना, मस्तिष्क, पाचन तंत्र और गुर्दे का विकास, आंखों की रोशनी, स्वाद की भावना, कीटाणुओं से लड़ने के लिए श्वेत रक्त कोशिकाओं का उत्पादन और वोकल कॉर्ड्स (आवाज स्‍वरतंत्रियाँ) का विकास पहले ट्राइमेस्टर में होने लगता है।
  • तीसरे महीने के अंत तक आपका शिशु लगभग 3 से 4 इंच लंबा होता है, जो एक नीबू के आकार जितना है और साथ ही उसका वजन इस समय लगभग 20 -28 ग्राम तक हो सकता है। 

4. प्रेगनेंसी का चौथा महीना – Fourth Month Pregnancy Tips in Hindi

  • अगर आप जॉब करती हैं तो मैटरनिटी अवकाश के लिए अपने नियोक्ता से बात कर लें।
  • इस माह तक आने तक शायद आपकी मॉर्निंग सिकनेस ख़तम हो गई होगी।  इसलिए अब आप अपने दैनिक आहार में अधिक विविधता और पोषक तत्व वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें।
  • चौथे महीने से डॉक्टर आपको कैल्शियम और आयरन एक सप्लीमेंट के रूप में देना शुरू कर सकते हैं, जो सामान्य तौर पर बाकि बची गर्भावस्ता  तक लेनी होती है।
  • आप नियमित रूप से व्यायाम करती रहें और पानी पीती रहें।
  • इस माह तक आपके शिशु के प्रजनन अंग और जननांग पूरी तरह से विकसित हो जाते हैं।
  • चौथे महीने के अंत तक, आपका शिशु लगभग 6 इंच लंबा होता है और उसका वजन लगभग ११२ ग्राम तक हो गया होता है।

5. गर्भावस्था का पांचवा महीना – Fifth month Pregnancy in Hindi

  • गर्भावस्था के पांचवे महीने में आपके शिशु का तंत्रिका तंत्र कार्य करना शुरू कर देता है, साथ ही आपने शिशु की दिल की धड़कन डॉपलर उपकरण से सुनी जा सकती है।
  • नरम महीन बाल दही धीरे आपके बच्चे के सिर पर बढ़ने लगे हैं, जो उनके कंधों और पीठ को कवर कर लेती हैं।
  • पांचवे महीने में शिशु की त्वचा सफ़ेद कोटिंग के साथ कवर हो जाती है जिसे वर्निक्स केसोसा (Vernix caseosa) कहा जाता है। यह एक प्रकार का “चीज़ी” पदार्थ है, जो बच्चे की त्वचा को एमनियोटिक द्रव के संपर्क से बचाती है।
  • इस माह से आप अपने बच्चे को महसूस करने लगती हैं यदि यह आपकी पहली गर्भावस्था है, तो आप संवेदनाओं को पहचानने में थोड़ा अधिक समय ले सकती है।
  • गर्भावस्था के पांचवें महीने के अंत तक शिशु लगभग 10 इंच लंबा होता है और इसका वजन लगभग 0.22kg से 0.45kg तक हो सकता है।

6. प्रेगनेंसी का छठा महीना – Six Month Pregnancy in Hindi

  • इस समय शिशु की त्वचा में झुर्रियाँ पड़ी होती हैं और त्वचा का रंग लाल और गुलाबी होता है यदि त्वचा को  3D अल्ट्रासाउंड में गौर से देखा जाए तो उसमें नसें भी दिखाई देती हैं,
  • इस माह से आपके शिशु की हाथ की उँगलियों और पैर उँगलियों के निशान दिखाई देने लगते हैं,
  • प्रेगनेंसी के छठे महीने से उसकी पलकें आने लगती हैं और आँखें खुल जाती हैं,
  • यदि शिशु को हिचकी आती है, तो आप उसके झटक को महसूस कर सकती हैं,
  • आपके पेट का आकर बढ़ने से आपके पेट के आस पास स्ट्रेच मार्क्स आ सकते हैं इसलिए स्ट्रेच मार्क्स के लिए आप डॉक्टर के अनुसार क्रीम लगा सकती हैं। 
  • प्रेगनेंसी का छठा महीना अधिकांश गर्भवती महिलाओं के लिए सुखद माना जाता है क्योंकि इस समय तक मॉर्निंग सिकनेस जैसी समस्या खत्म हो जाती है।  

7. गर्भावस्था के सातवा महीना – Seven Month Pregnancy Tips in Hindi

  • प्रेगनेंसी के 6 माह के बाद डॉक्टर आपका एक अल्ट्रासाउंड करवा सकते हैं।  
  • सातवे महीने के अल्ट्रासाउंड का उपयोग यह जांचने के लिए किया जाता है कि बच्चा सामान्य दर से बढ़ रहा है या नहीं। हालांकि, उच्च जोखिम वाली गर्भधारण वाली महिलाओं को उनके तीसरे तिमाही (7-9 महीने) में कई बार अल्ट्रासाउंड हो सकते हैं।
  • भ्रूण के शरीर की गर्मी के कारण आपके त्वचा के तापमान में वृद्धि हो सकती है, इसलिए अपने रूम का तापमान ठंडा रखें,
  • प्रेगनेंसी के सातवें महीने में मूत्राशय पर अधिक दबाव बढ़ने के कारण महिला को बार-बार यूरिन आ सकती है। इसलिए डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी पियें। 
  • हार्मोन की वृद्धि के कारण आपके हाथ, पैर और चेहरे पर बाल आने शुरू हो सकते हैं,
  • कब्ज और अपच की समस्या से आप ग्रस्त हो सकती हैं, और साथ ही पैरो में ऐंठन हो सकती है।  इसलिए ऐसे आहार लें जिनमें फाइबर (Pregnancy tips in Hindi) की मात्रा भरपूर हो,
  • सफेद वेजाइनल स्राव (ल्यूकोरिया) पहले के मुकाबले अधिक आने लगता है और साथ ही पीठ दर्द और कमर दर्द में वृद्धि हो सकती है,
  • बवासीर होना और इसका ज्यादा गंभीर हो जाना इस समय आपको और भी परेशान कर सकता है। इसलिए डॉक्टर से पहले हे इसकी दवा लिखवा लें।

8 & 9. प्रेगनेंसी का आठवां और नवा महीना – Eight and Nine Month Pregnancy Tips in Hindi

  • इस समय शिशु अल्ट्रासाउंड में अंगूठा चूसता हुआ दिखाई दे सकता है,
  • शिशु के फेफड़े लगभग पूरी तरह से विकसित हो चुके होते हैं,
  • बच्चे का शरीर आयरन और कैल्शियम जैसे खनिजों को संचित करना शुरू करने लगता है,
  • प्रेगनेंसी के 8 वें महीने से शिशु के शरीर और अंगों से बारीक और मुलायम बाल (लानुगो) पूरी तरह से गायब होने लगते हैं लेकिन अगर आप अपने बच्चे के पैदा होने पर थोड़े मुलायम बाल नोटिस करती हैं तो आश्चर्यचकित न हों; कुछ बच्चों के कंधे, कान और पीठ पर मुलायम बाल दिखाए दे सकते हैं, 
  • गर्भावस्था के दौरान आपका गर्भाशय अपने आकार के करीब 500 गुना बड़ा हो जाता है। इसे ऐसे समझ सकती हैं कि आपका गर्भाशय  संतरे जितना होता हैं जो गर्भावस्था के 9 वें महीने तक तरबूज जितना बढ़ा हो जाता है, 
  • शिशु के विकास के साथ आपका वजन लगातार तेजी से बढ़ता है जिसमें लगभग 15-16 किलो का इजाफा हो सकता है,
  • प्रेगनेंसी के 9 वें महीने के अंतिम कुछ हफ्तों के दौरान भ्रूण का सिर नीचे की ओर होने लगता है और बच्चा अब बाहरी दुनिया में आने के लिए तैयार हो जाता है। 
  • अगर बच्चे का सिर नीचे की ओर नहीं आता है तो डॉक्टर्स बच्चे की सीजेरियन (surgery) डिलीवरी करवा सकते हैं, 
  • गर्भावस्था के महीने के अंत तक, आपका शिशु लगभग 46-51 cm (18 से 20 इंच) लंबा होता है और इसका वजन लगभग 3.2 किलोग्राम (सात पाउंड) होता है।
ये हैं गर्भावस्था के बारे में बताई गई महत्वपूर्ण जानकारी। कमेंट में बताएं आपको यह पोस्ट कैसी लगी। अगर पोस्ट पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें।

Disclaimer : ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए।

इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह जरूर लें।

सन्दर्भ (References)

इस ब्लॉग [WEB POST GURU: THE ULTIMATE GUIDE TO HEALTHY LIVING] में आने और पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद 

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