Diabetic Diet in Hindi

Diabetic Diet Chart : जानिए मधुमेह रोगी डायबिटीज में क्या खाएं और क्या न खाएं।

इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको एक संतुलित मधुमेह आहार चार्ट (Diabetic Diet Chart in Hindi) के बारे में बता रहे हैं, जिसमें ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं जो आपको बताएंगे कि डायबिटीज में क्या खाना चाहिए। इसके अलावा मधुमेह रोगियों को डायबिटीज में क्या नहीं खाना चाहिए (डायबिटीज में परहेज) वह भी बताया गया है, ताकि डायबिटीज (रक्त शर्करा) का नियंत्रण स्वस्थ ढंग हो पाए।

और पढ़ें – स्वस्थ रहने के लिए शुरू करें लो कार्ब डाइट।

मधुमेह क्या है? | What is diabetes in Hindi

What is diabetes in Hindi
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डायबिटीज यानी मधुमेह एक ऐसा रोग है। जिसमें रक्त में मौजूद शुगर या ग्लूकोस का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

दरअसल, हम जब भी कुछ खाते हैं, तो हमारा शरीर कार्बोहाइड्रेट को तोड़कर इसे ग्लूकोज़ में बदल देता है। इसके बाद इंसुलिन हॉर्मोन (insulin hormone) कोशिकाओं (cells) को ग्लूकोज़ सोखने का निर्देश देता है। ग्लूकोज़ सोखने से कोशिकाओं को ऊर्जा मिलती है और वह अपना कार्य आसानी से कर पते हैं। (1)

परन्तु डायबिटीज के केस में आपका शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता है, या जो इंसुलिन बनाता है उसका शरीर प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पाता है।

इंसुलिन की कमी के कारण कोशिकाओं को ग्लूकोज की सही मात्रा नहीं मिल पाती है और वे कमजोर होने लगती हैं, जिससे आपको चक्कर आना, दिल की धड़कन तेज होना, आंखें कमजोर होना, किडनी फेल होना जैसी समस्याएं होने लगती हैं।(2) इसलिए मधुमेह को ठीक से नियंत्रित करना आवश्यक है।

और पढ़ें –  इन एंटीऑक्सीडेंट आहार से करें अपना वजन कम।

नॉर्मल शुगर लेवल कितना होना चाहिए? | Normal blood sugar level in Hindi

नीचे दिए गए चार्ट में आप नॉर्मल, प्री-डायबिटीज और डायबिटीज शुगर लेवल देख सकते हैं- (3)

शुगर लेवल चार्ट इन हिंदी

शुगर टेस्ट 

(Sugar Test)

नॉर्मल

(Normal)

प्री-डायबिटीज

(Pre-Diabetes)

डायबिटीज

(Diabetes)

रक्त शुगर परीक्षण 

(Blood sugar fasting test)

12 घंटे उपवास के बाद

<99 mg/dL 100-126 mg/dL >126 mg/dL

रैंडम ब्लड शुगर लेवल्स

(Random Blood Sugar Test)

खाना खाने के 2 घंटे बाद 

70-140 mg/dL 141-200 mg/dL >200 mg/dL

HbA1C शुगर टेस्ट

(HbA1C Sugar Test)

4 – 5.6% 5.7%-6.4% >6.5%

क्या मधुमेह का इलाज संभव है? | Is diabetes curable in Hindi

हर किसी के मन में यह सवाल होता है कि क्या डायबिटीज का इलाज संभव है? पर दुर्भाग्यवश, वर्तमान में मधुमेह का कोई इलाज नहीं है, लेकिन आप संतुलित मधुमेह आहार और स्वस्थ जीवन शैली अपनाकर इसे नियंत्रित कर सकते हैं। (4)

और पढ़ें – आयरन की कमी को दूर करते हैं ऐसे आहार।

ग्लाइसेमिक इंडेक्स क्या है? |  What is Glycemic index (GI) in Hindi

ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) एक स्कोर है जिसका उपयोग यह मापने के लिए किया जाता है कि कोई विशिष्ट खाद्य पदार्थ रक्त शर्करा के स्तर को कितना बढ़ा सकता है।

ग्लाइसेमिक सूचकांक 0 से लेकर 100 के बीच में होता है। इस सूचकांक के आधार पर भोज्य पदार्थों को निम्न, मध्यम या उच्च ग्लाइसेमिक खाद्य पदार्थों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। भोजन का जीआई जितना अधिक होगा, वह उतनी ही तेजी से रक्त शर्करा बढ़ा सकता है। (5)

अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन (एडीए) के मुताबिक, जीआई स्कोर को इस प्रकार रेट किया गया है:

ग्लाइसेमिक इंडेक्स- कम: <55

ऐसे भोज्य पदार्थ (कार्बोहाइड्रेट) जिनका स्कोर 55 से कम होता है, पाचन के दौरान धीरे-धीरे टूटते हैं और रक्त में ग्लूकोस धीरे-धीरे छोड़ते हैं।

ग्लाइसेमिक इंडेक्स- मध्यम: 56 से 69

ऐसे भोज्य पदार्थ (कार्बोहाइड्रेट) जिनका स्कोर 56 से 69 के बीच होता है पाचन के दौरान माध्यम गति से टूटते हैं और रक्त में ग्लूकोस माध्यम गति से रिलीज करते हैं

ग्लाइसेमिक इंडेक्स- उच्च: 70 और ऊपर 

ऐसे भोज्य पदार्थ (कार्बोहाइड्रेट) जिनका स्कोर 70 से अधिक होता है, पाचन के दौरान तेजी से टूटते हैं और रक्त में ग्लूकोस तेजी से रिलीज करते हैं।

इसलिए डायबिटीज डाइट चार्ट में ऐसे आहार को रखना चाहिए जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो।

और पढ़ें – किडनी स्टोन में लो ऑक्सलेट डाइट के फायदे।

संतुलित डायबिटीज डाइट क्यों अपनानी चाहिए? | Importance of Balanced Diabetic Diet in Hindi

संतुलित डायबिटीज डाइट (Diabetic Diet in Hindi) न केवल रक्त शर्करा को नियंत्रित कर सकती बल्कि मधुमेह में कैंसर और हृदय रोग जैसी बिमारियों के जोखिम को भी कम करने में मदद कर सकती है।

शोध क्या कहते हैं? (What the research says)

NCBI में प्रकाशित एक स्टडी में बताया गया है कि मधुमेह से पीड़ित वजनीय लोग संतुलित मधुमेह आहार को अपना कर अपना वजन घटा सकते हैं साथ ही एक संतुलित डायबिटीज डाइट, डायबिटीज को नियंत्रित करने और रक्त लिपिड में सुधार लाने में भी मदद कर सकती है। (6)

इसलिए एक संतुलित आहार मधुमेह रोगियों के लिए एक अच्छी दवा हो सकती है।

और पढ़ें – सर्वाइकल दर्द में करें इन खाद्य पदार्थों का परहेज।

अब समझते हैं डायबिटीज में क्या खाएं और क्या नहीं।

डायबिटीज में क्या खाना चाहिए? | Diabetic Diet Chart in Hindi

Diabetic Diet in Hindi
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मधुमेह होने पर हम सभी यही सोचते हैं की अब हमें उन खाद्य पदार्थों के बिना रहना होगा जिसे हम अक्सर पसंद करते हैं। परन्तु ऐसा नहीं है, आप अपने मनपसंद खाद्य पदार्थों का आनंद ले सकते हैं पर आपको इसकी मात्रा और गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा।

शुगर में क्या खाना चाहिए? इसे ध्यान में रखते हुए हमने मधुमेह आहार (डायबिटीज डाइट प्लान) को 6 भागों में बाटा है। जिसमें-

  • सब्जियां
  • फल
  • अनाज
  • प्रोटीन
  • डेयरी उत्पाद
  • तेल 

शामिल हैं।

1. शुगर में खाने वाली सब्जी – Vegetables in Diabetes Diet in Hindi

Vegetables in Diabetes Diet in Hindi
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यदि आपको मधुमेह है या अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करना चाहते हैं, तो डाइट में अधिक सब्जियां लेना एक अच्छा कदम है।

पर डायबिटीज में कौन सी सब्जी खानी चाहिए? चलिए अब इसे समझते हैं।

सब्जियां आमतौर पर फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं जो आपके रक्त शर्करा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, सब्जियों भी दो प्रकार की होती हैं। जिसमें स्टार्चयुक्त (starchy) और बिना स्टार्च (non-starchy) वाली सब्जियां शामिल हैं।

जानकारों का मानना है कि बिना स्टार्च वाली सब्जियों में, स्टार्चयुक्त सब्जियों के मुकाबले अधिक मात्रा में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। जो ब्लड ग्लूकोस को कम करने और इंसुलिन प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। (7)

और पढ़ें – Acid reflux (हाइपर एसिडिटी) और खट्टी डकार से छुटकारा पाने का घरेलू इलाज

जबकि, स्टार्चयुक्त सब्जियों में कार्बोहायड्रेट और कैलोरी की मात्रा अधिक होने से इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है। जिसका मतलब है स्टार्चयुक्त सब्जियां रक्त शर्करा को तेजी से बड़ा सकती हैं। 

शोध क्या कहते हैं? (What the research says)

NCBI में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, मधुमेह से पीड़ित कुछ लोगों को जब कम कार्ब वाले आहार दिए गए तो उनके इंसुलिन की खुराक (दवा) में  लगभग 50% तक की कमी देखी गई।  (8)

एक अन्य अध्ययन में, जब टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों को कम कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ दिए गए, तो छह महीने के भीतर इंसुलिन की खुराक कम कर दी गई। (9

इसलिए, डायबिटीज के मरीज अगर स्टार्च वाली सब्जियां कम (Diabetes Diet in Hindi) और बिना स्टार्च वाली सब्जियां ज्यादा खाएं तो वे आसानी से अपना ब्लड शुगर कंट्रोल कर सकते हैं।

और पढ़ें – हृदय रोगियों के लिए डाइट प्लान।

Vegetables Diabetes Diet Chart in Hindi

मधुमेह रोगी नीचे दिए गए डाइट चार्ट (Sugar Patient Diet Chart) में स्टार्चयुक्त और बिना स्टार्च वाली सब्जियों के उदाहरण देख सकते हैं। जिससे आप यह समझ पाएंगे की मधुमेह में आपको कौन सी सब्जियां अधिक और कौन सी सब्जियां कम खानी है।

बिना स्टार्च वाली सब्जियां (अधिक खाएं)

[ग्लाइसेमिक इंडेक्स <55]

स्टार्चयुक्त सब्जियां (काम  खाएं)

[ग्लाइसेमिक इंडेक्स >55]

ब्रोकोली, पत्ता गोभी और गोभी

(Broccoli, Cabbage & Cauliflower )

आलू

(Potato)

खीरा और गाजर

(Cucumber & Carrot)

मीठे आलू

(Sweet Potato)

साग, पालक और केल

(Greens, Spinach and Kale)

मक्का

(Corn)

बैंगन और तोरी

(Eggplant and Zucchini)

हरी मटर

(Green Pea)

ब्रसल स्प्राउट और एस्परैगस

(Brussels Sprouts and Asparagus)

कद्दू

(Pumpkin)

शतावरी, अरबी और सिंघाड़ा

(Asparagus, Taro and water chestnut)

रतालू

(Yam)

प्याज, टमाटर और मिर्च

(Onions, Tomatoes and Peppers)

चुकंदर
(Beetroots)

मशरूम

(Mushrooms)

कटहल (Jackfruit)

2. डायबिटीज डाइट में फल- Fruits in Diabetes Diet in Hindi

Fruits in Diabetes Diet in Hindi
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हमारे मन में सवाल होता है कि डायबिटीज में कौन से फल खाने चाहिए और कौन से नहीं। 

एक गलत धारणा है कि मधुमेह वाले लोग फल नहीं खा सकते हैं। ये कहना गलत नहीं होगा की फलों में प्राकृतिक शर्करा (फ्रक्टोज़) होती है और यदि इसे अधिक मात्रा में खाया जाए तो यह रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकती है। परन्तु जानकारों का मानना है कि यदि हम ऐसे फलों का चुनाव करें जिसमें शुगर की मात्रा कम (low GI index) और फाइबर की अधिक हो, तो यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं।

शोध क्या कहते हैं? (What the research says)

NCBI में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि ताजे फलों का अधिक सेवन, जिनमें फाइबर की मात्रा अधिक और GI इंडेक्स कम हो, मधुमेह के विकास के जोखिम को काफी हद कम कर सकते हैं। (10)

हालांकि, सभी फल डायबिटीज में समान रूप से स्वास्थ के लिए फायदेमंद नहीं होते हैं।

सूखे और फ्रोजेन हुए फलों में ताजे फलों की तुलना में अधिक चीनी होती है। इसलिए, शुगर पेशेंट सूखे और फ्रोजेन फलों को अपनी डाइट (मधुमेह आहार) में शामिल न करें या इनका सेवन कम करें।

और पढ़ें – किडनी स्टोन में लो ऑक्सलेट डाइट के फायदे

साथ ही शुगर पेशेंट डिब्बाबंद फलों या उनके जूस का सेवन से भी बचें। ऐसा इसलिए, क्योंकि ऐसे फलों या उनके रस में अतिरिक्त चीनी हो सकती है, और अतिरिक्त चीनी रक्त शर्करा को बढ़ा सकती है।

Fruits Diabetes Diet plan in Hindi

आप नीचे दिए गए डायबिटीज डाइट चार्ट (Sugar Patient Diet Chart in Hindi) में फलों का जीआई इंडेक्स (GI Index) देख सकते हैं, जो आपको यह बताएगी कि मधुमेह में कौन से फल अधिक और कौन से फल कम खाने हैं। 

फल

(अधिक खाएं)

GI index

 फल

(कम खाएं)

GI index

अंगूर (Grapes) <55 अनन्नास (Pineapple) और किशमिश (Raisin) >55
चेरी (Cherry)

तरबूज (Watermelon) और

खरबूज (Muskmelon)

जामुन (Berries) ज्यादा पके केले (Over ripe Bananas) और पपीता (Over ripe Papaya)
सेब (Apple) फ्रूट जूस, पैक्ड जूस और डिब्बा बंद फल।
चकोतरा (Pomelo)
संतरा (Orange)
आडू (Peach)
नाशपाती (Pear)
आलूबुखारा (Prunus)
कीवी (Kiwi)
मीठा नींबू (Sweet Lemon)
सूखे खुबानी (Dried Apricot)
खजूर  (Date)
अनार (Pomegranate)

3. मधुमेह आहार में अनाज – Grain in Diabetes Diet in Hindi

Grain in Diabetes Diet in Hindi
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क्या मधुमेह वाले लोगों के लिए अनाज खाना सुरक्षित है? इसका जवाब है हां, डायबिटीज के मरीज अनाज खा सकते हैं।

यह बात सही है कि अनाज में कार्बोहाइड्रेट होते हैं और यह आपके रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकते हैं। परन्तु, साबुत अनाज (Whole grain) में मौजूद कार्बोहाइड्रेट रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ने नहीं देते हैं।

और पढ़ें – फ्लेक्सिटेरियन डायट : फायदे, नुकसान और डाइट प्लान।

ऐसा इसलिए, क्योंकि, साबुत अनाज का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई), परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट खाद्य पदार्थ (Refined carbohydrate foods) की तुलना में कम होता है।

इसके अलावा साबुत अनाज में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होता है। इसमें अच्छी मात्रा में फाइबर, विटामिन बी, विटामिन ई, आयरन, कॉपर, ज़िंक, मैग्नीशियम, एंटीऑक्सीडेंट होता है। जो ब्लड शुगर कम करने में मदद कर सकते हैं।

शोध क्या कहते हैं? (What the research says)

NCBI में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि स्वस्थ आहार, जो साबुत अनाज और फाइबर से भरपूर होते हैं, हृदय रोग, स्ट्रोक, कुछ प्रकार के कैंसर और टाइप 2 मधुमेह के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। (11 & 12)

साबुत अनाज में मौजूद फाइबर, चीनी के अवशोषण को धीमा कर रक्त शर्करा के स्तर को कम रखने में मदद करता है। इसलिए मधुमेह रोगी साबुत अनाज (डायबिटीज डाइट इन हिंदी) की कुछ मात्रा अपने आहार में ले सकते हैं। 

Low-Carbs Diabetes Diet Chart in Hindi

नीचे दिए गए डायबिटीज डाइट चार्ट (Diabetic Diet chart in Hindi) से आप जान पाएंगे कि मधुमेह में कौन से अनाज खाने हैं।

साबुत अनाज

(Whole grain)

GI index

ब्राउन राइस (Brown Rice)

<55

ओट्स (Oats)

राई (Rye)

जौ (Barley)

बल्गर यानि मोटा पिसा हुआ गेहूं (Bulgar)

बाजरा (ज्वार का आटा) (Millet)

क्विनोआ (Quinoa)

4. डायबिटीज डाइट में प्रोटीन – Proteins in Diabetes Diet in Hindi

Proteins in Diabetes Diet in Hindi
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प्रोटीन एक महत्वपूर्ण पोषक है जो शरीर के ऊतकों और मांसपेशियों के रखरखाव, निर्माण और और मरम्मत के लिए आवश्यक होता है। एक स्वस्थ व्यक्ति को हर रोज अपने शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम पर 0.8 ग्राम प्रोटीन के सेवन की जरूरत होती है।

उदाहरण के लिए, यदि एक मध्यम रूप से सक्रिय व्यक्ति के शरीर का वजन 60 किलोग्राम है, तो उसे प्रतिदिन औसतन 50-55 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होगी। यदि कोई व्यक्ति ज्यादा व्यायाम करता है या किसी बीमारी से उबर रहा है तो उसे प्रोटीन की अधिक आवश्यकता हो सकती है।

जानकारों की माने तो अच्छे और सही प्रोटीन का सेवन रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने और HBA1c को कम करने में मदद कर सकता है। प्रोटीन रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाए बिना इंसुलिन प्रतिक्रिया को बढ़ाता है।

और पढ़ें –  रेशेदार भोजन (फाइबर युक्त आहार) क्या है? जानिए इनसे होने वाले लाभ।

इसके अलावा प्रोटीन मधुमेह वाले व्यक्तियों की इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। साथ ही यह भूख को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं जिससे आपका अतरिक्त वजन नहीं बढ़ता है।

हालांकि, प्रोटीन लेते समय दो बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1.  ऐसे प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम हो।

2. ऐसे रोगी प्रोटीन का सेवन कम करें जिन्हें मधुमेह के साथ गुर्दे संबंधित जटिलताएं या कोई अन्य समय भी हैं। क्योंकि अधिक प्रोटीन गुर्दे पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो मुख्य रूप से सिर्फ प्रोटीन के बने होते हैं, जबकि अन्य खाद्य पदार्थों में प्रोटीन के साथ कार्बोहाइड्रेट और वसा भी हो सकता है। इसलिए, यदि मधुमेह रोगी कार्बोहाइड्रेट से युक्त प्रोटीन का सेवन करते हैं तो यह आपके ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकता है।

शोध क्या कहते हैं? (What the research says)

कई अध्ययनों से पता चला है कि ऐसे प्रोटीन जिनमें कम कार्बोहाइड्रेट और कम संतृप्त वसा होता है, रक्त में शुगर की मात्रा को कम करने में मदद कर सकते हैं। (13, 14 & 15)

इसके अलावा अध्ययनों से यह भी पता चला है कि यदि आप पहले प्रोटीन और उसके बाद कार्बोहाइड्रेट या स्टार्च खाते हैं, तो भोजन के बाद रक्त शर्करा का स्तर बेहतर होता है।

उदाहरण के लिए, यदि आप पहले चिकन, मछली, पनीर या दाल खाते हैं और उसके बाद चावल या चपाती लेते हैं, तो ऐसे में भोजन के बाद रक्त शर्करा का स्तर कम हो सकता है।

प्रोटीन को आप पशु और पौधे दोनों स्रोतों से प्राप्त कर सकते हैं। ये दोनों ही स्रोत मधुमेह में लिए जा सकते हैं। 

Proteins Diabetes Diet Chart in Hindi

नीचे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों की सूची (Diabetic Diet chart in Hindi) दी गई है, जिन्हें मधुमेह रोगी अपने आहार में शामिल करने पर विचार कर सकते हैं।

प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ

(Protein Rich Foods)

Carbohydrates/ 100gm

Protein/ 100gm

पनीर (Tofu)

2 g 8 g

नट्स  (जैसे  बादाम – Almonds)

21.55 g 21.15 g

सरसों के बीज (Mustard seeds)

28.09 g 26.08 g

टूना मछली (Tuna fish)

0 g 25 g

सैल्मन मछली (Salmon fish)

0 g 19.9 g

1 अंडा  (Eggs)

0.7 g 6.3g

समुद्री भोजन – जैसे झींगा (Prawns)

0.9 g 25

मसूर की दाल (Lentils)

20.13 g  9.02 g

फलियां जैसे राजमा (kidney beans)

22.8 g 8.7 g

सोया (Soya)

33 g 52g

Flaxseed

28.9 g 20.3

कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds)

14.7 g  29.8 g
(Source: USDA National Nutrient data base)

5. मधुमेह में डेयरी उत्पाद – Dairy products in Diabetes in Hindi

Dairy products in Diabetes Diet in Hindi
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डेयरी उत्पाद को दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थ के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिसमें मक्खन, पनीर, आइसक्रीम, दही, और गाढ़ा और सूखा दूध शामिल हैं।

दूध एक पौष्टिक पदार्थ है, जिसमें कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। हालांकि, दूध में मौजूद वसा और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा आपके रक्त शर्करा को प्रभावित कर सकती हैं, जो मधुमेह वाले लोगों के लिए एक चिंता का विषय है।

हालांकि, शोधकर्ताओं के अनुसार कम वसा और कम कार्बोहाइड्रेट वाले डेयरी उत्पाद (जैसे दूध या दही) मधुमेह के लिए अच्छे माने जाते हैं जो आपके रक्त शुगर को बढ़ने नहीं देते हैं। इसलिए, यदि आप मधुमेह से पीड़ित है तो ऐसे डेयरी उत्पाद का सेवन करें जिसमें कम वसा और कम कार्बोहाइड्रेट हो।

शोध क्या कहते हैं? (What the research says)

शोधकर्ताओं ने जब डेयरी खाद्य पदार्थों और टाइप 2 मधुमेह के बीच 17 अलग-अलग अध्ययनों के परिणामों को एकत्र किया, तो उन्होंने पाया कि जो लोग कम वसा और कम कार्बोहाइड्रे वाले डेयरी उत्पाद का सेवन करते थे, उनमें टाइप 2 मधुमेह का जोखिम कम था। (16)

2014 में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन में yogurt और टाइप 2 मधुमेह के विकास के जोखिम के बीच की कड़ी को देखा गया और यह पाया गया कि जो लोग yogurt खाते हैं, उनमें टाइप 2 मधुमेह होने का खतरा नहीं रहता है। (17)

और पढ़ें – हार्ट फेल का कारण बन सकता है कार्डियक अस्थमा

Diabetes food chart for Dairy Products in Hindi

मधुमेह रोगी नीचे दी गई तालिका में डेयरी उत्पादों की सूची (Diabetic Diet chart in Hindi) देख सकते हैं। जिसमें आप जान पाएंगे की कौन से डेयरी उत्पाद ज्यादा लेने हैं और कौन से कम।

डेयरी उत्पाद

(ज्यादा लें)

Carbs/cup (240 ml) or (100 gm)

डेयरी उत्पाद

(कम लें)

Carbs/cup (240 ml) or (100 gm)

बादाम का दूध

(Almond Milk)

1 g

गाय का दूध

(Cow’s Milk)

12 g

नारियल का दूध

(Coconut Milk)

5 g

जई का दूध

(Oat Milk)

17 g

मैकाडामिया दूध

(Macadamia Milk)

0 g

चावल का दूध

(Rice Milk)

21 g

अलसी का दूध

(Linseed Milk)

1 g

मीठा गाढ़ा दूध

(Sweet Condensed)

165 g

सोया दूध

(Soy Milk)

7 g

बकरी का दूध

(Milk Goat Milk)

11 g

काजू का दूध

(Cashew Milk)

2 g

मटर का दूध

(Pea Milk)

2 g

पनीर

(Tofu)

1.9 g

चीज़

(Cheese)

1.3 g

योगर्ट

(Yogurt)

3.6 g

बटर   

(Butter)

0.1 g

6. डायबिटीज डाइट में कुकिंग ऑयल  – Polyunsaturated fats in Diabetic Diet

Polyunsaturated fats in Diabetic Diet
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खाना पकाने का तेल हमारे आहार में एक बड़ी भूमिका निभाता है। खासकर जब आप हृदय रोग, रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों से पीड़ित हों।

जब हम गलत तेल (सेचुरेटेड वसा) का अधिक सेवन करते हैं तो यह हमारे वजन को बढ़ाने में मदद करता है। अधिक वजन होने से इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ती है, जिससे मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है।

पॉलीअनसेचुरेटेड वसा (polyunsaturated fat) और मोनोअनसैचुरेटेड वसा (monounsaturated fat) जैसे तेल स्वास्थ के लिए अच्छे मने जाते हैं, खासकर तब जब आप मधुमेह से पीड़ित हों। (18)

ओमेगा-3 और ओमेगा-6 जैसे फैटी एसिड, पॉलीअनसेचुरेटेड और मोनोअनसेचुरेटेड वसा के अच्छे स्रोत हैं। ये दोनों ही फैटी एसिड लिपिड प्रोफाइल में सुधार लाते हैं और इंसुलिन के लिए शरीर की संवेदनशीलता में बढ़ाते हैं। इसके अलावा ओमेगा-3 और ओमेगा-6 जैसे आयल शरीर में होने वाली सूजन से लड़ते हैं और मधुमेह की शुरुआत को रोकते हैं।

इसलिए मधुमेह वाले लोग अपनी डाइट में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 जैसे आयल का सेवन कर सकते हैं।

और पढ़ें – ओमेगा 3 फैटी एसिड के फायदे और नुकसान।

शोध क्या कहते हैं? (What the research says)

कुछ शोध आहार में ओमेगा-3 आयल ज्यादा और ओमेगा-6 आयल कम खाने को कहते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि कुछ स्थितियों में ओमेगा-6 फैटी आयल सूजन को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इसलिए शोधकर्ता आहार में ओमेगा-3 आयल का अनुपात ज्यादा और ओमेगा-6 आयल का कम रखने को कहते हैं। (19)

Diabetes Diet Chart for Cooking Oil in Hindi

ओमेगा-3 और ओमेगा-6 से भरपूर तेलों की सूचि (Diabetes Diet chart) नीचे दी गई हैं। जिसे आप आपने मधुमेह आहार में शामिल कर सकते हैं।

ओमेगा-3 आयल

(ज्यादा खाएं)

ओमेगा-6 आयल

(कम खाएं )

कैनोला ऑयल

(Canola Oil)

कुसुम का तेल

(Safflower Oil)

जैतून का तेल

(Olive Oil)

सूरजमुखी का तेल

(Sunflower oil)

अलसी का तेल

(Linseed Oil)

सोयाबीन ऑयल

(Soybean oil)

अखरोट का तेल

(Walnut Oil)

कद्दू के बीज का तेल

(Pumpkin seed oil)

तिल का तेल

(Sesame Oil)

अवोकेडो आयल  (Avocado oil)

शुगर में क्या नहीं खाना चाहिए? | Food to avoid in Diabetic Diet in Hindi

Food to avoid in Diabetic Diet in Hindi
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अक्सर हमारे मन में यह सवाल होता है कि डायबिटीज या शुगर में परहेज क्या होता है?

अगर आपको मधुमेह है या मधुमेह से बचना है तो आपको कुछ खाद्य पदार्थों से दूरी बनानी होगी या उनकी मात्रा सीमित करना होगी।

उच्च कार्बोहाइड्रेट, संतृप्त वसा, ट्रांस फैट और यहां तक कि प्राकृतिक शर्करा ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो आपके रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकते हैं। इसलिए खाद्य पदार्थों का शुगर में परहेज करना चाहिए

और पढ़ें – केटोजेनिक डाइट क्या है, जानिए कीटो डाइट के फायदे और नुकसान।

अधिक कार्बोहाइड्रेट का करें शुगर में परहेज : Avoid more carbohydrates in diabetes in Hindi

बहुत अधिक कार्ब या गलत प्रकार के कार्ब खाने से कभी-कभी स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं, जिनमें सबसे आम समस्या है अवांछित वजन बढ़ना।

वजन बढ़ने से टाइप 2 मधुमेह और मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा बढ़ जाता है।

हमारा शरीर कार्बोहाइड्रेट को तोड़कर इसे ग्लूकोज़ बदल देता है जिसे इन्सुलिन नियंत्रित करता है परन्तु मधुमेह की स्थिति में ग्लूकोज़ रक्त में बढ़ने लगता है और हमें स्वस्थ सम्बन्धी अन्य समस्याएं होने लगती हैं।

और पढ़ें – सुपरफूड क्या हैं, जानिए इसके स्वास्थ्यवर्धक फायदे।

इसलिए मधुमेह रोगियों को अपने आहार में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा सिमित करनी चाहिए। विशेष रूप से ऐसे कार्ब नहीं खाने चाहिए जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) ज्यादा हो।

शोध क्या कहते हैं? (What the research says)

एनसीबीआई में प्रकाशित एक अध्ययन में मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए आहार में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले कार्बोहाइड्रेट लेने और उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले कार्बोहाइड्रेट कम खाने की सलाह दी गई है। (20)

अधिक कार्बोहाइड्रेट खाद्य पदार्थों में शामिल हैं-

  • ब्रेड,
  • पास्ता,
  • बीन्स,
  • आलू,
  • चावल,
  • अनाज
  • आइसक्रीम,
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स,
  • कैंडी,
  • हाइड्रोजनीकृत या आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत तेल।

और पढ़ें – इस्केमिक हृदय रोग क्या है? जानिए इसके लक्षण, कारण और इलाज

संतृप्त वसा का करें शुगर में परहेज : Avoid saturated fat in diabetes in Hindi

Avoid saturated fat in diabetes in Hindi
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आहार में अधिक संतृप्त वसा ‘खराब कोलेस्ट्रॉल'(कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन या एलडीएल) का कारण बन सकता है,जिससे कार्डियोवैस्कुलर बीमारी (हार्ट डिजीज) का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से यह खतरा मधुमेह वाले लोगों में ज्यादा होता है, इसलिए मधुमेह रोगियों को संतृप्त वसा का सेवन कम करना चाहिए।

शोध क्या कहते हैं? (What the research says)

NCBI में प्रकाशित कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग नियमित रूप से संतृप्त वसा का सेवन करते हैं उनमें ह्रदय सम्बन्थि रोग और मधुमेह होने का खतरा बढ़ जाता है। (21)

 संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं:

  • पिज्जा, बर्गर, चीज, मेयोनीज, केक जैसे फूड आइटम्स,
  • कुछ मांस जैसे बीफ, मेमने का मांस और पोर्क, 
  • प्रोसेस्ड मीट,
  • वसायुक्त दूध,
  • मलाई,
  • आइसक्रीम,
  • सफेद ब्रेड,  
  • पास्ता
  • साबुत दूध और पनीर।  

और पढ़ें – इम्युनिटी बढ़ाने के घरेलू उपाय।

ट्रांस फैट का करें डायबिटीज में परहेज : Do not eat trans fat in diabetes in Hindi

ट्रांस फैट एक प्रकार का वसा है जिसे तरल वनस्पति तेल में हाइड्रोजनीकरण प्रक्रिया द्वारा (हाइड्रोजन मिलाकर) तैयार किया जाता है, ताकि उसे और भी ठोस बनाया जा सके और खाद्य पदार्थ की शेल्फ लाइफ बढ़ाई जा सके।

ट्रांस वसा सस्ते होते हैं और भोजन के स्वाद को लम्बे समय तक बनाए रखते हैं। परन्तु इनके अधिक सेवन से ह्रदय में सूजन पैदा हो सकती है और इंसुलिन प्रतिरोध (insulin resistance) बढ़ा सकती है। इसलिए शुगर पेशेंट ट्रांस फैट से युक्त आहार का सेवन ना करें।

शोध क्या कहते हैं? (What the research says)
 
NCBI में प्रकाशित (2011) एक स्टडी में बताया गया है कि ट्रांस फैट हृदय रोग, स्तन कैंसर, तंत्रिका तंत्र के विकार, पेट के कैंसर, मधुमेह, मोटापा  आदि के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। (22)
जिन खाद्य पदार्थों में ट्रांस वसा हो सकते हैं उनमें शामिल हैं:
  • मक्खन
  • कुकीज़
  • केक
  • फ्रेंच फ्राइज़
  • चिप्स 
  • डोनट्स

और पढ़ें – Iron Supplements क्या हैं? जानिए इसके फायदे, मात्रा और दुष्प्रभाव

डायबिटीज में शर्करा का सेवन करें कम – Reduce sugar intake in diabetes in Hindi

Reduce sugar intake in diabetes in Hindi
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सिमित मात्रा में चीनी का सेवन स्वास्थ के लिए हानिकारक नहीं होती है। परन्तु, चीनी का जरुरत से ज्यादा इस्तेमाल या एडेड शुगर को लेना स्वस्थ के लिए हानिकारक हो सकता है।

अधिक मात्रा में एडेड शुगर का सेवन आपके अतरिक्त वजन को बढ़ा सकता है।

मोटापा ना केवल मधुमेह बल्कि, उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल के जोखिम को भी बढ़ा सकता है। इसलिए स्वस्थ रहने के लिए मधुमेह रोगी आहार में शुगर का सेवन कम करें। मुख्या रूप से एडेड शुगर का।  

शोध क्या कहते हैं? (What the research says)

NCBI में प्रकाशित कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग नियमित रूप से चीनी या मीठे पेय पदार्थ का सेवन करते हैं उनमें टाइप 2 मधुमेह होने का जोखिम लगभग 25% अधिक होता है। (23)

अधिक चीनी या एडेड शुगर वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं –
  • बहुत मीठा दही (Sweet yogurt),
  • आइसक्रीम (Ice Cream), 
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft drinks)।  
  • सोडा (Soda), 
  • कैंडी (Candy), 
  • स्पोर्ट्स ड्रिंक (Sports drink), 
  • कुकीज (Cookies), 
  • बिस्कुट (Biscuits), 
  • केक (Cake), 
  • पेस्ट्री (Pastry).

और पढ़ें – हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण, कारण और घरेलू उपचार

स्वस्थ मधुमेह आहार के लिए टिप्स | Tips for a Healthy Diabetic Diet in Hindi

रक्त शर्करा के स्तर को स्वाभाविक रूप से कम करने के लिए मधुमेह रोगी नीचे दिए गए कुछ टिप्स को अपना सकते हैं। 

  • स्वस्थ पौधे आधारित खाद्य पदार्थ का सेवन अधिक करें,
  • स्वस्थ वसा खाएं,
  • अपने कार्ब सेवन को प्रबंधित करें,
  • अधिक फाइबर वाले भोज्य पदार्थ लें, 
  • खूब पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें,
  • कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ चुनें,
  • अपने रक्त शर्करा के स्तर की निगरानी करें,
  • प्रोबायोटिक युक्त खाद्य पदार्थ खाएं।

और पढ़ें – जानिए हार्ट अटैक कब, कैसे और क्यों आता है।

निष्कर्ष | Conclusion

शुगर की बीमारी उम्र भर आपके साथ बनी रहती है। हालांकि, एक संतुलित डायबिटीज डाइट कुछ हद तक इस बीमारी में फायदा पंहुचा सकती है। संतुलित डायबिटीज डाइट (मधुमेह आहार) न केवल रक्त शर्करा को नियंत्रित कर सकती, बल्कि मधुमेह में अतरिक्त वजन, कैंसर और हृदय रोग जैसे बिमारियों के जोखिम को भी कम करने में मदद कर सकती है।

जानकारों की माने तो डायबिटीज को रोकने के लिए आप केवल आहार की मात्रा तक ही सिमित ना रहें, बल्कि आहार में मौजूद वसा और कार्बोहाइड्रेट की गुणवत्ता पर भी अधिक ध्यान दें।

एक अच्छे गुणवत्ता वाले वसा और कार्बोहाइड्रेट, मधुमेह को अच्छे से नियंत्रित करने में आपकी मदद कर सकते हैं। साथ ही, आपके भोजन में मौजूद पौष्टिक तत्वों की विविधता भी शुगर की बीमारी को मैनेज करने में आपकी मदद कर सकती है।

संतृप्त वसा, ट्रांस वसा और अतिरिक्त शर्करा ऐसे भोज्य पदार्थ हैं जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होता है। इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन मधुमेह में सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। ये सभी खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो मधुमेह के जोखिम को बड़ा सकते हैं या मधुमेह के लक्षणों को और भी खराब कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | FAQ about Diabetic Diet in Hindi

Q. क्या डायबिटीज में ऑवलाकेण्डी खा सकते है?

आंवला में मौजूद विटामिन C इम्युनिटी बढ़ाने और चयापचय को ठीक रखने में मदद करता है। आंवले का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 15 होता है, जो रक्त शर्करा को तेजी से बढ़ने से रोकता है। अधिकांश स्वास्थ्य विशेषज्ञ रक्त शर्करा को नियंत्रित करने के लिए आंवला खाने की सलाह देते हैं। 

हालांकि, डायबिटीज में ऑवलाकेण्डी (Amla candy) या आंवले का मुरब्बा सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है। क्योंकि आंवला कैंडी या मुरब्बा में मिलाई गई अतिरिक्त चीनी और नमक मधुमेह रोगियों के लिए हानिकारक हो सकता है।

Q. क्या मधुमेह के रोगी ज्वार खा सकते है?

ज्वार में गेहूं और बाजरा के समान ही फाइबर और प्रोटीन मौजूद होता है और साथ ही ज्वार का ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है। इस लिहाज से मधुमेह के रोगी ज्वार खा सकते हैं।

Q. क्या मधुमेह के मरीज पॉपकॉर्न खा सकते हैं?

कॉर्न विटामिन B और C का एक अच्छा स्रोत है। इसके अलावा कॉर्न में एंटीऑक्सिडेंट और पोटेशियम भी मौजूद होता है जो रक्तचाप नियंत्रित करने और हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। कॉर्न का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 52 होता है जिसका मतलब है कि कॉर्न (या पॉपकॉर्न) को खाने से यह रक्त में ग्लूकोस की मात्रा को तेजी से नहीं बढ़ाएगा। इस लिहाज से मधुमेह में कॉर्न खाना सुरक्षित माना जा सकता है। हालांकि, मधुमेह में इस बात का  ध्यान रखना चाहिए कि आप ऐसे पॉपकॉर्न का सेवन ना करें जिसमें शहद या अतिरिक्त नमक मिला हो।

Q. शुगर में चावल खाना चाहिए या नहीं?

सफेद चावल में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है और इसका जीआई स्कोर (73) भी उच्च होता है। अगर आपको डायबिटीज है तो आप सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस खा सकते हैं। क्योंकि ब्राउन राइस का जीआई स्कोर (66) मध्य होता है। इसलिए मधुमेह में सफेद चावल के मुकाबले ब्राउन राइस खाना एक अच्छा विकल्प है। फिर भी अगर आप व्हाइट राइस कहना चाहते हैं तो ध्यान रहे कि आपको एक दिन में ज्यादा चावल खाने से बचना है।

Q. शुगर में सिंघाड़ा खाना चाहिए या नहीं?

सिंघाड़े का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 55 से कम होता है साथ ही इनमें फाइबर की मात्रा भी अधिक होती है। उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे रक्त में शर्करा छोड़ते हैं, जिससे रक्त शर्करा का स्तर तेजी से नहीं बढ़ता है। इसलिए शुगर में सिंघाड़ा खाया जा सकता है।

Q. क्या मैगी मधुमेह के लिए अच्छी है?

शुगर में मैगी खाना अच्छा विकल्प नहीं है क्योंकि मैगी रिफाइंड कार्ब्स, बैड फैट्स, प्रिजर्वेटिव्स से भरपूर होती है। ऐसे कार्ब्स और फैट्स खाने से आपका रक्त शर्करा तेजी से बढ़ सकता है।

Q. शुगर में पनीर खाना चाहिए या नहीं?

पनीर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने के कारण मधुमेह रोगी पनीर का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, पनीर में लिनोलिक एसिड होता है जो शरीर में फैट बर्न करने की प्रक्रिया को बढ़ाता है, जिससे मधुमेह रोगियों के अतरिक्त वजन कम करने में भी मदद करता है।

Q. शुगर में मुर्गा खाना चाहिए या नहीं?

चिकन को डाइट में शामिल करना मधुमेह रोगियों के लिए एक बढ़िया विकल्प हो सकता है। चिकन में प्रोटीन उच्च और वसा कम होता है। यदि चिकन स्वस्थ तरीके से तैयार किया जाता है, तो मधुमेह रोगियों इसे खा सकते हैं।

Q. शुगर में आम खाना चाहिए या नहीं?

आम कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होते हैं और उनमें कैलोरी की मात्रा भी अधिक होती है। इसलिए इसका अधिक सेवन आपके ब्लड शुगर को बढ़ा सकता है। हालांकि, यदि आम का कम मात्रा में सेवन किया जाए तो यह रक्त शर्करा को ज्यादा प्रभावित नहीं करता है। यदि आप एक मधुमेह रोगी हैं, तो आप हर दो दिनों में आम के 1-2 स्लाइस ले सकते हैं।

Q. शुगर में अनार खाना चाहिए या नहीं?

शुगर के मरीज अपने ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने के लिए अनार खा सकते हैं। अनार का कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (53) इसे उच्च शर्करा वाले लोगों के लिए एक फायदेमंद फल बनाता है।

Q. शुगर में कौन सा फल खाना चाहिए?

ऐसे फल जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, मधुमेह में खाए जा सकते हैं। कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फलों में शामिल हैं – अंगूर (Grapes), चेरी (Cherry), जामुन (Berries), सेब (Apple), चकोतरा (Pomelo), संतरा (Orange), आडू (Peach), नाशपाती (Pear), आलूबुखारा (Prunus), कीवी (Kiwi), मीठा नींबू (Sweet Lemon), सूखे खुबानी (Dried Apricot), पपीता (Papaya), और अनार (Pomegranate)।

Q. शुगर में कौन सी दाल खानी चाहिए?

तूर दाल, काली मटर (लोभिया), सोयाबीन, साबुत मसूर, काला चना जैसी दलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। इसलिए शुगर में ऐसी दाल खाई जा सकती हैं।

Q. शुगर में कौन सा जूस पीना चाहिए?

अंगूर (Grapes),चेरी (Cherry),जामुन (Berries),सेब (Apple),संतरा (Orange),अनार (Pomegranate) आदि का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। इसलिए शुगर में ऐसे फलों का जूस पिया जा सकता है। हालांकि, जूस में फाइबर की मात्रा कम होने से इन फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बढ़ जाता है। इसलिए जूस के बजाए फल खाना ज्यादा अच्छा विकल्प है। 

Q. शुगर में कितनी बार खाना खाना चाहिए?

आमतौर पर विशेषज्ञ मधुमेह रोगियों को एक बार में पूरा खाना ना खाने की सलाह देते हैं। अगर आप मधुमेह रोगी हैं तो आप अपने खाने को 6 भागों में बाट दें इससे आपके शरीर में ग्लूकोज थोड़ा बनेगा और कम इंसुलिन भी उसे कंट्रोल कर लेगी। 

Q. शुगर में भुट्टा खाना चाहिए?

स्वीट कॉर्न एंटीऑक्सिडेंट, खनिज, आहार फाइबर और स्टार्च में समृद्ध होते हैं साथ ही इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है। इसलिए शुगर में भुट्टा खाया जा सकता है।

Q. गेहूं की रोटी में कितना शुगर होता है?

100 ग्राम गेहूं में लगभग 0.3 ग्राम शुगर होती है। सफेद चावल के मुकाबले रोटी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिसका अर्थ है कि सफेद चावल रक्त शर्करा को अधिक तेजी से बढ़ाएगा। इसलिए चावल की जगह रोटी खाना शुगर में अच्छा विकल्प है। 

Q. क्या डायबिटीज में दो अंडा खा सकते हैं?

अंडे कम कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स स्कोर भी बहुत कम है। इस लिहाज से शुगर में अंडे खाए जा सकते है। आप प्रति दिन 2 अंडे खा सकते हैं। हालांकि, इस बात का ध्यान रहे कि अंडे तले हुए या किसी अस्वस्थ तेल में ना बने हों। बेहतर होगा कि आप अंडे उबले हुए ही खाएं।

Q. शुगर में मछली खाना चाहिए या नहीं?

मछली में प्रोटीन अधिक होता है। चूंकि प्रोटीन रक्त शर्करा के स्तर को प्रभावित नहीं करता है, इसलिए इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स स्कोर भी बहुत कम है। नतीजन शुगर में मछली का सेवन किया जा सकता है। टूना (Tuna fish) और सैल्मन मछली (Salmon fish) मधुमेह में एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं।

Q. शुगर में मटन खाना चाहिए या नहीं?

मटन एक प्रकार का रेड मीट हैं जो शुगर के मरीजों के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। हालांकि, नियंत्रित मात्रा में खाया जाए तो ये सेहत को नुकसान नहीं पहुँचता है। फिर भी अगर आपके पास रेड मीट के अलावा कोई अन्य विकल्प हैं तो पहले उसे चुने।

Q. शुगर में अरहर की दाल खा सकते हैं?

अरहर की दाल (टूर  दाल) का ग्लाइसेमिक इंडेक्स स्कोर कम होने से टूर  दाल  शुगर में खाई जा सकती है।

Q. शुगर में टमाटर खा सकते हैं या नहीं?

टमाटर का जीआई स्कोर 15 से कम होता है, जो इसे मधुमेह रोगियों के लिए एक उत्कृष्ट भोजन बनाता है। कोई भी भोजन जिसका जीआई स्कोर 55 से कम है, मधुमेह रोगियों के लिए अच्छा माना जाता है। टमाटर में कम कैलोरी भी होती है, जो आपके वजन को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है।

Q. शुगर में कटहल खा सकते हैं?

कटहल में फाइबर कम होता हैं और कार्ब्स ज्यादा इसलिए शुगर में कटहल खाना एक अच्छा विकल्प नहीं है। इसकी जगह मधुमेह रोगी में ब्रोकोली, पत्ता गोभी, फूल गोभी, खीरा, गाजर साग, पालक, केल, बैंगन और तोरी का सेवन कर सकते हैं।

Q. शुगर में अरबी खा सकते हैं?

अरबी एक प्रकार की जड़ है जिसमें दो प्रकार के कार्बोहाइड्रेट होते हैं – फाइबर और प्रतिरोधी स्टार्च, ये दोनों कार्बोहाइड्रेट शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने में मदद करते हैं। इसलिए शुगर में अरबी का सेवन किया जा सकता है

Q. शुगर में प्याज खा सकते हैं?

हां , शुगर में प्याज खाया जा सकता है। प्याज में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है और साथ ही इसका जीआई स्कोर भी कम होता है। इसलिए प्याज शरीर में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। 100 ग्राम लाल प्याज में लगभग 7.64 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और GI  स्कोर 10 होता है।


ये हैं संतुलित Diabetic Diet (मधुमेह आहार) के बारे में बताई गई जानकारी। कमेंट में बताएं आपको यह पोस्ट कैसी लगी। यदि आपको Diabetes Diet chart in Hindi पोस्ट पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें।

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Disclaimer : ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह जरूर लें।

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