Diabetic Diet Chart: डायबिटीज आहार चार्ट (डायबिटीज में क्या खाएं और क्या न खाएं)

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता है। इंसुलिन की कमी के कारण शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने लगती है और कोशिकाएं कमजोर हो जाती हैं। डायबिटीज के कारण चक्कर आना, दिल की धड़कन तेज होना, आंखें कमजोर होना, किडनी फेल होना जैसी समस्याएं सामने आती हैं। हालांकि, एक सुनियोजित डायबिटिक डाइट चार्ट का पालन करके इस विकार और इसके लक्षणों को नियंत्रण किया जा सकता है। इस पोस्ट के माध्यम से आप जानेंगे कि डायबिटीज में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए (what to eat and what not to eat in diabetes)। साथ ही हमने डायबिटीज नियंत्रित करने के लिए संतुलित डायबिटीज आहार चार्ट (Diabetic Diet Chart in Hindi) भी दिया है। तो चलिए अब इस पोस्ट को शुरू करते हैं।  

Diabetic Diet in Hindi

डायबिटीज में क्या खाना चाहिए? | What to eat in diabetes in Hindi

मधुमेह होने पर हम सभी यही सोचते हैं कि अब हमें उन सभी खाद्य पदार्थों के बिना रहना होगा जो हम आमतौर पर पसंद करते हैं। हालांकि, ऐसा नहीं है, आप अपने मनपसंद खाने का लुत्फ उठा सकते हैं बस आपको उसकी मात्रा और गुणवत्ता पर ध्यान देना है।

शुगर में क्या खाना चाहिए? इसे ध्यान में रखते हुए हमने मधुमेह आहार (डायबिटीज डाइट) को 6 भागों में बाटा है। जिसमें-

  • सब्जियां
  • फल
  • अनाज
  • प्रोटीन
  • डेयरी उत्पाद
  • तेल 

शामिल हैं।

1. डायबिटीज में खाने वाली सब्जियां (Vegetables in Diabetes in Hindi)

Vegetables in Diabetes Diet in Hindi
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रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के लिए डाइट में अधिक सब्जियां लेना एक अच्छा कदम है। पर डायबिटीज में कौन सी सब्जी खानी चाहिए? चलिए अब इसे समझते हैं।

सब्जियां आमतौर पर फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं जो आपके रक्त शर्करा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकती हैं। हालांकि, सब्जियों भी दो प्रकार की होती हैं। स्टार्चयुक्त (starchy) और बिना स्टार्च (non-starchy) वाली सब्जियां शामिल हैं।

जानकारों का मानना है कि बिना स्टार्च वाली सब्जियों में, स्टार्चयुक्त सब्जियों के मुकाबले अधिक मात्रा में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। साथ ही कार्बोहायड्रेट (कार्ब) भी कम होता है। इसके अलावा बिना स्टार्च वाली सब्जियों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो ब्लड ग्लूकोस को तेजी से नहीं बढ़ती हैं।  (1)

हालांकि, स्टार्चयुक्त वाली सब्जियों में कार्बोहायड्रेट और कैलोरी की मात्रा अधिक होने से इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है। जिसका मतलब है स्टार्चयुक्त सब्जियां रक्त शर्करा को तेजी से बड़ा सकती हैं। 

“NCBI में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, मधुमेह से पीड़ित जब कुछ लोगों को कम कार्ब वाले आहार दिए गए तो उनके इंसुलिन की खुराक (दवा) में  लगभग 50% तक की कमी देखी गई।”(2)

“एक अन्य अध्ययन में, जब टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों को कम कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ दिए गए, तो छह महीने के भीतर उनकी इंसुलिन खुराक कम कर दी गई।” (3

इसलिए, डायबिटीज के मरीज अगर स्टार्च वाली सब्जियां कम (Diabetes Diet in Hindi) और बिना स्टार्च वाली सब्जियां ज्यादा खाएं तो वे आसानी से अपना ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल कर सकते हैं।

डायबिटीज में कौन सी सब्जी खानी चाहिए? (Which Vegetable can eat in diabetes in Hindi)

Diabetic Diet in Hindi
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आप शुगर में ब्रोकोली, पत्ता गोभी, फूल गोभी, खीरा, गाजर, हरा साग, पालक, केल, बैंगन और तोरी जैसी सब्जियां खा सकते हैं। आप नीचे दी गई डायबिटीज आहार चार्ट में स्टार्चयुक्त और बिना स्टार्च वाली सब्जियों के उदाहरण देख सकते हैं। जिससे आप यह समझ पाएंगे की मधुमेह में आपको कौन सी सब्जियां अधिक और कौन सी सब्जियां कम खानी है।

शुगर पेशेंट वेजिटेबल डाइट चार्ट (Diabetes patient diet chart in Hindi)

बिना स्टार्च वाली सब्जियां (अधिक खाएं)

[ग्लाइसेमिक इंडेक्स <55]

स्टार्चयुक्त सब्जियां (काम  खाएं)

[ग्लाइसेमिक इंडेक्स >55]

ब्रोकोली, पत्ता गोभी और गोभी

(Broccoli, Cabbage & Cauliflower )

आलू

(Potato)

खीरा और गाजर

(Cucumber & Carrot)

मीठे आलू

(Sweet Potato)

साग, पालक और केल

(Greens, Spinach and Kale)

मक्का

(Corn)

बैंगन और तोरी

(Eggplant and Zucchini)

हरी मटर

(Green Pea)

ब्रसल स्प्राउट और एस्परैगस

(Brussels Sprouts and Asparagus)

कद्दू

(Pumpkin)

शतावरी, अरबी और सिंघाड़ा

(Asparagus, Taro and water chestnut)

रतालू

(Yam)

प्याज, टमाटर और मिर्च

(Onions, Tomatoes and Peppers)

चुकंदर
(Beetroots)

मशरूम

(Mushrooms)

कटहल (Jackfruit)

2. डायबिटीज में खाने वाले फल- Fruits in Diabetes Diet in Hindi

Fruits in Diabetes Diet in Hindi
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हमारे मन में ये सवाल हमेशा रहता है कि डायबिटीज में कौन से फल खाने चाहिए और कौन से नहीं? एक गलत धारणा है कि मधुमेह वाले लोग फल नहीं खा सकते हैं।

हालांकि, ये कहना गलत नहीं होगा की फलों में प्राकृतिक शर्करा (फ्रक्टोज़) होती है और यदि इसे अधिक मात्रा में खाया जाए तो यह रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकते है। परन्तु जानकारों का मानना है कि यदि हम ऐसे फलों का चुनाव करें जिसमें शुगर की मात्रा कम (low GI index) और फाइबर की अधिक हो, तो यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में आपकी मदद कर सकते हैं।

“NCBI में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया है कि ताजे फलों का अधिक सेवन, जिनमें फाइबर की मात्रा अधिक और GI इंडेक्स कम होता है, मधुमेह के विकास के जोखिम को काफी हद कम कर सकते हैं।”(4)

हालांकि, सभी फल डायबिटीज में समान रूप से स्वास्थ के लिए फायदेमंद नहीं होते हैं।

सूखे और फ्रोजेन हुए फलों में ताजे फलों की तुलना में अधिक चीनी होती है। इसलिए, शुगर पेशेंट सूखे और फ्रोजेन फलों को अपनी डाइट (मधुमेह आहार) में शामिल न करें या इनका सेवन कम करें।

साथ ही शुगर रोगियों को डिब्बाबंद फलों या उनके जूस का सेवन से भी बचें। ऐसा इसलिए है, क्योंकि ऐसे फलों या उनके रस में अतिरिक्त चीनी हो सकती है, और अतिरिक्त चीनी रक्त शर्करा को बढ़ा सकती है। 

शुगर में कौन से फल खाने चाहिए? (Which fruits can eat in diabetes in Hindi)

अंगूर, चेरी, जामुन, सेब, चकोतरा जैसे फल डायबिटीज में खाए जा सकते हैं, जबकि अनन्नास, तरबूज , खरबूज जैसे फलों का GI इंडेक्स अधिक होने के कारण इन्हें सिमित मात्रा मेंखाना चाहिए।

शुगर पेशेंट फ्रूट डाइट चार्ट (Sugar Patient Diabetic Diet Chart in Hindi)

फल

(खा सकते हैं)

GI index

 फल

(कम खाएं)

GI index

अंगूर (Grapes) <55 अनन्नास (Pineapple) और किशमिश (Raisin) >55
चेरी (Cherry)

तरबूज (Watermelon) और

खरबूज (Muskmelon)

जामुन (Berries) ज्यादा पके केले (Over ripe Bananas) और पपीता (Over ripe Papaya)
सेब (Apple) फ्रूट जूस, पैक्ड जूस और डिब्बा बंद फल।
चकोतरा (Pomelo)
संतरा (Orange)
आडू (Peach)
नाशपाती (Pear)
आलूबुखारा (Prunus)
कीवी (Kiwi)
मीठा नींबू (Sweet Lemon)
सूखे खुबानी (Dried Apricot)
खजूर  (Date)
अनार (Pomegranate)

3. मधुमेह में अनाज – Indian grains for diabetes in Hindi

Grain in Diabetes Diet in Hindi
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क्या मधुमेह में अनाज खाना सुरक्षित है? इसका जवाब है हां, डायबिटीज के मरीज अनाज खा सकते हैं।

यह बात सही है कि अनाज में अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट होते हैं और यह आपके रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकते हैं। परन्तु, साबुत अनाज (Whole grain) में मौजूद कार्बोहाइड्रेट रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ने नहीं देते हैं।

ऐसा इसलिए है, क्योंकि साबुत अनाज का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई), परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट खाद्य पदार्थ (Refined carbohydrate foods) की तुलना में कम होता है।

इसके अलावा साबुत अनाज में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होता है। इसमें अच्छी मात्रा में फाइबर, विटामिन बी, विटामिन ई, आयरन, कॉपर, ज़िंक, मैग्नीशियम, एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो ब्लड शुगर कम करने में मदद कर सकते हैं।

“NCBI में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि स्वस्थ आहार, जो साबुत अनाज और फाइबर से भरपूर होते हैं, हृदय रोग, स्ट्रोक, कुछ प्रकार के कैंसर और टाइप 2 मधुमेह के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।” (5 & 6)

साबुत अनाज में मौजूद फाइबर, चीनी के अवशोषण को धीमा कर रक्त शर्करा के स्तर को कम रखने में मदद करते हैं। इसलिए मधुमेह रोगी साबुत अनाज की कुछ मात्रा अपने आहार में ले सकते हैं। 

मधुमेह में कौन से अनाज खा सकते हैं? – List of grains for diabetes Diet in Hindi

ब्राउन राइस, ओट्स, राई, जौ, दरदरा पीसा हुआ गेहूं, बाजरा जैसे अनाज का जीआई इंडेक्स कम होने के कारण ऐसे अनाज को डायबिटीज में खाया जा सकता है।

साबुत अनाज

(Whole grain)

GI index

ब्राउन राइस (Brown Rice)

<55

ओट्स (Oats)

राई (Rye)

जौ (Barley)

बल्गर यानि मोटा पिसा हुआ गेहूं (Bulgar)

बाजरा (ज्वार का आटा) (Millet)

क्विनोआ (Quinoa)

4. डायबिटीज में प्रोटीन डाइट – Protein diet for diabetes in Hindi

Proteins in Diabetes Diet in Hindi
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जानकारों की माने तो अच्छे और सही प्रोटीन का सेवन रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने और HBA1c को कम करने में मदद कर सकते हैं। प्रोटीन रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ाए बिना इंसुलिन प्रतिक्रिया को बढ़ा सकते हैं।  

इसके अलावा प्रोटीन मधुमेह वाले व्यक्तियों की इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं। साथ ही यह भूख को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं जिससे आपका अतरिक्त वजन नहीं बढ़ता है।

हालांकि, प्रोटीन लेते समय दो बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1.  ऐसे प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम हो।

2. ऐसे रोगी प्रोटीन का सेवन कम करें जिन्हें मधुमेह के साथ गुर्दे संबंधित जटिलताएं या कोई अन्य समय भी हैं। क्योंकि अधिक प्रोटीन गुर्दे पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो मुख्य रूप से सिर्फ प्रोटीन के बने होते हैं, जबकि अन्य खाद्य पदार्थों में प्रोटीन के साथ कार्बोहाइड्रेट और वसा भी हो सकता है। इसलिए, यदि मधुमेह रोगी कार्बोहाइड्रेट से युक्त प्रोटीन का सेवन करते हैं तो यह आपके ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा सकते हैं। 

“कई अध्ययनों से पता चला है कि ऐसे प्रोटीन जिनमें कम कार्बोहाइड्रेट और कम संतृप्त वसा होता है, रक्त में शुगर की मात्रा को कम करने में मदद कर सकते हैं।” (7)

“अध्ययनों से पता चला है कि यदि आप पहले प्रोटीन और उसके बाद कार्बोहाइड्रेट या स्टार्च खाते हैं, तो भोजन के बाद रक्त शर्करा का स्तर बेहतर होता है। उदाहरण के लिए, यदि आप पहले चिकन, मछली, पनीर या दाल खाते हैं और उसके बाद चावल या चपाती लेते हैं, तो ऐसे में भोजन के बाद रक्त शर्करा का स्तर कम हो सकता है।” (8)

मधुमेह में कौन से प्रोटीन खाए जा सकते हैं? – List of protein product for diabetes in Hindi

आप मधुमेह में मसूर की दाल , पनीर, नट्स, सरसों के बीज, टूना मछली, सोया जैसे खाद्य पदार्थों से प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं। नीचे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों की सूची (Diet chart for diabetic patients in Hindi) दी गई है, जिन्हें मधुमेह रोगी अपने आहार में शामिल करने का विचार कर सकते हैं।

प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ

(Protein Rich Foods)

Carbohydrates/ 100gm

Protein/ 100gm

पनीर (Tofu)

2 g 8 g

नट्स  (जैसे  बादाम – Almonds)

21.55 g 21.15 g

सरसों के बीज (Mustard seeds)

28.09 g 26.08 g

टूना मछली (Tuna fish)

0 g 25 g

सैल्मन मछली (Salmon fish)

0 g 19.9 g

1 अंडा  (Eggs)

0.7 g 6.3g

समुद्री भोजन – जैसे झींगा (Prawns)

0.9 g 25

मसूर की दाल (Lentils)

20.13 g  9.02 g

फलियां जैसे राजमा (kidney beans)

22.8 g 8.7 g

सोया (Soya)

33 g 52g

Flaxseed

28.9 g 20.3

कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds)

14.7 g  29.8 g
(Source: USDA National Nutrient data base)

5. मधुमेह में डेयरी उत्पाद – Dairy products in Diabetes in Hindi

Dairy products in Diabetes Diet in Hindi
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शोधकर्ताओं के अनुसार कम वसा और कम कार्बोहाइड्रेट वाले डेयरी उत्पाद (जैसे दूध या दही) मधुमेह के लिए अच्छे माने जाते हैं ऐसे डेयरी  प्रोडक्ट रक्त शुगर को बढ़ने नहीं देते हैं। इसलिए, यदि आप मधुमेह से पीड़ित है तो ऐसे डेयरी उत्पाद का सेवन करें जिसमें कम वसा और कम कार्बोहाइड्रेट हो।

शोधकर्ताओं ने जब डेयरी खाद्य पदार्थों और टाइप 2 मधुमेह के बीच 17 अलग-अलग अध्ययनों के परिणामों को एकत्र किया, तो उन्होंने पाया कि जो लोग कम वसा और कम कार्बोहाइड्रे वाले डेयरी उत्पाद का सेवन करते थे, उनमें टाइप 2 मधुमेह का जोखिम कम था। (9)

मधुमेह में कौन से डेयरी प्रोडक्ट खाए जा सकते हैं? – List of dairy product for diabetes in Hindi

बादाम का दूध, नारियल का दूध, अलसी का दूध, सोया दूध, योगर्ट जैसे डेयरी प्रोडक्ट मधुमेह में लिए जा सकते हैं। नीचे दी गई टेबल से आप  जान पाएंगे की कौन से डेयरी उत्पाद मधुमेह में ज्यादा लेने हैं और कौन से कम।

डेयरी उत्पाद

(ज्यादा लें)

Carbs/cup (240 ml) or (100 gm)

डेयरी उत्पाद

(कम लें)

Carbs/cup (240 ml) or (100 gm)

बादाम का दूध

(Almond Milk)

1 g

गाय का दूध

(Cow’s Milk)

12 g

नारियल का दूध

(Coconut Milk)

5 g

जई का दूध

(Oat Milk)

17 g

मैकाडामिया दूध

(Macadamia Milk)

0 g

चावल का दूध

(Rice Milk)

21 g

अलसी का दूध

(Linseed Milk)

1 g

मीठा गाढ़ा दूध

(Sweet Condensed)

165 g

सोया दूध

(Soy Milk)

7 g

बकरी का दूध

(Milk Goat Milk)

11 g

काजू का दूध

(Cashew Milk)

2 g

मटर का दूध

(Pea Milk)

2 g

पनीर

(Tofu)

1.9 g

चीज़

(Cheese)

1.3 g

योगर्ट

(Yogurt)

3.6 g

बटर   

(Butter)

0.1 g

6. डायबिटीज के लिए कुकिंग ऑयल  – Cooking oil for diabetes in Hindi

Polyunsaturated fats in Diabetic Diet
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खाना पकाने का तेल हमारे आहार में एक बड़ी भूमिका निभाता है। खासकर जब आप हृदय रोग, रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों से पीड़ित हों। जब हम गलत तेल (सेचुरेटेड वसा) का अधिक सेवन करते हैं तो यह हमारे वजन को बढ़ाने में मदद करता है। अधिक वजन होने से इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ती है, जिससे मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है।

और पढ़ें – ओमेगा 3 फैटी एसिड के फायदे और नुकसान।

पॉलीअनसेचुरेटेड वसा (polyunsaturated fat) और मोनोअनसैचुरेटेड वसा (monounsaturated fat) जैसे तेल स्वास्थ के लिए अच्छे माने जाते हैं, खासकर तब जब आप मधुमेह से पीड़ित हों।

ओमेगा-3 और ओमेगा-6 जैसे फैटी एसिड, पॉलीअनसेचुरेटेड और मोनोअनसेचुरेटेड वसा के अच्छे स्रोत हैं। ये दोनों ही फैटी एसिड लिपिड प्रोफाइल में सुधार लाते हैं और इंसुलिन के लिए शरीर की संवेदनशीलता में बढ़ाते हैं। इसके अलावा ओमेगा-3 और ओमेगा-6 जैसे आयल शरीर में होने वाली सूजन से लड़ते हैं और मधुमेह की शुरुआत को रोकते हैं।

इसलिए मधुमेह वाले लोग अपनी डाइट में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 जैसे आयल का सेवन कर सकते हैं।

” हालांकि, कुछ शोध आहार में ओमेगा-3 आयल ज्यादा और ओमेगा-6 आयल कम खाने को कहते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि कुछ स्थितियों में ओमेगा-6 फैटी आयल सूजन को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इसलिए शोधकर्ता आहार में ओमेगा-3 आयल का अनुपात ज्यादा और ओमेगा-6 आयल का कम रखने को कहते हैं।” (10)

मधुमेह के लिए खाना पकाने के तेल की सूची – List of cooking oil for diabetes patient in Hindi

ओमेगा-3 और ओमेगा-6 से भरपूर आयल की सूचि (Diabetes Diet chart) नीचे दी गई हैं। जिसे आप आपने मधुमेह आहार में शामिल कर सकते हैं।

ओमेगा-3 आयल

(ज्यादा खाएं)

ओमेगा-6 आयल

(कम खाएं)

कैनोला ऑयल

(Canola Oil)

कुसुम का तेल

(Safflower Oil)

जैतून का तेल

(Olive Oil)

सूरजमुखी का तेल

(Sunflower oil)

अलसी का तेल

(Linseed Oil)

सोयाबीन ऑयल

(Soybean oil)

अखरोट का तेल

(Walnut Oil)

कद्दू के बीज का तेल

(Pumpkin seed oil)

तिल का तेल

(Sesame Oil)

अवोकेडो आयल  (Avocado oil)

शुगर में क्या नहीं खाना चाहिए? | What to avoid in diabetes in Hindi

उच्च कार्बोहाइड्रेट, संतृप्त वसा, ट्रांस फैट और यहां तक कि प्राकृतिक शर्करा ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो आपके रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकते हैं। इसलिए खाद्य पदार्थों का शुगर में परहेज करना चाहिए

अधिक कार्बोहाइड्रेट का करें शुगर में परहेज : Avoid more carbohydrates in diabetes in Hindi

शुगर में अधिक कार्बोहाइड्रेट खाद्य पदार्थों को नहीं खाना चाहिए। उच्च कार्बोहाइड्रेट खाद्य पदार्थों में शामिल हैं- 

  • ब्रेड,
  • पास्ता,
  • बीन्स,
  • आलू,
  • चावल,
  • अनाज
  • आइसक्रीम,
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स,
  • कैंडी,
  • हाइड्रोजनीकृत या आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत तेल।

संतृप्त वसा का करें शुगर में परहेज : Avoid saturated fat in diabetes in Hindi

डायबिटीज में संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थों का परहेज करना चाहिए। जिन खाद्य पदार्थों में सैचुरेटेड फैट होता है उनमें शामिल हैं –

  • पिज्जा, बर्गर, चीज, मेयोनीज, केक जैसे फूड आइटम्स,
  • कुछ मांस जैसे बीफ, मेमने का मांस और पोर्क, 
  • प्रोसेस्ड मीट,
  • वसायुक्त दूध,
  • मलाई,
  • आइसक्रीम,
  • सफेद ब्रेड,  
  • पास्ता
  • साबुत दूध और पनीर।  

ट्रांस फैट का करें डायबिटीज में परहेज : Do not eat trans fat in diabetes in Hindi

ट्रांस वसा शुगर में नहीं खाने चाहिए। जिन खाद्य पदार्थों में अधिक ट्रांस वसा होता हैं उनमें शामिल हैं –
  • मक्खन
  • कुकीज़
  • केक
  • फ्रेंच फ्राइज़
  • चिप्स 
  • डोनट्स

डायबिटीज में शर्करा का सेवन करें कम – Reduce sugar intake in diabetes in Hindi

अधिक चीनी या एडेड शुगर भी डायबिटीज के मरीजों को नहीं कहानी चाहिए। जिन आहार में अधिक चीनी होती है उनमें शामिल हैं- 
  • बहुत मीठा दही (Sweet yogurt),
  • आइसक्रीम (Ice Cream), 
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft drinks)।  
  • सोडा (Soda), 
  • कैंडी (Candy), 
  • स्पोर्ट्स ड्रिंक (Sports drink), 
  • कुकीज (Cookies), 
  • बिस्कुट (Biscuits), 
  • केक (Cake), 
  • पेस्ट्री (Pastry).

निष्कर्ष | Conclusion

शुगर की बीमारी उम्र भर आपके साथ बनी रहती है। हालांकि, एक संतुलित डायबिटीज डाइट कुछ हद तक इस बीमारी में फायदा पंहुचा सकती है। संतुलित डायबिटीज डाइट (मधुमेह आहार) न केवल रक्त शर्करा को नियंत्रित कर सकती, बल्कि मधुमेह में अतरिक्त वजन, कैंसर और हृदय रोग जैसे बिमारियों के जोखिम को भी कम करने में मदद कर सकती है।

जानकारों की माने तो डायबिटीज को रोकने के लिए आप केवल आहार की मात्रा तक ही सिमित ना रहें, बल्कि आहार में मौजूद वसा और कार्बोहाइड्रेट की गुणवत्ता पर भी अधिक ध्यान दें। एक अच्छे गुणवत्ता वाले वसा और कार्बोहाइड्रेट, मधुमेह को अच्छे से नियंत्रित करने में आपकी मदद कर सकते हैं। साथ ही, आपके भोजन में मौजूद पौष्टिक तत्वों की विविधता भी शुगर की बीमारी को मैनेज करने में आपकी मदद कर सकती है।

संतृप्त वसा, ट्रांस वसा और अतिरिक्त शर्करा ऐसे भोज्य पदार्थ हैं जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होता है। इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन मधुमेह में सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। ये सभी खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो मधुमेह के जोखिम को बड़ा सकते हैं या मधुमेह के लक्षणों को और भी खराब कर सकते हैं।

ये हैं संतुलित Diabetic Diet (मधुमेह आहार) के बारे में बताई गई जानकारी। कमेंट में बताएं आपको यह पोस्ट कैसी लगी। यदि आपको Diabetes Diet chart in Hindi पोस्ट पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें।

वेब पोस्ट गुरु ब्लॉग में आने और पोस्ट पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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Disclaimer : ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह जरूर लें।

सन्दर्भ (References)

1. Wang PY, Fang JC, Gao ZH, Zhang C, Xie SY. Higher intake of fruits, vegetables or their fiber reduces the risk of type 2 diabetes: A meta-analysis. J Diabetes Investig. 2016;7(1):56-69.

2. Cucuzzella M, Riley K, Isaacs D. Adapting Medication for Type 2 Diabetes to a Low Carbohydrate Diet. Front Nutr. 2021;8:688540. Published 2021 Aug 9.

3. Nielsen JV, Joensson E. Low-carbohydrate diet in type 2 diabetes. Stable improvement of bodyweight and glycemic control during 22 months follow-up. Nutr Metab (Lond). 2006;3:22. Published 2006 Jun 14.

4. Willett W, Manson J, Liu S. Glycemic index, glycemic load, and risk of type 2 diabetes. Am J Clin Nutr. 2002 Jul;76(1):274S-80S.

5. Nielsen JV, Joensson E. Low-carbohydrate diet in type 2 diabetes. Stable improvement of bodyweight and glycemic control during 22 months follow-up. Nutr Metab (Lond). 2006;3:22. Published 2006 Jun 14.

6. Nielsen JV, Joensson E. Low-carbohydrate diet in type 2 diabetes. Stable improvement of bodyweight and glycemic control during 22 months follow-up. Nutr Metab (Lond). 2006;3:22. Published 2006 Jun 14.

7. Eiswirth M, Clark E, Diamond M. Low carbohydrate diet and improved glycaemic control in a patient with type one diabetes. Endocrinol Diabetes Metab Case Rep. 2018;2018:18-0002. Published 2018 Mar 21.

8. Beaudry KM, Devries MC. Nutritional Strategies to Combat Type 2 Diabetes in Aging Adults: The Importance of Protein. Front Nutr. 2019;6:138. Published 2019 Aug 28.

9. Kalergis M, Leung Yinko SS, Nedelcu R. Dairy products and prevention of type 2 diabetes: implications for research and practice. Front Endocrinol (Lausanne). 2013;4:90. Published 2013 Jul 23.

10. Telle-Hansen VH, Gaundal L, Myhrstad MCW. Polyunsaturated Fatty Acids and Glycemic Control in Type 2 Diabetes. Nutrients. 2019;11(5):1067. Published 2019 May 14.

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