IVF pregnancy symptoms in Hindi.

IVF Pregnancy Symptoms | भ्रूण स्थानांतरण के बाद गर्भावस्था लक्षण एवं सावधानियां

IVF pregnancy symptoms in Hindi: जिन दम्पत्तियों को गर्भधारण करने में कठिनाई होती है, वे अक्सर आईवीएफ जैसे प्रजनन उपचार के माध्यम से इस समस्या को दूर करते हैं। आईवीएफ ट्रीटमेंट के बाद डॉक्टर प्रेगनेंसी की पुष्टि के लिए लगभग 14 सप्ताह का समय लेते हैं।

इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि भ्रूण स्थानांतरण (embryo transfer) और गर्भावस्था परीक्षण (pregnancy test) के बीच ये दो सप्ताह का इंतजार आपको नर्वस कर सकता है। इसलिए आपका धैर्य बनाए रखना जरुरी है।

भ्रूण स्थानांतरण के बाद आप यह जानना चाहेंगी कि आईवीएफ (IVF) प्रेगनेंसी के लक्षण कैसे होते हैं और कब आना शरू होते हैं। तो चलिए इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको भ्रूण स्थानांतरण के बाद गर्भावस्था लक्षण (आईवीएफ गर्भावस्था के लक्षण) और गर्भधारण के बाद आपको क्या-क्या सावधानियां बरतनी है उनके बारे में विस्तार से समझाते हैं।

आईवीएफ प्रक्रिया क्या है? IVF pregnancy in Hindi

आईवीएफ प्रयोगशाला में कुछ नियंत्रित परिस्थितियों में किये जाने वाली एक प्रक्रिया है जिसमें स्त्री के अंडे (egg) और पुरुष के स्पर्म (sperm) को लैब में फर्टिलाइज (संयोजन) किया जाता है।

जब फर्टिलाइज  से भ्रूण बन जाता है तब उसे वापस महिला के गर्भाशय (Uterus) में रख दिया जाता है। दुनिया भर में हर वर्ष आईवीएफ के जरिए लाखों शिशु जन्म लेते हैं।

हालाँकि आईवीएफ एक जटिल और महंगी प्रक्रिया है, किन्तु यह प्रक्रिया उन दम्पतियों के लिए बहुत सहायक होती है जो बहुत समय से गर्भधारण की तैयारी कर रहे हैं और किसी कारणवश असफल हैं।

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भ्रूण स्थानांतरण के बाद गर्भावस्था लक्षण | IVF pregnancy symptoms in Hindi

IVF Pregnancy Symptoms in Hindi

भ्रूण स्थानांतरण के बाद गर्भावस्था लक्षण लगभग 2 सप्ताह में दिखाई देने लगते हैं। भ्रूण स्थानांतरण के बाद सकारात्मक संकेत निम्नलिखित हो सकते हैं।

  • पीरियड का ना आना,
  • वैजिनल ब्लीडिंग (साथ ही पेट में मरोड़ या ऐंठन),
  • स्तनों में बदलाव या दर्द,
  • थकान,
  • वजाइनल स्राव,
  • पेशाब का बार-बार आना,
  • पीठ के निचले हिस्से में दर्द,
  • शरीर में परिवर्तन,
  • सिर दर्द और चक्कर आना,
  • कोई लक्षण दिखाए ना देना।

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1. आईवीएफ गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण हैं पीरियड का ना आना – Initial symptoms of IVF pregnancy In Hindi

मासिक धर्म का छूटना या ना आना आईवीएफ गर्भावस्था (IVF pregnancy) का सकारात्मक संकेत हो सकता है। पीरियड के ना आने के लगभग 7 दिन बाद गर्भावस्था की पुष्टि घरेलू गर्भावस्था परीक्षण द्वारा की जानी चाहिए।

घरेलू गर्भावस्था परीक्षण, आपके यूरिन में HCG नामक हार्मोन के स्तर का पता लगाता है और यह दिखाने में सक्षम होता है कि क्या आप गर्भवती हैं।

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2. भ्रूण स्थानांतरण के बाद प्रेगनेंसी के लक्षण हैं वैजिनल ब्लीडिंग – IVF success symptoms in Hindi

जब निषेचित अंडा (fertilized egg) गर्भाशय की परत से जुड़ता है, तो आपको हल्का रक्तस्राव हो सकता है। हालांकि यह रक्तस्राव नियमित अवधि (पीरियड) की तुलना में बहुत हल्का होता है और इस दौरान आप को पेट में हल्की मरोड़, दर्द और ऐंठन (Pregnancy ke lakshan in Hindi) महसूस हो सकती है।

इसलिए एम्ब्रायो ट्रांसफर के बाद पेट में दर्द,  ब्लीडिंग, मरोड़ या ऐंठन आईवीएफ गर्भावस्था के सबसे शुरुआती लक्षण हो सकता है।

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3. आईवीएफ गर्भावस्था के लक्षण हैं स्तनों में बदलाव आना – IVF positive symptoms in Hindi

कई महिलाओं को आईवीएफ गर्भावस्था के पहले हफ्तों में स्तनों में बदलाव (आईवीएफ प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षण) का अनुभव होता है। इन परिवर्तनों को कोमलता, भारीपन, झुनझुनी या हल्के दर्द के रूप में महसूस किया जा सकता है। परिवर्तन से होने वाली बेचैनी आमतौर पर कई हफ्तों के बाद कम हो जाती है।

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4. एम्ब्र्यो ट्रांसफर के बाद प्रेगनेंसी के लक्षण हैं थकान – IVF pregnancy symptoms in Hindi

अधिकांश महिलाऐं शुरुआती गर्भावस्था में बेहद थका हुआ महसूस करती हैं। गर्भावस्था का यह संकेत हार्मोन प्रोजेस्टेरोन के उच्च स्तर के कारण हो सकता है।

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5. आईवीएफ प्रेगनेंसी के लक्षण हैं वजाइनल स्राव – Success symptoms of IVF in Hindi

कुछ महिलाओं को प्रारंभिक गर्भावस्था में वजाइनल स्राव (Vaginal discharge) हो सकता है। जिसे ल्यूकोरिया (Leucorrhea) कहते हैं। जोकि विभिन्न हार्मोनल बदलावों के कारण होता है।

यह स्राव सफेद रंग का, बेहद पतला और थोड़ी गंध वाला हो सकता है। ऐसा डिस्चार्ज बिलकुल सामान्य है और इसे लेकर किसी भी तरह की चिंता करने की बात नहीं है।

हालांकि, हल्के पीले या भूरे रंग का डिस्चार्ज किसी इंफेक्शन जैसे यीस्ट इंफेक्शन या बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है।

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6. आईवीएफ गर्भावस्था के लक्षण हैं पेशाब का बार-बार आना – IVF treatment success symptoms in Hindi

बार-बार पेशाब आना आईवीएफ गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण (IVF pregnancy symptom) हो सकते हैं। कुछ महिलाओं को यह भी पता चलता है कि उन्हें पीरियड्स मिस होने से पहले अधिक बार पेशाब करने की आवश्यकता होती है।

हालांकि, आप यह भी ध्यान रखें कि बार-बार पेशाब आना मूत्र पथ के संक्रमण या मधुमेह का कारण भी हो सकता है।

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7. पीठ के निचले हिस्से में दर्द – IVF success symptoms in Hindi

आईवीएफ गर्भावस्था में कई बार बहुत ज्यादा मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होता है या पीठ के निचले हिस्से में दर्द भी होता है। यह दोनों इस बात के भी संकेत हो सकते हैं कि भ्रूण स्थानांतरण (embryo transfer) सफल रहा। 

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8. शरीर में परिवर्तन – Success symptoms of IVF in Hindi

आईवीएफ ट्रीटमेंट के बाद महिलाओं के शरीर में परिवर्तन दिखाई देते हैं। इन परिवर्तनों में शामिल हैं-

  • ब्रेस्ट के साइज का बढ़ना 
  • कब्‍ज,
  • बालों का गिरना,
  • स्‍ट्रेच मार्क,
  • योनि स्राव,
  • अतिरिक्त तनाव महसूस करना
  • वजन बढ़ना आदि।

9. सिर दर्द और चक्कर आना – IVF transfer symptoms in Hindi

आईवीएफ गर्भावस्था (IVF pregnancy) के दौरान महिला के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव आते है। इन बदलाव के कारण सिर दर्द होना या या चक्कर आना आम है। इसलिए, यदि एम्ब्र्यो ट्रांसफर के बाद आपको सिर दर्द या चक्कर आते हों, तो यह आईवीएफ गर्भावस्था के शुरुवाती लक्षण हो सकते हैं।

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10. कोई लक्षण दिखाए ना देना – No symptoms of IVF in Hindi

यदि आपको उपरोक्त लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, तो चिंता न करें। लक्षणों की अनुपस्थिति का मतलब यह नहीं है कि आपका भ्रूण स्थानांतरण सफल नहीं था। क्योंकि 10-15% महिलओं में भ्रूण स्थानांतरण के बाद कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, जबकि महिलाऐं प्रेग्नेंट होती हैं।

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भ्रूण स्थानांतरण के बाद सावधानियां | Precautions after IVF pregnancy in Hindi

भ्रूण स्थानांतरण की प्रक्रिया के बाद प्रेग्नेंसी की संभावना बढ़ाने के लिए आपको कुछ सावधानी बरतने की जरूरत होती है। यह सावधानियां (IVF pregnancy precautions) इस प्रकार हैं-

  • आईवीएफ प्रक्रिया के बाद कच्चा दूध पिने से बचें,
  • आईवीएफ ट्रीटमेंट के बाद अधिक तेल-घी वाले खाने से बचें, 
  • आईवीएफ के बाद कच्ची मछली, कच्चे मांस और कच्चे अंडे खाने से बचें,
  • एम्ब्र्यो ट्रांसफर के बाद जंक फूड, ऑनलाइन फ़ूड और डब्बा बंद जूस खाने से बचें,
  • प्रेगनेंसी में बासी कच्चे स्प्राउट्स ना खाएं,
  • प्रेगनेंसी में बिना धुली सब्जियां और फल खाने से बचें,
  • आईवीएफ प्रेगनेंसी के बाद अधिक कैफीन न लें,
  • प्रेगनेंसी में शराब और धूम्रपान से बचें,
  • प्रेगनेंसी में जरुरत से ज्यादा मसालेदार खाना ना खाएं,
  • प्रेगनेंसी में अत्यधिक मीठी चीजें ना खाएं,
  • प्रेगनेंसी में कच्चा पपीता खाने से बचें,
  • भ्रूण प्रत्यारोपण के बाद पति-पत्नी को संभोग से बचें,
  • भ्रूण प्रत्यारोपण के बाद अधिकतम आराम और अधिकतम काम- दोनों से ही बचें,
  • ज्यादा मेहनत वाले व्यायाम न करें,
  • भारी सामान न उठाएं,
  • भ्रूण प्रत्यारोपण के बाद लम्बा सफर ना करें।

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ये हैं भ्रूण स्थानांतरण के बाद गर्भावस्था लक्षण एवं सावधानियां (IVF pregnancy symptoms in Hindi)। कमेंट में बताएं आप को यह पोस्ट कैसी लगी। साथ ही अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो इस पोस्ट को शेयर जरूर करें।

Disclaimer : ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह जरूर लें।

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संदर्भ (References)

Choe J, Archer JS, Shanks AL. In Vitro Fertilization. 2022 May 1. In: StatPearls [Internet]. Treasure Island (FL): StatPearls Publishing; 2022 Jan–.

Available from: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK562266/

DeCherney AH. In vitro fertilization and embryo transfer: a brief overview. Yale J Biol Med. 1986 Jul-Aug;59(4):409-14.

Available from: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2590090/

Choe J, Archer JS, Shanks AL. In Vitro Fertilization. [Updated 2022 May 1]. In: StatPearls [Internet]. Treasure Island (FL): StatPearls Publishing; 2022 Jan-.

Available from: https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK562266/

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