Fish Oil Benefits and Side Effects in Hindi

Fish Oil Capsules Benefits : फिश ऑयल कैप्सूल के फायदे और नुकसान

Fish Oil Capsules Benefits in Hindi : फिश ऑयल (Fish Oil) एक प्रकार का सप्लीमेंट है। जो हमारे शरीर में ओमेगा 3 फैटी एसिड (Omega 3 fatty acids) की कमी को पूरा करता है।

ओमेगा 3 फैटी एसिड एक महत्वपूर्ण वसा है, जो अचानक हृदय से होने वाली मृत्यु के जोखिम को कम कर सकता है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि ओमेगा 3 फैटी एसिड रक्त में मौजूद लिपिड (कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड) के स्तर में सुधार ला सकता है, कोरोनरी हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है और साथ ही रक्त चाप को नियंत्रित कर सकता है।

हालांकि, आज भी ज्यादातर लोग मछली के तेल के फायदे (Fish oil benefits) के बारे में नहीं जानते हैं। साथ ही फिश ऑयल के नुकसान (Fish oil side effects) क्या हैं इसको लेकर लोगों में शंका रहती है।

इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको फिश ऑयल कैप्सूल के फायदे और नुकसान (Fish Oil Benefits and Side Effects in Hindi) के बारे में बता रहे हैं। इसके अलावा इस पोस्ट में फिश ऑयल कैप्सूल (Fish oil Capsules) कब खाना चाहिए, यह भी बताया गया है।

तो चलिए अब इस पोस्ट को शुरू करते हैं।

फिश ऑयल क्या है? | What is fish oil in Hindi

What is fish oil in Hindi
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फिश ऑयल यानी मछली का तेल जिसे ओमेगा 3 फैटी एसिड भी कहा जाता है एक प्रकार का वसा है जो मछली के ऊतकों से निकाला जाता है।

लगभग 30% मछली का तेल ओमेगा -3 फैटी एसिड से बना होता है, जबकि शेष 70% अन्य वसा से बना होता है। इसके अलावा, मछली के तेल में आमतौर पर कुछ विटामिन ए और डी भी मौजूद होते हैं।

मछली का तेल (ओमेगा 3 फैटी एसिड) आमतौर पर तैलीय मछलियों जैसे ट्यूना, हलिबेट, शैवाल, क्रिल्ल आदि से निकला जाता है। हालांकि, ओमेगा 3 फैटी एसिड कभी-कभी अन्य मछलियों के जिगर (liver) से भी उत्पन्न होता है।

ओमेगा -3 फैटी एसिड तीन प्रकार के होते हैं, जिनमें डोकोसाहेक्सानोइक एसिड (डीएचए) इकोसापेंटेनोइक एसिड (ईपीए) और अल्फा लिनोलेनिक एसिड (ALA) प्रमुख प्रकार हैं। (1)

हालांकि, फिश ऑयल में केवल दो प्रकार के ओमेगा -3 फैटी मौजूद होते हैं। डोकोसाहेक्सानोइक एसिड (DHA) और इकोसापेंटेनोइक एसिड (EPA)।

अल्फा लिनोलेनिक एसिड (ALA), ज्यादातर वेजिटेबल ऑयल  (यानि पौधों से प्राप्त होने वाले तेल) से प्राप्त किया जाता है।

ज्यादातर स्टडी में डोकोसाहेक्सानोइक एसि (DHA) और इकोसापेंटेनोइक एसिड (EPA) को अल्फा लिनोलेनिक एसिड (ALA) की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण माना है। जो हृदय स्वास्थ्य और अन्य बिमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। (2 & 3)

सीधे शब्दों में कहें, तो मछली से मिलने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड, पौधों से मिलने वाले ओमेगा-3 से कहीं अधिक बेहतर होता है।

इसलिए डॉक्टर प्रति सप्ताह 1-2 हिस्से मछली खाने की सलाह देते हैं। हालांकि, यदि आप शाकाहारी हैं और मछली का सेवन नहीं कर सकते हैं तो आप इसकी जगह बाजार से फिश ऑयल कैप्सूल (Fish oil Capsules) ले सकते हैं।

इसके अलावा शाकाहारी लोग अलसी, अखरोट और कैनोला तेल से भी ओमेगा -3 फैटी एसिड प्राप्त कर सकते हैं।

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मछली का तेल के पौष्टिक तत्व – Fish Oil Nutritional Value in Hindi

मछली का तेल पोषक तत्वों का खजाना है। प्रति 100 ग्राम मछली के तेल में कितनी मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं इसके लिए आप नीचे पढ़ सकते हैं-

पोषक तत्व

मात्रा प्रति 100 ग्राम

ऊर्जा 902kcal
कुल फैट 100g
विटामिन ए 100000IU
विटामिन डी 10000IU
फैटी एसिड, सैचुरेटेड 22.608g
फैटी एसिड, कुल मोनोअनसैचुरेटेड  46.711g
फैटी एसिड, कुल पॉलीअनसैचुरेटेड 22.541g
कोलेस्ट्रॉल 22.541g

चलिए अब समझते हैं फिश ऑयल कैप्सूल के फायदे और नुकसान के बारे में।

फिश ऑयल कैप्सूल के फायदे | Fish Oil Capsules Benefits in Hindi

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फिश ऑयल कैप्सूल के फायदे निम्नलिखित बीमारियों में फायदेमंद हो सकते हैं। जैसे –

  • नेत्र स्वास्थ्य को बनाए रखने में,
  • हृदय जोखिमों को कम करने में,
  • भ्रूण के स्वस्थ विकास के लिए,
  • त्वचा को स्वस्थ बनाने में,
  • बालों को झड़ने से रोकने में,
  • एकाग्रता को बढ़ाने में,
  • नींद की गुणवत्ता को बढ़ाने में,
  • रूमेटाइड अर्थराइटिस के इलाज में,
  • अस्थमा के इलाज में,
  • वजन घटाने मे,
  • पोस्टपार्टम डिप्रेशन में।

और पढ़ें –  जानिए मधुमेह रोगी डायबिटीज में क्या खाएं और क्या न खाएं।

1. फिश ऑयल कैप्सूल के फायदे नेत्र स्वास्थ्य को बनाए रखने में – Fish Oil capsules Benefits for eyes in Hindi

फिश ऑयल में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड आँख की रेटिना को स्वस्थ बनाए रखने और आँख की सूजन को दूर करने में मदद कर सकता है। जिससे मैकुलर डिजनरेशन जैसे रोग से बचा जा सकता है। (4 & 5)

मैकुलर डिजनरेशन एक प्रकार का दृष्टि दोष है। जो कई बार अंधेपन का कारण बनता है।

इसके अलावा फिश ऑयल कैप्सूल के फायदे (Machli ke Tel ke Fayde), ग्लूकोमा जैसी बीमारी को रोकने और आँख के सूखेपन को दूर करने भी हो सकता हैं।

और पढ़ें – डायबिटीज से लेकर कैंसर तक में साबुत अनाज के फायदे

2. ओमेगा 3 फिश ऑयल कैप्सूल के लाभ हृदय जोखिमों को कम करने में – Fish Oil Benefits for cardiovascular disease in Hindi

दिल को स्वस्थ रखने के लिए फिश ऑयल कैप्सूल को कई लाभों (Fish Oil Capsules Benefits) से जोड़ा गया है। जिसमें शामिल हैं- (6, 7, 8 & 9)

  • फिश ऑयल में मौजूद ओमेगा 3 उच्च रक्तचाप वाले व्यक्तियों में रक्तचाप के स्तर को कम कर सकता है।
  • फिश ऑयल “अच्छे” एचडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है।
  • फिश ऑयल दिल और दिमाग में ब्लड क्लॉट को बनने से रोक सकता है।
  • फिश ऑयल शरीर की सूजन कम कर सकता है।
  • फिश ऑयल के फायदे असामान्य हृदय गति की संभावना को कम कर सकता है।

3. फिश ऑयल कैप्सूल का उपयोग भ्रूण के स्वस्थ विकास के लिए – Benefits of Fish Oil capsules for fetus development in Hindi

प्रेगनेंसी के समय फिश ऑयल का सेवन, भ्रूण के स्वस्थ विकास में मदद कर सकता है, विशेष रूप से भ्रूण के मस्तिष्क और आंखों का। (10  ,11 & 12)

यही कारण है कि डॉक्टर गर्भावस्था के दौरान मछली के तेल से युक्त आहार खाने की सलाह देते हैं।

4. मछली के तेल का फायदा त्वचा को स्वस्थ बनाने में – Fish oil capsules uses for skin care in Hindi

फिश ऑयल कैप्सूल का फायदा स्किन को मुलायम, नमी युक्त और झुर्रियों से मुक्त रखने में मदद कर सकता है।

इसके अलावा ओफिश ऑयल का उपयोग त्वचा के कई रोगों के इलाज और रोकथाम के लिए भी किया जाता है, साथ ही यह चेहरे में होने वाले मुहासों की रोकथाम में भी मदद कर सकता है। (13)

और पढ़ें – एक अच्छे कुकिंग ऑयल का चुनाव कैसे करें?

5. मछली के तेल के फायदे बालों को झड़ने से रोकने में – Fish oil benefits for hair loss in Hindi

कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि फिश ऑयल कैप्सूल का फायदा बालों के स्वास्थ्य में सुधार लाने में किया जा सकता है, खासकर ऐसे लोग जिनके बाल रोज झड़ते हैं।

2015 में की गई स्टडी से पता चलता है कि जिन महिलाओं ने फिश ऑयल सप्लीमेंट लिया था, उनके बालों के विकास में काफी अधिक वृद्धि और बालों के झड़ने में कमी देखी गई। (14)

6. एकाग्रता को बढ़ाने में फिश ऑयल कैप्सूल के फायदे – Omega 3 capsules benefits for brain in Hindi

फिश ऑयल कैप्सूल का फायदा एकाग्रता बढ़ाने के लिए हो सकता है।

यदि काम करते समय आपका मन और ध्यान बार-बार भटक रहा हो, तो मछली के तेल में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड एकाग्रता बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है।

इसके अलावा जो लोग अधिक मछली खाते हैं उनकी उम्र से संबंधित मानसिक गिरावट धीमी होती है। (15)

हालांकि, यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि मछली के तेल की खुराक वृद्ध वयस्कों में मानसिक गिरावट को रोकने में पूरी तरह से सक्षम है कि नहीं।

7. ओमेगा 3 कैप्सूल का उपयोग है, नींद की गुणवत्ता को बढ़ाने में – Benefits of omega 3 fish oil for good sleep in Hindi

शरीर में ओमेगा 3 फैटी एसिड का निम्न स्तर नींद न आने की समस्या को बढ़ा सकता है। (16 & 17)

बच्चों और वयस्कों में किये गए एक अध्ययन से पता चलता है कि ओमेगा-3 नींद की गुणवत्ता और नींद के समय को बढ़ाने (Benefits of omega-3 in Hindi) में मददगार कर सकता है।

इसलिए फिश ऑयल का सेवन नींद की गुणवत्ता को बढ़ाने में किया जा सकता है।

और पढ़ें – आयरन की कमी को दूर करते हैं ऐसे आहार

8. मछली के तेल का उपयोग, रूमेटाइड अर्थराइटिस के इलाज में – Omega 3 capsules benefits for rheumatoid arthritis in Hindi

कई अध्ययनों में पाया गया है कि मछली का तेल (ओमेगा-3) जोड़ों के दर्द और सुबह की जकड़न से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। (18)

इसके अलावा फिश ऑयल कैप्सूल का फायदा रूमेटाइड अर्थराइटिस यानी गठिया के लक्षणों को कम करने में भी किया जा सकता है।

एक अध्ययन से पता चलता है कि गठिया से पीड़ित लोग अगर मछली के तेल का सही से सेवन करें, तो उनमें गठिया के लक्षणों को कम किया जा सकता है। प्रयोगशाला अध्ययनों से भी पता चलता है कि ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर आहार ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षणों को कम कर सकते हैं।

और पढ़ें – Iron Supplements क्या हैं? जानिए इसके फायदे, मात्रा और दुष्प्रभाव

9. फिश ऑयल कैप्सूल खाने के फायदे, अस्थमा के इलाज में – Benefits of omega 3 fatty acids for asthma in Hindi

फिश ऑयल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण ये अस्थमा जैसी बीमारी से बचाव में कारगर साबित हो सकता है। (19)

शोध के अनुसार नियमित रूप से ओमेगा-3 (फिश ऑयल कैप्सूल) का सेवन बच्चों को अस्थमा के लक्षणों से बचाया जा सकता है।

फिलहाल, मछली का तेल अस्थमा के इलाज के लिए कितना कारगर है इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

10. वजन घटाने में फिश ऑयल खाने के फायदे – Benefits of fish oil supplements for weight loss in Hindi

फिश ऑयल (ओमेगा-3 कैप्सूल) का फायदा वजन घटाने में भी मिल सकता है। मछली के तेल में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड वजन घटाने में मदद करता है और शरीर से अतरिक्त चर्बी को हटाता है जिससे हमारा अतरिक्त वजन नहीं बढ़ता है। (20)

और पढ़ें – आहार जिनमें होते हैं खूब कार्बोहाइड्रेट (अच्छे और खराब कार्ब्स)

11. पोस्टपार्टम डिप्रेशन में मछली के तेल के फायदे  – Benefits of Fish Oil capsules for postpartum depression in Hindi

प्रसव (डिलीवरी) के बाद ज्यादातर महिलाएं पोस्टपार्टम डिप्रेशन से पीड़ित हो जाती हैं।

पोस्टपार्टम डिप्रेशन एक गंभीर मानसिक बीमारी (तनाव) है जो महिलाओं के व्यवहार और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती है।

यही कारण है कि पोस्टपार्टम डिप्रेशन से ग्रस्त महिलाओं में चिड़चिड़ापन, चिंता, उदासी, निराशा, अकेलापन और भूख कम या ज्यादा लगना समेत कई लक्षण नजर आते हैं।

2018 में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, जो महिलाऐं प्रेगनेंसी के बाद फिश आयल (ओमेगा-3 कैप्सूल) एक सप्लीमेंट के रूप में लेती हैं उनके डिप्रेशन से ग्रस्त होने की सम्भावना काफी हद तक कम हो जाती है। (21)

इसके अलावा, फिश ऑयल के फायदे मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाने में भी हो सकता है।

फिश ऑयल कैप्सूल कब और कैसे खाना चाहिए ? | How to eat Fish Oil capsules in Hindi

How to eat Fish Oil capsules in Hindi
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ओमेगा 3 फिश ऑयल कैप्सूल खाने का सही समय – Fish oil capsules kaise khaye

ओमेगा 3 फिश ऑयल कैप्सूल (ओमेगा-3 कैप्सूल) खाने का कोई निश्चित समय नहीं है। इसलिए इसे आप कभी भी खा सकते हैं।

फिश ऑयल कैप्सूल कैसे खाएं ? अधिकांश लोगों के मन में यह सवाल होता है कि मैं फिश ऑयल खाना खाने के बाद खा सकता हूं या नहीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिश ऑयल कैप्सूल (ओमेगा -3 कैप्सूल) भोजन के दौरान पानी के साथ लिया जा सकता है।

2019 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि अगर उच्च वसा वाले भोजन के बाद ओमेगा -3 कैप्सूल का सेवन किया जाए तो ओमेगा-3 शरीर द्वारा बेहतर तरीके से अवशोषित होता है।

हालांकि, यदि कोई व्यक्ति नाश्ते में अधिक वसा नहीं खाता है, तो वह इसे दोपहर के भोजन या शाम के भोजन के बाद भी फिश ऑयल कैप्सूल खा सकता है।

भोजन के साथ मछली का तेल लेने से ओमेगा -3 फैटी एसिड का अवशोषण बढ़ सकता है और एसिड रिफ्लक्स, डायरिया, डकार और मतली सहित कुछ साइड इफेक्ट कम हो सकते हैं।

अधिकांश शोध बताते हैं कि मछली के तेल की खुराक के संभावित लाभ तत्काल नहीं मिलते हैं, बल्कि इसके दीर्घकालिक उपयोग करने से मिलते हैं। (22)

अध्ययनों से पता चलता है कि मछली के तेल को कई हफ्तों, महीनों या वर्षों तक लेने से रक्त में ओमेगा -3 फैटी एसिड का स्तर बढ़ सकता है। (23)

और पढ़ें – पोटेशियम की कमी दूर करते हैं ये आहार

फिश ऑयल कितना खाना चाहिए ? | How much fish oil capsules should I eat in Hindi

फिश ऑयल कितना खाना चाहिए यह आपकी उम्र, लिंग और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए फिश ऑयल सप्लीमेंट्स लेने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य परामर्श करें।

हालांकि, जयादातर मामलों में डॉक्टर 250-500 मिलीग्राम संयुक्त ईपीए और डीएचए (फिश ऑयल) खाने की सलाह देते हैं। ओमेगा -3 फिश ऑयल कैप्सूल लेने का सबसे अच्छा समय दिन के खाने या रात के खाने के साथ है। (24 & 25)

और पढ़ें – लो कैलोरी डाइट के फायदे, नुकसान और आहार योजना।

फिश ऑयल कैप्सूल के नुकसान | Disadvantages Of Fish Oil capsules in Hindi

Side effects of Fish Oil capsules in Hindi
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फिश ऑयल कैप्सूल का अधिक सेवन स्वस्थ के लिए नुकसानदायक भी हो सकता हैं। मछली के तेल के नुकसान (फिश ऑयल कैप्सूल के नुकसान) में शामिल हो सकते हैं – (26 & 27)

फिश ऑयल के नुकसान | Fish Oil Capsules Side Effects in Hindi

  • खट्टी डकारे आना,
  • पेट में जलन होना,
  • पेट दर्द होना,
  • मुँह का असामान्य स्वाद,
  • पेट में अत्यधिक गैस बनना,
  • मसूड़ों से खून आना,
  • सूखी खांसी होना,
  • सांस लेने या निगलने में कठिनाई,
  • चक्कर आना,
  • लाल या काला मल आना,
  • लाल या गहरा भूरा मूत्र होना,
  • सामान्य तापमान में भी पसीना आना,
  • सीने में जकड़न,
  • असामान्य थकान या कमजोरी,
  • तेज़ या अनियमित दिल की धड़कन,
  • सरदर्द होना,
  • पित्ती, खुजली, या त्वचा पे लाल चकत्ते पड़ना,
  • मासिक धर्म के प्रवाह में वृद्धि होना,
  • पलकों या आंखों, चेहरे, होंठ, या जीभ के आसपास सूजन आना।

और पढ़ें – Steroids दवा क्या है?, जानिए स्टेरॉयड के फायदे और नुकसान

मछली के तेल की खुराक के लिए सावधानियां | Precautions for fish oil supplements in Hindi

अगर आपको मछली या सोयाबीन से एलर्जी है तो फिश ऑयल कैप्सूल के सेवन से बचना चाहिए।

इसके अलावा यदि आपको-

  • मधुमेह;
  • यकृत रोग;
  • अग्न्याशय विकार;
  • अंडरएक्टिव थायराइड; या 
  • आप प्रति दिन 2 से अधिक मादक पेय पीते हैं।

तो फिश ऑयल कैप्सूल का उपयोग करने से पहले अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से जरूर पूछें लें। क्योंकि फिश ऑयल कैप्सूल अन्य दवाओं के साथ रियेक्ट कर सकती है। जिसके नतीजे स्वस्थ के लिए हानिकारक हो सकते हैं। 

और पढ़ें – इम्युनिटी बढ़ाने के घरेलू उपाय।

निष्कर्ष | Conclusion

फिश ऑयल नेत्र स्वास्थ्य को बनाए रखने, हृदय जोखिमों को कम करने, भ्रूण के स्वस्थ विकास, मस्तिक्ष के अच्छे डेवलोपमेन्ट और एकाग्रता को बढ़ाने में विशेष भूमिका अदा करता है।

क्योंकि मछली के तेल में बहुत अधिक मात्रा में ओमेगा -3 होता है, इसलिए जो लोग इन स्वास्थ्य स्थितियों के जोखिम में हैं, वे फिश ऑयल के सेवन से लाभ उठा सकते हैं।

डॉक्टर प्रति सप्ताह 1-2 हिस्से वासा युक्त मछली खाने की सलाह देते हैं।

हालांकि, यदि आप शाकाहारी हैं और मछली का सेवन नहीं कर सकते हैं तो आप इसकी जगह फिश ऑयल कैप्सूल (Fish oil Capsules) ले सकते हैं। इसके अलावा शाकाहारी लोग कुछ प्रकार की सब्जियों, नट्स और बीजों से भी ओमेगा -3 फैटी एसिड प्राप्त कर सकते हैं।


ये हैं फिश ऑयल कैप्सूल के फायदे और नुकसान के बारे में बताई गई पूरी जानकारी। कमेंट में बताएं आपको Fish oil benefits in Hindi पोस्ट कैसी लगी। अगर आपको पोस्ट पसंद आई हो, तो इसे शेयर जरूर करें।

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Disclaimer : ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह जरूर लें। 

सन्दर्भ (References)

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