Constipation Diet: कब्ज में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए?

कब्ज की समस्या चाहे कभी-कभी होती हो या लम्बे समय से चल रही हो, लगभग हर मामले में भोजन एक महत्वपूर्ण कारक होता है। एक्सपर्ट, कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए उच्च फाइबर युक्त भोजन खाने की सलाह देते हैं। फाइबर पाचन तंत्र में भोजन के पारगमन को तेज करने में मदद करते हैं और कब्ज की समस्या को दूर करते हैं। यदि आप भी कब्ज की समस्या से परेशान हैं और कब्ज के लिए उच्च फाइबर आहार ढूढ़ रहे हैं तो आप इस पोस्ट से जान पाएंगे कि कब्ज की समस्या में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। तो आइए जानते हैं कि कब्ज के मरीजों के लिए Constipation Diet कैसी होनी चाहिए।  

कब्ज में क्या खाना चाहिए? (What to eat on a constipation diet in Hindi)

कब्ज में क्या खाना चाहिए Food to eat in constipation in Hindi
फ़ूड फॉर <span style=font family Mukta>Image source freepikcom<span>

कब्ज से छुटकारा पाने के लिए सबसे जरुरी है कि आप अपनी डाइट में फाइबर का सेवन बढ़ाएं। आहार में फाइबर शामिल करने से मल का वजन बढ़ जाता है जिससे मलत्याग में आसानी होती है। धीरे-धीरे प्रत्येक दिन अधिक ताजे फल और सब्जियां खाना शुरू करें। परिष्कृत अनाज (refined grains) की जगह साबुत अनाज का चुनाव करें। आइए विस्तार से जानते हैं इन कब्ज दूर करने वाले आहार (constipation relief foods) कौन से हैं। 

1. कब्ज में खाने वाली सब्जियां (Eat vegetables in constipation diet in Hindi)

कब्ज भगाने के लिए आप उच्च फाइबर वाली सब्जियों का सेवन करना चाहिए। कब्ज के लिए हाई फाइबर सब्जियों में शामिल है- (1, 2 & 3)

  • ब्रोकली,
  • पालक और अन्य हरी सब्जियां,
  • कटहल,
  • मटर,
  • शतावरी,
  • मक्का,
  • आलू के छिलके,
  • शकरकंद।

और पढ़ें – लो कैलोरी डाइट के फायदे, नुकसान और आहार योजना।

2. कब्ज दूर करने वाले फल (Constipation-relieving fruits in Hindi)

Fiber rich fruits to reduce chronic constipation in Hindi
<span style=font family Mukta>Image source freepikcom<span>

कब्ज दूर करने के लिए कौन सा फल खाना चाहिए? शायद आप भी इसका जवाब ढूंढ़ रहे होंगे। कब्ज से राहत पाने के लिए आप उच्च फाइबर युक्त फलों का सेवन कर सकते हैं। फाइबर की मात्रा बढ़ाने के लिए आप फलों के छिलके का भी सेवन कर सकते हैं। जैसे चीकू और सेब को छिलके के साथ खाना।

कब्ज दूर करने वाले फलों में शामिल है- (1)

  • नाशपाती,
  • ब्लूबेरी या जामुन,
  • ब्लैकबेरी,
  • आड़ू,
  • खुबानी,
  • पका केला,
  • ग्रीन कीवी,
  • अंजीर,
  • सेब,
  • तरबूज,
  • खरबूजा।

और पढ़ें – पोटेशियम की कमी दूर करते हैं ये आहार

3. कब्ज दूर करने के लिए खाएं दाल (Eat pulse to reduce constipation diet in Hindi)

Eat pulse to reduce constipation in Hindi
<span style=font family Mukta>Image source freepikcom<span>

फाइबर कब्ज को कम करने में बहुत ज्यादा लाभदायक है। इसलिए जितना हो सके अधिक से अधकि फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खाना चाहिए। सब्जियों की तुलना में दलों में दो गुना फाइबर मौजूद होता है।

अधिकांश बीन्स, अरहर, मूंग दाल, छोले और मटर में सब्जियों की तुलना में दो गुना फाइबर मौजूद होता है, जो अच्छे पाचन को बढ़ावा देते हैं और साथ ही कब्ज को कम करने में मदद करते हैं।

और पढ़ें –  इन एंटीऑक्सीडेंट आहार से करें अपना वजन कम।

4. कॉन्स्टिपेशन दूर करने के लिए खाएं साबुत अनाज – Eat whole grains to reduce chronic constipation in Hindi

Eat whole grains to reduce chronic constipation in Hindi
<span style=font family Mukta>Image source freepikcom<span>

साबुत अनाज भी फाइबर के अच्छे स्रोत हैं, जो कब्ज से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। कब्ज दूर करने के लिए जिन साबुत अनाज का सेवन करना चाहिए उनमें शामिल हैं- (4)

  • गेहूं का चोकर,
  • भूरा चावल,
  • ओट्स,
  • राई,
  • बल्गर (मोटा पिसा हुआ गेहूं),
  • बाजरा (ज्वार का आटा),
  • जौ।

5. कब्ज होने पर मेवे (नट्स) खाएं – Eat nuts to reduce constipation in Hindi

नट्स भी आपकी डाइट में फाइबर की मात्रा को बढ़ाते हैं। अखरोट और बादाम में अन्य नट्स की तुलना में अधिक फाइबर होता है। इसलिए कब्ज को दूर करने के लिए अखरोट और बादाम का सेवन किया जा सकता है। (5)

6. कब्ज में खाएं ड्राई फ्रूट – Eat dry fruits to reduce constipation in Hindi

ड्राय फ्रूट जैसे अंजीर, खजूर, खुबानी और किशमिश फाइबर के अच्छे स्त्रोत हैं। फाइबर आपके आंत में पानी की मात्रा बनाए रखता है और मल त्याग में भी मदद करता है। (6)

इसके साथ ही साथ यह कॉन्स्टिपेशन को भी ठीक करता है। ड्राय फ्रूट में बहुत अधिक मात्रा में कैलोरी और शुगर होते हैं, इसलिए शुगर के मरीज इस बात का ध्यान रखते हुए इन्हें खाएं।

और पढ़ें – आयरन की कमी को दूर करते हैं ऐसे आहार।

7. कॉन्स्टिपेशन को दूर करने के लिए खाएं बीज – Eat seeds to reduce chronic constipation in Hindi

कई तरह के बीज फाइबर के बेहतरीन स्रोत हैं। आप इन्हें स्मूदी (cream) में मिला कर खा सकते हैं या दही या सलाद पर छिड़क कर भी खा सकते हैं। कब्ज दूर करने के लिए फाइबर युक्त बीजों में शामिल करें – (7)

  • चिया के बीज,
  • अलसी के बीज और,
  • कद्दू के बीज।

8. कब्ज होने पर पिएँ हर्बल टी – Drink Hearbal Tea for Constipation in Hindi

Drink Hearbal Tea for Constipation in Hindi
<span style=font family Mukta>Image source freepikcom<span>

हर्बल टी में कई प्रकार के पोषक तत्व मौजूद होते हैं जिसमें विटामिन और खनिज प्रमुख हैं, साथ ही हर्बल टी में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेट्री, एंटी-बैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण पाचन तंत्र को तदरूस्त रखने में हमारी मदद करते हैं।

इसके अलावा हर्बल चाय में मौजूद फ्लेवोनॉइड, जिंजरॉल जैसे यौगिक भोजन को पचाने में मदद करते हैं। भोजन के ठीक से पचने से कब्ज और गैस की समस्या नहीं होती हैं।

कब्ज दूर करने के लिए सौंफ की चाय और पुदीना की चाय सबसे ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक मानी जाती हैं। इसलिए कॉन्स्टिपेशन भगाने के लिए सौंफ की चाय का सेवन किया जा सकता है।  

कब्ज के लिए डाइट चार्ट (Best Constipation Diet Chart in Hindi)

कब्ज रोगी कब्ज दूर करने के लिए निम्नलिखित डाइट चार्ट को अपना सकते हैं।

Breakfast

      Lunch

Snacks

Dinner

Monday

एक ग्लास गाय का दूध और दाल का पराठा

या

गाजर और मटर का परांठा

दाल की खिचड़ी

या

भूरे चावल के साथ कोफ्ता करी

मुट्ठी भर अखरोट, भीगे बादाम, काजू, किसमिस, खजूर

या

फल व ताजे अंकुरित अनाज युक्त सलाद

एक कटोरी दाल,

भिंडी की सब्जी और एक गिलास छाछ के साथ रोटी

Tuesday

एक कटोरी गेहूं का दलिया

या

एक ग्लास गाय का दूध और आलू पराठा

 एक कटोरी पालक पनीर के साथ रोटी और भूरे  चावल

पनीर और मकई सैंडविच

या

पाव भाजी या रोटी भाजी

वेजिटेबल खिचड़ी

Wednesday

एक प्लेट रवा या उपमा या  पोहा

या

सब्जियों के साथ  बनी आटे की सेंवई

 राजमा या छोले के साथ ब्राउन राइस

या

रोटी और मिक्स वेज के साथ रायता

शकरकंद

या

इडली और सांभर

एक कटोरी सब्जी और दही के साथ मिश्रित दाल खिचड़ी

Thursday

एक ग्लास गाय का दूध, एक आमलेट के साथ 2 व्होले ग्रेन ब्रेड

पंजाबी कढ़ी चवाल

या

ब्रोकली की सब्जी के साथ रोटी और चावल

चीज और कॉर्न या सब्जी से बना सैंडविच

एक कटोरी दही के साथ वेजिटेबल पुलाव

Friday

गाजर या पालक के परांठे दही के साथ

या

एक कटोरी गेहूं का दलिया

पालक की सब्जी, मूंग दाल और रोटी

गुड़ या कम चीनी से बना गाजर का हलवा

या

लौकी का हलवा

मिश्रित दाल और दही

या

पालक पनीर के साथ रोटी

Saturday

एक कटोरी सूजी का दलिया

या

उत्पम

या

सब्ज़ी युक्त आमलेट

अरहर दाल, सब्जी और एक कटोरी दही के साथ रोटी 

चिया के बीज

या

अलसी के बीज

या

कद्दू के बीज

कोफ्ता करी,  रोटी और चावल

या

वेजिटेबल पुलाव

Sunday

ओट्स इडली और सांभर

या

लौकी का खस्ता परांठा

गाजर और मटर का परांठा दही

मूंग दाल चीला

या

रवा उपमा

एक गिलास छाछ और

गाजर मटर का पराठा

कब्ज में क्या पीना चाहिए? (What to drink in constipation in Hindi?)

Drink in constipation in Hindi
Image source freepik

बेहतरीन डाइट प्लान के साथ पाचन को दुरुस्त करने में पेय पदार्थ भी प्रमुख भूमिका निभाते हैं। पेट की ख़राबी से छुटकारा पाने के लिए कब्ज रोगी नीचे बताए गए पेय पदार्थों का सेवन कर सकते हैं। 

1. पानी

हाइड्रेटेड रहना कब्ज को कम करने का एक शक्तिशाली प्राकृतिक तरीका है। कब्ज के रोगियों को दिन में आठ गिलास से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है। अधिक पानी का सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और आपके मल को मुलायम बनाने में मदद मिलती है जिससे कब्ज की समस्या दूर हो जाती है।

2. प्रून जूस

 कब्ज को दूर करने के लिए प्रून जूस सबसे अच्छा विकल्प है। प्रून जूस में मौजूद सोर्बिटोल कब्ज से राहत दिलाने में मदद करता है। इसके अलावा, यह मल को नरम करता है और मलाशय से बाहर निकलना आसान बनाता है।

“एक अध्ययन के अनुसार, सूखे आलूबुखारा और उनके डेरिवेटिव, जैसे कि प्रून जूस, कब्ज से छुटकारा  दिला सकते हैं और पेट के कैंसर को रोक सकते हैं। Prunes में पाए जाने वाले पोषक तत्व मोटापे, मधुमेह और हृदय रोगों को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकते हैं।”

3. सेब और नाशपाती का जूस

कब्ज वाले बच्चों के लिए सेब और नाशपाती का रस फायदेमंद होता है। नाशपाती और सेब एक उच्च फाइबर फल है जो कब्ज में बेहद अच्छे से फायदा पहुँचता है।

कब्ज में क्या नहीं खाना चाहिए? या कब्ज में परहेज क्या करें?  (What to avoid in constipation diet in Hindi)

कब्ज में क्या नहीं खाना चाहिए Foods to Avoid in Constipation in Hindi
<span style=font family Mukta>Image source freepikcom<span>

एक्सपर्ट कब्ज से बचने के लिए ऐसे आहार खाने को माना करते हैं जिनमें अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, संतृप्त वसा और ट्रांस वसा होता है । इसके अलावा कब्ज की समस्या में कम या बिना फाइबर वाले खाद्य पदार्थों का भी परहेज करने की सलाह देते हैं। (8)

आइये जानते हैं कब्ज में क्या नहीं खाना चाहिए या किन चीजों का परहेज करना चाहिए

1. उच्च कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन का करें परहेज (Avoid high carb foods in Constipation in Hindi)

अधिक कार्बोहाइड्रेट खाद्य पदार्थ कॉन्स्टिपेशन पैदा कर सकते हैं। उच्च कार्बोहाइड्रेट खाद्य पदार्थ में शामिल हैं- (9)

  • सफेद ब्रेड,
  • पास्ता,
  • आलू,
  • सफेद चावल,
  • आइसक्रीम,
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स,
  • कैंडी,
  • हाइड्रोजनीकृत या आंशिक रूप से हाइड्रोजनीकृत तेल।

“कब्ज में मैदा, नया चावल, काला चना और कच्चा केला नहीं खाना चाहिए। ये सभी भोज्य पदार्थ कब्ज  की समस्या को बढ़ाते हैं।”

2. कॉन्स्टिपेशन में हानिकारक हैं संतृप्त वसा (Avoid Saturated Fat in Constipation in Hindi)

कब्ज होने पर उन खाद्य पदार्थों को खाने से बचना चाहिए जिनमें संतृप्त वसा की मात्रा अधिक होती है। संतृप्त वसा वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं: (10)

  • पिज्जा, बर्गर, चीज, मेयोनीज, केक जैसे फूड आइटम्स,
  • लाल मांस जैसे बीफ, मेमने का मांस और पोर्क,
  • प्रोसेस्ड मीट,
  • वसायुक्त दूध,
  • मलाई,
  • आइसक्रीम।

3. कब्ज में न खाएं ट्रांस फैट (Avoid Trans Fats in constipation in Hindi)

कब्ज में ट्रांस फैट के सेवन से बचना चाहिए। ट्रांस फैट पाचन को धीमा कर सकते हैं और मल को कठोर बना सकते हैं। जिन खाद्य पदार्थों में ट्रांस वसा अधिक होता है उनमें शामिल हैं: (11)

  • मक्खन,
  • कुकीज़,
  • केक,
  • फ्रेंच फ्राइज़,
  • चिप्स,
  • डोनट्स।

4. कॉन्स्टिपेशन में शर्करा का सेवन कम करें (Reduce high sugar intake in constipation in Hindi)

कब्ज में अधिक चीनी या एडेड शुगर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना चाहिए। अधिक चीनी या एडेड शुगर कब्ज की समस्या को और बढ़ा सकते हैं, जिन खाद्य पदार्थों में अतरिक्त शुगर हो सकती है उनमें शामिल हैं: (12)

  • बहुत मीठा दही,
  • आइसक्रीम,
  • सॉफ्ट ड्रिंक्स,
  • सोडा,
  • कैंडी,
  • स्पोर्ट्स ड्रिंक,
  • कुकीज,
  • बिस्कुट,
  • केक,
  • पेस्ट्री।

“कुछ व्यक्तियों में डेयरी उत्पाद कब्ज पैदा कर सकते हैं। यह प्रभाव उन लोगों में सबसे आम है जो गाय के दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन के प्रति संवेदनशील होते हैं। डेयरी पदार्थों में मौजूद लैक्टोज कब्ज और गैस का कारण बन सकता है। इसके अलावा अधिक कैफीन और शराबभी कब्ज में योगदान देते हैं।”

कब्ज दूर करने के घरेलू उपाय (Home remedies for constipation in Hindi)

कुछ घरेलू उपाय द्वारा आप कब्ज की समस्या को दूर कर सकते हैं। इन घरेलू उपाय में शामिल हैं-

  • रोजाना सुबह और शाम व्यायाम करें,
  • खाना खाने के बाद कुछ देर टहलें,
  • समय पर भोजन करें,
  • ताजा एवं हल्का गर्म भोजन करें।
  • भोजन के तुरंत बाद पानी ना पियें,
  • दिन के समय खूब पानी पिएं,
  • भोजन को अच्छी प्रकार से चबाकर एवं धीरे-धीरे खाएं,
  • जितनी भूख लगे उससे कम खाएं,
  • भोजन करने के बाद एकदम बेड पर न लेटें
  • रात में देर तक जागने से बचें,
  • रात में कॉफ़ी का सेवन ना करें,
  • तनावमुक्त जीवन जीने की कोशिश करें,
  • रोजाना सुबह योगासन करें।

और पढ़ें – कैफीन क्या है, जानिए इसके 8 फायदे और नुकसान

और पढ़ें – आहार जिनमें होते हैं खूब कार्बोहाइड्रेट (अच्छे और खराब कार्ब्स)

निष्कर्ष (Conclusion)

कब्ज एक आम समस्या है जो हर उम्र के लोगों में देखी जाती है। कब्ज का मुख्य कारण आहार में कम फाइबर युक्त भोज्य पदार्थों का सेवन करना है। इसलिए कब्ज को दूर करने के लिए ज्यादा से ज्यादा फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। इसके अलावा कब्ज दूर करने के लिए रोजाना सुबह और शाम व्यायाम करें, दिन के समय खूब पानी पिएं, खाना खाने के बाद कुछ देर टहलें और रात में कॉफ़ी का सेवन ना करें।

मैं आशा करता हूँ कि अब आप जान गए होंगे कि कब्ज होने पर क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। कमेंट में बताएं आपको Constipation Diet in Hindi पोस्ट कैसी लगी। यदि आपको पोस्ट पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें। 

वेब पोस्ट गुरु ब्लॉग में आने और पोस्ट पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

Disclaimer : ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह जरूर लें।  

सन्दर्भ (References)

1. Bae SH. Diets for constipation. Pediatr Gastroenterol Hepatol Nutr. 2014 Dec;17(4):203-8. doi: 10.5223/pghn.2014.17.4.203. Epub 2014 Dec 31. 

2. Bellini M, Tonarelli S, Barracca F, Rettura F, Pancetti A, Ceccarelli L, Ricchiuti A, Costa F, de Bortoli N, Marchi S, Rossi A. Chronic Constipation: Is a Nutritional Approach Reasonable? Nutrients. 2021 Sep 26;13(10):3386.

3. Portalatin M, Winstead N. Medical management of constipation. Clin Colon Rectal Surg. 2012 Mar;25(1):12-9. 

4. Rollet M et.al, On Behalf Of The Oriscav Working Group. Association between Dietary Factors and Constipation in Adults Living in Luxembourg and Taking Part in the ORISCAV-LUX 2 Survey. Nutrients. 2021 Dec 28;14(1):122.

5. Creedon AC et.al, Whelan K. Nuts and their Effect on Gut Microbiota, Gut Function and Symptoms in Adults: A Systematic Review and Meta-Analysis of Randomised Controlled Trials. Nutrients. 2020;12(8):2347.

6. Lever E, et.al, Systematic review: the effect of prunes on gastrointestinal function. Aliment Pharmacol Ther. 2014 Oct;40(7):750-8.

7. Coorey R et.al, Gelling properties of chia seed and flour. J Food Sci. 2014 May;79(5):E859-66.

8. Abdullah MM et.al, Dietary fibre intakes and reduction in functional constipation rates among Canadian adults: a cost-of-illness analysis. Food Nutr Res. 2015 Dec 11;59:28646.

9. Taba Vakili et.al, Association of high dietary saturated fat intake and uncontrolled diabetes with constipation: evidence from the National Health and Nutrition Examination Survey. Neurogastroenterol Motil. 2015;27(10):1389-1397.

10. Huo J et.al, Effect of fruit intake on functional constipation: A systematic review and meta-analysis of randomized and crossover studies. Front Nutr. 2022;9:1018502. Published 2022 Oct 6. doi:10.3389/fnut.2022.1018502

11. Angelieri CT et.al, Trans fatty acid intake is associated with insulin sensitivity but independently of inflammation. Braz J Med Biol Res. 2012;45(7):625-631. doi:10.1590/s0100-879×2012007500071

12. Ma J et al. Sugar-Sweetened Beverage but Not Diet Soda Consumption Is Positively Associated with Progression of Insulin Resistance and Prediabetes. J Nutr. 2016;146(12):2544-2550.

Related Articles

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

- Advertisement -spot_img

Latest Articles