Gallbladder Stone Diet in Hindi

Gallstones Diet Plan | पित्त की पथरी में क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए?

Gallstones Diet Plan in Hindi: गैल्स्टोन (गाल ब्लैडर स्टोन) एक प्रकार की पथरी है, जो पित्ताशय की थैली के अंदर बनती हैं। ये रेत के दाने जितने छोटे या गोल्फ बॉल जितने बड़े हो सकते हैं। पित्त की पथरी होने पर डॉक्टर आपकी डाइट में कुछ बदलाव कर सकते हैं। इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि पित्त की पथरी में क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए (पित्त की पथरी में परहेज)? इसके अलावा पित्त की पथरी के ऑपरेशन के बाद क्या खाना चाहिए, यह भी बता रहे हैं।

आइये पोस्ट शुरू करने से पहले समझते हैं पित्त में पथरी क्यों होती है, और इसके क्या लक्षण हैं।

पित्त में पथरी क्यों होती है? | Causes of Gallstones in Hindi

ऐसा माना जाता है कि पित्ताशय की थैली के अंदर पित्त की रासायनिक संरचना में असंतुलन के कारण पित्ताशय की पथरी का निर्माण होता है। ज्यादातर मामलों में पित्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बहुत अधिक हो जाता है और अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल स्टोन में बदल जाते हैं। 80% मामलों में कोलेस्ट्रॉल पित्त की पथरी का कारण है। इसके अलावा पित्ताशय में बिलीरुबिन नामक रसायन का अधिक होना भी पित्त की पथरी का कारण हो सकता है।

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पित्त की थैली में पथरी होने के क्या लक्षण है? | Symptoms of Stone in Gallbladder in Hindi

Symptoms of Stone in Gallbladder in Hindi
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पित्ताशय की पथरी के कारण पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में या आपके पेट के केंद्र में दर्द हो सकता है। पित्त पथरी के कारण होने वाला दर्द आमतौर पर केवल कुछ मिनट या घंटों तक रह सकता है। यदि पित्त पथरी को अनुपचारित छोड़ दिया जाता है, तो इसके लक्षण बढ़ सकते हैं।

पित्त की थैली में पथरी होने के लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं-

  • खट्टी डकार
  • बदहजमी
  • पेट में भारीपन
  • उल्टी
  • उच्च तापमान
  • तेज धडकन
  • त्वचा का पीला पड़ना और आंखों का सफेद होना (पीलिया)
  • त्वचा में खुजली
  • दस्त
  • ठंड लगना
  • उलझन
  • भूख न लगना

अब समझते हैं गाल ब्लैडर स्टोन में क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए।

पित्त की पथरी में क्या खाना चाहिए? | Gallstones Diet Plan in Hindi | What to Eat in Gallstone in Hindi

पित्त की पथरी में क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए?
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पित्त की पथरी (गाल ब्लैडर स्टोन) होने पर डॉक्टर आपकी डाइट में कुछ बदलाव कर सकते हैं। पित्त की पथरी में क्या खाना चाहिए (Gallstones Diet in hindi) इसे आप नीचे विस्तार से पढ़ सकते हैं।

1. पित्त की पथरी में खाना चाहिए फाइबर युक्त आहार – Eat Fiber Rich Food in Gallstones Diet

फाइबर युक्त आहार पित्ताशय की पथरी रोकने में काफी फायदेमंद होते हैं। फाइबर आपके पाचन को तेज करने में मदद करते हैं, जो पित्त की पथरी के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।

फल और सब्जियां पोषक तत्वों और फाइबर के अच्छे उदाहरण हैं। नीचे दिए गए खाद्य पदार्थ पित्ताशय की थैली के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं:

  • साबुत अनाज (Whole wheat)
  • भूरा चावल (Brown Rice)
  • ओट्स (Oats)
  • राजमा (Beans)
  • मटर (Peas)
  • ड्राई फ्रूट (Dry fruit)
  • दालें (Pulses)
  • पत्तेदार हरी सब्जियां जैसे केल (Kale) और ब्रोकली (Broccoli)
  • खट्टे फल, जैसे संतरा और अंगूर
  • नाशपाती( Pear) और सेब (Apple)
  • ब्लूबेरी और ब्लैकबेरी (Blueberries & Blackberries)
  • केला ( Bananas)

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2. पित्ताशय की पथरी में खाएं स्वस्थ वसा – Eat Healthy Fats in Gallbladder Stone Diet

शोध के अनुसार, स्वस्थ वसा से भरपूर खाद्य पदार्थ पित्ताशय की थैली के स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकते हैं। स्वस्थ वसा, ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करने और पित्त की गुणवत्ता में सुधार लाने में मदद कर सकते हैं।

स्वस्थ वसा से भरपूर खाद्य पदार्थों में शामिल हैं-

  • नट्स ( Nuts) जैसे बादाम, काजू, छुआरा, खुबानी, सूखा अंजीर, मुनक्का, पिस्ता और अखरोट आदि।
  • सीड्स (Seeds) जैसे सूरजमुखी के बीज, कद्दू के बीज, अलसी के बीज और तिल के बीज।
  • जतुन का तेल (Olive oil),
  • फिश ऑयल (Fish Oil)

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3. गाल ब्लैडर स्टोन में पौधे आधारित प्रोटीन के फायदे – Benefits of Plant Based Protein in Gallbladder Stone Diet

अधिक पौधे आधारित प्रोटीन खाने से पित्ताशय की थैली को रोकने में मदद मिल सकती है। शाकाहारी डाइट (Gallstones Diet in hindi) आपके कोलेस्ट्रॉल को कम करती है, जिससे पित्त पथरी के बनने का जोखिम कम होता है।

बीन्स, नट्स, दाल, चने और टोफू जैसे खाद्य पदार्थ पौधे आधारित प्रोटीन के अच्छे उदाहरण हैं।

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4. गाल ब्लैडर स्टोन में नींबू का रस है लाभकारी – Benefits of Lemon Juice in Gall Bladder Stone

नींबू का रस पित्ताशय की पथरी निकालने में फायदेमंद हो सकता है। नींबू का रस प्रकृतिक रूप से अम्लीय होता है और लीवर में कोलेस्ट्रॉल को बनने से रोकता है।

आप हर रोज खाली पेट नींबू का रस ले सकते है। इस प्रक्रिया को एक हफ्ते तक अपनाएं। इससे पथरी की समस्या (home remedy for gall bladder stone) आसानी से दूर हो सकती है।

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5. पित्ताशय की पथरी में अनार का रस है फायदेमंद – Benefits of Pomegranate Juice in Gallbladder Diet

अनार के में एंटीऑक्सीडेटिव (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला), एंटीइन्फ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाला), एंटीडायबिटिक, एंटीमाइक्रोबियल और एंटीकैंसर (कैंसर के प्रभाव को कम करने वाला) जैसे गुण शामिल हैं।

इन्हीं गुणों के कारण अनार को एक स्वास्थ्यवर्धक फल के रूप में देखा जाता है। इसके अलावा अनार पित्त पथरी और गुर्दे की पथरी को घोलने में बहुत प्रभावी होता है।

हालांकि, पित्त की पथरी में अनार का रस कितना प्रभावशाली है अभी इसके बारे में और रिसर्च होनी बाकी है।

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6. पित्त की पथरी में बेल का रस – Bael Juice Benefits in Gallstones

बेल में प्रोटीन, बीटा-कैरोटीन, थायमीन, राइबोफ्लेविन और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। बेल का जूस पीने से डाइजेशन (Digestion) बेहतर होता है।

कब्ज, एसिडिटी और ब्लोटिंग की समस्या से राहत मिलती है। इसके अलावा बेल का रस पथरी और गुर्दे की पथरी को घोलने में बहुत प्रभावी होता है।

हालांकि, पित्त की पथरी में बेल का रस कितना प्रभावशाली है अभी इसके बारे में और अधिक रिसर्च होनी बाकी है।

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7. गैल्स्टोन में फायदेमंद एवोकैडो – Eat Avocado in Gallbladder Diet

एवोकाडोस एक सुपरफूड है इसमें स्वस्थ वसा और पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है। पोटेशियम द्रव और इलेक्ट्रोलाइट को संतुलित बनाए रखता है, जो पित्त की पथरी के जोखिम को कम करता है।

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8. पित्ताशय की पथरी में पियें खूब पानी – Drink Plenty of Water in Gallstones

लंबे समय तक डीहाइड्रेटेड (Dehydrated) रहने से पित्त पथरी सहित कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। डीहाइड्रेटेड रहने से पित्त बहुत अधिक गाढ़ा हो जाता है।

पित्त के अघिक गाढ़ा होने से पित्त पथरी का निर्माण हो सकता हैं। इसलिए हाइड्रेटेड रहने से पित्त को सही स्थिरता में रखने में मदद मिलती है जिससे आप पित्त पथरी के निर्माण को रोक सकते हैं।

9. विटामिन-सी का करें सेवन – Take Vitamin C in Gallbladder Stone

विटामिन-सी शरीर के कोलेस्ट्रॉल को पित्त अम्ल में परिवर्तित करता है, जो पथरी को तोड़ता है। इसलिए आप ऐसे खाद्य पदार्थ खा सकते हैं जिनमें विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में हो जैसे संतरा, टमाटर, लाल शिमला मिर्च आदि।

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10. इसबगोल पित्ताशय की पथरी निकालने में फायदेमंद – Take Isabgol in Gallbladder Diet

इसबगोल घुलनशील फाइबर का अच्छा स्रोत होने के कारण पित्त में कोलेस्ट्रॉल को बांधता है और पथरी के गठन को रोकने में मदद करता है।

पित्त की पथरी में क्या नहीं खाना चाहिए? | पित्त की पथरी में परहेज | What Not to Eat in Gallstone in Hindi

पित्त की पथरी में परहेज

शोधकर्ताओं का मानना है कि वसा, चीनी, परिष्कृत अनाज, नमक आदि ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो पित्त की पथरी के लक्षण को और भी ज्यादा खराब कर सकते हैं।

पित्ताशय की पथरी में क्या नहीं खाना चाहिए? (Food to avoid in Gallstones in hindi) या पित्त की पथरी में क्या नहीं खाना चाहिए? या गाल ब्लैडर स्टोन क्या परहेज करना चाहिए? इन सब के बारे में आप नीचे पढ़ सकते हैं-

1. उच्च वसा वाले डेयरी उत्पाद का करें परहेज – Avoid High Fat Dairy Products

पित्त की पथरी (gallbladder stone in Hindi) की समस्या है तो आप वसा वाले डेयरी उत्पादों का सेवन मत कीजिए। दूध, पनीर, दही, आइसक्रीम, भारी क्रीम और खट्टा क्रीम में उच्च स्तर के फैट होते हैं, जो पित्त की पथरी को बढ़ाने का काम कर सकते हैं।

हालांकि कम वसा वाले डेयरी उत्पाद का सेवन किया जा सकता है जैसे लो फॅट दूध का सेवन, जिसे double toned के नाम से जाना जाता है।

2. पित्त की पथरी में सैचुरेटेड वसा नहीं खाएं – Do Not Eat Saturated Fat in Gallstones

पित्त की पथरी में उन खाद्य पदार्थों को खाने से बचें जिनमें अधिक मात्रा में सैचुरेटेड फैट हों। सैचुरेटेड वसा वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं-

  • मक्खन, घी, नारियल का तेल और ताड़ का तेल,
  • नारियल का दूध और नारियल क्रीम,
  • केक और बिस्कुट,
  • सॉस,
  • पनीर,
  • पेस्ट्री,
  • मिल्क शेक,
  • चॉकलेट,
  • आइसक्रीम आदि।

हालांकि पित्त की पथरी में सैचुरेटेड वसा की विशिष्ट भूमिका का अभी भी अध्ययन किया जा रहा है।

3. गाल ब्लैडर स्टोन में ट्रांस फैट खाने से बचें – Avoid Eating Trans Fats in Gall Bladder Stones

पित्त की पथरी में ट्रांस फैट खाने से बचना चाहिए। जिन खाद्य पदार्थों में ट्रांस वसा हो सकता है उनमें शामिल हैं:

  • मक्खन,
  • कुकीज़,
  • केक,
  • फ्रेंच फ्राइज़,
  • चिप्स ,
  • डोनट्स,
  • पिज़्ज़ा,
  • बर्गर,,
  • फ्राइड फूड्स आदि।

4. पित्ताशय की पथरी में ज्यादा चीनी नहीं खाएं – Do Not Eat Too Much Sugar in Gallstones

पित्त की पथरी में परहेज की बात करें तो ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए जिसमें अधिक मात्रा में कृतिम चीनी (Artificial sugar) मौजूद हो।

मीठी चीजों में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट काफी मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा सुगर के ज्यादा सेवन से कोलेस्ट्रॉल गाढ़ा होता है, जिससे दिल के रोगों के साथ-साथ गॉल ब्लैडर में पथरी का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए मीठी चीजों का खाने पीने में बहुत कम इस्तेमाल करना चाहिए।

सोडा, डिब्बा बंद फ्रूट जूस आदि ऐसे पेय पदार्थ हैं जिनमें अधिक मात्रा में चीनी मौजूद हो सकती है। इसके अलावा

  • कैंडी,
  • केक,
  • कुकीज़,
  • मीठे रोल,
  • पेस्ट्री,
  • डोनट्स,
  • आइसक्रीम,
  • योगर्ट, आदि।

में भी अधिक शुगर होती है।

5. पित्ताशय की पथरी में शराब का करें परहेज – Avoid Alcohol in Gallstones

पित्ताशय की पथरी में शराब पीने से बचना चाहिए। शराब में इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो शरीर की सूजन (Inflammation) को बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा शराब का अधिक सेवन ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बन सकता है। जो पार्किंसन के लक्षण को और भी खराब करते हैं।

6. गाल ब्लैडर स्टोन में प्रसंस्कृत भोजन (प्रोसेस्ड फूड) ना खाएं – Do Not Eat Processed Food in Gall Bladder Stone

पार्किंसन में प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ (Processed foods) खाने से परहेज करना चाहिए। जैसे-

  • फ्रोजेन मांस,
  • फास्ट फूड और
  • डिब्बा बंद स्नैक्स।

7. पित्ताशय की पथरी में गर्भनिरोधक दवा से बचें – Avoid Contraceptive Medicines in Gallstones

ज्यादा मात्रा में या जल्दी-जल्दी गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करने वाली महिलाओं में भी गॉल ब्लैडर की परेशानी काफी पाई जाती है। इसलिए महिलाओं को चाहिए कि दवाओं के बजाय दूसरे तरह के गर्भनिरोधक उपायों को अपनाएं, क्योंकि दवाओं का ज्यादा सेवन उन्हें गॉल ब्लैडर में पथरी का मरीज बना सकता है।

इसके अलावा इन दवाओं का किडनी और लीवर पर भी बुरा असर पड़ता है।

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पित्त की पथरी के ऑपरेशन के बाद क्या खाना चाहिए?

गाल ब्लैडर स्टोन की सर्जरी के बाद अधिक वसायुक्त आहार को पचाने में कठिनाई होती है। इसलिए म वसा और अधिक फाइबर वाले खाद्य पदार्थ जैसे सब्जियां, दाल, साबुत अनाज और फल का सेवन करना चाहिए। इन खाद्य पदार्थों में घुलनशील फाइबर पाया जाता है, जो आपकी पाचन क्रिया को मजबूत रखती है।

पित्त की पथरी के ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ओट्स (Oats), दलीय, मटर (Peas), पत्तेदार हरी सब्जियां जैसे केल (Kale) और ब्रोकली (Broccoli), ड्राई फ्रूट (Dry fruit), नाशपाती( Pear), केला (Bananas), सेब (Apple), ब्लूबेरी और ब्लैकबेरी (Blueberries & Blackberries), आदि खाने की सलाह दे सकते हैं।

क्या पित्ताशय की पथरी जानलेवा भी हो सकती हैं?

अधिकांश पित्त पथरी खतरनाक नहीं होती हैं, और इसे सर्जरी द्वारा बहार निकाल दिया जाता है।

हालांकि, कुछ लोगों में पित्त पथरी खतरनाक हो सकती है, यदि पित्त पथरी, पित्ताशय की थैली या पित्त के प्रवाह को अवरुद्ध करती है। ऐसे स्थिति में आपको गॉलब्लैडर में इन्फेक्शन हो सकता है। इसके अलावा पित्त पथरी पीलिया का कारण भी हो सकती है। इसलिए पित्त पथरी की पुष्टि होते ही डॉक्टर के अनुसार अपनी डाइट में बदलाव करें।

निष्कर्ष | Conclusion

पित्ताशय की थैली की पथरी दर्दनाक और कुछ मामलों में खतरनाक हो सकती हैं। सही खाद्य पदार्थ खाने और गलत खाद्य पदार्थों का परहेज करने से पित्ताशय की थैली के स्वास्थ्य में सुधार आता हैं।

फाइबर युक्त आहार, स्वस्थ वसा, पौधे आधारित प्रोटीन, नींबू और अनार का रस आदि का सेवन गाल ब्लैडर स्टोन में अच्छे माने जाते हैं।

हालांकि, उच्च वसा वाले डेयरी उत्पाद, सैचुरेटेड वसा, ट्रांस फैट, प्रोसेस्ड फूड और अल्कोहल पित्त की पथरी में नुकसानदायक हो सकते हैं।


ये हैं पित्त की पथरी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए के बारे में पूरी जानकारी। कमेंट में बताएं यह पोस्ट (Gallstones Diet in Hindi) कैसी लगी। अगर यह पोस्ट पसंद आई हो तो इस पोस्ट को शेयर जरूर करें।

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Disclaimer : ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

सन्दर्भ (References)

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