Food to Eat in Cervical Pain in Hindi

Cervical Diet Plan in Hindi | सर्वाइकल में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।

सर्वाइकल से पीड़ित व्यक्ति यदि अपने खान-पान (आहार) में कुछ बदलाव लाएं, तो वह सर्वाइकल पेन में कुछ हद तक सुधार ला सकते हैं। इस पोस्ट के माध्यम से आप जानेंगे कि सर्वाइकल में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। तो आइये Cervical Diet Plan in Hindi पोस्ट को शुरू करते हैं।

क्या होता है सर्वाइकल अटैक (सर्वाइकल पेन)? | What is cervical pain in Hindi

सर्वाइकल पेन (Cervical Pain), गर्दन में होने वाला एक दर्द है जो नेक अर्थराइटिस (Neck arthritis) या सर्वाइकल स्पोंडिलोलिसिस (Cervical spondylolysis) के नाम से भी जाना जाता है। (1) सर्वाइकल पेन एक आम समस्या है जिससे लोग अक्सर परेशान रहते हैं। ये बीमारी उन लोगों को ज्यादा परेशान करती है जो कई घंटों तक गलत ढंग से डेस्क वर्क (Desk work) करते हैं।

सर्वाइकल पेन गर्दन से शुरू होकर रीढ़ की हड्डी और कमर की ओर जाता है। आमतौर पर सर्वाइकल का दर्द शरीर के अंगों में स्टिफनेस की वजह से होता है। समान्यतः सर्वाइकल पेन 60 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्गों में देखा जाता है। हालांकि, आज कल बच्चे और युवा वर्ग दोनों ही इस रोग (दर्द) से ग्रस्त हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि रोगी अपनी डाइट में बदलाव ला कर सर्वाइकल अटैक से होने वाले दर्द से राहत पा सकता है।

तो चलिए अब समझते हैं सर्वाइकल में क्या खाएं और क्या ना खाएं (Food to eat and avoid in Cervical Pain in Hindi) ताकि सर्वाइकल दर्द से बचा जा सके। 

सर्वाइकल में क्या खाना चाहिए? | What to eat in Cervical in- Hindi | Cervical Diet Plan in Hindi 

Food To Eat In Cervical Pain in Hindi
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सर्वाइकल के दर्द को कम करने के लिए एक्सरसाइज के साथ ही खाने-पीने पर भी ध्यान देना चाहिए। सर्वाइकल डाइट (Cervical Diet) में आप शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के खाद्य पदार्थ शामिल कर सकते हैं।

आप सर्वाइकल डाइट (Cervical Diet in Hindi) में निम्नलिखित खाद्य पदार्थों को शामिल किया जा सकता है- (3, 4, 5 & 6)

1.  ओमेगा 3 वसा खाएं सर्वाइकल पेन में | Eat Omega 3 Fats in Cervical Pain Diet in Hindi

शरीर में इंफ्लेमेटरी रसायनों की उपस्थिति से शरीर में सूजन पैदा हो सकती हैं, जो सर्वाइकल के लक्षणों को और भी ज्यादा खराब कर सकते हैं। 

शरीर के इंफ्लेमेटरी पदार्थों को कम करने के लिए एक्सपर्ट ओमेगा -3 फैटी एसिड खाने की सलाह देते हैं।

ओमेगा -3 फैटी एसिड में सूजन-रोधी (एंटी-इंफ्लेमेटरी) गुण होते हैं जो सर्वाइकल पेन में काफी फायदेमंद हैं। इसलिए ओमेगा -3 फैटी एसिड को सर्वाइकल डाइट (Cervical Diet) में जरूर शामिल करना चाहिए। 

ओमेगा 3 फैटी एसिड का प्रमुख स्त्रोत मांसाहारी खाद्य पदार्थ हैं। जिसमें मछलियां विशेष रूप से शामिल हैं। यदि आप मछली खाना पसंद नहीं करते हैं तो आप फिश आयल कैप्सूल इसके विकल्प के रूप में भी लें सकते हैं, जो इन फैटी एसिड से बने होते हैं।

इसके अलावा ओमेगा 3 अलसी के बीजों, पत्तेदार सब्जियों और अखरोट भी होते हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

निम्नलिखित खाद्य पदार्थ सर्वाइकल में खाए जा सकते हैं, जो ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर हैं।
  • अखरोट,
  • चिया बीज,
  • अलसी बीज (फ्लैक्स सीड्स),
  • तिल के बीज,
  • राजमा,
  • भांग के बीज,
  • सोयाबीन,
  • फूलगोभी,
  • कैनोला ऑयल,
  • सोयाबीन की फलियां,
  • कॉड लिवर ऑयल।
  • सैल्मन मछली,
  • मैकेरल मछली,
  • सार्डिन मछली,
  • अंडे।

2. सर्वाइकल दर्द में खाएं एंटीऑक्सीडेंट युक्त हरी सब्जियां – Eat Green Vegetables in Cervical Pain in Hindi

सर्वाइकल पेन में ऐसी सब्जियों का सेवन करना चाहिए जो एंटीऑक्सीडेंट से युक्त हों। एंटीऑक्सीडेंट शरीर की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।

सर्वाइकल डाइट में खाई जाने वाली सब्जियों में शामिल हैं-

  • शिमला मिर्च,
  • फूल गोभी,
  • ब्रोकली,
  • केल,
  • टमाटर,
  • पालक,
  • मटर,
  • गाजर,
  • हरी पत्तेदार गोभी,
  • खीरा और,
  • मेथी।

और पढ़ें – कच्चा प्याज खाने के फायदे और नुकसान

3. सर्वाइकल स्पोंडिलोलिसिस में खाएं एंटीऑक्सीडेंट युक्त फल – Eat Antioxidants Rich Fruits in Cervical Pain in Hindi

सर्वाइकल दर्द में ऐसे फल खाने चाहिए, जो एंटीऑक्सीडेंट से युक्त हों। एंटीऑक्सीडेंट शरीर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं।

सर्वाइकल डाइट (Cervical Diet) में खाई जाने वाले फलों में शामिल हैं-

  • आड़ू,
  • जामुन,
  • एवाकाडो,
  • लाल अंगूर
  • सेब,
  • किशमिश,
  • स्ट्रॉबेरी,
  • ब्लूबेरी और ,
  • ब्लैकबेरी।

और पढ़ें- खाली पेट गुड़ खाने के फायदे और नुकसान

4. सर्वाइकल अटैक में खाएं उच्च कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ – Calcium Rich Diet in Cervical Pain in Hindi

हड्डियों का कमजोर होना भी सर्वाइकल दर्द का कारण हो सकता है। हड्डियों को मजबूत करने के लिए कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना आवश्यक है। कैल्शियम हड्डियों को एक महत्वपूर्ण संरचना प्रदान करता है। 

सर्वाइकल डाइट खाए जाने वाले उच्च कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों में शामिल हैं-

  • गहरी हरी सब्जियां,
  • दूध,
  • पनीर,
  • सैमन,
  • मटर और बीन्स,
  • पालक,
  • सोयाबीन।

और पढ़ें – जानिए मधुमेह रोगी डायबिटीज में क्या खाएं और क्या न खाएं।

5. सर्वाइकल पेन में लाभदायक है विटामिन डी का सेवन – Vitamin D Rich Diet in Cervical Pain in Hindi

विटामिन डी हमारी हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए एक आवश्यक विटामिन है। यदि आपके शरीर में पर्याप्त विटामिन डी नहीं है, तो आपका शरीर कैल्शियम को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाएगा।

शरीर में विटामिन डी और कैल्शियम की कमी से सर्वाइकल दर्द में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सर्वाइकल दर्द से पीड़ित रोगियों को पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी का सेवन करना चाहिए।

निम्नलिखित खाद्य पदार्थों में उच्च मात्रा में विटामिन डी मौजूद होता है जिसे सर्वाइकल डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। 

सर्वाइकल में खाए जाने वालेयुक्त खाद्य पदार्थों में शामिल हैं-

  • अंडे की जर्दी,
  • सैल्मन,
  • सार्डिन,
  • मशरूम,
  • दूध,
  • सूरज की रोशनी।

और पढ़ें – लो कैलोरी डाइट के फायदे, नुकसान और आहार योजना।

6. विटामिन सी का करें सेवन सर्वाइकल पेन में – Vitamin C Rich Diet in Cervical Pain in Hindi

Vitamin C Rich Diet in Cervical Pain in Hindi
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शरीर में विटामिन सी की कमी सर्वाइकल दर्द का कारण हो सकता है। विटामिन सी आपकी हड्डियों को मजबूती प्रदान करने के लिए एक आवश्यक विटामिन है। विटामिन सी कोलेजन के निर्माण में भी सहायक करता है। इसलिए सर्वाइकल दर्द से बचने के लिए विटामिन सी का सेवन किया जा सकता है।

विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों में शामिल हैं-

  • संतरे,
  • अमरूद,
  • नींबू,
  • गाजर,
  • चकोतरा,
  • लाल रंग के फल,
  • कद्दू,
  • पपीता।

और पढ़ें – पोटेशियम की कमी दूर करते हैं ये आहार

7. अदरक और लहसुन सर्वाइकल दर्द में खाएं- Eat Ginger and Garlic in Cervical Pain in Hindi

अदरक और लहसुन हमारे किचन में आसानी से मिलने वाली चीजें हैं। ये दोनों ही सूजन और दर्द से छुटकारा पाने का एक अच्छा तरीका हो सकते हैं।

अदरक और लहसुन दोनों में ही एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो दर्द और सूजन को दूर करने में हमारी मदद कर सकते हैं। इसलिए सर्वाइकल दर्द से पीड़ित रोगियों को अदरक और लहसुन का पर्याप्त सेवन करना चाहिए।

और पढ़ें – सूखे आलूबुखारा (सूखे पल्म) के फायदे और नुकसान 

8. एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल – Extra Virgin Olive Oil in Cervical Pain in Hindi

एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल (जैतून का तेल) सबसे अच्छा कुकिंग ऑयल माना जाता है। क्योंकि इसे कम प्रोसेस किया जाता है।

अन्य जैतून के तेल के मुकाबले, एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में एंटीऑक्सीडेंट, मिनरल्स और विटामिन की मात्रा ज्यादा होती है, जो सर्वाइकल पेन को कम करने के लिए लाभदायक हो सकता है।

और पढ़ें – एक अच्छे कुकिंग ऑयल का चुनाव कैसे करें?

सर्वाइकल में क्या नहीं खाना चाहिए? | What not to eat in cervical in Hindi

Food To Avoid In Cervical Pain in Hindi
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जिन खाद्य पदार्थों का सर्वाइकल पेन में परहेज (Food to avoid in cervical in Hindi) करना हैं उन खाद्य पदार्थों में शामिल हैं –

  • सर्वाइकल दर्द में लाल मांस ना खाएं जिसमें मटन, लैम्ब, भेड़, सूअर, हैम, बीफ आदि शामिल हैं।
  • सर्वाइकल अटैक में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें जिसमें उच्च मात्रा में सोडियम (नमक) हो।
  • सर्वाइकल अटैक में सैचुरेटेड वसा कम खाएं ( जैसे -चीज़, दूध, मक्खन, डेज़र्ट, तली हुई चीज़ें, नारियल का तेल और ताड़ का तेल)
  • ट्रांस फैट खाने से बचें (कुकीज़, केक, फ्रेंच फ्राइज़, चिप्स , डोनट्स, पिज़्ज़ा, बर्गर, फ्राइड फूड्स आदि।)
  • सर्वाइकल दर्द में शराब ना पियें।
  • सर्वाइकल अटैक में प्रसंस्कृत भोजन (प्रोसेस्ड फ़ूड) ना खाएं प्रोसेस्ड फ़ूड में शामिल हैं फ्रोजेन मांस, फास्ट फूड और डिब्बा बंद स्नैक्स।)
  • सर्वाइकल दर्द में ओमेगा 6 आयल का परहेज करें।

और पढ़ें – सर्वाइकल पेन में क्या नहीं खाना चाहिए (आहार सूची)

क्या कारण हैं सर्वाइकल अटैक के? | Causes of Cervical Pain in Hindi

सर्वाइकल पेन (गर्दन में दर्द या अकड़न) कई कारणों से हो सकता है। जोकि निम्नलिखित हैं (2) – 

  • अधिक घंटों तक कंप्यूटर या स्मार्टफोन का उपयोग करना,
  • गर्दन को बहुत देर तक झुकाये रहना,
  • बहुत देर तक एक ही पोजीशन में बैठने रहना,
  • ऊंचे तकिये का प्रयोग करना,
  • भारी वजन के हेलमेट का इस्तमाल करना,
  • गलत उठने और बैठना,
  • रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया रोग) का रोग होना,
  • ऑस्टियोपोरोसिस रोग होना आदि सर्वाइकल पेन का कारण हो सकता है।
  • बिस्तर में  लेट के पढ़ना,
  • गलत पोजीशन में सोना,
  • सिर पर भारी वजन रखना
  • शरीर में इंफ्लेमेटरी रसायनों का होना ।

क्या लक्षण हैं सर्वाइकल अटैक के? | Symptoms of Cervical Pain in Hindi

सर्वाइकल पेन (सर्वाइकल अटैक) के समान्य लक्षणों में शामिल हैं।

  • गर्दन और कंधे के क्षेत्र में दर्द होना,
  • बाहों, हाथ या पैर में दर्द या कमजोरी होना,
  • पैरों में झुनझुनी या सुन्नता आना,
  • शरीर की मांसपेशियों में ऐंठन,
  • मूत्राशय सिर के पिछले हिस्से में दर्द होना और
  • आंत का अनियमित रूप से कार्य करना आदि।

निष्कर्ष | Conclusion

इस पोस्ट के माध्यम से आप जान गई होंगे किसर्वाइकल में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। आशा करता हूँ आपको हमारी यह पोस्ट Cervical Diet Plan in Hindi पसंद आई होगी।

कमेंट में बताएं आप को यह पोस्ट कैसी लगी। साथ ही अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो तो इस पोस्ट को शेयर जरूर करें।


Disclaimer : ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह जरूर लें।

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सन्दर्भ (References)

1. Kuo DT, Tadi P. Cervical Spondylosis. [Updated 2022 May 8]. In: StatPearls [Internet]. Treasure Island (FL): StatPearls Publishing; 2022 Jan-.

2. Binder AI. Neck pain. BMJ Clin Evid. 2008 Aug 4;2008:1103.

3. Casale R, Symeonidou Z, Ferfeli S, Micheli F, Scarsella P, Paladini A. Food for Special Medical Purposes and Nutraceuticals for Pain: A Narrative Review. Pain Ther. 2021 Jun;10(1):225-242.

4. Zick SM, Murphy SL, Colacino J. Association of chronic spinal pain with diet quality. Pain Rep. 2020 Aug 11;5(5):e837.

5. Muñoz-Garach A, García-Fontana B, Muñoz-Torres M. Nutrients and Dietary Patterns Related to Osteoporosis. Nutrients. 2020 Jul 3;12(7):1986.

6. Sahni S, Mangano KM, McLean RR, Hannan MT, Kiel DP. Dietary Approaches for Bone Health: Lessons from the Framingham Osteoporosis Study. Curr Osteoporos Rep. 2015 Aug;13(4):245-55.

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