Tuesday, November 29, 2022

Food To Avoid In Cervical Pain | सर्वाइकल पेन में क्या नहीं खाना चाहिए और परहेज

शोधकर्ताओं की माने तो सर्वाइकल पेन (सर्वाइकल अटैक) से पीड़ित व्यक्ति अगर अपने खान-पान (आहार) में कुछ बदलाव लाएं तो वह सर्वाइकल पेन के लक्षणों में कुछ हद तक सुधार ला सकते हैं। इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको सर्वाइकल पेन में क्या नहीं खाना चाहिए और क्या परहेज करना चाहिए (Food To Avoid In Cervical Pain in Hindi) के बारे में बताएंगे, ताकि आप सर्वाइकल के लक्षण या इसकी जटिलताओं को कुछ हद तक कम कर सकते हैं।

सर्वाइकल पेन में क्या नहीं खाना चाहिए? इसे समझने से पहले आइए समझते हैं कि सर्वाइकल पेन क्या होता है।

सर्वाइकल पेन क्या होता है? | Cervical Pain meaning in Hindi

Cervical pain in Hindi, सर्वाइकल अटैक, Food To Avoid In Cervical Pain

सर्वाइकल पेन, गर्दन में होने वाला दर्द है जो नेक अर्थराइटिस (Neck arthritis) के नाम से भी जाना जाता है। समान्यतः सर्वाइकल पेन 60 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्गों में देखा जाता है। हालांकि, आज के समय में बच्चे और युवा वर्ग दोनों ही इस रोग (दर्द) से ग्रस्त हैं। 

डॉक्टर के अनुसार, सर्वाइकल दर्द की गंभीरता के विभिन्न स्तर हैं। ज्यादातर मामलों में सर्वाइकल पेन हल्के दर्द के साथ शुरू होता है, अगर वक्त रहते इसका इलाज ना कराया जाए, तो यह दर्द एक गंभीर दर्द में भी बदल सकता है।

जानकारों के अनुसार, डाइट में बदलाव ला कर सर्वाइकल पेन को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। सर्वाइकल पेन में क्या नहीं खाना चाहिए? इसके बारे में आप नीचे विस्तार से पढ़ सकते हैं।  

सर्वाइकल पेन में क्या नहीं खाना चाहिए और परहेज? | Food To Avoid In Cervical Pain in Hindi

शोधकर्ताओं का मानना है कि वसा, चीनी, परिष्कृत अनाज, नमक आदि ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो शरीर की सूजन (Inflammation) को बढ़ाने में सहयोग कर सकते हैं जिससे सर्वाइकल पेन के लक्षण और भी खराब  होते हैं। 

जिन खाद्य पदार्थों का सर्वाइकल पेन में परहेज करना हैं उन खाद्य पदार्थों में शामिल हैं –

1. लाल मांस का करें परहेज सर्वाइकल दर्द में – Avoid red meat in cervical pain in Hindi

 
Avoid red meat in cervical pain in Hindi
सर्वाइकल दर्द में लाल मांस ना खाएं
 

सफेद मांस (चिकन और मछली) की तुलना में लाल मांस में वसा की मात्रा अधिक होती है, विशेष रूप से संतृप्त वसा (सैचुरेटेड फैट)।

शोधकर्ताओं का मानना है कि आहार में रेड मीट की अधिक मात्रा शरीर की सूजन (Inflammation) को बढ़ा सकते हैं और साथ ही यह सर्वाइकल पेन के लक्षणों को और भी ज्यादा खराब कर सकते हैं। इसलिए लाल मांस सर्वाइकल पेन में परहेज करना चाहिए।

और पढ़ें – जानिए मधुमेह रोगी डायबिटीज में क्या खाएं और क्या न खाएं।

रेड मीट के उदाहरण में शामिल हैं – 

  • मटन (Mutton) 

  • लैम्ब (Lamb)

  • भेड़ (Sheep)

  • सूअर (Pork)

  • हैम (Ham) 

  • बीफ (beef)

हालांकि, लाल मांस के मुकाबले सफेद मांस का सेवन सर्वाइकल पेन में एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

और पढ़ें – किडनी स्टोन में लो ऑक्सलेट डाइट के फायदे।

2. सर्वाइकल पेन में सैचुरेटेड वसा ना खाएं – Avoid Saturated fat foods in cervical pain in Hindi

Consume less Sodium and Saturated fat in cervical pain in Hindi
सर्वाइकल दर्द में नमक कम खाएं

सर्वाइकल पेन में उन खाद्य पदार्थों को खाने से बचना चाहिए जिनमें अधिक मात्रा में सोडियम (Salt), सैचुरेटेड फैट, हाइड्रोजनीकृत तेल और प्रिजर्वेटिव (Preservative) मिले होते हैं। ये सभी भोज्य पदार्थ शरीर में सूजन (Inflammation) का कारण बन सकते हैं।

उच्च सोडियम (नमक) और सैचुरेटेड वसा वाले खाद्य पदार्थों में शामिल हैं-

  • मक्खन, घी, नारियल का तेल और ताड़ का तेल
  • नारियल का दूध और नारियल क्रीम
  • केक और बिस्कुट
  • सॉस
  • पनीर
  • पेस्ट्री
  • मिल्क शेक
  • चॉकलेट 
  • आइसक्रीम आदि।

3. ट्रांस फैट सर्वाइकल पेन में नहीं खाना चाहिए – Avoid Trans Fat foods in cervical pain in Hindi

ट्रांस वसा एक प्रकार का वासा है, जिसे खाद्य निर्माता हाइड्रोजनीकरण (Hydrogenation) की प्रक्रिया के माध्यम से बनाते हैं। हाइड्रोजनीकरण का मतलब खाद्य पदार्थ में हाइड्रोजन को जोड़ने से है।

वसा में हाइड्रोजन को जोड़ने से इसकी बनावट, स्थिरता और शेल्फ जीवन में बदलाव आ जाता है। जिससे यह खाद्य पदार्थ लम्बे समय तक खराब नहीं होते हैं। हालांकि, शोधकर्ताओं के अनुसार, ट्रांस वसा का अधिक सेवन स्वास्थ के लिए सुरक्षित नहीं होता है।

यदि आपके खाने में ट्रांस फैट ज्यादा है तो यह शरीर की सूजन (Inflammation) को बढ़ा सकते हैं और सर्वाइकल दर्द के लक्षणों को और भी खराब कर सकते हैं। इसलिए, ट्रांस वसा जैसे खाद्य पदार्थों का सर्वाइकल पेन में परहेज करना चाहिए।

जिन खाद्य पदार्थों में ट्रांस वसा हो सकता है उनमें शामिल हैं:
  • मक्खन
  • कुकीज़
  • केक
  • फ्रेंच फ्राइज़
  • चिप्स 
  • डोनट्स
  • पिज़्ज़ा
  • बर्गर,
  • फ्राइड फूड्स आदि ।

और पढ़ें –  रेशेदार भोजन (फाइबर युक्त आहार) क्या है? जानिए इनसे होने वाले लाभ।

4. सर्वाइकल के दर्द में हाई शुगर फूड्स से परहेज करें- Avoid high sugar foods in cervical pain in Hindi

Avoid added sugars (Artificial sugar) in cervical pain in Hindi
सर्वाइकल दर्द में ना खाएं कृतिम चीनी

सर्वाइकल पेन में ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए जिसमें अधिक मात्रा में चीनी (Sugar) होती है।

एक अध्ययन में बताया गया है जो लोग मीठे पेय पदार्थों (Sweetened beverages) का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं उनमें सर्वाइकल दर्द का खतरा अधिक होता है।

सोडा, डिब्बा बंद फ्रूट जूस आदि ऐसे पेय पदार्थ हैं जिनमें अधिक मात्रा में कृतिम चीनी मौजूद हो सकती है। इसके अलावा 

  • कैंडी
  • केक
  • कुकीज़
  • मीठे रोल,
  • पेस्ट्री,
  • डोनट्स
  • आइसक्रीम
  • योगर्ट, आदि।

खाद्य पदार्थों में भी कृतिम चीनी मौजूद हो सकती है। इसलिए सर्वाइकल पेन में एडेड शुगर वाले खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं  करना चाहिए या कम करना चाहिए।

और पढ़ें – फ्लेक्सिटेरियन डायट : फायदे, नुकसान और डाइट प्लान।

5. शराब ना पियें सर्वाइकल दर्द में- Avoid Alcohol in cervical pain in Hindi

Avoid Alcohol in cervical pain in Hindi
Food to avoid in cervical pain in Hindi

शराब  का सेवन सर्वाइकल दर्द में नहीं करना चाहिए। शराब में इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो शरीर की सूजन (Inflammation) को बढ़ा सकते हैं।

इसके अलावा शराब का अधिक सेवन ऑस्टियोपोरोसिस का कारण बन सकता है। यही कारण है कि डॉक्टर सर्वाइकल पेन में शराब को सीमित करने या पूरी तरह से बचने का सुझाव देते हैं।

ऑस्टियोपोरोसिस एक बीमारी है, जो हड्डियों को कमज़ोर करती है। इससे अप्रत्याशित फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।

और पढ़ें – स्वस्थ रहने के लिए शुरू करें लो कार्ब डाइट।

 6. प्रोसेस्ड फूड का करें परहेज सर्वाइकल पेन में  – Avoid Processed foods in cervical pain in Hindi

Avoid Processed foods in cervical pain in Hindi
सर्वाइकल दर्द में प्रसंस्कृत खाद्य का करें परहेज

प्रोसेस्ड फ़ूड सर्वाइकल अटैक में नहीं खाने चाहिए। प्रोसेस्ड फ़ूड – कृतिम शक्कर, उच्च नमक और सैचुरेटेड वसा से बने होते हैं साथ ही इनकी शेल्फ-लाइफ और स्वाद को बनाए रखने के लिए प्रेज़रवेटिव पदार्थों (Preservative substances) का भी उपयोग किया जाता है, जो शरीर की सूजन (Inflammation) बढ़ाने और सर्वाइकल पेन के लक्षणों को और भी ज्यादा खराब करने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

निम्नलिखित प्रोसेस्ड फ़ूड (Processed foods) सर्वाइकल के दर्द में नहीं खाने चाहिए।

  • फ्रोजेन मांस,
  • फास्ट फूड और
  • डिब्बा बंद स्नैक्स,

और पढ़ें – आहार जिनमें होते हैं खूब कार्बोहाइड्रेट (अच्छे और खराब कार्ब्स)

7. सर्वाइकल दर्द में ओमेगा 6 आयल का करें परहेज  – Avoid Omega-6 fatty acids in cervical pain in Hindi

Consume less Omega-6 fatty acids in cervical pain in Hindi
सर्वाइकल दर्द में ओमेगा 6 कम लें

ओमेगा -6 फैटी एसिड शरीर की सामान्य वृद्धि और विकास के लिए एक आवश्यक तत्व है, लेकिन सर्वाइकल पेन में इनका अधिक सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।

ध्यान रहे ओमेगा -6 फैटी एसिड की अधिक मात्रा शरीर में प्रो-इंफ्लेमेटरी पदार्थों को बढ़ा सकता है, जो सर्वाइकल पेन या जोड़ों के दर्द के लिए नुकसानदायक होता है। हालांकि, ओमेगा -3 फैटी एसिड का सेवन किया जा सकता है ।

और पढ़ें – एक अच्छे कुकिंग ऑयल का चुनाव कैसे करें?

ओमेगा-3 और ओमेगा-6 से भरपूर तेल की सूचि नीचे दी गई हैं। 

ओमेगा-3 आयल

(ज्यादा खाएं)

ओमेगा-6 आयल

(कम खाएं )

अवोकेडो आयल  

(Avocado oil)

कुसुम का तेल

(Safflower Oil)

जैतून का तेल

(Olive Oil)

सूरजमुखी का तेल

(Sunflower oil)

अलसी का तेल

(Linseed Oil)

सोयाबीन ऑयल

(Soybean oil)

सरसों का तेल

(Mustard Oil)

कद्दू के बीज का तेल

(Pumpkin seed oil)

तिल का तेल

(Sesame Oil)

कैनोला ऑयल

(Canola Oil)

सर्वाइकल अटैक (सर्वाइकल पेन) के लक्षण | Symptoms of Cervical Pain in Hindi

सर्वाइकल पेन (सर्वाइकल अटैक) के समान्य लक्षणों में शामिल हैं-

  • गर्दन और कंधे के क्षेत्र में दर्द
  • बाहों, हाथ या पैर में दर्द या कमजोरी,
  • पैरों में झुनझुनी या सुन्नता, 
  • शरीर की मांसपेशियों में ऐंठन,
  • सिर के पिछले हिस्से में दर्द होना, 
  • मूत्राशय और आंत को अनियमित रूप से कार्य करना आदि।
 

सर्वाइकल अटैक (सर्वाइकल पेन) के कारण | Causes of Cervical Pain in Hindi

गर्दन में दर्द या अकड़न (Cervical pain causes in Hindi) कई कारणों से हो सकती है। जोकि निम्नलिखित हैं

  • अधिक घंटों तक कंप्यूटर या स्मार्टफोन का उपयोग करना,
  • बिस्तर में  लेट के पढ़ना,
  • गलत पोजीशन में सोना, 
  • सिर पर भारी वजन रखना,
  • गर्दन को बहुत देर तक झुकाये रहना, 
  • बहुत देर तक एक ही पोजीशन में बैठने रहना, 
  • ऊंचे तकिये का प्रयोग करना, 
  • भारी वजन के हेलमेट का इस्तमाल करना, 
  • गलत उठने और बैठना, 
  • रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया रोग) का रोग होना,
  • ऑस्टियोपोरोसिस रोग होना आदि सर्वाइकल पेन का कारण हो सकता है।  

ये हैं सर्वाइकल पेन में परहेज करने वाले खाद्य पदार्थ। कमेंट में बताएं आपको सर्वाइकल पेन में क्या नहीं खाना चाहिए (Food To Avoid In Cervical Pain in Hindi) पोस्ट कैसी लगी। अगर यह पोस्ट पसंद आई हो तो इस पोस्ट को शेयर जरूर करें।

Disclaimer : ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।  

और पढ़ें – इम्युनिटी बढ़ाने के घरेलू उपाय।

 सन्दर्भ (References)

  • Nestel P. Trans fatty acids: are its cardiovascular risks fully appreciated? Clin Ther. 2014 Mar 1;36(3):315-21. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/24636816/

  • Iwata NG, Pham M, Rizzo NO, Cheng AM, Maloney E, Kim F. Trans fatty acids induce vascular inflammation and reduce vascular nitric oxide production in endothelial cells. PLoS One. 2011;6(12):e29600. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/22216328/

  • Mozaffarian D, Pischon T, Hankinson SE, Rifai N, Joshipura K, Willett WC, Rimm EB. Dietary intake of trans fatty acids and systemic inflammation in women. Am J Clin Nutr. 2004 Apr;79(4):606-12. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/15051604/

  • Defagó MD, Elorriaga N, Irazola VE, Rubinstein AL. Influence of food patterns on endothelial biomarkers: a systematic review. J Clin Hypertens (Greenwich). 2014 Dec;16(12):907-13. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/25376124/

  • Hu FB, Manson JE, Stampfer MJ, Colditz G, Liu S, Solomon CG, Willett WC. Diet, lifestyle, and the risk of type 2 diabetes mellitus in women. N Engl J Med. 2001 Sep 13;345(11):790-7. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/11556298/

  • Bjarnason I, Peters TJ, Wise RJ. The leaky gut of alcoholism: possible route of entry for toxic compounds. Lancet. 1984 Jan 28;1(8370):179-82. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/6141332/

  • Micha R, Wallace SK, Mozaffarian D. Red and processed meat consumption and risk of incident coronary heart disease, stroke, and diabetes mellitus: a systematic review and meta-analysis. Circulation. 2010;121(21):2271-2283. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/20479151/

  • Larsson SC, Bergkvist L, Wolk A. Processed meat consumption, dietary nitrosamines and stomach cancer risk in a cohort of Swedish women. Int J Cancer. 2006 Aug 15;119(4):915-9. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/16550597/

  • Santarelli RL, Pierre F, Corpet DE. Processed meat and colorectal cancer: a review of epidemiologic and experimental evidence. Nutr Cancer. 2008;60(2):131-144. – https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/18444144/

  • Spreadbury I. Comparison with ancestral diets suggests dense acellular carbohydrates promote an inflammatory microbiota, and may be the primary dietary cause of leptin resistance and obesity. Diabetes Metab Syndr Obes. 2012;5:175-89. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3402009/

  • Dixon LJ, Kabi A, Nickerson KP, McDonald C. Combinatorial effects of diet and genetics on inflammatory bowel disease pathogenesis. Inflamm Bowel Dis. 2015 Apr;21(4):912-22.  https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/25581832/

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest Articles