Symptom Of Cervical Pain In Hindi

Symptoms of Cervical Pain | सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के लक्षण, कारण और घरेलू उपचार

Symptoms of cervical pain in Hindi: इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस (सर्वाइकल पेन) क्या है, सर्वाइकल दर्द के लक्षण (Cervical pain symptoms in Hindi), सर्वाइकल पेन के कारण (Cervical Pain causes in Hindi), सर्वाइकल पेन के बचाव (Cervical Pain prevention in Hindi) और सर्वाइकल पेन के उपचार  (Cervical Pain treatment in Hindi) के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

Contents hide

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस (सर्वाइकल पेन) क्या है? | Cervical pain in hindi meaning

Cervical Pain (Neck Pain) In Hindi,गर्दन दर्द
Cervical Pain (Neck Pain) In Hindi

हमारी गर्दन (सर्वाइकल स्पाइन) 7 हड्डियों (C1 से C7) से मिलकर बानी होती है। जिसमें लिगामेंट्स और मासपेशियां मिलकर गर्दन को लचीला बनती हैं ताकि हम आसानी से अपनी गर्दन को मोड़ सकें या झुका सकें।

परन्तु कभी-कभी इन हड्डियों, लिगामेंट्स या मांसपेशियों में क्षति के कारण गर्दन में दर्द होने लगता है। गर्दन में होने वाल यह दर्द ही सर्वाइकल पेन या सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस (Cervical pain in Hindi) कहलाता है।

दूसरे शब्दों में कहें तो सर्वाइकल पेन (सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस) गर्दन में होने वाला वह दर्द है जो सर्वाइकल स्पोंडिलोलिसिस (रीढ़ की हड्डी में अस्थिरता) या ऑस्टियोआर्थराइटिस (जोड़ों में दर्द और जकड़न) के कारण होता है।

सर्वाइकल पेन, सर्वाइकल नेक अर्थराइटिस (Neck arthritis) के नाम से भी जाना जाता है। अधिकांश लोग इस दर्द को अनदेखा कर देते हैं, परन्तु कभी-कभी यह दर्द आगे चल कर शरीर पर नकरात्मक प्रभाव डालने लगता है। इसलिए सर्वाइकल दर्द के बारे में आपका जागरूक होना बहुत जरुरी है।

सर्वाइकल पेन  के ज्यादातर मामले बुजुर्गों में देखे जाते हैं। जिसमें 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग इस रोग से प्रभावित हैं। हालांकि, आज के समय में बच्चे और युवा वर्ग दोनों ही इस दर्द से पीड़ित रहते हैं।

सर्वाइकल दर्द (सर्वाइकल पेन इन हिंदी) की गंभीरता के विभिन्न स्तर हैं जो हल्के दर्द से लेकर गंभीर दर्द तक होता है, और प्रत्येक दर्द के उपचार का अपना तरीका है। ज्यादातर मामलों में सर्वाइकल दर्द की शुरुआत हल्के दर्द के साथ शुरू होता है जो आगे चल कर अगर अनुपचारित रहे तो गंभीर दर्द में बदल जाता है।

और पढ़ें – हार्ट अटैक (Myocardial infarction) के लक्षण,कारण और बचाव

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के लक्षण क्या हैं? | Symptoms of cervical pain in Hindi

Cervical Pain Symptoms in Hindi
Cervical Pain Symptoms in Hindi

कंधे और गर्दन के क्षेत्र में दर्द होना या उसके आसपास के क्षेत्रों में दर्द होना सर्वाइकल पेन (Cervical pain symptoms in Hindi) के प्रमुख लक्षण हैं। हालांकि ये लक्षण आयु और व्यक्ति के अनुसार बदल सकते हैं।

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस में क्या तकलीफ होती है (Cervical spondylosis symptoms in Hindi), इसे आप नीचे पढ़ सकते हैं। 
  • हाथ या पैर में कमजोरी होना,
  • बाहों में दर्द या कमजोरी होना
  • पैरों में झुनझुनी या सुन्नता होना,
  • शरीर की मांसपेशियों में ऐंठन होना,
  • सिर के पिछले हिस्से में दर्द होना,
  • मूत्राशय और आंत को अनियमित रूप से कार्य करना,
  • गर्दन को घूमने में या हिलने में हड्डियों की चटकने की आवाज आना।
Note: कुछ स्थितियों में सर्वाइकल पेन और भी ज्यादा खराब हो सकता है, जिसमें छींकना, खांसना या हंसना शामिल हैं।

सर्वाइकल पेन का कारण – Causes of Cervical Pain in Hindi

सर्वाइकल दर्द के कारण
सर्वाइकल पेन का कारण

सर्वाइकल दर्द का कारण – Cervical pain reason in Hindi

गर्दन में दर्द या सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस (Cervical pain causes in Hindi) कई कारणों से हो सकता है। जोकि निम्नलिखित हैं-
  • कंप्यूटर या स्मार्टफोन पर बहुत अधिक घंटों तक उपयोग करने से सर्वाइकल पेन हो सकता है।
  • बिस्तर पर लेट के पढ़ने से सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस हो सकता है।
  • गलत पोजीशन में सोने से सर्वाइकल पेन हो सकता है।
  • सिर पर भारी वजन रखने से सर्वाइकल पेन होता है।
  • गर्दन को बहुत देर तक झुकाये रखने से भी सर्वाइकल पेन हो सकता है।
  • बहुत देर तक एक ही पोजीशन में बैठने से सर्वाइकल पेन शुरू हो सकता है।
  • ऊंचे तकिये का प्रयोग करने से सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस हो सकता है।
  • भारी वजन के हेलमेट का इस्तमाल करने से सर्वाइकल हो सकता है।
  • गलत उठने और बैठने से भी सर्वाइकल हो सकता है।
  • रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया रोग), सर्वाइकल पेन का कारण हो सकता है।
  • ऑस्टियोपोरोसिस, सर्वाइकल पेन का कारण हो सकता है।
(ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों को कमजोर करता है और छोटे फ्रैक्चर का कारण बन सकता है। यह स्थिति अक्सर हाथों या घुटनों में होती है, लेकिन यह गर्दन में भी हो सकती है।)
  • फाइब्रोमायल्गिया, सर्वाइकल पेन का कारण हो सकता है।
(फाइब्रोमायल्गिया ऐसी स्थिति है जो पूरे शरीर में मांसपेशियों में दर्द का कारण बनती है, खासकर गर्दन और कंधे के क्षेत्र में।)
  • गर्दन में कोई पुरानी चोट (खेलकूद के दौरान) या कोई फ्रैक्चर सर्वाइकल पेन का कारण बन सकता है।

दुर्लभ मामलों में, गर्दन में अकड़न या सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस निम्न कारणों से हो सकता हैजिसमें शामिल हैं –

  • पैदाइशी असामान्यता,
  • संक्रमण,
  • फोड़े,
  • ट्यूमर,
  • रीढ़ की हड्डी का कैंसर शामिल हैं।

सर्वाइकल पेन से बचने के उपाय – Tips to avoid cervical pain in Hindi

Cervical pain relief in Hindi
Cervical pain relief in Hindi

सर्वाइकल पेन (सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस) से छुटकारा कैसे पाये – Tips for cervical pain in Hindi

  • हमेशा अच्छे आसन का प्रयोग करें। खड़े और बैठे समय सुनिश्चित करें कि कंधे आपके कूल्हों के ऊपर एक सीधी रेखा में हों।
  • बार-बार ब्रेक लें। यदि आप बहुत लम्बी दूरी की यात्रा करते हैं या कंप्यूटर पर लंबे समय तक काम करते हैं, तो बीच-बीच में ब्रेक लें (Cervical pain prevention in Hindi)। ब्रेक में आप उठें, घूमें और अपनी गर्दन और कंधों को फैलाएं।
  • अपनी डेस्क, कुर्सी और कंप्यूटर को इस तरह से एडजेस्ट करें कि मॉनिटर आंखों के स्तर पर हो।
  • अपनी कुर्सी के आर्मरेस्ट का प्रयोग करें।
  • यदि आप लम्बी बात के शौकीन हैं तो बात करते समय फोन को अपने कान और कंधे के बीच रखने से बचें। इसके बजाय हेडसेट या स्पीकरफ़ोन का उपयोग करें।
  • अपने कंधे पर अतरिक्त भार न डालें क्योंकि वजन आपकी गर्दन की नसों पर दबाव डाल सकता है।
  • सोते समय अपनी पोजीशन को ठीक रखें। आपका सिर और गर्दन आपके शरीर के साथ संरेखित होना चाहिए।
  • सोते समय गर्दन के नीचे एक छोटा तकिया का प्रयोग अवश्य करें। हमेशा पीठ के बल सोने की कोशिश करें।
  • तनाव से बचें – सर्वाइकल अधिक मात्रा में तनाव लेने के कारण भी होता है। तनाव के कारण आपकी गर्दन की मांसपेशियां तनावग्रस्त हो सकती हैं। आप विभिन्न तरीकों से तनाव को कम कर सकते हैं, जिनमें संगीत सुनना, ध्यान, छुट्टी या अवकाश लेना, कुछ ऐसा करना जो आपको पसंद हो।
  • अपनी गर्दन को मजबूत और सुरक्षित रखने के लिए प्रतिदिन गर्दन के व्यायाम करें।
  • अतरिक्त वजन न बढ़ाएं।
  • पीठ के निचले हिस्से को सहारा देकर कुर्सी पर सीधे बैठें।
  • अपने पैरों को फर्श पर सपाट रखें।

सर्वाइकल दर्द का निदान – Cervical Pain diagnose in Hindi

1. शारीरिक परीक्षण द्वारा सर्वाइकल दर्द का निदान – Physical test for cervical pain in Hindi

शारीरिक परीक्षण के दौरान डॉक्टर आपका चिकित्सा इतिहास (Clinical history) पूछेगा। डॉक्टर प्रभावित वाले भाग की कोमलता, सुन्नता और मांसपेशियों की कमजोरी की जांच कर सकता है, साथ ही यह भी देख सकता है कि आप अपने सिर को कितनी दूर आगे, पीछे और बगल में ले जा सकते हैं। यानी आपकी गर्दन का घुमाव।

2. इमेजिंग परीक्षण – Imaging test for cervical pain in Hindi

सरवाइकल दर्द (सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस) का पता लगाने के लिए डॉक्टर गर्दन की हड्डी या अन्य प्रभावित भाग का एक्स-रे (X-ray) करवा सकते हैं। डॉक्टर गर्दन की हड्डी या अन्य प्रभावित भाग का सीटी स्कैन (CT-scan) करवा सकते हैं सीटी स्कैन द्वारा डॉक्टर को विस्तृत छवियां प्राप्त होती हैं।

डॉक्टर प्रभावित भाग का एमआरआई स्कैन (MRI-scan) करवा सकता है,  MRI स्कैन दबी हुई नसों का पता लगाने में मदद करता है।

डॉक्टर प्रभावित भाग का मायलोग्राम (मांसपेशी गतिविधि की एक ग्राफिकल रिकॉर्डिंग) करवा सकता है। इस टेस्ट में रीढ़ के कुछ क्षेत्रों को उजागर करने के लिए डाई (Dye) इंजेक्शन का उपयोग किया जाता है फिर सीटी स्कैन या एक्स-रे का उपयोग करके इन क्षेत्रों की अधिक विस्तृत छवियां देखी जाती हैं।

डॉक्टर इलेक्ट्रोमोग्राम (Electromyogram) का उपयोग कर सकते हैं, इस परीक्षण में प्रभावित वाले भाग में सुइयों को चुभाया जाता है और देखा जाता है कि नसें सामान्य रूप से काम कर रही हैं या नहीं। यह परीक्षण आपकी नसों की विद्युत गतिविधि (Electrical activity) को मापता है।

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस का इलाज | Cervical pain treatment in Hindi

गर्दन की अकड़न का इलाज या सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस का उपचार – Treatment of neck pain In Hindi

अगर गर्दन का दर्द हल्का है तो यह आमतौर पर दो या तीन सप्ताह के भीतर आत्म-देखभाल (Self care) से ठीक हो जाता है। पर यदि गर्दन का दर्द तीन सप्ताह से ज्यादा बना रहे तो, तो डॉक्टर उपचार हेतु कुछ दवाइयां या थेरेपी दे सकता है।

मांसपेशियों को आराम देने वाली पैन किलर और फिजियोथेरेपी (Cervical pain treatment in hind), दर्द और जकड़न को कम करने के लिए उपयोग में ले जाती हैं। हालांकि गंभीर मामलों में डॉक्टर सर्जिकल विकल्प भी रखते हैं।

दर्द से छुटकारा पाने के लिए तंत्रिका की जड़ों के पास डॉक्टर स्टेरॉयड इंजेक्शन (Steroid injections) लगा सकते हैं। आइल अलावा डॉक्टर मरीज को सर्वाइकल कॉलर लगाने की सलाह दे सकते हैं।

सर्वाइकल कॉलर (गद्दीदार कॉलर) गर्दन को सीधा रखने में और उसके हिलने डुलने को सीमित रखने में सहायता करता है। इसके पहनाने से  गर्दन की मांसपेशियों को आराम मिलता है।

ध्यान देंडॉक्टर की स्वीकृति के बिना गर्दन में कॉलर का प्रयोग न करें। यदि आप इसका ठीक से उपयोग नहीं करेंगे, तो यह सर्वाइकल पेन के लक्षणों को और भी खराब कर सकता है।

चलिए अब सर्वाइकल पेन की एलोपैथिक दवा और होम्योपैथिक दवा के बारे में समझते हैं।

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस में एलोपैथी दवा | Allopathic treatment of cervical pain in Hindi

सर्वाइकल की अंग्रेजी दवा में शामिल हैं –

1. सर्वाइकल की एलोपैथिक दवा है एंटी-डेप्रेसेंट्स – Anti-depressants medication for Cervical Pain in Hindi

एंटी-डेप्रेसेंट्स दवा गर्दन के दर्द को कम करने के लिए उपयोग में लाई जाती है।

2. एंटी-सीजर दवा – Anti-seizure medications for Cervical Pain in Hindi

तंत्रिका क्षति के कारण होने वाले दर्द को दूर करने के लिए एंटी-सीजर दवा ली जाती है।

उदाहरण के लिए गैबापेंटिन (न्यूरोंटिन) दवा सर्वाइकल पेन में दी जा सकती है।

3. ​मसल्स रिलैक्सेंट दवा – Muscle relaxants for Cervical Pain in Hindi

कुछ दवाएं, जैसे कि साइक्लोबेनज़ाप्राइन (cyclobenzaprine), गर्दन में मांसपेशियों की ऐंठन को दूर करने में मदद कर सकती हैं।

4. कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स दवा – Corticosteroids for Cervical Pain in Hindi

दर्द को कम करने के लिए Prednisone दवा का इस्तेमाल किया जा सकता है।

5. स्टेरॉइडल एंटी इंफ्लेमेटरी दवा – Steroidal anti-inflammatory drugs for Cervical Pain in Hindi

स्टेरॉयड इंजेक्शन, जैसे कि प्रेडनिसोन (prednisone), सर्वाइकल  में ऊतक की सूजन को कम करने के लिए दी जा सकती है।

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस का होम्योपैथिक इलाज | Homeopathy medicine for cervical pain in Hindi

मांसपेशियों में दर्द (सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस) की होम्योपैथिक दवा में शामिल हैं-

  • कॉस्‍टिकम (Causticum)
  • सिमिसिफुगा (Cimicifuga)
  • चेलिडोनियम मेजस (Chelidonium Majus)
  • जेल्सीमियम (Gelsemium)
  • हाइपेरिकम परफोरेटम (Hypericum Perforatum)
  • सरकोलैक्‍टिकम एसिडम (Sarcolacticum Acidum)

और पढ़ें –  फूड पाइजनिंग के लक्षण, कारण और घरेलू इलाज

और पढ़ें – कब्ज में क्या खाएं और क्या ना खाएं

सर्वाइकल पेन सर्जरी | Cervical pain surgery in Hindi 

यदि सर्वाइकल पेन (सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस) गंभीर है और दवाओं द्वारा नियंत्रित नहीं हो पा रहा है, तो सर्वाइकल दर्द के इलाज के लिए सर्जरी ही एकमात्र उपचार बचता है।

सर्वाइकल पेन की सर्जरी में आपकी रीढ़ की हड्डी और नसों को अधिक जगह देने के लिए डॉक्टर गर्दन की हड्डी या रीड की हड्डी के कुछ हिस्सों या हर्नियेटेड डिस्क को हटा सकते हैं।

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के लिए सर्जरी केवल गंभीर मामलों में ही की जाती है।

और पढ़ें –  जानिए मधुमेह रोगी डायबिटीज में क्या खाएं और क्या न खाएं।

सर्वाइकल पेन का घरेलू इलाज | Home Remedies for Cervical Pain in Hindi

1. सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस का इलाज: सही ढंग से सोएं – Sleep in a good position in Cervical Pain in Hindi

मुलायम ऊंचे गद्दे और तकिए पर ना सोएं। क्योंकि मुलायम ऊंचे गद्दे और तकिए सर्वाइकल पेन का कारण बन सकता है। इसलिए सख्त गद्दे और तकिए का ही हमेशा प्रयोग करें। साथ ही पीठ के बल या करवट लेकर ही सोएं।

2. सर्वाइकल पेन का इलाज: गर्म और ठंडा सेख लगाएं – Use a heating pad or a cold pack in Cervical Pain in Hindi

दर्द कम करने के लिए आप गर्दन की ठंडी या गर्म सिंकाई करें। ठंडी सिंकाई के लिए बर्फ का उपयोग (आइस पैक) किया जा सकता है जबकि, गर्म सिंकाई के लिए आप गर्म तौलिये या हीटिंग पैड का उपयोग कर सकते हैं।

3. सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस का घरेलू इलाज : मसाज करें – Cervical pain Massage in Hindi

सर्वाइकल पेन से राहत के लिए आप मसाज का सहारा ले सकते हैं।

4. गर्दन में अकड़न का उपचार  : व्यायाम  करें – Cervical pain exercises in Hindi

अपनी दिनचर्या में सुबह के समय शारीरिक व्यायाम अवश्य करें।

5. गर्दन में दर्द का इलाज: खूब पानी पियें- Drink plenty of water in Cervical Pain in Hindi

रीढ़ की हड्डी के जोड़ो के बीच का हिस्सा पानी से भरा होता है, ऐसे में शरीर में पानी की कमी होने से उनकी कार्यक्षमता में कमी हो सकती है इसलिए जितना हो सके ज्यादा से ज्यादा पानी पियें। एक दिन में कम से कम 8 बड़े गिलास पानी जरूर पीने का ध्यान रखें।

सर्वाइकल पेन में क्या नहीं खाना चाहिए | Food to avoid in cervical pain in Hindi

सर्वाइकल पेन (सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस) में परहेज : सर्वाइकल दर्द में निम्नलिखित खाद्य पदार्थों का परहेज करना चाइए। इन खाद्य पदार्थों में शामिल हैं-

सर्वाइकल दर्द में लाल मांस ना खाएं – Avoid red meat in cervical pain in Hindi

सर्वाइकल दर्द में लाल मांस का परहेज करना चाहिए। जिसमें शामिल हैं –

  • मटन (Mutton)
  • लैम्ब (Lamb)
  • भेड़ (Sheep)
  • सूअर (Pork)
  • हैम (Ham)
  • बीफ (beef), आदि।

सर्वाइकल पेन में सोडियम (नमक) और सैचुरेटेड वसा कम खाएं – Avoid saturated fats in cervical pain in Hindi

सर्वाइकल दर्द में अत्यधिक नमक और सैचुरेटेड वसा नहीं खाना चाहिए। इन खाद्य पदार्थों में शामिल हैं-

  • मक्खन, घी, नारियल का तेल और ताड़ का तेल
  • नारियल का दूध और नारियल क्रीम
  • केक, कुकीज़ और बिस्कुट
  • सॉस
  • पनीर
  • पेस्ट्री
  • मिल्क शेक
  • चॉकलेट
  • आइसक्रीम
  •  फ्रोजेन मांस,
  • फास्ट फूड,
  • डिब्बा बंद स्नैक्स, आदि।

सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस में ट्रांस फैट खाने से बचें – Avoid trans fats in cervical pain in Hindi

  • क्रीम
  • फ्रेंच फ्राइज़
  • चिप्स
  • डोनट्स, आदि।

सर्वाइकल अटैक में कृतिम चीनी नहीं खाएं – Avoid artificial sugar in cervical attack in Hindi

  • कैंडी
  • केक
  • कुकीज़
  • मीठे रोल,
  • पेस्ट्री,
  • डोनट्स
  • आइसक्रीम
  • योगर्ट, आदि।

इसके अलावा अत्यधिक  सर्वाइकल दर्द में शराब ना पियें, सर्वाइकल अटैक में प्रसंस्कृत खाद्य ना खाएं और साथ ही सर्वाइकल दर्द में ओमेगा 6 ऑयल का परहेज करें।

और पढ़ें – सर्वाइकल पेन में ना खाएं ऐसे आहार ( विस्तार से पढ़ें)

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब | Cervical Pain FAQs in Hindi

1. सवाल.  क्या सर्वाइकल पेन और बैक पेन में साइकिल चलाना हानिकारक होता है?

जवाब. र्वाइकल पेन और बैक पेन में साइकिल चलाना हानिकारक नहीं है परशर्ते आप बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें। हालांकि खराब सड़कों पर नियमित रूप से साइकिल  या बाइक चलाने से पीठ के निचले हिस्से पर असामान्य दबाव पड़ता है और इससे पीठ के निचले हिस्से में स्पोंडिलोसिस हो सकता है और आपके सर्वाइकल पेन को भी गंभीर कर सकता है।

2. सवाल. सर्वाइकल पेन में कौन से डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

जवाब. सर्वाइकल पेन में ओर्थपेडीस्ट (orthopedist) को दिखाना चाहिए

3. सवाल. सर्वाइकल पेन मेडिसिन नाम क्या है?

जवाब. पैन किलर, एंटी-इंफ्लेमेटरी और स्टेरॉयड, सर्वाइकल पेन के लिए उपयोगी दवाइयां हैं।

4. सवाल. सर्वाइकल बीमारी में क्या होता है?

जवाब. सर्वाइकल पेन गर्दन में होने वाला दर्द है जो रीढ़ की हड्डी में अस्थिरता या जोड़ों में दर्द और जकड़न के कारण होता है।

5. सवाल. सर्वाइकल दर्द के क्या लक्षण है?

जवाब. कंधे और गर्दन के क्षेत्र में दर्द होना इसके प्रमुख लक्षण हैं इसके आलावा हाथ या पैर में कमजोरी होना,बाहों में दर्द या कमजोरी होना, पैरों में झुनझुनी या सुन्नता होना, शरीर की मांसपेशियों में ऐंठन होना,सिर के पिछले हिस्से में दर्द होना, मूत्राशय और आंत को अनियमित रूप से कार्य करना,गर्दन को घूमने में या हिलने में हड्डियों की चटकने की आवाज आना भी इसके लक्षण हैं।

6. सवाल. सर्वाइकल का दर्द कैसे दूर करें?

जवाब. सर्वाइकल का दर्द दूर करने के लिए आप सही ढंग से सोएं, गर्म और ठंडा सेख लगाएं, गर्दन के आसपास मसाज करें, व्यायाम  करें खूब पानी पियें और हमेशा अच्छे आसन का प्रयोग करें। खड़े और बैठे समय सुनिश्चित करें कि कंधे आपके कूल्हों के ऊपर एक सीधी रेखा में हों।

7. सवाल. सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस में क्या तकलीफ होती है?

जवाब. कंधे और गर्दन के क्षेत्र में दर्द होना या उसके आसपास के क्षेत्रों में दर्द होना सर्वाइकल पेन के प्रमुख लक्षण हैं।

ये हैं सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के लक्षण, कारण, बचाव और उपचार की पूरी जानकारी। कमेंट में बताएं आपको वेब पोस्ट गुरु की यह पोस्ट कैसी लगी। अगर यह पोस्ट पसंद आई हो तो इस पोस्ट को शेयर जरूर करें। 

वेब पोस्ट गुरु ब्लॉग में आने और पोस्ट पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

Disclaimer : ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ (Dietitian) की सलाह जरूर लें। 

सन्दर्भ (References)

Cohen SP. Epidemiology, diagnosis, and treatment of neck pain. Mayo Clin Proc. 2015 Feb;90(2):284-99. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/25659245/

Misailidou V, Malliou P, Beneka A, Karagiannidis A, Godolias G. Assessment of patients with neck pain: a review of definitions, selection criteria, and measurement tools. J Chiropr Med. 2010;9(2):49-59. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/21629550/

InformedHealth.org [Internet]. Cologne, Germany: Institute for Quality and Efficiency in Health Care (IQWiG); 2006-. Neck pain: Overview. 2010 Aug 24 [Updated 2019 Feb 14]. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK338120/

Kuo DT, Tadi P. Cervical Spondylosis. [Updated 2021 May 9]. In: StatPearls [Internet]. Treasure Island (FL): StatPearls Publishing; 2021 Jan. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK551557/

Story MR, Haussler KK, Nout-Lomas YS, et al. Equine Cervical Pain and Dysfunction: Pathology, Diagnosis and Treatment. Animals (Basel). 2021;11(2):422. Published 2021 Feb 6.  https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC7915466/

Cervical spondylotic myelopathy (CSM). (2017). https://familydoctor.org/condition/cervical-spondylotic-myelopathy.

Wheeless CR. (2014). Cervical spondylosis. https://wheelessonline.com/ortho/cervical_spondylosis.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सेब का सिरका पीने के फायदे | Benefits of Apple Cider Vinegar एसिडिटी और खट्टी डकार का इलाज | Home Remedies for Acidity and Burping खाली पेट आंवला जूस पीने के फायदे | Amla Juice Benefits कच्चा प्याज खाने के फायदे | Benefits of Raw Onion अच्छी और गहरी नींद आने के उपाय | Home Remedies for Insomnia Benefits of Giloy in Winter | सर्दी में गिलोय के फायदे