How to Get Regular Periods Naturally in Hindi

रुका हुआ पीरियड कैसे आएगा, जानिए अनियमित पीरियड के उपाय | Irregular Periods Home remedies

Irregular Periods Home Remedies in Hindi: जब भी मासिक-धर्म (पीरियड या माहवारी) रुकता है तो महिलायें अक्सर घबरा जाती हैं और चिंतित होती हैं की किस वजह से उनका पीरियड रुक गया है। वैसे पीरियड के रुकने या ठीक समय में ना आने की बहुत सी वजह होती हैं। जिसमें से प्रमुख वजह है महिलाओं का गर्भवती होना। हालांकि इसके और भी कई कारण हैं। इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको पीरियड्स रुकने के कारण सहित रुका हुआ पीरियड कैसे आएगा या अनियमित पीरियड के उपाय के बारे में बता रहे हैं।  

आइए अब इस पोस्ट को शुरू करते हैं ।

मासिक धर्म (पीरियड) क्यों होता है? | Why do Periods Happen in Hindi

मासिक धर्म (पीरियड) एक सामान्य योनि रक्तस्राव है, जो हर महीने होता है। पीरियड आपके शरीर को गर्भावस्था के लिए तैयार करता है। यदि आप गर्भवती नहीं हैं, तो आपके हार्मोन गर्भाशय को अपनी परत छोड़ने के लिए एक संकेत भेजते हैं। जब यह परत गर्भाशय से बाहर निकलती है तो योनि से रक्तस्राव और पेट में दर्द  जैसी समस्याएं होती हैं। पीरियड  की औसत अवधी तीन से सात दिन है।

Note: पीरियड के रक्त में म्यूकस और कुछ कोशिकाएं भी होती हैं।

और पढ़ें – जानिए प्रेगनेंसी के शुरुआती लक्षण क्या हैं, और कब दिखते हैं।

अनियमित माहवारी का कारण | Reasons for Irregular Period in Hindi 

वैसे पीरियड रुकने का प्रमुख कारण महिला की प्रेगनेंसी, गर्भ निरोधक का इस्तेमाल करना या रजोनिवृत्ति (menopause) होना है। इसके अलावा पीरियड न आने का कारण –

  • तनाव में वृद्धि,
  • वजन कम होना,
  • मोटापा,
  • पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम),
  • अनियंत्रित मधुमेह,
  • थायराइड
  • एंटी – इंफ्लेमेटरी  दवाएं
  • खान पान में बदलाव

पीरियड के रुकने का कारण हो सकते हैं।

अनियमित पीरियड्स के लक्षण | Symptoms of Irregular Periods in Hindi

इरेग्युलर पीरियड्स की पहली पहचान है-

यूटेरस में दर्द होना, यूटेरस में ब्लड क्लॉट्स का बनना भी अनियमित पीरियड्स का एक लक्षण है। इसके अलावा ब्लीडिंग कम होना या जरुरत से ज्यादा होना, भूख में कमी, स्तन, पेट, हाथ, पैर और कमर में दर्द होना, अधिक थकान, कब्ज, दस्त भी इसके लक्षण जो सकते हैं।

रुका हुआ पीरियड कैसे आएगा? | अनियमित पीरियड के उपाय | Irregular Periods Home remedies in Hindi

अनियमित पीरियड के उपाय, रुका हुआ पीरियड कैसे आएगा
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वैसे पीरियड लाने की बहुत सी दवाएं हैं, लेकिन यहां हम मासिक धर्म (पीरियड) सही समय पर लाने के कुछ घरेलू उपायों के बारे में बता रहे हैं। इनकी मदद से रुका हुआ पीरियड ठीक समय में आ सकता है।

चलिए अब अनियमित पीरियड लाने के घरेलू नुस्खे के बारे में विस्तार से पढ़ते हैं।

1. तनाव कम करके पीरियड लाने का उपाय – Cure irregular Menstruation by Reducing Stress in Hindi

शोधकर्ताओं का सुझाव है कि उच्च स्तर के भावनात्मक तनाव का संबंध पीरियड रुकने या पीरियड के देर से आने से है।

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि तनावग्रस्त रहने से हमारा शरीर हार्मोन्स रिलीज करने में देरी करता है। लेकिन यदि आप तनावमुक्त हैं तो शरीर में हार्मोन्स समय पर रिलीज होते हैं।  और पीरियड्स आने में अनावश्यक देरी नहीं होती है।

और पढ़ें- महिलाओं में थायराइड कैंसर के लक्षण, कारण, बचाव व इलाज

2. रुका हुआ पीरियड लाने का घरेलू उपाय है ध्यान – Meditation for Irregular Menstruation in Hindi

शारीरिक और भावनात्मक लक्षणों में सुधार लाने के लिए ध्यान करना जरुरी है। ध्यान उन महिलाओं के लिए ज्यादा जरुरी हो जाता है जिनके पीरियड अनियमित रहते हैं।

शोधकर्ताओं का भी सुझाव है कि ध्यान करने से मनोवैज्ञानिक तनाव में सुधार किया जा सकता है।

ध्यान करने के लिए:

  • घर में एक शांत जगह का चयन करें
  • सीधी कमर वाली कुर्सी अथवा एक छोटी चटाई लें
  • सीधे बैठें,
  • गहरी सांस अंदर और बाहर करें
  • सांस की आवाज पर ध्यान दें
  • आसपास की अन्य ध्वनियों को सुनें

पहले कुछ मिनट के लिए ध्यान करने की कोशिश करें और बाद में हर दिन एक मिनट का समय बढ़ाएं। लगभग 15 मिनट तक ध्यान करने की कोशिश करें।

3. पीरियड लाने का उपाय है योग – Yoga for Irregular Menstruation in Hindi

योग ध्यान का एक भौतिक रूप है जिसे ज्यादातर लोग घर पर आजमा सकते हैं। दुनिया भर में कई लोग अपनी भलाई में सुधार के लिए प्रतिदिन इस प्राचीन प्रथा का उपयोग करते हैं।

पीरियड्स को नियमित करने के लिए योग का अभ्यास एक प्रभावी तरीका हो सकता है। 2013 के एक छोटे पैमाने के अध्ययन में पाया गया कि एक दैनिक योग अभ्यास ने अनियमित अवधियों से जुड़े हार्मोन को संतुलित करने में मदद की।

पीरियड आने के लिए क्या खाना चाहिए | What to Eat in Irregular Periods in Hindi

पीरियड आने के लिए क्या खाना चाहिए, Irregular Periods Home Remedies

रुका हुआ पीरियड लाने या अनियमित पीरियड को ठीक करने के लिए आप निम्नलिखित खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

1. पीरियड आने के लिए विटामिन डी का सेवन –  Effect of Vitamin D on Periods in Hindi

शोध से पता चलता है कि विटामिन डी ओव्यूलेशन को विनियमित करने में भी मदद कर सकता है। 2015 के एक अध्ययन में विटामिन डी के निम्न स्तर और अनियमित अवधियों के बीच संबंध पाया गया।

विटामिन डी पाने का सबसे अच्छा स्रोत सूरज की किरणें हैं. सूर्य की किरणें स्किन में 7-डिहाइड्रोकोलेस्टेरॉल यौगिक के साथ मिलकर विटामिन डी3 बनाने का काम करती हैं.

विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए हम निम्नलिखित इन चीज़ों को अपने आहार में शामिल हर सकते हैं-

  • अंडा
  • संतरा
  • दूध
  • मशरूम
  • दही
  • अनाज
  • मीट
  • मछली (वसायुक्त मछली, जैसे सैल्मन और टूना)

इसके अलावा डॉक्टर के अनुसार पर्याप्त विटामिन डी सुप्प्लिमेंट भी लिया जा सकता है।

2. विटामिन सी का पीरियड्स पर असर – Effect of Vitamin C on Periods in Hindi

मासिक धर्म को प्रेरित करने के लिए विटामिन सी की खुराक आवश्यक है। विटामिन सी एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाकर मासिक धर्म को प्रेरित कर सकती है। इस हार्मोन का बढ़ा हुआ स्तर गर्भाशय के संकुचन को उत्तेजित करता है, जो बदले में रक्तस्राव को उत्तेजित करता है।

विटामिन सी प्रोजेस्टेरोन के स्तर को भी कम करने में मदद कर सकती है, जो गर्भाशय की परत के टूटने की शुरुआत करता है।

विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे खट्टे फल, कीवी और सब्जियां जैसे टमाटर, ब्रोकली और शिमला मिर्च को अपने दैनिक आहार में शामिल किया जा सकता है।

और पढ़ें- भीगी किशमिश खाने के फायदे और नुकसान

3. सेब के सिरके का पीरियड्स पर असर – Effect of Apple Cider Vinegar on Periods in Hindi

प्रारंभिक शोध से पता चलता है कि सेब का सिरका पीने से पीसीओएस वाली महिलाओं का ओव्यूलेशन (पीरियड) नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा, सेब का सिरका वजन कम करने, किडनी स्टोन से निजाद पाने, अच्छे पाचन, हाई कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण करने आदि में भी मदद करता है।

हालांकि, इसकी पुष्टि करने के लिए  वैज्ञानिकों को अभी और शोध करने की आवश्यकता है।

कैसे इस्तेमाल करे: एक ग्लास पानी में एक से दो चम्मच सेब का सिरका डालकर पिया जा सकता है।

और पढ़ें- शरीफा (सीताफल) खाने के फायदे और नुकसान

4. हल्दी से पीरियड लाने के उपाय – Effect of Turmeric on Periods in Hindi

अनियमित पीरियड्स सहित कई स्वास्थ्य स्थितियों के लिए हल्दी एक लोकप्रिय घरेलू उपचार है। 

हल्दी, गर्भाशय और श्रोणि क्षेत्र (pelvic region) में रक्त के प्रवाह को उत्तेजित कर सकती है। हल्दी का शरीर पर एंटीस्पास्मोडिक प्रभाव होता है, जो गर्भाशय का विस्तार करता है और मासिक धर्म को प्रेरित करता है।

मासिक धर्म की अनियमितता को कम करने के लिए नियमित रूप से हल्दी दूध  पिया जा सकता है।

कैसे इस्तेमाल करे: एक ग्लास दूध में एक चम्मच हल्दी पावर दाल कर गुनगुने दूध पिया जा सकता है। यदि आपको दूध पसंद नहीं है तो एक गिलास पानी में एक चम्मच हल्दी उबालें और दिन में दो बार इसका सेवन करें।

और पढ़ें- खाली पेट गुड़ खाने के फायदे और नुकसान

5. अनन्नास का पीरियड्स पर असर – Effect of Pineapple on Periods in Hindi

रुका हुआ पीरियड लेन के लिए अनानास  खाया जा सकता है। अनानास ब्रोमेलैन का एक समृद्ध स्रोत है। यह एक एंजाइम है जो पीरियड लाने वाले एस्ट्रोजन और अन्य हार्मोन को प्रभावित करता है।

6. पपीता का पीरियड्स पर असर – Effect of Papaya on Periods in Hindi

पपीते में कैरोटीन पाया जाता है जो कि महिलाओं के पीरियड को जल्दी लाने में मददगार कर सकता है। पपीता खाने से एस्ट्रोजेन नाम का हॉर्मोन स्रावित होता है, जो पीरियड के लिए महत्वपूर्ण है।

और पढ़ें – सूखे आलूबुखारा (सूखे पल्म) के फायदे और नुकसान 

पीरियड लाने के लिए पपीता कैसे खाएं? 

पपीते की तासीर बहुत गर्म होती है। अगर आपको पीरियड्स जल्दी लाने है तो पीरियड के कुछ दिन पहले पपीते को कच्चा या पपीते का जूस या फिर पपीते को ऐसे ही खा लें।

और पढ़ें – कच्चा प्याज खाने के फायदे और नुकसान

7. अदरक का अनियमित माहवारी पर असर – Effect of Ginger on Periods in Hindi

यदि आप पीरियड को जल्दी लाना चाहती हैं तो आप प्रत्येक दिन दो कप अदरक की चाय पियें। जाहीर है कि ये एक बेहद सुलभ तरीका है। लेकिन कई लोगों को चाय पीना पसंद नहीं करते हैं। इसके लिए आप रोज सुबह अदरक की हर्बल टी पी सकते हैं।

कैसे इस्तेमाल करे: नियमित तिथि से कुछ दिन पहले एक कप ताजा अदरक का रस पानी के साथ (2:1) रोज सुबह खाली पेट पिएं।

और पढ़ें – जानिए अदरक की चाय के 8 फायदे इन बीमारियों के लिए ।

8. अजवाइन से पीरियड लाने के उपाय – Ajwain Seeds Effect on Periods in Hindi

अजवायन और गुड़ का मिश्रण मासिक धर्म में ऐंठन से राहत दिलाने के अलावा मासिक धर्म को प्रेरित करने में भी मदद करते हैं।

कैसे इस्तेमाल करे: 1 चम्मच अजवायन को 1 गिलास पानी में 1 चम्मच गुड़ के साथ उबालकर सुबह खाली पेट सेवन करें।

9. धनिया के बीज से पीरियड्स लाने के उपाय – Effect of Coriander Seeds on Periods in Hindi

धनिया के बीज अनियमित मासिक धर्म के लिए सबसे प्रभावी घरेलू उपचार माना जाता है क्योंकि इसमें एमेनागोग गुण (मासिक धर्म प्रवाह को प्रोत्साहित करने में मदद करना) होते हैं।

कैसे इस्तेमाल करे: 1 चम्मच उबाल लें। 2 कप पानी के साथ हरा धनिया और पानी कम होकर सिर्फ एक कप होने तक प्रतीक्षा करें। अपने मासिक धर्म से पहले कुछ दिनों के लिए बीज निकालने के लिए एक छलनी का उपयोग करें और दिन में तीन बार काढ़ा पिएं।

10. सौंफ का पीरियड्स पर असर – Effect of Fennel on Periods in Hindi

सौंफ रुका हुआ पीरियड को लेन में मदद कर सकती है। इसके आलावा पीरियड के पैन को कम करने भी मदद करती है। इसलिए पीरियड लाने या पीरियड में सौंफ की हर्बल चाय पी जा सकती है।

सौंफ की चाय बनाने का तरीका-

  • सॉस पैन में ढाई कप पानी उबालें,
  • अब उसमें दो छोटे चम्मच सौंफ को डाल दें,
  • फिर 7-10 मिनट तक  पानी को उबलने दें,
  • उबलने के बाद 10 मिनट पानी को ढक दें,
  • फिर इस चाय को छान लें,
  • अगर मन हो, तो स्वादानुसार शहद/ गुड़/ काली मिर्च/ इलायची भी डाल लें,
  • बस तैयार है आपकी सौंफ की चाय।

और पढ़ें – सौंफ की चाय के 9 फायदे और नुकसान।

पीरियड लाने के लिए क्या नहीं खाना चाहिए | What Not to Eat in Irregular Periods in Hindi

पीरियड लाने के लिए क्या नहीं खाना चाहिए
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पीरियड को नियमित बनाने के लिए आपको जिन खाद्य पदार्थों का परहेज (Food to avoid in cervical in Hindi) करना हैं उन खाद्य पदार्थों में शामिल हैं –

  • लाल मांस ना खाएं जिसमें मटन, लैम्ब, भेड़, सूअर, हैम, बीफ आदि शामिल हैं।
  • ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें जिसमें उच्च मात्रा में सोडियम (नमक) हो।
  • सैचुरेटेड वसा कम खाएं ( जैसे -चीज़, दूध, मक्खन, डेज़र्ट, तली हुई चीज़ें, नारियल का तेल और ताड़ का तेल)
  • ट्रांस फैट खाने से बचें (कुकीज़, केक, फ्रेंच फ्राइज़, चिप्स , डोनट्स, पिज़्ज़ा, बर्गर, फ्राइड फूड्स आदि।)
  • अनियमित पीरियड पर शराब पीने से बचें
  • पीरियड के ना आने पर प्रसंस्कृत भोजन (प्रोसेस्ड फ़ूड) ना खाएं प्रोसेस्ड फ़ूड में शामिल हैं फ्रोजेन मांस, फास्ट फूड और डिब्बा बंद स्नैक्स।)
  • अनियमित पीरियड में कैफीन के सेवन से बचना चाहिए। कैफीन कॉफ़ी और टी दोनों में हे मौजूद रहती है। इसलिए आप विकल्प के तोर पर हर्बल टी पी सकती हैं।

और पढ़ें – जानिए प्रेगनेंसी में क्या नहीं खाना चाहिए।

निष्कर्ष | Conclusion

अनियमित पीरियड्स के कई कारण होते हैं, जिसमें तनाव, मोटापा और पीसीओएस की समस्या प्रमुख हैं। हालांकि, जीवनशैली में बदलाव करने से पीरियड्स को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। ध्यान और योग, तनाव को दूर करने के प्रभावी तरीके हैं। जो स्वस्थ पीरियड के लिए महत्वपूर्ण है।

हल्दी, अनानास और एप्पल साइडर विनेगर जैसी चीजों का सेवन करना स्वस्थ पीरियड का समर्थन करते हैं। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी का सेवन भी एक स्वस्थ मासिक धर्म में मदद करता है। 

हालांकि, लाल मांस ,अधिक मात्रा में सोडियम (नमक), सैचुरेटेड वसा, ट्रांस फैट, प्रोसेस्ड फ़ूड और शराब, ये सभी अनियमित पीरियड्स का कारण बन सकते हैं।


हम उम्मीद करते हैं कि इस पोस्ट से आपको पीरियड लाने के उपाय समझ में आ गए होंगे। कमेंट में बताइये आपको यह पोस्ट कैसी लगी। अगर यह पोस्ट पसंद आई हो तो इसे शेयर जरूर करें।

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Disclaimer : ऊपर दी गई जानकारी पूरी तरह से शैक्षणिक दृष्टिकोण से दी गई है। इस जानकारी का उपयोग किसी भी बीमारी के निदान या उपचार हेतु बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले किसी योग्य डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

सन्दर्भ (References)

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